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Screen Time Effects: क्या फोन दूर होते ही हो जाते हैं बेचैन, जानें स्क्रीन कैसे बना रही समय से पहले बूढ़ा?

Metroheadlines अप्रैल 17, 2026 0

 

Smartphone Health Impact: हाल की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में लोग 2024 में कुल

 

1.1 ट्रिलियन घंटे स्मार्टफोन पर बिताते रहे यानी औसतन हर व्यक्ति करीब 5 घंटे रोज स्क्रीन पर रहता है.

 

 

Why You Feel Anxious Without Your Phone: अगर फोन आपसे थोड़ी देर के लिए भी दूर हो जाए और आपको बेचैनी होने लगे, तो यह सिर्फ आदत नहीं, बल्कि एक संकेत है कि स्क्रीन आपकी बॉडी और दिमाग पर असर डाल रही है. हाल की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में लोग 2024 में कुल 1.1 ट्रिलियन घंटे स्मार्टफोन पर बिताते रहे यानी औसतन हर व्यक्ति करीब 5 घंटे रोज स्क्रीन पर रहता है. चलिए आपको बताते हैं कि इससे कैसे आपको दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. 

 

 

समय से पहले बना रही आपको बूढ़ा

 

यही बढ़ता स्क्रीन टाइम धीरे-धीरे शरीर के अंदर एक ऐसी प्रक्रिया शुरू कर देता है, जो समय से पहले बूढ़ा होने की वजह बन सकती है. सबसे पहला असर पड़ता है नींद पर. रात में फोन चलाने से निकलने वाली ब्लू लाइट शरीर में बनने वाले मेलाटोनिन हार्मोन को दबा देती है, जो नींद के लिए बेहद जरूरी है. एनपीजे डिजिटल हेल्थ में पब्लिश रिसर्च भी बताती है कि जितना ज्यादा रात में स्क्रीन का इस्तेमाल होगा, नींद उतनी ही खराब होगी.

 

 

सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित 

 

नींद की कमी सिर्फ थकान तक सीमित नहीं रहती. इसका सीधा असर दिमाग पर पड़ता है. रिसर्च में पाया गया है कि इससे दिमाग की मेमोरी से जुड़ी स्ट्रक्चर कमजोर होने लगती हैं और सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होती है.  द लैंसेट कमीशन (2024) की रिपोर्ट में तो यहां तक कहा गया है कि नींद की समस्या डिमेंशिया के बड़े कारणों में शामिल हो रही है.

 

यह असर सिर्फ दिमाग तक नहीं रुकता. फ्रंटियर्स इन माइक्रोबायोलॉजी (2023) में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, ज्यादा स्क्रीन टाइम और खराब नींद का सीधा असर हमारे गट माइक्रोबायोम पर पड़ता है. यानी पेट में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ने लगता है. यही कारण है कि स्क्रीन एडिक्शन से एंग्जायटी, लो मूड और स्ट्रेस बढ़ने लगता है.

 

 

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

 

 

Dr. Aaron Hartman बताते हैं कि नींद, स्ट्रेस और गट हेल्थ, ये तीनों एक-दूसरे से जुड़े हैं, इनमें से एक भी खराब हुआ तो बाकी भी प्रभावित हो जाते हैं. इसके अलावा, जेरोसाइंस (2024) की स्टडी बताती है कि रात में आर्टिफिशियल लाइट के संपर्क में रहने से शरीर में सूजन बढ़ती है, जो दिमाग तक पहुंचकर न्यूरोइन्फ्लेमेशन पैदा कर सकती है.

यही प्रक्रिया तेजी से बढ़ती उम्र का कारण बनती है. Dr. John La Puma ने इसे "डिजिटल ओबेसिटी" नाम दिया है, जहां स्क्रीन की लत शरीर और दिमाग दोनों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती है. हर नोटिफिकेशन के साथ मिलने वाला डोपामिन दिमाग को उसी तरह प्रभावित करता है, जैसे किसी लत में होता है.

