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ईरान युद्ध की आग में जलेगी आपकी जेब, भारत में महंगाई बढ़ने का बढ़ा खतरा, ट्रंप हैं कारण!

Metroheadlines अप्रैल 17, 2026 0

 

Inflation in India: पश्चिमी एशिया तनाव और ट्रंप की हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की चेतावनी से वैश्विक बाजारों में हलचल बढ़ी, जिससे ऊर्जा संकट और भारत समेत दुनिया में महंगाई का खतरा गहराया 

 

 

Iran War Impact on India: ईरान संकट से भारत की अर्थव्यवस्था पर खतरा, पेट्रोल-डीजल से लेकर रोजमर्रा की चीजें हो सकती हैं महंगी

 

पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है और इसका असर अब भारत तक साफ दिखाई देने लगा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों ने वैश्विक बाजारों में बेचैनी पैदा कर दी है। खास तौर पर हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दिए गए संकेतों ने ऊर्जा बाजारों को हिला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संकट गहराता है तो भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों से लेकर रोजमर्रा के सामान तक सब कुछ महंगा हो सकता है। ऐसे में आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।

 

हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापारिक मार्गों में गिना जाता है। यह फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है। अगर किसी भी कारण से यह मार्ग बंद होता है या यहां आवाजाही प्रभावित होती है तो तेल की वैश्विक सप्लाई बाधित हो सकती है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है। भारत जैसे देश, जो अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करते हैं, उन पर इसका असर ज्यादा होगा।

 

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयातित तेल पर निर्भर है। देश में इस्तेमाल होने वाले कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है। अगर सप्लाई बाधित होती है तो भारत को महंगा तेल खरीदना पड़ेगा। इसका सीधा असर पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और एविएशन फ्यूल की कीमतों पर पड़ेगा। तेल महंगा होने का असर सिर्फ वाहनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से हर सामान की कीमत प्रभावित होगी।

 

व्यापारिक संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने भी इस संभावित संकट पर गंभीर चिंता जताई है। संगठन के चेयरमैन बृजेश गोयल के मुताबिक अगर हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद होता है तो यह 1970 के दशक के तेल संकट जैसा बड़ा झटका साबित हो सकता है। उस दौर में तेल संकट के कारण दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं हिल गई थीं। अब अगर वैसा हालात बनते हैं तो भारत, चीन और रूस जैसे बड़े आयातक देशों को सबसे ज्यादा मुश्किल झेलनी पड़ सकती है।

 

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर परिवहन क्षेत्र पर पड़ता है। ट्रक, बस, टैक्सी और मालवाहक वाहनों की लागत बढ़ती है। इससे फल-सब्जी, दूध, अनाज, दवाइयों और रोजमर्रा की जरूरत के सामान की ढुलाई महंगी हो जाती है। जब ढुलाई महंगी होती है तो दुकानों तक पहुंचने वाले सामान की कीमतें बढ़ जाती हैं। इसका सीधा बोझ उपभोक्ताओं पर पड़ता है।

 

अगर तेल संकट गहराता है तो सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग पर पड़ेगा। पहले से महंगाई झेल रहे परिवारों के लिए घर का बजट संभालना मुश्किल हो सकता है। स्कूल फीस, बिजली बिल, किराया, परिवहन खर्च और खाने-पीने का खर्च एक साथ बढ़ सकता है। यही वजह है कि वैश्विक तनाव की खबरें सीधे घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़ जाती हैं।

 

सीटीआई के महासचिव रमेश आहूजा और गुरमीत अरोड़ा के अनुसार भारत में मार्च के दौरान खुदरा महंगाई दर 3.4 प्रतिशत दर्ज की गई थी। हालांकि यह आंकड़ा नियंत्रण में माना गया, लेकिन तेल संकट की स्थिति में इसमें तेजी से उछाल आ सकता है। पान और तंबाकू, फूड और बेवरेजेज, कपड़े, हाउसिंग, बिजली-पानी और रेस्टोरेंट सेवाओं जैसी श्रेणियों में पहले से कीमतें बढ़ रही हैं। अगर ईंधन महंगा होता है तो इन सभी क्षेत्रों में और तेजी देखने को मिल सकती है।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हॉर्मुज मार्ग बंद होता है तो भारत में महंगाई दर 4 प्रतिशत के पार जा सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक के लिए भी ऐसी स्थिति चुनौतीपूर्ण होगी क्योंकि महंगाई बढ़ने पर ब्याज दरों को लेकर फैसले मुश्किल हो जाते हैं। दूसरी ओर सरकार पर टैक्स घटाने या सब्सिडी देने का दबाव बढ़ सकता है ताकि जनता को राहत दी जा सके।

