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चिराग पासवान ने UP में बढ़ाई BJP की टेंशन! विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर अकेले लड़ने का ऐलान

  UP Assembly Election 2027: पूर्वी यूपी प्रदेश अध्यक्ष राजीव पासवान ने कहा कि हमारी पार्टी का बीजेपी से गठबंधन केंद्र में है, राज्य में नहीं है.   यूपी चुनाव 2027: लोजपा (रामविलास) का बड़ा ऐलान, सभी 403 सीटों पर अकेले लड़ेगी चुनाव     एनडीए गठबंधन का हिस्सा रही लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बड़ा राजनीतिक फैसला लिया है। पार्टी ने घोषणा की है कि वह उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर अकेले दम पर चुनाव लड़ेगी। यह ऐलान पार्टी के पूर्वी यूपी प्रदेश अध्यक्ष राजीव पासवान ने किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र में पार्टी का गठबंधन भारतीय जनता पार्टी के साथ जारी रहेगा, लेकिन प्रदेश स्तर पर किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं किया जाएगा।   राजीव पासवान ने कहा कि पार्टी “यूपी फर्स्ट, यूपी वाले फर्स्ट” के मिशन के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी और प्रदेश की जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देगी। उनका दावा है कि 2027 के चुनाव में सत्ता की चाबी लोजपा (रामविलास) के हाथ में होगी। इस बयान के साथ ही उन्होंने अन्य विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा।   सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि ‘पीडीए’ के नाम पर वंचित समाज को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब चुनाव नजदीक आते ही अखिलेश यादव को कांशीराम और भीमराव आंबेडकर की याद आ रही है। इसी तरह उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब उनकी सरकार थी, तब कांशीराम को भारत रत्न क्यों नहीं दिया गया।   राजीव पासवान ने कांग्रेस पर ऐतिहासिक आरोप दोहराते हुए कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने ही बाबा साहब आंबेडकर को दो बार लोकसभा चुनाव हराने में भूमिका निभाई थी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी संस्थापक रामविलास पासवान के कार्यों को लेकर जनता के बीच जा रही है और उसे व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है।   गौरतलब है कि चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोजपा (रामविलास) का केंद्र और बिहार में बीजेपी के साथ गठबंधन है। चिराग पासवान वर्तमान में केंद्र सरकार में मंत्री हैं और बिहार की राजनीति में भी उनकी पार्टी की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में यूपी में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दे सकता है।  

Metroheadlines अप्रैल 7, 2026 0
'21 साल बड़े पति के साथ नहीं रहना चाहती थी 19 साल की लड़की, बॉयफ्रेंड के साथ रहेगी', ग्वालियर कोर्ट का बड़ा आदेश

  Madhya Pradesh News In Hindi: ग्वालियर बेंच ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए 19 वर्षीय युवती को अपनी मर्जी से प्रेमी के साथ रहने की अनुमति दी. युवती ने पति और माता-पिता के साथ रहने से इनकार किया.   मध्य प्रदेश से एक अनोखा मामला सामने आ रहा है, जहां ग्वालियर खंडपीठ ने हैबियस कॉर्पस याचिका की सुनवाई की. अदालत ने सुनवाई के दौरान एक 19 साल की लड़की की मर्जी को देखते हुए उसे अपने प्रेमी के साथ जाने की इजाजत दे दी. इसके अलावा, युवती को अदालत ने सुरक्षा प्रदान करने के भी निर्देश दिए हैं, जिसके तहत दो पुलिसकर्मी उसकी रक्षा करेंगे.    युवती के पति ने कोर्ट में याचिका दायर कर बड़ा आरोप लगाया था. उसने कहा था कि उसकी पत्नी अपने प्रेमी अनुज के साथ है, जिसे अवैध रूप से वह अपने साथ रख रहा है. कोर्ट में सुनवाई के दौरान पुलिस के साथ युवती भी पहुंची. वहीं अदालत में युवती के माता-पिता, पति और प्रेमी भी मौजूद रहे. युवती ने अदालत को बताया कि वह बालिग हो चुकी है और अपनी मर्जी से प्रेमी के साथ रह रही है.   अपने माता-पिता के साथ रहने से किया इनकार   लड़की ने कोर्ट के सामने अपने पति और माता-पिता के साथ रहने से इनकार कर दिया. लड़की ने कहा कि वह अपने पति और माता-पिता के साथ नहीं रहना चाहती है. उसने कहा कि उसके पति की उम्र बहुत ज्यादा है. दोनों में 21 साल का अंतर है. इसी वजह हमारे बीच तालमेल नहीं बैठ पा रहा था. साथ ही उसने पति के खिलाफ गलत व्यवहार करने के भी आरोप लगाए.   बता दें कि कोर्ट के निर्देशों पर लड़की की काउंसलिंग कराई गई, उसे खूब समझाया गया, लेकिन उसने जिद पर अड़े रहते हुए प्रेमी के साथ ही रहने की इच्छा जताई. कोर्ट में उसके प्रेमी अनुज ने बताया कि वह उसका खूब ख्याल रखेगा. साथ ही किसी भी तरह से उसको प्रताड़ित नहीं करेगा.   कोर्ट ने क्या कहा?   इस बीच कोर्ट ने कहा कि इस याचिका का उद्देश्य अब नहीं रहा है. इसके बाद कोर्ट ने युवती को उसके प्रेमी अनुज के साथ रहने की इजाजत देते हुए अपना फैसला सुनाया. कोर्ट ने इस आदेश में दोनों प्रेमी-प्रेमिका को 'शौर्य दीदी' सुरक्षा प्रदान की है. 6 महीने तक उनकी सुरक्षा में दो पुलिसकर्मी ड्यूटी देंगे. यह दोनों पुलिसकर्मी इस समय में युवती के संपर्क में रहेंगे और उसे किसी भी तरह की दिक्कत आने पर सुरक्षा देंगे.

Metroheadlines अप्रैल 6, 2026 0
भोपाल में NSG कमांडो का पावर शो:VIP पर अटैक और ड्रोन हमले को किया निष्क्रिय; सीएम बोले- काउंटर टेररिज्म ग्रुप के लिए DPR तैयार