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UP News: होली से पहले सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है   होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है।   शिक्षा विभाग की भूमिका   स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए।   शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया।     वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया।   राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है।   प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन   राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।   वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर   इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है।   विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है।   आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है।   राजनीतिक और सामाजिक संदेश   Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है।   पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें   पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है।   संभावित चुनौतियां   हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।   कर्मचारियों की अपेक्षाएं   इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं।   UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026  

भोपाल में NSG कमांडो का पावर शो:VIP पर अटैक और ड्रोन हमले को किया निष्क्रिय; सीएम बोले- काउंटर टेररिज्म ग्रुप के लिए DPR तैयार

  भोपाल में सोमवार को लाल परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) कमांडो ने पावर शॉ दिखाया। कमांडो ने हेलीकॉप्टर से उतरकर इमारत में घुसने, आतंकियों से मुकाबला करने, बम खोजने और निष्क्रिय करने, डॉग स्क्वॉड के जरिए आईईडी पहचानने और लोगों को सुरक्षित निकालने जैसी कार्रवाई का लाइव प्रदर्शन किया।   कार्यक्रम में मोहन यादव, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, NSG के महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।   देखिए तस्वीरें…     NSG ने आतंकियों ने सरेंडर करवाया।     NSG के साथ डाॅग स्क्वार्ड का प्रदर्शन।     विपरीत परिस्थितियों में आम लोगों को आतंकियों से बचाते कमांडो।     सीएम बोले- 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार   इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने कहा- सीपीजी काउंटर टेररिज्म ग्रुप बनाने के लिए मप्र सरकार ने 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार कर ली है। भविष्य में सभी प्रकार के खतरों से निपटने के लिए भोपाल के ग्राम तूमड़ा में सेंटर बनाया जाएगा।   उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की दुनिया के सामने पहचान बन रही है। जब देश के प्रधानमंत्री भी सुरक्षित नहीं थे और राजीव गांधी की हत्या हुई थी, तब सशस्त्र बलों ने अपने पराक्रम से सुरक्षा मुहैया कराई। जब भी देश में किसी संकट से सामना होता है, तब एनएसजी कमांडो रक्षा करते हैं। मुझे एनएसजी पर गर्व है।     'कोई हमें छेड़ेगा तो करारा जवाब मिलेगा'   सीएम कहा कि हमारी सेना देश के दुश्मनों के घर में घुसकर मारने का काम करती है। हम किसी को छेड़ते नहीं हैं, लेकिन यदि कोई हमें छेड़ेगा तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। यह संयुक्त प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संकल्प से सिद्धि का अभियान है। हम सर्वजन सुखाय की बात करते हैं। जो जिस प्रकार का है, उसे उसी प्रकार की भाषा में जवाब देने की तैयारी होनी चाहिए।   डॉ. यादव ने कहा कि हमारे बलों को सभी प्रकार के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। भारत और प्रदेश को आगे बढ़ने में कई लोग बाधा डालते हैं। हमने नक्सलवाद पर काबू पा लिया है। मप्र पुलिस और भारत सरकार ने मिलकर ऐसी गतिविधियों को रोकने में सफलता पाई है।     'हवा में उड़ते बजरंगबली जा रहे हों'   सीएम ने कहा कि हमारे कमांडो ने क्या-क्या नहीं दिखाया। जैसे हवा में बजरंगबली जा रहे हों। हमारे जवानों ने भी शानदार करतब दिखाए। काल भैरव के गणों ने भी गजब प्रदर्शन किया। आपका प्रदर्शन अद्भुत रहा।   आकस्मिक आपदा के लिए हम अपनी सशक्त भूमिका निभाना चाहते हैं। हमारे जवान सभी प्रकार के संकटों से निपटने में सक्षम हैं। खाली हाथ होते हुए भी वे दो-दो, चार-चार लोगों को उठाकर पटक रहे थे। यह देखकर आनंद आया।     डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान   कमांडो ने Mi-17 helicopter से स्लिथरिंग कर इमारत में प्रवेश किया और हाउस इंटरवेंशन की कार्रवाई दिखाई। K-9 डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान की, वहीं बम निष्क्रियकरण और एंटी-ड्रोन तकनीक का भी प्रदर्शन किया गया।   कमांडो ने बहुमंजिला भवन पर हमले को निष्क्रिय करने, आतंकियों से हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट और आम लोगों को सुरक्षित निकालने की ड्रिल भी प्रदर्शित की। इसके साथ ही वीआईपी सुरक्षा, क्राव मागा तकनीक और अंडरवॉटर डाइविंग से जुड़ी कार्रवाई भी दिखाई गई।  