 

भारत सरकार के पास रणनीतिक तेल भंडार मौजूद हैं, जिनका इस्तेमाल आपातकालीन हालात में किया जा सकता है। इसके अलावा भारत रूस, अमेरिका और अन्य देशों से भी तेल खरीद बढ़ाने की कोशिश कर सकता है। लेकिन अगर वैश्विक संकट लंबा चलता है तो वैकल्पिक सप्लाई भी महंगी पड़ सकती है। इसलिए संकट का असर पूरी तरह टालना आसान नहीं होगा।

 

इस तनाव का असर शेयर बाजार और रुपये पर भी पड़ सकता है। जब कच्चा तेल महंगा होता है तो भारत का आयात बिल बढ़ता है। इससे चालू खाते का घाटा बढ़ सकता है और रुपये पर दबाव बन सकता है। रुपया कमजोर होने से आयातित सामान और महंगा हो जाता है। यानी असर सिर्फ तेल तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था में महसूस होता है।

 

आने वाले दिनों में भारत की नजर पश्चिम एशिया के हालात, अमेरिकी नीति और समुद्री व्यापार मार्गों की स्थिति पर रहेगी। अगर तनाव कम होता है तो राहत मिल सकती है, लेकिन अगर हालात बिगड़ते हैं तो आम आदमी को महंगाई के नए दौर के लिए तैयार रहना पड़ सकता है। फिलहाल यही कहा जा सकता है कि ईरान संकट सिर्फ युद्ध की खबर नहीं है, बल्कि यह भारत की जेब, बाजार और अर्थव्यवस्था से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है।

 

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UP News: होली से पहले सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है   होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है।   शिक्षा विभाग की भूमिका   स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए।   शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया।     वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया।   राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है।   प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन   राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।   वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर   इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है।   विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है।   आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है।   राजनीतिक और सामाजिक संदेश   Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है।   पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें   पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है।   संभावित चुनौतियां   हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।   कर्मचारियों की अपेक्षाएं   इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं।   UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026  

भोपाल में NSG कमांडो का पावर शो:VIP पर अटैक और ड्रोन हमले को किया निष्क्रिय; सीएम बोले- काउंटर टेररिज्म ग्रुप के लिए DPR तैयार

  भोपाल में सोमवार को लाल परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) कमांडो ने पावर शॉ दिखाया। कमांडो ने हेलीकॉप्टर से उतरकर इमारत में घुसने, आतंकियों से मुकाबला करने, बम खोजने और निष्क्रिय करने, डॉग स्क्वॉड के जरिए आईईडी पहचानने और लोगों को सुरक्षित निकालने जैसी कार्रवाई का लाइव प्रदर्शन किया।   कार्यक्रम में मोहन यादव, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, NSG के महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।   देखिए तस्वीरें…     NSG ने आतंकियों ने सरेंडर करवाया।     NSG के साथ डाॅग स्क्वार्ड का प्रदर्शन।     विपरीत परिस्थितियों में आम लोगों को आतंकियों से बचाते कमांडो।     सीएम बोले- 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार   इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने कहा- सीपीजी काउंटर टेररिज्म ग्रुप बनाने के लिए मप्र सरकार ने 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार कर ली है। भविष्य में सभी प्रकार के खतरों से निपटने के लिए भोपाल के ग्राम तूमड़ा में सेंटर बनाया जाएगा।   उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की दुनिया के सामने पहचान बन रही है। जब देश के प्रधानमंत्री भी सुरक्षित नहीं थे और राजीव गांधी की हत्या हुई थी, तब सशस्त्र बलों ने अपने पराक्रम से सुरक्षा मुहैया कराई। जब भी देश में किसी संकट से सामना होता है, तब एनएसजी कमांडो रक्षा करते हैं। मुझे एनएसजी पर गर्व है।     'कोई हमें छेड़ेगा तो करारा जवाब मिलेगा'   सीएम कहा कि हमारी सेना देश के दुश्मनों के घर में घुसकर मारने का काम करती है। हम किसी को छेड़ते नहीं हैं, लेकिन यदि कोई हमें छेड़ेगा तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। यह संयुक्त प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संकल्प से सिद्धि का अभियान है। हम सर्वजन सुखाय की बात करते हैं। जो जिस प्रकार का है, उसे उसी प्रकार की भाषा में जवाब देने की तैयारी होनी चाहिए।   डॉ. यादव ने कहा कि हमारे बलों को सभी प्रकार के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। भारत और प्रदेश को आगे बढ़ने में कई लोग बाधा डालते हैं। हमने नक्सलवाद पर काबू पा लिया है। मप्र पुलिस और भारत सरकार ने मिलकर ऐसी गतिविधियों को रोकने में सफलता पाई है।     'हवा में उड़ते बजरंगबली जा रहे हों'   सीएम ने कहा कि हमारे कमांडो ने क्या-क्या नहीं दिखाया। जैसे हवा में बजरंगबली जा रहे हों। हमारे जवानों ने भी शानदार करतब दिखाए। काल भैरव के गणों ने भी गजब प्रदर्शन किया। आपका प्रदर्शन अद्भुत रहा।   आकस्मिक आपदा के लिए हम अपनी सशक्त भूमिका निभाना चाहते हैं। हमारे जवान सभी प्रकार के संकटों से निपटने में सक्षम हैं। खाली हाथ होते हुए भी वे दो-दो, चार-चार लोगों को उठाकर पटक रहे थे। यह देखकर आनंद आया।     डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान   कमांडो ने Mi-17 helicopter से स्लिथरिंग कर इमारत में प्रवेश किया और हाउस इंटरवेंशन की कार्रवाई दिखाई। K-9 डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान की, वहीं बम निष्क्रियकरण और एंटी-ड्रोन तकनीक का भी प्रदर्शन किया गया।   कमांडो ने बहुमंजिला भवन पर हमले को निष्क्रिय करने, आतंकियों से हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट और आम लोगों को सुरक्षित निकालने की ड्रिल भी प्रदर्शित की। इसके साथ ही वीआईपी सुरक्षा, क्राव मागा तकनीक और अंडरवॉटर डाइविंग से जुड़ी कार्रवाई भी दिखाई गई।  