  भोपाल में सोमवार को लाल परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) कमांडो ने पावर शॉ दिखाया। कमांडो ने हेलीकॉप्टर से उतरकर इमारत में घुसने, आतंकियों से मुकाबला करने, बम खोजने और निष्क्रिय करने, डॉग स्क्वॉड के जरिए आईईडी पहचानने और लोगों को सुरक्षित निकालने जैसी कार्रवाई का लाइव प्रदर्शन किया।   कार्यक्रम में मोहन यादव, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, NSG के महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।   देखिए तस्वीरें…     NSG ने आतंकियों ने सरेंडर करवाया।     NSG के साथ डाॅग स्क्वार्ड का प्रदर्शन।     विपरीत परिस्थितियों में आम लोगों को आतंकियों से बचाते कमांडो।     सीएम बोले- 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार   इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने कहा- सीपीजी काउंटर टेररिज्म ग्रुप बनाने के लिए मप्र सरकार ने 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार कर ली है। भविष्य में सभी प्रकार के खतरों से निपटने के लिए भोपाल के ग्राम तूमड़ा में सेंटर बनाया जाएगा।   उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की दुनिया के सामने पहचान बन रही है। जब देश के प्रधानमंत्री भी सुरक्षित नहीं थे और राजीव गांधी की हत्या हुई थी, तब सशस्त्र बलों ने अपने पराक्रम से सुरक्षा मुहैया कराई। जब भी देश में किसी संकट से सामना होता है, तब एनएसजी कमांडो रक्षा करते हैं। मुझे एनएसजी पर गर्व है।     'कोई हमें छेड़ेगा तो करारा जवाब मिलेगा'   सीएम कहा कि हमारी सेना देश के दुश्मनों के घर में घुसकर मारने का काम करती है। हम किसी को छेड़ते नहीं हैं, लेकिन यदि कोई हमें छेड़ेगा तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। यह संयुक्त प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संकल्प से सिद्धि का अभियान है। हम सर्वजन सुखाय की बात करते हैं। जो जिस प्रकार का है, उसे उसी प्रकार की भाषा में जवाब देने की तैयारी होनी चाहिए।   डॉ. यादव ने कहा कि हमारे बलों को सभी प्रकार के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। भारत और प्रदेश को आगे बढ़ने में कई लोग बाधा डालते हैं। हमने नक्सलवाद पर काबू पा लिया है। मप्र पुलिस और भारत सरकार ने मिलकर ऐसी गतिविधियों को रोकने में सफलता पाई है।     'हवा में उड़ते बजरंगबली जा रहे हों'   सीएम ने कहा कि हमारे कमांडो ने क्या-क्या नहीं दिखाया। जैसे हवा में बजरंगबली जा रहे हों। हमारे जवानों ने भी शानदार करतब दिखाए। काल भैरव के गणों ने भी गजब प्रदर्शन किया। आपका प्रदर्शन अद्भुत रहा।   आकस्मिक आपदा के लिए हम अपनी सशक्त भूमिका निभाना चाहते हैं। हमारे जवान सभी प्रकार के संकटों से निपटने में सक्षम हैं। खाली हाथ होते हुए भी वे दो-दो, चार-चार लोगों को उठाकर पटक रहे थे। यह देखकर आनंद आया।     डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान   कमांडो ने Mi-17 helicopter से स्लिथरिंग कर इमारत में प्रवेश किया और हाउस इंटरवेंशन की कार्रवाई दिखाई। K-9 डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान की, वहीं बम निष्क्रियकरण और एंटी-ड्रोन तकनीक का भी प्रदर्शन किया गया।   कमांडो ने बहुमंजिला भवन पर हमले को निष्क्रिय करने, आतंकियों से हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट और आम लोगों को सुरक्षित निकालने की ड्रिल भी प्रदर्शित की। इसके साथ ही वीआईपी सुरक्षा, क्राव मागा तकनीक और अंडरवॉटर डाइविंग से जुड़ी कार्रवाई भी दिखाई गई।  

Metroheadlines अप्रैल 6, 2026 0
Indore News in Hindi: इंदौर में कार से कुचलकर घायल हुआ मासूम CCTV में कैद हुआ खौफनाक हादसा

  इंदौर में एक बच्चे के ऊपर कार चढ़ने की घटना हुई, जिसमें कार मालिक ने मानवतादिखाई.उन्होंने बच्चे के इलाज का खर्च उठाया और ड्राइवर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई.     इंदौर में दर्दनाक हादसा: कार के नीचे आया मासूम, मालिक की ईमानदारी बनी मिसाल   मध्य प्रदेश के Indore शहर से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने लोगों को अंदर तक हिला दिया। शहर के Bombay Hospital के पास स्थित शांति निकेतन कॉलोनी में सड़क पर खेल रहे एक छोटे बच्चे को तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।   हादसे का खौफनाक मंजर   जानकारी के मुताबिक, यह घटना मंगलवार दोपहर की है। कॉलोनी की सड़क पर दो मासूम बच्चे खेल रहे थे, तभी अचानक एक तेज रफ्तार कार वहां पहुंची। ड्राइवर की लापरवाही इतनी गंभीर थी कि वह बच्चों को समय रहते देख नहीं पाया और एक बच्चा कार की चपेट में आ गया।   सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि कार के दोनों पहिए बच्चे के ऊपर से गुजर जाते हैं। यह दृश्य इतना भयावह है कि इसे देखकर किसी का भी दिल दहल सकता है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग तुरंत बच्चे की मदद के लिए दौड़ पड़े।   बाल-बाल बची मासूम की जान   हादसे के तुरंत बाद घायल बच्चे को नजदीकी Bombay Hospital में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चे के पैर में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है, लेकिन राहत की बात यह है कि उसकी जान खतरे से बाहर है। फिलहाल उसका इलाज जारी है और डॉक्टर लगातार उसकी निगरानी कर रहे हैं।     कार मालिक ने पेश की ईमानदारी की मिसाल   जहां अक्सर ऐसे मामलों में आरोपी ड्राइवर या वाहन मालिक मौके से फरार हो जाते हैं या मामले को दबाने की कोशिश करते हैं, वहीं इस घटना में कार मालिक संजय अग्रवाल ने एक अलग उदाहरण पेश किया।   जैसे ही उन्हें इस हादसे की जानकारी मिली, उन्होंने बिना किसी देरी के घायल बच्चे के इलाज का पूरा खर्च उठाने का फैसला किया। इतना ही नहीं, उन्होंने खुद अपने ड्राइवर को पुलिस स्टेशन भेजा और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने में सहयोग किया। इस कदम की पूरे शहर में जमकर सराहना हो रही है।     पुलिस ने शुरू की कार्रवाई   इस मामले में पुलिस ने भी तेजी दिखाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के अनुसार, कार मालिक की पहल पर ही ड्राइवर को थाने लाया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ड्राइवर के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।   अब पुलिस आगे की जांच कर रही है और कानूनी प्रक्रिया जारी है। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ड्राइविंग में सतर्कता की जरूरत को उजागर कर दिया है।     समाज के लिए सीख   यह हादसा जहां एक तरफ लापरवाही के गंभीर परिणामों को दिखाता है, वहीं दूसरी तरफ कार मालिक की जिम्मेदारी और ईमानदारी समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश भी देती है। अगर हर नागरिक इसी तरह कानून का सम्मान करे और अपनी जिम्मेदारी निभाए, तो कई समस्याओं को आसानी से रोका जा सकता है।    

Metroheadlines अप्रैल 6, 2026 0
राघव चड्ढा का पार्टी सहयोगियों पर पलटवार

  आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और सांसद Raghav Chadha ने हाल ही में एक भावनात्मक और तीखा बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने उन पार्टी सहयोगियों को जवाब दिया है जिन्हें कथित तौर पर यह कहने के लिए मजबूर किया गया कि उन्होंने संसद में पंजाब के मुद्दे नहीं उठाए। चड्ढा ने अपने बयान में कहा कि यह सिर्फ एक “छोटा ट्रेलर” है और पूरी तस्वीर अभी सामने आनी बाकी है—“Picture Abhi Baaki Hai।”   उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब उनके लिए सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि उनका घर, कर्तव्य और आत्मा है। यह बयान पार्टी के भीतर संभावित मतभेदों या दबाव की ओर इशारा करता है। चड्ढा का यह रुख यह भी दर्शाता है कि वे अपनी छवि और कामकाज को लेकर गंभीर हैं और सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करना चाहते हैं।   राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस तरह के बयान AAP के अंदरूनी हालात और पंजाब राजनीति में चल रही खींचतान की ओर संकेत कर सकते हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि चड्ढा अपने दावों को किस तरह के सबूतों या संसद में दिए गए भाषणों के जरिए मजबूत करते हैं।     To my colleagues in AAP who were forced to issue videos saying that “Raghav Chadha failed to raise Punjab’s issues in Parliament”, here is a small trailer…Picture Abhi Baaki Hai. Punjab isn’t a talking point for me. It is my home, my duty, my soil, my soul❤️ pic.twitter.com/qdTMHK4sqU — Raghav Chadha (@raghav_chadha) April 5, 2026

