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बिहार में CM पर सस्पेंस के बीच चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाने की उठी मांग, लगे पोस्टर-बैनर

Metroheadlines मार्च 9, 2026 0

 

Bihar Politics: बिहार में सीएम को लेकर चल रही उठापटक के बीच चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठ गई है. पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें सीएम बनाने के लिए पोस्टर लगा दिए हैं.

 

बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार के राज्यसभा के ऐलान के बाद से ही भूचाल आया हुआ है. ऐसे में मुख्यमंत्री पद को लेकर राजनीति तेज हो गई है. रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने जदयू ज्वाइन कर ली है.

 

इस बीच अब बिहार के मुख्यमंत्री को लेकर बड़ा मोड़ सामने आ गया है. लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान को राज्य का सीएम बनाने की मांग उठ गई है. ऐसे में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पटना की सड़कों पर चिराग को मुख्यमंत्री बनाने के लिए पोस्टर लगा दिए हैं.

 

 

चिराग को सीएम बनाने की उठी मांग

 

 

चिराग पासवान को सीएम बनाने की मांग तेज हो गई है. कार्यकर्ताओं द्वारा अब बड़े-बड़े नारों के साथ पोस्टर लगाए जा रहे हैं. जिसमें लिखा हुआ है कि 'न दंगा हो न फसाद हो, बिहार का सीएम सिर्फ चिराग हो'. कार्यकर्ताओं की तरफ से कहा जा रहा है कि बिहार मांगे चिराग अब वक्त आ गया है. शेखपुरा से पार्टी के जिलाध्यक्ष इमाम गजाली ने यह पोस्टर लगाया है. इसमें 'बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट' लिखा है. 

 

इससे पहले भी उठ चुकी है मांग

 

चिराग को सीएम बनाने के पोस्टर लगने से पहले भी यह मांग उठ चुकी है. पार्टी के सांसद अरुण भारती ने कहा था कि वह चिराग पासवान में भविष्य देखते हैं. हलांकि उनके सीएम बनने पर कहा कि गठबंधन के बड़े नेता तय करते हैं. उन्होंने आगे कहा था कि मेरा विचार है कि मैं चिराग पासवान को बिहार के बड़े नेता के रूप में देखना चाहता हूं.

 

उन्होंने आगे कहा था कि वह चिराग को बिहार के मुखिया के तौर पर देखना चाहते हैं. बता दें कि बिहार में सीएम नीतीश के राज्यसभा के लिए नामांकन करने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस बना हुआ है. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि बीजेपी अपना मुख्यमंत्री बना सकती है.

 

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UP News: होली से पहले सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है   होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है।   शिक्षा विभाग की भूमिका   स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए।   शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया।     वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया।   राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है।   प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन   राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।   वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर   इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है।   विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है।   आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित 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नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है।   संभावित चुनौतियां   हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।   कर्मचारियों की अपेक्षाएं   इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं।   UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026  

हिंदी न्यूज़बिजनेसGold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव

Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव     सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है?     Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है?     सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट     वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है.   जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है.     चांदी के ताजा भाव     दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है.     आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)     दिल्ली में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     मुंबई में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए     कोलकाता में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     अहमदाबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     लखनऊ में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     पटना में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     हैदराबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए    