हिंदी न्यूज़बिजनेसGold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव

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रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान

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  Kitchen Hacks For Rotis: 6–8 घंटे तक मुलायम रहेंगी रोटियां, बस अपनाएं ये आसान टिप्स   भारतीय रसोई में Roti सिर्फ एक भोजन नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है। लेकिन अक्सर एक समस्या हर घर में देखने को मिलती है—रोटियां थोड़ी देर बाद सख्त हो जाती हैं। खासकर जब उन्हें पहले से बनाकर रखना हो, तो उनकी सॉफ्टनेस बनाए रखना चुनौती बन जाता है।   अगर आप भी चाहते हैं कि आपकी रोटियां 6 से 8 घंटे तक मुलायम और ताजी बनी रहें, तो सिर्फ आटा गूंथना ही नहीं, बल्कि उसे स्टोर करने का सही तरीका भी जानना बेहद जरूरी है। आइए आसान किचन हैक्स के जरिए समझते हैं पूरा प्रोसेस।     🔍 क्यों सख्त हो जाती हैं रोटियां?   जब रोटी को तवे से उतारते ही सीधे बंद डिब्बे या कैसरोल में रख दिया जाता है, तो उसमें मौजूद भाप (steam) बाहर नहीं निकल पाती। इससे दो समस्याएं होती हैं: रोटी ज्यादा गीली हो जाती है कुछ देर बाद नमी खत्म होने पर रोटी सख्त हो जाती है   यानी सॉफ्टनेस बनाए रखने के लिए “नमी का संतुलन” सबसे जरूरी है।     ✅ रोटी को मुलायम रखने का सही तरीका   1. तवे से उतारकर तुरंत न रखें बंद डिब्बे में रोटी को तवे से उतारने के बाद 5–10 सेकंड खुली हवा में रखें। इससे अतिरिक्त भाप निकल जाती है और टेक्सचर बेहतर बना रहता है।   2. कपड़े या किचन टॉवल का इस्तेमाल करें हल्की ठंडी होने के बाद रोटियों को साफ सूती कपड़े या किचन टॉवल में लपेटें। इससे नमी संतुलित रहती है।   3. फिर रखें कैसरोल में अब इन रोटियों को कैसरोल में रखें। यह तरीका उन्हें 6–8 घंटे तक मुलायम बनाए रखने में मदद करता है।     🥣 आटा गूंथने का सही तरीका   रोटी की सॉफ्टनेस की शुरुआत आटा गूंथने से ही होती है।   ✔ गुनगुने पानी का करें इस्तेमाल गुनगुने पानी से आटा गूंथने पर ग्लूटेन बेहतर बनता है, जिससे रोटियां ज्यादा सॉफ्ट बनती हैं।   ✔ आटे का टेक्सचर सही रखें बहुत सख्त आटा → रोटियां सख्त बहुत ढीला आटा → रोटियां चिपचिपी मीडियम सॉफ्ट आटा सबसे अच्छा होता है।   ✔ अच्छी तरह गूंथें (5–10 मिनट) अच्छी तरह गूंथा गया आटा रोटियों को लंबे समय तक मुलायम बनाए रखता है।     🧊 आटा स्टोर करने का सही तरीका   अगर आप पहले से आटा गूंथकर रखते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें: आटे पर हल्का सा तेल या घी लगाएं उसे एयरटाइट कंटेनर में रखें फ्रिज में स्टोर करें 👉 इस तरह रखा गया आटा 24–36 घंटे तक इस्तेमाल के लिए सही रहता है।     💡 एक्स्ट्रा किचन टिप्स   रोटी बेलते समय सूखा आटा कम इस्तेमाल करें रोटी को ज्यादा देर तक तवे पर न रखें पकने के बाद हल्का घी लगाने से भी सॉफ्टनेस बढ़ती है स्टील के बजाय इंसुलेटेड कैसरोल का इस्तेमाल करें

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ब्लैक मैजिक या नेगेटिव एनर्जी से जूझ रहे हैं? इन 4 तरीकों से खुद को रखें सुरक्षित!