Metroheadlines अप्रैल 6, 2026 0
📰 भोपाल में पौधरोपण अभियान: पर्यावरण संरक्षण के लिए बढ़ता जनसहयोग

  मध्यप्रदेश की राजधानी Bhopal में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली, जहां प्रतिदिन पौधरोपण के संकल्प के तहत स्मार्ट सिटी पार्क में पौधे लगाए गए। इस अभियान में बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमियों ने भाग लिया और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक जनआंदोलन की तरह उभरता नजर आया, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए।   इस विशेष अवसर पर वक्ताओं और सहभागी नागरिकों ने प्रकृति को “माँ” का दर्जा देते हुए उसके संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि जिस तरह एक माँ अपने बच्चों का पालन-पोषण करती है, उसी तरह प्रकृति भी हमें जीवन के लिए आवश्यक सभी संसाधन प्रदान करती है। ऐसे में उसकी सेवा और सुरक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।   स्मार्ट सिटी पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए गए, जिनमें फलदार, छायादार और औषधीय पौधे शामिल थे। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के पौधे न केवल पर्यावरण को शुद्ध करने में सहायक होते हैं, बल्कि जैव विविधता को भी बढ़ावा देते हैं। पौधरोपण के साथ-साथ लोगों को पेड़ों की देखभाल और संरक्षण के बारे में भी जागरूक किया गया, ताकि लगाए गए पौधे भविष्य में बड़े वृक्ष बन सकें।   कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने बताया कि यह अभियान केवल एक दिन का नहीं है, बल्कि इसे एक निरंतर प्रक्रिया के रूप में अपनाया जा रहा है। प्रतिदिन पौधरोपण का संकल्प इस बात का प्रतीक है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास जरूरी हैं। यदि हर व्यक्ति प्रतिदिन एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे, तो आने वाले वर्षों में शहरों और गांवों की हरियाली में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।   भोपाल जैसे तेजी से विकसित होते शहर में इस तरह के अभियान का महत्व और भी बढ़ जाता है। शहरीकरण और औद्योगिकीकरण के कारण हरित क्षेत्र लगातार कम हो रहे हैं, जिससे वायु प्रदूषण और तापमान में वृद्धि जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। ऐसे में पौधरोपण जैसे प्रयास इन समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं।   पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि पौधरोपण केवल पर्यावरणीय लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है। हरियाली के बीच समय बिताने से तनाव कम होता है और मानसिक शांति मिलती है। इसके अलावा, पेड़-पौधे कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार होता है।   इस अभियान की सबसे खास बात यह रही कि इसमें युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बच्चों को बचपन से ही पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाना इस पहल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे न केवल पौधे लगाएंगे, बल्कि उनकी देखभाल भी सुनिश्चित करेंगे।   कार्यक्रम के दौरान यह भी अपील की गई कि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ें और अपने आसपास के क्षेत्रों में पौधरोपण करें। सामाजिक संगठनों और स्थानीय प्रशासन से भी सहयोग की अपेक्षा की गई, ताकि इस अभियान को व्यापक स्तर पर फैलाया जा सके।   इस तरह के प्रयास यह दर्शाते हैं कि यदि समाज के लोग मिलकर काम करें, तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य हासिल करना संभव है। यह पहल न केवल भोपाल, बल्कि पूरे देश के लिए एक उदाहरण बन सकती है।   अंततः, यह अभियान एक सकारात्मक संदेश देता है कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। यदि हर व्यक्ति प्रकृति की सेवा को अपना कर्तव्य समझे, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।     प्रतिदिन पौधरोपण के संकल्प के क्रम में आज भोपाल स्थित स्मार्ट सिटी पार्क में पर्यावरण प्रेमियों के साथ पौधा रोपा । अत्यंत प्रसन्नता है कि माँ समान प्रकृति की सेवा के इस महा संकल्प से सभी जुड़ रहे हैं और धरती को हरा-भरा व पर्यावरण को बेहतर बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा… pic.twitter.com/qGOR8yxgcQ — Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) April 4, 2026

Metroheadlines अप्रैल 4, 2026 0
Jaipur News: जयपुर में दिव्यांग युवती ने भगवान कृष्ण से रचाई शादी, पूरे रीति-रिवाज से लिए सात फेरे

  Jaipur News In Hindi: जयपुर के जोबनेर से अनोखी शादी सामने आई है.   यहां दिव्यांग युवती ने भगवान कृष्ण को जीवनसाथी बनाया है.   युवती ने सात फेरे लेकर शादी रचाई है.   जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए हैं.     राजस्थान की राजधानी जयपुर के जोबनेर कस्बे में एक ऐसी शादी देखने को मिली, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. यहां एक दिव्यांग युवती ने पूरे रीति-रिवाज और विधि-विधान के साथ भगवान भगवान कृष्ण से विवाह रचा लिया. यह शादी इसलिए भी खास रही क्योंकि इसमें आम शादियों की तरह हर छोटी-बड़ी रस्म पूरी श्रद्धा और पारंपरिक तरीके से निभाई गई.   बताया जा रहा है कि तमन्ना कंवर नाम की यह युवती बचपन से ही भगवान कृष्ण की गहरी भक्त रही है. शारीरिक रूप से दिव्यांग होने के बावजूद उसने हमेशा भक्ति को ही अपने जीवन का आधार माना. परिवार के अनुसार, युवती ने खुद यह निर्णय लिया कि वह अपना जीवन भगवान कृष्ण को समर्पित करेगी और उनसे ही विवाह करेगी.    परिवार ने की पूरी शादी की तैयारी   परिवार ने भी उसकी आस्था का सम्मान करते हुए इस अनोखी शादी की पूरी तैयारी की. शादी के लिए बाकायदा निमंत्रण कार्ड छपवाए गए और रिश्तेदारों के साथ-साथ गांव के लोगों को भी बुलाया गया. विवाह से पहले हल्दी और मेहंदी जैसी रस्में भी निभाई गईं, जिसमें महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाए और उत्सव का माहौल बना.    इसके बाद बारात निकाली गई, जिसमें ढोल-नगाड़ों की धुन पर लोग नाचते-गाते नजर आए. यह नजारा बिल्कुल किसी आम शादी जैसा ही था. मुख्य विवाह समारोह में मंडप सजाया गया और पंडित द्वारा मंत्रोच्चार के बीच युवती ने भगवान कृष्ण की मूर्ति के साथ वरमाला डाली. इसके बाद अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए गए.   सिंदूर और मंगलसूत्र की निभाई रस्में    कन्यादान की रस्म भी परिवार के सदस्यों ने निभाई, जो इस शादी को और भी विशेष बनाती है. इसके साथ ही सिंदूर और मंगलसूत्र की रस्म भी पूरी की गई. शादी के अंत में विदाई की रस्म भी निभाई गई, जहां परिवार के लोग भावुक नजर आए.   इस पूरी प्रक्रिया ने इस विवाह को एक सामान्य शादी जैसा ही स्वरूप दिया, लेकिन इसकी खासियत यही रही कि दूल्हा स्वयं भगवान कृष्ण को माना गया. यह अनूठी शादी आस्था, विश्वास और समर्पण का प्रतीक बन गई है.    इस शादी की इलाके में इसकी खूब चर्चा हो रही है और सोशल मीडिया पर भी इस विवाह की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. लोग इसे भक्ति की मिसाल के रूप में देख रहे हैं, जहां एक युवती ने अपने आराध्य को ही अपना जीवनसाथी चुन लिया.