ये हैं सबसे गलत और खतरनाक फूड कॉम्बिनेशन, आयुर्वेद में भी है इनका जिक्र

  Causes Of Bloating And Gas: हम क्या खाते हैं, इसका हमारी सेहत पर काफी असर होता है. चलिए आपको बताते हैं कि किन फूड कॉम्बिनेशन से आपको बचना चाहिए और आयुर्वेद इसको लेकर क्या कहता है   Which Foods Should Not Be Eaten Together: खाना खाते समय हमें कुछ चीजों का ध्यान रखने की जरूरत होती है. हम क्या खाते हैं और किन चीजों को साथ में मिलाकर खाते हैं, इसका सीधा असर हमारे डाइजेशन शक्ति पर पड़ता है. गलत फूड कॉम्बिनेशन पाचन को बिगाड़ सकते हैं और शरीर में टॉक्सिक तत्व जमा कर सकते हैं. इसका नतीजा गैस, पेट फूलना, एसिडिटी, त्वचा संबंधी समस्याएं और लंबे समय में गंभीर बीमारियों के रूप में सामने आ सकता है. चलिए आपको आयुर्वेद के हिसाब से बताते हैं कि किन कॉम्बिनेशन से हमें बचना चाहिए.      क्या कहता है आयुर्वेद?     आयुर्वेद के बारे में जानकारी देने वाली संस्था kevaayurveda के अनुसार, आयुर्वेद मानता है कि हर व्यक्ति की वात, पित्त, कफ और पाचन क्षमता अलग होती है कुछ खानें की चीजें एक-दूसरे के विपरीत गुण रखते हैं. यदि इन्हें बार-बार साथ में खाया जाए तो डाइजेशन सिस्टम पर अतिरिक्त प्रेशर पड़ता है. इससे गैस, कब्ज, सीने में जलन, मुंहासे, कमजोर इम्यूनिटी और डाइजेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं.     किन फूड कॉम्बिनेशन से बचना चाहिए?     kevaayurveda के अनुसार, कुछ प्रमुख गलत फूड कॉम्बिनेशन जिनसे बचने की सलाह दी जाती है, उनमें सबसे पहले आता है दूध और मछली. आयुर्वेद के अनुसार दूध ठंडा और भारी होता है, जबकि मछली गर्म तासीर वाली मानी जाती है. दोनों को साथ लेने से पाचन गड़बड़ा सकता है और स्किन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. इसी तरह दूध के साथ खट्टे फल जैसे संतरा, नींबू या अनानास भी ठीक नहीं माने जाते, क्योंकि ये पेट में दूध को फाड़ सकते हैं और गैस या एसिडिटी बढ़ा सकते हैं.   गरम भोजन के साथ शहद मिलाना भी आयुर्वेद में हानिकारक बताया गया है. शहद को गर्म करने से उसके गुण बदल सकते हैं और शरीर में टॉक्सिक प्रभाव पैदा हो सकता है. भारी भोजन के तुरंत बाद फल खाना भी उचित नहीं माना जाता, क्योंकि फल जल्दी पचते हैं और भारी भोजन के साथ पेट में फर्मेंटेशन शुरू कर सकते हैं. दही और चीनी का मेल भी पाचन के लिए अनुकूल नहीं माना जाता. दही पहले से ही खट्टा और ठंडा होता है, जबकि रिफाइंड चीनी शरीर में असंतुलन बढ़ा सकती है. रात में दही को फल या ठंडी चीजों के साथ लेना कफ बढ़ा सकता है, जिससे सर्दी-खांसी या साइनस की समस्या हो सकती है. बासी भोजन के साथ दूध लेना भी पाचन के लिए सही नहीं माना गया.     किन चीजों का सेवन करना चाहिए?     आयुर्वेद सलाह देता है कि मौसमी आहार लें, जरूरत से ज्यादा न खाएं और अदरक, जीरा, सौंफ जैसे मसालों का उपयोग करें, जो डाइजेशन को मजबूत बनाते हैं. सही फूड कॉम्बिनेशन अपनाने से डाइजेशन मजबूत रहती है, न्यूट्रिशन तत्वों का ऑब्जर्वेशन बेहतर होता है और शरीर संतुलित रहता है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर पाचन वाले लोगों के लिए यह नियम और भी लाभकारी माने जाते हैं.  

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रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन बने ने बिहार के 43वें राज्यपाल, जस्टिस संगम साहू ने दिलाई शपथ

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जनकपुरी बाइकर के गड्ढे में गिरने से मौत के मामले एक्शन, मुख्य ठेकेदार उदयपुर से गिरफ्तार