हिंदी न्यूज़बिजनेसGold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव

Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव     सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है?     Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है?     सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट     वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है.   जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है.     चांदी के ताजा भाव     दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है.     आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)     दिल्ली में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     मुंबई में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए     कोलकाता में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     अहमदाबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     लखनऊ में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     पटना में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     हैदराबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए    

रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान

  रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान                                                                                                 Ramcharan: हैदराबाद में हुए ग्रैंड रिसेप्शन में रश्मिका और विजय ने खूब चर्चा बटोरी. हालांकि सबसे ज्यादा ध्यान राम चरण के अलग अंदाज ने खींचा, जहां वो काले कपड़ों और नंगे पैर में नजर आए.   साउथ फिल्म इंडस्ट्री के पॉपुलर कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों लगातार सुर्खियों में है. 4 मार्च को हैदराबाद में दोनों ने एक भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया गया, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े सितारे शामिल हुए. इस खास मौके पर जहां हर कोई कपल को बधाई देने पहुंचा, वहीं एक्टर राम चरण अपने अनोखे अंदाज की वजह से सबसे ज्यादा चर्चा में आ गए.   नंगे पैर रिसेप्शन में आए रामचरण रिसेप्शन में राम चरण अपनी पत्नी उपासना के साथ पहुंचे थे. उन्होंने सिर से पैर तक काले रंग के कपड़े पहने हुए थे. लेकिन लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा इस बात ने खींचा कि वो बिना जूते-चप्पल के, यानी नंगे पैर ही कार्यक्रम में आए थे. उन्हें इस तरह देखकर कई लोग हैरान रह गए और सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं.   लेकिन इसके पीछे एक खास धार्मिक वजह है. राम चरण इन दिनों 'अयप्पा दीक्षा' का पालन कर रहे हैं. ये भगवान अयप्पा के भक्तों द्वारा किया जाने वाला एक कठिन और पवित्र व्रत माना जाता है. इस व्रत के दौरान भक्तों को कुछ नियमों का सख्ती से पालन करना पड़ता है.   41 दिन की दीक्षा ले रहे रामचरण व्रत में काले या नीले रंग के कपड़े पहनना, सादगी से रहना और 41 दिनों तक नंगे पैर रहना शामिल होता है. इसी कारण राम चरण रिसेप्शन में भी बिना जूते के नजर आए. अयप्पा दीक्षा को अनुशासित और कठिन माना जाता है. इस बीच भक्तों को पूरी तरह ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है. साथ ही मांसाहारी भोजन, शराब से दूर रहना और बाल या दाढ़ी भी नहीं कटवाना होता है. ये व्रत सबरीमाला मंदिर की यात्रा से पहले किया जाता है. हालांकि ये पहली बार नहीं है जब राम चरण इस तरह नंगे पैर नजर आए हों. इससे पहले 2023 में ऑस्कर समारोह में शामिल होने से पहले भी वह अयप्पा दीक्षा का पालन करते हुए दिखाई दिए थे.