Metroheadlines अप्रैल 4, 2026 0
गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने का असर, भोपाल में पास्ता से लेकर ढाबे की थाली तक सब कुछ हुआ महंगा

  Bhopal LPG Crisis: खाड़ी देशों में अशांति से LPG संकट गहराया है, जिससे कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़े हैं. भोपाल में रेस्टोरेंट और भोजनालयों ने खाने के दाम 10-30 रुपये तक बढ़ा दिए हैं.   खाड़ी देशों में जारी युद्ध और अशांति के कारण देश में एलपीजी (LPG) का संकट गहराने लगा है. पिछले एक महीने के भीतर कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में दो बार भारी बढ़ोतरी हो चुकी है. इसका सीधा असर अब आम आदमी की जेब और खाने-पीने की चीजों पर पड़ रहा है. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में फास्ट फूड से लेकर सामान्य भोजनालयों की थाली तक सब कुछ महंगा हो गया है.   भोपाल के मशहूर 'सागर गैरे' रेस्टोरेंट सहित कई फूड आउटलेट्स पर खाने-पीने के दाम बढ़ा दिए गए हैं. सैंडविच, पास्ता से लेकर सूप तक, मेन्यू में शामिल लगभग हर आइटम पर 10 से 20 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. रेस्टोरेंट संचालकों का स्पष्ट कहना है कि एक ही महीने में कमर्शियल सिलेंडर के दामों में दो बार हुए इजाफे के कारण उनके पास कीमतें बढ़ाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा था.     आम आदमी की 'थाली' भी हुई 30 रुपये तक महंगी   महंगाई की यह आंच सिर्फ फास्ट फूड तक सीमित नहीं है. दोपहर का सस्ता और भरपेट भोजन परोसने वाले भोजनालयों में भी खाना अब महंगा हो गया है. भोपाल के 'शंकर भोजनालय' में खाने की थाली के दामों में 20 से 30 रुपये तक का सीधा इजाफा किया गया है.   जो साधारण थाली पहले 160 रुपये में मिलती थी, वह अब 180 रुपये की हो गई है. जो स्पेशल थाली पहले 180 रुपये की थी, उसके दाम बढ़ाकर 210 रुपये कर दिए गए हैं. इसके अलावा दाल, सब्जी सहित मेन्यू के अन्य सभी आइटम्स के रेट भी बढ़ गए हैं.     ब्लैक में मिल रहे सिलेंडर, आगे और बढ़ सकते हैं दाम   भोजनालय और रेस्टोरेंट संचालकों की परेशानी सिर्फ बढ़ी हुई कीमतें नहीं हैं, बल्कि सिलेंडरों की किल्लत भी एक बड़ा मुद्दा है. संचालकों के मुताबिक, बाजार में कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति सुचारू नहीं है. इस कारण कई बार उन्हें मजबूरी में ब्लैक मार्केट से महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदने पड़ रहे हैं. उनका कहना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे, तो आने वाले दिनों में खाने के दाम और भी बढ़ाए जा सकते हैं.     जनता ने समझी संचालकों की मजबूरी   महंगाई की इस मार से आम उपभोक्ता परेशान जरूर हैं, लेकिन वे रेस्टोरेंट और भोजनालय संचालकों की मजबूरी को भी भली-भांति समझ रहे हैं. उपभोक्ताओं का कहना है कि जब सरकार की तरफ से ही कमर्शियल गैस महंगी मिल रही है, तो दुकानदार भी अपनी जेब से नुकसान सहकर कब तक सस्ता खाना खिलाएंगे.

Metroheadlines अप्रैल 2, 2026 0
वाराणसी पहुंचे मध्य प्रदेश के CM मोहन, काशी विश्वनाथ में किए दर्शन

  MP-UP Cooperation Summit: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश सहयोग सम्मेलन के लिए वाराणसी पहुंचे, जहां उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन किए और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का दौरा किया.   MP-UP Cooperation Summit: मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश सहयोग सम्मेलन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 31 मार्च को वाराणसी पहुंचे. वाराणसी पहुंचने पर उत्तरप्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नन्दी' ने उनका स्वागत किया.  इस अवसर पर सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान, खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री गिरीश यादव सहित वाराणसी के जनप्रतिनिधि तथा जिला अधिकारी उपस्थित थे.   सीएम डॉ. यादव ने यहां बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन किए और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भ्रमण किया. उन्होंने यहां क्राउड फ्लो डिजाइन, इंफ्रास्ट्रक्चर, तीर्थयात्री प्रबंधन प्रणाली का अवलोकन किया. उन्होंने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर भीड़ प्रबंधन पर विशेष प्रस्तुतियां देखीं. इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में अधिकारियों के साथ भी बैठक की. उन्होंने मंदिर प्रबंधन से जुड़ीं कई अहम जानकारियां भी लीं.     एमपी-यूपी के सहयोग को और मजबूत करेंगे- सीएम मोहन   गौरतलब है कि सीएम मोहन यादव की इस यात्रा का उद्देश्य मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच सहयोग को और मजबूत करना है. इस प्रवास के दौरान उन्होंने मां गंगा के कई तटों का अवलोकन भी किया. उन्होंने गंगा की पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद लिया. इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के साथ संवाद भी किया.   इस बीच मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का प्रबंधन बहुत अच्छा लगा. इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी. उसके साथ ही, यहां के निवासियों ने इस निर्णय को स्वीकार बड़ा योगदान दिया. पूरे विश्व की भगवान शंकर पर आस्था है.      धार्मिक पर्यटन और लघु उद्योगों पर फोकस   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ओडीओपी को लेकर उत्तर प्रदेश में बहुत अच्छा काम हुआ है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी टीम का इसमें बड़ा योगदान है. हमारी सरकार भी इस पर बड़ा काम कर रही है.   उन्होंने कहा कि हम इस पर चर्चा करेंगे कि दोनों राज्यों के बीच क्या बेहतर हो सकता है. हम धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ लघु उद्योगों पर भी ध्यान देंगे. उन्होंने कहा कि जिस तरह उत्तर प्रदेश में बनारसी साड़ी की विरासत रही है, उसी तरह मध्यप्रदेश में चंदेरी, महेश्वरी साड़ी सहित लघु उद्योगों पर काम हो रहा है.      लोगों की जिंदगी बदलने पर विचार-विमर्श   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिस तरह बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर में भीड़ प्रबंधन हो रहा है, उसी तरह का प्रबंधन हम सिंहस्थ में भी चाहते हैं. हमारा दौरा उसी की जानकारी लेने और योजना बनाने के लिए है. सभी राज्यों में बेहतर धार्मिक पर्यटन की व्यवस्था हो, धार्मिक पर्यटन से लोगों की जिंदगी में बदलाव आए, इस पर विचार कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महाकाल लोक बनने के बाद पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था बदल गई है. इसी तरह काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद यहां भी बदलाव आया है. सभी लोगों को साथ मिलाकर विकास की नई इबारत लिखी जा रही है.   उन्होंने कहा कि हम बाबा महाकाल और काशी विश्वनाथ को लेकर योजनाओं-जानकारियों का आदान-प्रदान करेंगे. इसके लिए हम एमओयू भी साइन करेंगे. हम प्रयास करेंगे कि दर्शन के लिए जनता को बेहतर से बेहतर सुविधा मिले. यहां हाल ही में प्रयागराज कुंभ हुआ है और उज्जैन में सिंहस्थ होने वाला है. ऐसे में सुगमता बनी रहे, सारी व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए हमने प्रजेंटेंशन भी देखा. हम इस बात का भी अध्ययन कर रहे हैं कि भविष्य में और क्या किया जा सकता है.      गरीबों की जिंदगी बेहतर करना उद्देश्य   सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मैं यहां एक और कारण से भी आया हूं. दोनों राज्यों के युवाओं को रोजगार मिले, गरीबों की जिंदगी बेहतर हो, उत्पादों की सही कीमत मिले, राज्य की समृद्धि हो-देश की समृद्धि हो, इसके लिए लघु उद्योगों के बीच कैसा समन्वय बनाया जाए, इसका भी अध्ययन किया जाएगा. इसे लेकर हमारा रोड शो भी होने वाला है.   उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर मध्यप्रदेश में रिसर्च चल रही है, सरकार उसके लिए फैलोशिप भी दे रही है. उनके जीवन के विराट व्यक्तित्व पर बाबा विश्वनाथ धाम पर 3-4-5 अप्रैल को महानाट्य का मंचन किया जाएगा. इसमें करीब 400 कलाकार भाग लेंगे. हम इस महानाट्य की विधा को दोबारा जीवंत कर रहे हैं. वो समय चला गया जब राज्यों के बीच कटुता होती थी, अब सौहाद्र का समय है. हम केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और सोलर परियोजना पर उत्तर प्रदेश के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.