  Delhi News In Hindi: जनकपुरी में खुले सीवर गड्ढे में गिरकर युवक की मौत के मामले में मुख्य ठेकेदार हिमांशु गुप्ता को दिल्ली पुलिस ने उदयपुर से गिरफ्तार किया. आरोपी को पूछताछ के लिए दिल्ली लाया गया है.   दिल्ली के जनकपुरी में खुले सीवर गड्ढे में गिरकर युवक की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने मुख्य ठेकेदार हिमांशु गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने उसे लगातार तलाश के बाद राजस्थान के उदयपुर से 10 मार्च की सुबह हिरासत में लिया. आरोपी वहां छिपा हुआ था और अब उसे आगे की पूछताछ के लिए दिल्ली लाया जा रहा है.   यह मामला 6 फरवरी 2026 की रात का है, जब दिल्ली जल बोर्ड के एक खुले और गहरे सीवर गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय कमल ध्यानी की मौत हो गई थी. हादसे के बाद से ही पुलिस ठेकेदार और उससे जुड़े लोगों की तलाश कर रही थी.   पुलिस के अनुसार इस मामले में गंभीर लापरवाही और सार्वजनिक सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की जांच की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि हादसे के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की भूमिका की जांच जारी है और आगे भी कार्रवाई की जाएगी.   क्या हुआ था ?   जनकपुरी बाइकर मामला फरवरी 2026 की शुरुआत में दिल्ली के पश्चिमी इलाके जनकपुरी में हुआ एक दुखद हादसा था. इसमें 25 वर्षीय कमल ध्यानी की मौत हो गई थी. कमल रोहिणी में एक निजी बैंक में टेलीकॉलर के रूप में काम करते थे और 5 फरवरी की देर रात अपनी अपाचे बाइक से घर लौट रहे थे.   वे पालम स्थित कैलाशपुरी में अपने घर जा रहे थे और माता-पिता की शादी की सालगिरह मनाने के लिए जल्दी पहुंचना चाहते थे. रास्ते में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा पाइपलाइन कार्य के लिए लगभग 14 से 20 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था. यह गड्ढा बिना बैरिकेड, चेतावनी बोर्ड या लाइट के खुला छोड़ दिया गया था, जिससे अंधेरे में उनकी बाइक सीधे उसमें गिर गई.   दम घुटने के कारण हुई मौत   हादसे के बाद कमल की बाइक उनके ऊपर गिर गई और वे गड्ढे में फंस गए. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार उनकी मौत दम घुटने के कारण हुई. छाती पर भारी दबाव पड़ने से उनकी सांस रुक गई और उनकी मौत हो गई.   सुबह एक महिला की सूचना पर पुलिस को घटना का पता चला. बताया गया कि कमल का शव करीब आठ घंटे तक गड्ढे में पड़ा रहा. जांच के दौरान सामने आया कि हादसे के बाद कुछ लोगों ने बैरिकेड और पर्दे लगाकर सबूत छिपाने की कोशिश भी की थी.   अब तक सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति, कर्मचारी योगेश और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. कोर्ट ने भी इस मामले को गंभीर लापरवाही मानते हुए कई आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज की हैं और जांच जारी है.

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Aligarh News: अलीगढ़ में व्यापारी को बंधक बनाकर लूट, 24 घंटे के भीतर पकड़े गए 5 आरोपी, एक फरार