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ईरान युद्ध की आग में जलेगी आपकी जेब, भारत में महंगाई बढ़ने का बढ़ा खतरा, ट्रंप हैं कारण!

  Inflation in India: पश्चिमी एशिया तनाव और ट्रंप की हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की चेतावनी से वैश्विक बाजारों में हलचल बढ़ी, जिससे ऊर्जा संकट और भारत समेत दुनिया में महंगाई का खतरा गहराया      Iran War Impact on India: ईरान संकट से भारत की अर्थव्यवस्था पर खतरा, पेट्रोल-डीजल से लेकर रोजमर्रा की चीजें हो सकती हैं महंगी   पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है और इसका असर अब भारत तक साफ दिखाई देने लगा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों ने वैश्विक बाजारों में बेचैनी पैदा कर दी है। खास तौर पर हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दिए गए संकेतों ने ऊर्जा बाजारों को हिला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संकट गहराता है तो भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों से लेकर रोजमर्रा के सामान तक सब कुछ महंगा हो सकता है। ऐसे में आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।   हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापारिक मार्गों में गिना जाता है। यह फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है। अगर किसी भी कारण से यह मार्ग बंद होता है या यहां आवाजाही प्रभावित होती है तो तेल की वैश्विक सप्लाई बाधित हो सकती है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है। भारत जैसे देश, जो अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करते हैं, उन पर इसका असर ज्यादा होगा।   भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयातित तेल पर निर्भर है। देश में इस्तेमाल होने वाले कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है। अगर सप्लाई बाधित होती है तो भारत को महंगा तेल खरीदना पड़ेगा। इसका सीधा असर पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और एविएशन फ्यूल की कीमतों पर पड़ेगा। तेल महंगा होने का असर सिर्फ वाहनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से हर सामान की कीमत प्रभावित होगी।   व्यापारिक संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने भी इस संभावित संकट पर गंभीर चिंता जताई है। संगठन के चेयरमैन बृजेश गोयल के मुताबिक अगर हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद होता है तो यह 1970 के दशक के तेल संकट जैसा बड़ा झटका साबित हो सकता है। उस दौर में तेल संकट के कारण दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं हिल गई थीं। अब अगर वैसा हालात बनते हैं तो भारत, चीन और रूस जैसे बड़े आयातक देशों को सबसे ज्यादा मुश्किल झेलनी पड़ सकती है।   भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर परिवहन क्षेत्र पर पड़ता है। ट्रक, बस, टैक्सी और मालवाहक वाहनों की लागत बढ़ती है। इससे फल-सब्जी, दूध, अनाज, दवाइयों और रोजमर्रा की जरूरत के सामान की ढुलाई महंगी हो जाती है। जब ढुलाई महंगी होती है तो दुकानों तक पहुंचने वाले सामान की कीमतें बढ़ जाती हैं। इसका सीधा बोझ उपभोक्ताओं पर पड़ता है।   अगर तेल संकट गहराता है तो सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग पर पड़ेगा। पहले से महंगाई झेल रहे परिवारों के लिए घर का बजट संभालना मुश्किल हो सकता है। स्कूल फीस, बिजली बिल, किराया, परिवहन खर्च और खाने-पीने का खर्च एक साथ बढ़ सकता है। यही वजह है कि वैश्विक तनाव की खबरें सीधे घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़ जाती हैं।   सीटीआई के महासचिव रमेश आहूजा और गुरमीत अरोड़ा के अनुसार भारत में मार्च के दौरान खुदरा महंगाई दर 3.4 प्रतिशत दर्ज की गई थी। हालांकि यह आंकड़ा नियंत्रण में माना गया, लेकिन तेल संकट की स्थिति में इसमें तेजी से उछाल आ सकता है। पान और तंबाकू, फूड और बेवरेजेज, कपड़े, हाउसिंग, बिजली-पानी और रेस्टोरेंट सेवाओं जैसी श्रेणियों में पहले से कीमतें बढ़ रही हैं। अगर ईंधन महंगा होता है तो इन सभी क्षेत्रों में और तेजी देखने को मिल सकती है।   विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हॉर्मुज मार्ग बंद होता है तो भारत में महंगाई दर 4 प्रतिशत के पार जा सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक के लिए भी ऐसी स्थिति चुनौतीपूर्ण होगी क्योंकि महंगाई बढ़ने पर ब्याज दरों को लेकर फैसले मुश्किल हो जाते हैं। दूसरी ओर सरकार पर टैक्स घटाने या सब्सिडी देने का दबाव बढ़ सकता है ताकि जनता को राहत दी जा सके।   भारत सरकार के पास रणनीतिक तेल भंडार मौजूद हैं, जिनका इस्तेमाल आपातकालीन हालात में किया जा सकता है। इसके अलावा भारत रूस, अमेरिका और अन्य देशों से भी तेल खरीद बढ़ाने की कोशिश कर सकता है। लेकिन अगर वैश्विक संकट लंबा चलता है तो वैकल्पिक सप्लाई भी महंगी पड़ सकती है। इसलिए संकट का असर पूरी तरह टालना आसान नहीं होगा।   इस तनाव का असर शेयर बाजार और रुपये पर भी पड़ सकता है। जब कच्चा तेल महंगा होता है तो भारत का आयात बिल बढ़ता है। इससे चालू खाते का घाटा बढ़ सकता है और रुपये पर दबाव बन सकता है। रुपया कमजोर होने से आयातित सामान और महंगा हो जाता है। यानी असर सिर्फ तेल तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था में महसूस होता है।   आने वाले दिनों में भारत की नजर पश्चिम एशिया के हालात, अमेरिकी नीति और समुद्री व्यापार मार्गों की स्थिति पर रहेगी। अगर तनाव कम होता है तो राहत मिल सकती है, लेकिन अगर हालात बिगड़ते हैं तो आम आदमी को महंगाई के नए दौर के लिए तैयार रहना पड़ सकता है। फिलहाल यही कहा जा सकता है कि ईरान संकट सिर्फ युद्ध की खबर नहीं है, बल्कि यह भारत की जेब, बाजार और अर्थव्यवस्था से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है।  