Metroheadlines मार्च 31, 2026 0
नालंदा के शीतला मंदिर में भगदड़, 8 की मौत, 10 से 12 श्रद्धालु हुए घायल ?

  Nalanda Stampede News: भीड़ अधिक होने और व्यवस्था न होने के कारण यह घटना हुई है. यह घटना दीपनगर थाना इलाके की है. राहत-बचाव का कार्य शुरू कर दिया गया है.     बिहार के नालंदा में मंगलवार (31 मार्च, 2026) की सुबह एक मंदिर में मची भगदड़ के चलते आठ महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई. वहीं कई लोग भगदड़ के चलते घायल हो गए. मृतकों में कई महिलाएं पटना की बताई जा रही हैं. मौत का आंकड़ा बढ़ने की संभावना है. यह घटना दीपनगर थाना इलाके के मघड़ा स्थित शीतला मंदिर की है.    बताया जा रहा कि भीड़ अधिक होने और व्यवस्था न होने के कारण यह घटना हुई है. फिलहाल हादसे के बाद राहत-बचाव का कार्य शुरू हो गया है. अभी तक प्रशासन की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है कि कितने श्रद्धालुओं की मौत हुई है.     हर मंगलवार को पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु   बताते चलें कि हर मंगलवार को यहां पूजा करने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. इस मंगलवार को सुरक्षा-व्यवस्था पूरी तरह चौपट दिखी. पूजा के लिए श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ हुई, इसी दौरान किसी वजह से भगदड़ मच गई. हालांकि पूरी घटना कैसे हुई है यह अभी पता नहीं चला है. सूचना मिलने के बाद कई एंबुलेंस मौके पर पहुंची. मौके पर एसडीएम भी पहुंचे.     इलाज के लिए भेजा गया सदर अस्पताल   इस घटना में घायल श्रद्धालुओं की संख्या 10 से 12 के करीब है. घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है. मंदिर परिसर को पूरी तरह खाली करा दिया गया है. घटना के बाद भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है.     आज नालंदा विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह   जानकारी के अनुसार, नालंदा विश्वविद्यालय का आज दीक्षांत समारोह है. राजगीर में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को शामिल होना है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे. उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी रहेंगे. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इस तरह के कार्यक्रम के चलते मंदिर की सुरक्षा-व्यवस्था में लापरवाही तो नहीं की गई?   फिलहाल इस पूरी खबर पर प्रशासन के आधिकारिक बयान की प्रतीक्षा है. जांच के बाद इसकी पुष्टि होगी कि कहां से कैसे चूक हुई. फिलहाल इस घटना के बाद जिल में हड़कंप मच गया है.

Metroheadlines मार्च 31, 2026 0
मुंबई एयरपोर्ट पर ₹10 में चाय! Udaan Yatri Café ने यात्रियों को सस्ती और बेहतर सुविधा दी। जानिए पूरी खबर और सरकार की योजना।

  भारत में हवाई यात्रा को आम लोगों के लिए सुलभ बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम सामने आया है। हाल ही में मुंबई के Mumbai Airport पर स्थित Udaan Yatri Café ने यात्रियों के बीच खासा ध्यान आकर्षित किया है। यहां ₹10 में चाय मिलने की सुविधा ने उन सभी धारणाओं को चुनौती दी है कि एयरपोर्ट पर खाना-पीना हमेशा महंगा ही होता है।   एक यात्री के अनुभव के अनुसार, जब वह Delhi के लिए उड़ान भरने से पहले चाय पीना चाहते थे, तो उन्होंने इस कैफे का रुख किया। वहां उन्हें मात्र ₹10 में चाय मिली, जो न केवल सस्ती थी बल्कि गुणवत्ता और सेवा के मामले में भी संतोषजनक रही। उन्होंने बताया कि कैफे में मौजूद अन्य यात्रियों से बातचीत के दौरान भी सभी ने एक जैसी प्रतिक्रिया दी—कम कीमत, अच्छी सेवा और पैसों की पूरी वसूली।   यह पहल भारत सरकार की UDAN Scheme (उड़े देश का आम नागरिक) के व्यापक उद्देश्य को दर्शाती है, जिसका मकसद हवाई यात्रा को आम आदमी के लिए सुलभ और किफायती बनाना है। पहले जहां एयरपोर्ट पर एक कप चाय या कॉफी के लिए ₹100 या उससे ज्यादा खर्च करना पड़ता था, वहीं अब ₹10 में चाय मिलना एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।   इस कैफे का उद्देश्य सिर्फ सस्ता खाना देना ही नहीं है, बल्कि यात्रियों को एक सकारात्मक अनुभव देना भी है। एयरपोर्ट पर लंबा इंतजार, महंगे खाने-पीने और सीमित विकल्पों के कारण यात्रियों को अक्सर परेशानी होती है। ऐसे में Udaan Yatri Café जैसे प्रयास यात्रियों के लिए राहत लेकर आते हैं।   विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस तरह की पहल देश के अन्य एयरपोर्ट्स पर भी लागू की जाती है, तो यह एविएशन सेक्टर में एक बड़ा बदलाव ला सकती है। इससे न केवल यात्रियों की संतुष्टि बढ़ेगी, बल्कि एयरपोर्ट्स की छवि भी बेहतर होगी।   इसके अलावा, यह कदम छोटे और मध्यम आय वर्ग के यात्रियों को भी हवाई यात्रा के प्रति आकर्षित कर सकता है। जब यात्रा के साथ-साथ खाने-पीने का खर्च भी नियंत्रित रहेगा, तो अधिक लोग हवाई यात्रा को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।   सोशल मीडिया पर भी इस पहल की खूब सराहना हो रही है। लोग इसे “गेम चेंजर” बता रहे हैं और सरकार से मांग कर रहे हैं कि ऐसी सुविधाएं देश के हर बड़े और छोटे एयरपोर्ट पर शुरू की जाएं।   हालांकि, कुछ विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि इस तरह की कम कीमतों को लंबे समय तक बनाए रखना एक चुनौती हो सकती है। इसके लिए उचित प्रबंधन, सब्सिडी और संचालन की कुशल व्यवस्था जरूरी होगी।   कुल मिलाकर, Udaan Yatri Café ने यह साबित कर दिया है कि एयरपोर्ट पर सस्ता और अच्छा खाना उपलब्ध कराना संभव है। यह पहल न केवल यात्रियों के लिए फायदेमंद है, बल्कि भारत के एविएशन सेक्टर के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।   भविष्य में अगर इस मॉडल को और विस्तार दिया जाता है, तो वह दिन दूर नहीं जब एयरपोर्ट पर खाना-पीना हर आम नागरिक के बजट में होगा। ✈️☕     Visited the Udaan Yatri café at Mumbai Airport and had chai for just ₹10.Was flying to Delhi and wanted chai before the flight. Spoke to several travellers while I was there. All of them happy, all of them saying the same thing: Easy on the pocket, good service, value for… pic.twitter.com/wOelXZ2iZS— Raghav Chadha (@raghav_chadha) March 30, 2026