  Aligarh News: अलीगढ़ में व्यापारी को बंधक बनाकर लूट, 24 घंटे के भीतर पकड़े गए 5 आरोपी, एक फरार   Aligarh News In Hindi: अलीगढ़ के थाना देहली गेट के घुडिया बाग चौकी क्षेत्र में स्क्रैप कारोबारी के घर लूट का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है. पुलिस ने 5 बदमाशों को गिरफ्तार किया है.   अलीगढ़ लूटकांड: होली की बधाई देने के बहाने व्यापारी के घर लूट, 24 घंटे में पुलिस ने पांच बदमाशों को दबोचा   उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में होली के त्योहार के दौरान एक चौंकाने वाली लूट की घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। हालांकि इस घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर दिया और पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटे गए गहने, नकदी और अवैध हथियार भी बरामद किए हैं।   यह पूरी घटना अलीगढ़ शहर के Aligarh में स्थित Delhi Gate Police Station क्षेत्र के घुडिया बाग चौकी इलाके की है। यहां एक स्क्रैप कारोबारी के घर में दिनदहाड़े लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था। बदमाश होली की शुभकामनाएं देने के बहाने घर में घुसे और बुजुर्ग व्यापारी दंपती को बंधक बनाकर लूटपाट की।   इस घटना ने यह भी दिखाया कि अपराधी किस तरह त्योहारों का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देने की कोशिश करते हैं। हालांकि पुलिस की तेज कार्रवाई के कारण आरोपियों को ज्यादा समय तक फरार रहने का मौका नहीं मिला।     कैसे हुई लूट की पूरी वारदात   यह घटना बुधवार दोपहर करीब 1 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, स्क्रैप कारोबारी विनोद गुप्ता अपने घर पर मौजूद थे। उसी दौरान कुछ लोग उनके घर पहुंचे और होली की शुभकामनाएं देने के बहाने अंदर प्रवेश कर गए।   चूंकि त्योहार का माहौल था और आने वाले लोग परिचित जैसे लग रहे थे, इसलिए उन्हें घर में आने से रोका नहीं गया। लेकिन जैसे ही वे घर के अंदर पहुंचे, उन्होंने अचानक अपना असली रूप दिखा दिया।   बदमाशों ने व्यापारी और उनकी पत्नी को बंधक बना लिया और घर में रखी नकदी और गहनों की तलाश शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने दंपती को डराने के लिए हथियार भी दिखाए।     बुजुर्ग दंपती को बनाया बंधक   लूट के दौरान बदमाशों ने व्यापारी विनोद गुप्ता और उनकी पत्नी सुमन गुप्ता को बंधक बनाकर रखा। उन्होंने घर के अंदर मौजूद कीमती सामान की जानकारी हासिल करने की कोशिश की।   हालांकि इस दौरान सुमन गुप्ता ने बहादुरी का परिचय दिया और बदमाशों का विरोध किया। उन्होंने तिजोरी की चाबी छिपा दी ताकि बदमाश तिजोरी तक न पहुंच सकें।   बताया गया कि जब बदमाशों ने तिजोरी खोलने का दबाव बनाया तो सुमन गुप्ता ने उनसे संघर्ष भी किया।     महिला की बहादुरी से बदमाश हुए परेशान   लूट के दौरान सुमन गुप्ता ने बदमाशों के खिलाफ साहस दिखाते हुए उनका मुकाबला किया। उन्होंने तिजोरी की चाबी छिपा ली जिससे बदमाश तिजोरी खोल नहीं पाए।   इतना ही नहीं, संघर्ष के दौरान उन्होंने एक बदमाश के हाथ पर काट लिया जिससे वह घायल हो गया। इस घटना के बाद बदमाश ज्यादा देर तक वहां नहीं रुके और जल्दबाजी में सोने के कंगन लेकर वहां से फरार हो गए।   इस तरह महिला की बहादुरी के कारण बदमाश ज्यादा बड़ी लूट को अंजाम नहीं दे पाए।     सीसीटीवी से मिली अहम सुराग   घटना के बाद पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच शुरू कर दी। अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Neeraj Singh Jadaun ने मामले की जांच के लिए तीन अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। इन फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई और उनकी तलाश शुरू कर दी गई। सीसीटीवी फुटेज जांच में बेहद अहम साबित हुए और इसी के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंच सकी।     24 घंटे में पांच आरोपी गिरफ्तार   तेज कार्रवाई करते हुए पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं: आरिफ नदीम भूरा हाशिम पप्पू इनमें से भूरा और निजामुद्दीन पहले से ही व्यापारी के घर आते-जाते थे क्योंकि वे स्क्रैप के कारोबार से जुड़े हुए थे। इसी वजह से उन्हें घर की पूरी जानकारी थी।     मास्टरमाइंड अभी फरार   हालांकि पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड बताया जा रहा निजामुद्दीन अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।     लूट का सामान बरामद   गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस ने लूट का सामान भी बरामद किया है। बरामद सामान में शामिल हैं: सोने के कंगन 7500 रुपये नकद मोबाइल फोन दो अवैध तमंचे इन बरामदियों से यह साबित हो गया कि गिरफ्तार आरोपी ही इस वारदात में शामिल थे।     आरोपियों का आपराधिक इतिहास   पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। आरोपी आरिफ के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है। उसके खिलाफ मथुरा और अलीगढ़ के जवा थाना क्षेत्र में मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। अन्य आरोपियों में कुछ अलीगढ़ के निवासी हैं जबकि एक आरोपी बुलंदशहर और दूसरा हरियाणा के फरीदाबाद से जुड़ा बताया गया है।     त्योहारों के दौरान अपराध का खतरा   यह घटना इस बात की भी याद दिलाती है कि त्योहारों के दौरान अपराधियों के लिए वारदात करना आसान हो जाता है। होली जैसे त्योहारों में लोग: चेहरे पर रंग लगाए रहते हैं भीड़भाड़ ज्यादा होती है पहचान छिपाना आसान होता है इसी वजह से अपराधी इन मौकों का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं।     पुलिस की तेजी से कार्रवाई   अलीगढ़ पुलिस की इस मामले में तेज कार्रवाई की काफी सराहना हो रही है। घटना के महज 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी यह दिखाती है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तेजी से जांच की।     पुलिस टीम को इनाम की घोषणा   मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को प्रोत्साहित करने के लिए एसएसपी ने 25,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। यह इनाम उन पुलिसकर्मियों के लिए है जिन्होंने इस केस की जांच में अहम भूमिका निभाई।     स्थानीय लोगों में राहत   आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया था, लेकिन पुलिस की कार्रवाई के बाद लोगों का भरोसा फिर से मजबूत हुआ है।     निष्कर्ष   अलीगढ़ में व्यापारी के घर हुई लूट की घटना ने यह दिखाया कि अपराधी किस तरह विश्वास और त्योहारों का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देते हैं। हालांकि पुलिस की तेज कार्रवाई के कारण यह मामला जल्द ही सुलझ गया और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। अब पुलिस फरार मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी हुई है और उम्मीद है कि जल्द ही उसे भी पकड़ लिया जाएगा। यह घटना लोगों के लिए भी एक चेतावनी है कि त्योहारों के दौरान भी सावधानी बरतना जरूरी है और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को घर में प्रवेश देने से पहले सतर्क रहना चाहिए।  

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