  कई बार हम अपने आसपास काफी नेगेटिव एनर्जी महसूस करते हैं, जिस वजह से हमारा किसी भी काम में मन हीं लगता है. कई बार इसके पीछे ब्लैक मैजिक भी हो सकता है. ऐसे में काले जादू को बेअसर करने के सरल उपाय जानिए?       कई बार हम अपने आसपास काफी नेगेटिव एनर्जी महसूस करते हैं, जिस वजह से हमारा किसी भी काम में मन हीं लगता है. कई बार इसके पीछे ब्लैक मैजिक भी हो सकता है. ऐसे में काले जादू को बेअसर करने के सरल उपाय जानिए?       क्या आप भी अपने आसपास नकारात्मक ऊर्जा को महसूस करते हैं, डरावने सपने देखते हैं या कुछ अजीब-सा अनुभव करते हैं? आप सोच रहे होंगे, अरे यह तो सामान्य बात है, सबके साथ होती है. जी हां, यह आम बात है और सबके साथ होती भी है, लेकिन क्या आप जानना चाहेंगे ऐसा क्यों होता है?       यह हम सभी के साथ ईर्ष्या, बुरी नजर और दबी हुई दुर्भावना के कारण हो रहा है, जो हमारे मन, शरीर और मनोविज्ञान को प्रभावित कर रहा है. इस भावना को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता, बल्कि इसे अपने आसपास घटित घटनाओं के जरिए महसूस किया जा सकता है. इस लेख के माध्यम से हम उन लोगों को बताएंगे कि, इस स्थिति से कैसे निपटें?       काले जादू से खुद को बचाने के लिए आध्यात्मिक बनें. आध्यात्म होना उबाऊ नहीं है और न ही इसका मतलब 24 घंटे पूजा करनी है, बल्कि यहां हमारा मतलब है कि, आपको आध्यात्मिकता के बारे में पढ़ना और जानना चाहिए. आपको अपनी ऊर्जा को रक्षा करने और संरक्षित करना सीखना चाहिए. आपको ध्यान, योग और श्वास तकनीक सीखनी होगी. यह अभ्यास आप किसी भी आध्यात्मिक गुरु से सीख सकते हैं या किसी जानकार से मार्गदर्शन ले सकते हैं.       हनुमान चालीसा सबसे शक्तिशाली पाठों में से एक है, जिसे कोई भी पढ़ सकता है. यदि हम कहते हैं कि, कोई भी तो इसका मतलब यह नहीं है कि केवल हिंदू ही इसका पाठ कर सकते हैं, बल्कि सभी लोग कर सकते हैं. इसका धर्म, जाति या पंथ से कोई लेना-देना नहीं है. यह हम मानवता की बात कर रहे हैं और आपको अपनी सुरक्षा के लिए इसका पाठ करना चाहिए. जिन लोगों के पास संपूर्ण हनुमान चालीसा पाठ करने का समय नहीं है, उन्हें चालीसा से जुड़ी इस पंक्ति- "संकट कटे मिटे सब पीरा, जो सुमिरे हनुमत बल बीरा" "भूत पिशाच निकट नहीं आवे, महावीर जब नाम सुनावे" उच्चारण करना चाहिए.       हनुमान चालीसा के बाद हम दुर्गा सप्तशती पाठ की ओर बढ़ते हैं. शास्त्रों मं काले जादू को एक शक्तिशाली आक्रमण बताया गया है और इससे निपटना काफी मुश्किल है, लेकिन आप दुर्गा माता की तरह अपने दुश्मनों पर जीत हासिल कर सकते हैं, जिन्होंने महिषासुर और अन्य राक्षसों का अंत किया था. ये पाठ हमारी सुरक्षा के लिए हैं और इन पवित्र ग्रंथों का हमें जरूर पढ़ना चाहिए   काला जादू दूर करने का एक और सरल उपाय है, वो है महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना. इस मंत्र को सुनना भी कारगर है, लेकिन हम केवल उन्हीं लोगों को इसे सुनने जकी सलाह दे रहे हैं, जिन्हें इसका उच्चारण नहीं आता. गलत तरीके से उच्चारण करने से बचें, क्योंकि इससे अच्छे परिणाम नहीं मिलेंगे. इसे 108 बार सुनें. जो लोग प्रतिदिन 108 बार इस मंत्र का जाप करते हैं, उनके लिए यह चमत्कारिक रूप से कारगर होता है.

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