Metroheadlines मार्च 30, 2026 0
🌱 आप भी पौधे लगाइये और धरा को समृद्ध कीजिये। 🌱
माँ कामाख्या की पावन भूमि गुवाहाटी में सांसद भांजी @BansuriSwaraj जी और राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री @BJPKKSharma जी के साथ पौधरोपण किया।

  🌱 आप भी पौधे लगाइये और धरा को समृद्ध कीजिये। 🌱     असम की राजधानी गुवाहाटी एक बार फिर सकारात्मक और प्रेरणादायक पहल का केंद्र बनी, जब यहाँ स्थित पवित्र कामाख्या मंदिर की धरती पर एक विशेष पौधरोपण अभियान आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में सांसद बांसुरी स्वराज और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता केके शर्मा ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का मजबूत संदेश दिया।   🌱 धार्मिक आस्था और पर्यावरण का संगम माँ कामाख्या की पावन भूमि न केवल धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, बल्कि यह स्थान प्रकृति और आध्यात्मिकता के अद्भुत संगम का प्रतीक भी है। ऐसे पवित्र स्थल पर पौधरोपण करना अपने आप में एक गहरी सोच और दूरदृष्टि को दर्शाता है। इस अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का भी अभिन्न हिस्सा है।   🌳 पौधरोपण अभियान का उद्देश्य इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और उन्हें अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करना था। आज के समय में बढ़ता प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। ऐसे में इस तरह के अभियान लोगों को जागरूक करने में अहम भूमिका निभाते हैं।   सांसद बांसुरी स्वराज ने इस अवसर पर कहा कि “पेड़ लगाना केवल एक कार्य नहीं, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करने का संकल्प है।” उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने आसपास पौधे लगाएं और उनकी देखभाल भी करें।   🌍 पर्यावरण संरक्षण: आज की सबसे बड़ी जरूरत आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन की समस्या से जूझ रही है। ग्लोबल वार्मिंग, वनों की कटाई, और प्रदूषण के कारण पृथ्वी का संतुलन बिगड़ता जा रहा है। भारत जैसे देश में, जहाँ जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है, वहाँ पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी और भी अधिक बढ़ जाती है।   इस संदर्भ में, गुवाहाटी में हुआ यह पौधरोपण अभियान एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। यह केवल एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह एक जन आंदोलन का रूप ले सकता है यदि लोग इसे गंभीरता से लें।   🙏 सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व कामाख्या मंदिर भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है। यहाँ हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इस पवित्र स्थल पर पौधरोपण का आयोजन यह दर्शाता है कि धार्मिक स्थान भी पर्यावरण संरक्षण के केंद्र बन सकते हैं।   यह पहल लोगों को यह समझाने में मदद करती है कि प्रकृति की रक्षा करना भी एक प्रकार की पूजा है। जब हम पेड़ लगाते हैं और उनकी देखभाल करते हैं, तो हम न केवल पर्यावरण की रक्षा करते हैं, बल्कि अपनी संस्कृति और परंपराओं को भी मजबूत करते हैं।   👥 जनभागीदारी की अपील कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने आम जनता से भी इस अभियान में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर हर व्यक्ति साल में कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे, तो देश में हर साल करोड़ों नए पेड़ लगाए जा सकते हैं। यह पहल तभी सफल हो सकती है जब इसमें जनभागीदारी हो। केवल सरकार या कुछ संगठनों के प्रयास से पर्यावरण की रक्षा संभव नहीं है। इसके लिए हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।   🌿 युवाओं की भूमिका इस अभियान में युवाओं की भागीदारी को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया गया। आज के युवा देश का भविष्य हैं और वे ही इस तरह के अभियानों को आगे बढ़ा सकते हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से इस संदेश को व्यापक स्तर पर फैलाया जा सकता है। युवाओं को चाहिए कि वे इस तरह के अभियानों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपने दोस्तों और परिवार को भी इसके लिए प्रेरित करें।   🌏 सतत विकास की दिशा में कदम यह पौधरोपण अभियान सतत विकास (Sustainable Development) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पेड़ न केवल ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि वे जल संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता और जैव विविधता को भी बनाए रखने में मदद करते हैं।   अगर हम आज पेड़ नहीं लगाएंगे, तो आने वाले समय में हमें गंभीर पर्यावरणीय संकट का सामना करना पड़ सकता है।     माँ कामाख्या की पावन भूमि गुवाहाटी में सांसद भांजी @BansuriSwaraj जी और राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री @BJPKKSharma जी के साथ पौधरोपण किया। आप भी पौधे लगाइये और धरा को समृद्ध कीजिये।#OnePlantADay pic.twitter.com/yreMbgIMxG — Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) March 28, 2026

Metroheadlines मार्च 28, 2026 0
'यह वैसा ही जैसे साड़ी की दुकान से.', पेट्रोल- डीजल पर सरकार ने घटाई एक्साइज ड्यूटी तो ममता बनर्जी ने कसा तंज