Metroheadlines अप्रैल 17, 2026 0

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अमीर बनना है तो छोड़नी होंगी ये 5 आदतें, वॉरेन बफे की ये सीख आपके आएगी काम ; जानिए डिटेल

  अक्सर मध्यम वर्ग के लोग सोचते हैं कि आर्थिक संकट अचानक आता है, लेकिन ऐसा नहीं है. दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे के अनुसार, यह धीरे-धीरे बनने वाली स्थिति होती है. जो छोटी-छोटी गलतियों से शुरू होती है.      📰 वॉरेन बफे की सलाह: इन 5 वित्तीय गलतियों से बचें, वरना बन सकता है आर्थिक बोझ   दुनिया के दिग्गज निवेशक Warren Buffett हमेशा सादगी और समझदारी से पैसे संभालने की सलाह देते हैं। उनका मानना है कि अमीर बनने के लिए ज्यादा कमाना ही जरूरी नहीं, बल्कि सही वित्तीय फैसले लेना ज्यादा अहम होता है। आइए जानते हैं वे कौन-सी आम गलतियां हैं, जिनसे बचकर आप अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं।     💳 क्रेडिट कार्ड का बढ़ता ब्याज   आजकल लोग बिना ज्यादा सोचे-समझे क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसका भारी ब्याज आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकता है। Warren Buffett के अनुसार, 18% या उससे अधिक ब्याज देना मतलब अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा खोना है। वे सलाह देते हैं कि सबसे पहले महंगे कर्ज को खत्म करना चाहिए। जितनी जल्दी हो सके क्रेडिट कार्ड के कर्ज से बाहर निकलना आर्थिक रूप से बेहद फायदेमंद होता है।     ⏳ जल्दी अमीर बनने की जल्दबाजी   कम समय में ज्यादा पैसा कमाने की चाह कई बार लोगों को गलत फैसले लेने पर मजबूर कर देती है। बफे कहते हैं कि निवेश एक लंबी प्रक्रिया है—जैसे पेड़ को बड़ा होने में समय लगता है। उनका मानना है कि पहले निवेश करें और फिर खर्च करें, न कि उल्टा। यही आदत भविष्य में बड़ा धन बनाने में मदद करती है।     🏠 जरूरत से बड़ा घर लेना   कई लोग अपनी क्षमता से ज्यादा बड़ा घर खरीदने के लिए भारी लोन ले लेते हैं। इससे उनकी आमदनी का बड़ा हिस्सा EMI चुकाने में चला जाता है। Warren Buffett के अनुसार, घर जरूरत के हिसाब से होना चाहिए, न कि दिखावे के लिए। ज्यादा लोन लेने से बचत और निवेश के मौके कम हो जाते हैं।     🎰 किस्मत पर पैसा लगाना   लॉटरी और जुए जैसे विकल्प लोगों को जल्दी अमीर बनने का सपना दिखाते हैं, लेकिन असल में ये आर्थिक नुकसान का कारण बनते हैं। बफे हमेशा सलाह देते हैं कि इन चीजों से दूरी बनाकर रखें और अपने पैसे को समझदारी से निवेश करें।     🚗 स्टेटस के लिए नई कार खरीदना   मिडिल क्लास में अक्सर लोग स्टेटस के लिए नई कार खरीद लेते हैं, वो भी लोन लेकर। इससे लंबे समय तक EMI का बोझ बना रहता है, जबकि कार की कीमत समय के साथ घटती जाती है। दिलचस्प बात यह है कि Warren Buffett खुद कई सालों तक पुरानी कार चलाते रहे हैं। उनका मानना है कि दिखावे के लिए खर्च करना समझदारी नहीं है।  