Petrol Diesel Excise Duty: मोदी सरकार के पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने को लेकर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हमलावर हैं. इससे पहले कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले की आलोचना की थी.     मोदी सरकार की तरफ से पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने को लेकर विपक्ष हमलावर है. ऐसे में अब बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का रिएक्शन सामने आया है. उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया है. ममता बनर्जी ने कहा है कि यह वैसा ही है, जैसे साड़ी की दुकान में खरीदारी करना. अगर आप साड़ी की कीमतें पूछें तो दुकानदार आपको 1000 रुपए बताएगा, लेकिन मोलभाव करने के बाद वह 400 रुपए पर ही मान जाएगा.    इस तरह पहले भी गैस के दाम भी बढ़ाए गए: ममता बनर्जी   ममता बनर्जी ने अपने बयान में कहा है कि इस तरह पहले गैस के दाम बढ़ाए गए. अब एक्साइज घटाने की बात हो रही है. सवाल यह है कि आखिर कीमतें कहां जाकर स्थिर होंगी? ममता बनर्जी ने अपने बयान में जनता की समस्याओं को लेकर भी चिंता जताई है. उन्होंने कहा है कि मेरी प्राथमिकता है कि लोगों को किसी तरह की असुविधा न हों.   CM ममता बनर्जी ने प्रशासनिक सुधारों की मांग की है   इस दौरान ममता बनर्जी ने प्रशासनिक सुधार की मांग भी की. उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों से लेकर बीडीओ तक पूरे तंत्र में बदलाव चाहती हूं. साथ ही मांग कि हल्दिया से गैस सिलेंडर राज्य के बाहर न भेजे जाएं.   इससे पहले कांग्रेस के नेता जयराम रमेश और पवन खेड़ा ने सरकार के एक्साइज ड्यूटी घटाने के फैसले को लेकर आलोचना की थी. इसमें जयराम रमेश ने सरकार के इस फैसले को चुनावी बताते हुए उसे आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़कर तीखी आलोचना की है.    इस साल होने हैं पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव   साल 2026 में पांच राज्य जिनमें एक केंद्रशासित प्रदेश शामिल हैं, वहां विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनाव आयोग ने इन चुनावों की तारीखें राज्यवार जारी कर दी हैं. ऐसे में अब सभी चुनावी राज्यों में रिजल्ट आने तक आचार संहिता लागू है. इस साल केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम और पुदुचेरी में चुनाव होने हैं. सभी राजनीतिक दल इन चुनावों के प्रचार प्रसार में जुट गए हैं. 

Metroheadlines मार्च 27, 2026 0
UP में LPG, पेट्रोल, डीजल के संकट के दावों के बीच CM योगी बोले- मानसिक रूप से तैयार रहें...?

  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ईरान, इजरायल और अमेरिका के युद्ध के बीच एलपीजी, पेट्रोल और डीजल के संकट के दावों के दौरान बड़ा बयान दिया है.   उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में बने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क सेंटर के उद्घाटन कार्यक्रम में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल के संकट के दावों पर अपनी बात रखी. सीएम ने कहा कि गल्फ वॉर की अफवाहों के बीच लोग अनावश्यक रूप से रसोई गैस के सिलेंडर लेने के लिए लाइनों में लग रहे हैं.  उन्होंने यह भी कहा कि यदि यह युद्ध लंबा खिंचता है तो उसका प्रभाव हर व्यक्ति पर पड़ सकता है, इसलिए हमें मानसिक रूप से तैयार रहना होगा और अफवाहों से दूर रहना होगा.   मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी कोई राष्ट्रीय चुनौती सामने आती है तो सरकार और जनता को मिलकर उसका सामना करना चाहिए, यही सच्ची राष्ट्रभक्ति है, और यदि देशहित में सरकार कोई कदम उठाती है तो हमें उसके लिए भी खुद को तैयार रखना चाहिए.   जरूरत होने पर ही पेट्रोल-डीजल लेने जाएं- सीएम योगी   उन्होंने कहा कि पहले अगर किसी घर में एक सिलेंडर एक महीने चलता था, तो आज लोग पांचवे-छठे दिन ही सिलेंडर लेने क्यों पहुंच रहे हैं. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब नंबर आएगा तो रजिस्ट्रेशन कराएं, रसोई गैस घर तक पहुंच जाएगी. प्रदेश सरकार ने सभी जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि पहले की तरह होम डिलीवरी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, इसलिए गैस एजेंसियों पर लाइन लगाने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने और अव्यवस्था पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि जरूरत होने पर ही पेट्रोल-डीजल लेने जाना चाहिए.   मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि अफवाहों और दुष्प्रचार के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए, क्योंकि इससे देश की छवि और हमारी राष्ट्रभक्ति पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि भारत में स्थिति सामान्य है, नवरात्रि के कार्यक्रम हो रहे हैं और कल रामनवमी का पर्व भी मनाया जाएगा. हालांकि दुनिया में ईरान-इजराइल युद्ध के कारण कई देशों में अस्थिरता और अव्यवस्था का माहौल है, लेकिन भारत में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश सुरक्षित और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है. 

Metroheadlines मार्च 26, 2026 0
फर्जी शॉपिंग पेज बनाकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़
इंस्टाग्राम पर फर्जी शॉपिंग पेज बनाकर देशभर में ठगी, आज़मगढ़ से दो शातिर गिरफ्तार

  Azamgarh News In Hindi: पुलिस ने इंस्टाग्राम पर फर्जी शॉपिंग पेज बनाकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसमें दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गिरोह ने 13 बैंक खातों का इस्तेमाल किया.    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर फर्जी शॉपिंग पेज बनाकर देशभर में लोगों को ठगने वाले संगठित साइबर गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है. साइबर क्राइम थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनके कब्जे से मोबाइल, एटीएम कार्ड, सिम, बैंक पासबुक और डमी पार्सल समेत बड़ी मात्रा में सामान बरामद हुआ है.   गुजरात के अहमदाबाद की एक युवती ने 9 मार्च 2026 को ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी. मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में जांच शुरू की गई. तकनीकी साक्ष्यों और प्रतिबिम्ब पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर 24 मार्च को कोतवाली क्षेत्र के कोल बाजबहादुर में दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.   गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अवन राजभर उम्र 22 वर्ष निवासी ऊंचागांव थाना रानी की सराय और प्रियांशू यादव उम्र 19 वर्ष निवासी शिवरामपुर थाना तहबरपुर के रूप में हुई है.    ऐसे देते थे ठगी को अंजाम   पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे इंस्टाग्राम पर गंगा हिल्स, गंगा क्लॉथ और वेल्साइड क्लोथिंग जैसे नामों से फर्जी पेज बनाते थे. इन पेजों पर सस्ते दाम में आकर्षक प्रोडक्ट दिखाकर ग्राहकों को लुभाया जाता था. इसके बाद व्हाट्सएप बिजनेस के जरिए संपर्क कर ग्राहकों से क्यूआर कोड के माध्यम से एडवांस भुगतान कराया जाता था.   भुगतान मिलने के बाद या तो सामान भेजा ही नहीं जाता था या फिर बेहद घटिया क्वालिटी का पार्सल भेजकर ग्राहकों को ब्लॉक कर दिया जाता था. जांच में सामने आया कि गिरोह ने ठगी के लिए 13 बैंक खातों का इस्तेमाल किया और असम, बंगाल, गुजरात और उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों से कुल 27 शिकायतें इन खातों के खिलाफ दर्ज हैं.    बरामदगी में मिले अहम डिजिटल साक्ष्य   पुलिस ने आरोपियों के पास से 4 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 550 रुपये नगद, 13 बैंक पासबुक, 1 चेकबुक, 5 एटीएम कार्ड, 9 सिम कार्ड, 30 डमी पार्सल पैकेट और पैकेजिंग सामग्री बरामद की है. मोबाइल फोन की जांच में फर्जी आईडी, चैट और लेन-देन से जुड़े अहम डिजिटलसाक्ष्य भी मिले हैं. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 66डी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.   एसपी ट्रैफिक विवेक त्रिपाठी ने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान शॉपिंग पेज या ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें. बिना पुष्टि के किसी भी क्यूआर कोड पर भुगतान न करें और ठगी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं.