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  Gold-Silver Rate Today: देश में आज सोने की कीमत में मामूली गिरावट देखी जा रही है. आज 24 कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम 1,48, 080 रुपये है. इसमें कल के मुकाबले 10 रुपये की मामूली गिरावट आई है.   Gold-Silver Rate Today: भारत में आज सोने की कीमत में मामूली गिरावट देखी जा रही है. 24 कैरेट से लेकर 18 कैरेट तक सभी सेगमेंट्स में कीमतों में कुछ कमी आई है. कल यानी कि रविवार, 29 मार्च के 1,48, 090 रुपये के मुकाबले आज सोने की कीमत 1,48, 080 रुपये प्रति 10 ग्राम है. यानी कि इसमें 10 रुपये की मामूली गिरावट आई है. इसी तरह से 22 कैरेट सोने की कीमत भी प्रति 10 ग्राम है कल के 1,35,750 रुपये के मुकाबले आज 1,35,740 रुपये है.    आज सोने का ताजा भाव    शहर 24 कैरेट गोल्ड (प्रति 10 ग्राम) 22 कैरेट गोल्ड (प्रति 10 ग्राम) मुंबई 1,48, 080 1,35,740 दिल्ली 1,48, 210 1,35,890 चेन्नई 1,49, 010 1,36,590 कोलकाता 1,48, 080 1,35,740 बेंगलुरु 1,48, 080 1,35,740 हैदराबाद 1,48, 080 1,35,740 अहमदाबाद 1,48, 110 1,35,790 जयपुर 1,48, 210 1,35,890 पुणे  1,48, 080 1,35,740   इससे साफ है कि चेन्नई में सोने के दाम दूसरे महानगरों के मुकाबले कुछ ज्यादा है. वहीं, दिल्ली और जयपुर जैसे शहरों में कीमतें एक ही लेवल पर बनी हुई हैं. सोने की कीमतें स्थानीय कर और ट्रांसपोर्टेशन शुल्क की वजह से अलग-अलग शहरों में अलग-अलग होती हैं. कीमतों में 10-100 रुपये का अंतर देखा जा सकता है. ऐसी भी खबरें हैं कि कुछ केंद्रीय बैंक अपने सोने के भंडार (Gold Reserve) को बेचने पर विचार कर रहे हैं. इससे सप्लाई बढ़ने की आशंका है, जिससे कीमतें दबाव में हैं.    क्यों गिरी सोने की कीमत?   बता दें कि वैश्विक बाजारों में कीमतों में आई नरमी और डॉलर की मजबूती के चलते सोने की कीमतों में आज गिरावट आई है. इसके अलावा, MCX पर भी भाव गिरा है. MCX पर आज सुबह सोने की कीमतें 0.66 परसेंट तक लुढ़ककर 1,43,331 के स्तर पर देखी गई. यह बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत दे रहा है.    चांदी की कीमत   भारत में आज की कीमत में कल के मुकाबले प्रति किलोग्राम 2,210 रुपये की गिरावट दर्ज की गई. कल चांदी की कीमत 2,51,090 रुपये थी. वहीं, आज कीमत 2,48,880 रुपये है. इस तरह से आज 1 और 10 ग्राम चांदी की कीमत क्रमश: 248.88 रुपये और 2,488.80 रुपये है. 100 ग्राम चांदी की कीमत 24,888 रुपये है.

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