Metroheadlines मार्च 26, 2026 0
शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का बड़ा प्रदर्शन, पद बढ़ाने की मांग तेज

  Bhopal News in Hindi: भोपाल में शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का बड़ा प्रदर्शन हुआ. अभ्यार्थी पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. इससे पहले भी नवंबर, जनवरी और फरवरी में कई बड़े प्रदर्शन हो चुके हैं.   मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती को लेकर एक बार फिर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है. वर्ग-2 और वर्ग-3 भर्ती 2025 के अभ्यर्थी पद बढ़ाने की मांग को लेकर मंगलवार (24 मार्च) को राजधानी भोपाल में बड़ा आंदोलन हुआ.   जानकारी के अनुसार, वर्ग-2 यानी माध्यमिक शिक्षक और वर्ग-3 यानी प्राथमिक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी एक बार फिर सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं. 24 मार्च को अंबेडकर पार्क में हजारों अभ्यर्थी जुटकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे.   अभ्यर्थियों ने मुंडन कराकर जताया था विरोध   अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती में नाममात्र के पद घोषित किए गए हैं, जिससे बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवार चयन से बाहर हो गए. इससे पहले भी नवंबर, जनवरी और फरवरी में भोपाल में कई बड़े प्रदर्शन हो चुके हैं. फरवरी में अभ्यर्थियों ने मुंडन कराकर और मार्कशीट जलाकर विरोध जताया था.   आंकड़ों पर डालें एक नजर कुल स्वीकृत पद: 2,89,005 कार्यरत शिक्षक: 1,74,419 खाली पद: 1,15,678 माध्यमिक शिक्षक रिक्त: 44,546 प्राथमिक शिक्षक रिक्त: 55,626   विधानसभा के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में एक लाख से ज्यादा शिक्षक पद खाली हैं. कई स्कूल ऐसे हैं जहां एक या दो शिक्षक ही पूरे स्कूल का जिम्मा संभाल रहे हैं. इसके बावजूद अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार पर्याप्त भर्तियां नहीं निकाल रही है.   99 प्रतिशत के बाद भी नहीं हुआ सिलेक्शन- शक्ति सिंह   सुरेंद्र पाठक के अनुसार, 55 जिलों से अभ्यर्थी यहां आए हैं. हमने सरकार पर भरोसा किया था. अब सिर्फ इतना चाहते हैं कि 1 लाख 15 हजार पदों पर भर्ती शुरू हो. वहीं शक्ति सिंह ने कहा कि 99 प्रतिशत से ज्यादा नंबर होने के बाद भी सिलेक्शन नहीं हुआ. पद बहुत कम हैं और इसलिए मजबूरी में खून से पत्र लिखना पड़ रहा है. माया गौड़ ने कहा कि थाली बजाकर प्रदर्शन कर रहे हैं. परिवार के साथ आए हैं और अब सरकार हमारी सुनवाई करें. अभ्यर्थियों की मांग है कि वर्ग-2 में कम से कम 10 हजार और वर्ग-3 में 25 हजार पद बढ़ाए जाएं और जल्द दूसरी काउंसलिंग शुरू की जाए.   खेत गिरवी रखकर की पढ़ाई- नितिन शिवहरे   वर्ग दो के अभ्यर्थी नितिन शिवहरे ने बताया कि हमारी जब तक मांग पूरी न हो यहीं डटे रहेंगे, एक दो लाख के कोर्स बीएड और डीएड करके बैठे हैं. अब यहीं मरेंगे क्योंकि खेत गिरवी रख कर पढ़ाई करवाया, माता-पिता ने कह दिया जाइए. उनके सपने चूर-चूर हो रहे है और हम यहां अब पद वृद्धि लेकर रहेंगे.

Metroheadlines मार्च 25, 2026 0
चुनावी साल में अखिलेश यादव ने बदला PDA का फुल फॉर्म, मिशन-27 से पहले अब दिया नया नाम

  UP Politics: सपा चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पेंशन को फिर से लाकर हम महिलाओं की ताकत बढ़ाएंगे और साथ ही यूपी की संपूर्ण उन्नति के अपने संकल्प को निभाएंगे.   समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को ‘पीडीए’ में ‘ए’ का मतलब ‘आधी आबादी’ बताया और कहा कि इनको समृद्ध करने के लिए ‘स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना’ लाएंगे.   सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान ‘पीडीए’ शब्द पिछड़े, दलितों और अल्पसंख्यकों को संबोधित करने के लिए गढ़ा था.     अखिलेश यादव ने ‘एक्स’ अग्रणी महिलाओं के साथ अपनी पत्नी सांसद डिंपल यादव समेत खुद की तस्वीरें साझा करते हुए कहा, ‘‘आधी आबादी की पूरी आजादी व उनकी हिफाजत के साथ-साथ उनके हक-अधिकार, सशक्तीकरण व सबलीकरण के लिए हम सब सदैव कटिबद्ध-प्रतिबद्ध रहे हैं और रहेंगे.”   उन्होंने कहा, “जब परिवार-समाज और देश को मजबूत करने वालों को सम्मान मिलता है तो उनका मान और मनोबल दोनों बढ़ता है. हम पीडीए में शामिल ‘ए’ मतलब ‘आधी आबादी’ अर्थात हर बच्ची, युवती, नारी, महिला को सामाजिक-आर्थिक रूप से समान सम्मान देने और अपने पैरों पर खड़े होने व उन्हें समृद्ध करने के लिए ‘स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना’ लाएंगे.   पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘समाजवादी पेंशन’’ को फिर से लाकर हम महिलाओं की ताकत बढ़ाएंगे और साथ ही ‘यूपी की संपूर्ण उन्नति’ के अपने संकल्प को निभाएंगे.     इससे पहले सपा चीफ ने कहा कि अगर 2027 में उनकी सरकार बनती है तो नारी समृद्धि सम्मान योजना शुरू की जाएगी. इस योजना के तहत गरीब परिवार की महिलाओं को हर साल 40000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी. वहीं पूर्व सीएम ने कहा कि फसल बदलनी है तो बीज बदलने होंगे, स्त्री के प्रति जब मूलभूत मानसिक बीज बदलेंगे तभी उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में बदलाव आएगा.   इसी संदर्भ में ‘मालती देवी-मूर्ति देवी महिला सम्मान समारोह’ के माध्यम से हमने उन महिलाओं को सम्मानित एवं प्रोत्साहित करने का प्रयास करा है जिनकी प्रतिभा, हिम्मत और सद्प्रयासों से नारी का सशक्त रूप उभर कर आया है.  

Metroheadlines मार्च 23, 2026 0
अशोक खरात मामले में बड़ी खबर, महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर ने दिया इस्तीफा

  Rupali Chakankar Ashok Kharat: फर्जी बाबा अशोक खरात को गिरफ्तार किया जा चुका है. उस पर एक महिला से रेप का आरोप है. रुपाली चाकणकर की फर्जी बाबा से नजदीकी का खुलासा हुआ है.   एनसीपी अजीत पवार गुट की नेता और महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. नासिक के फर्जी बाबा अशोक खरात कांड उजागर होने और बाबा के साथ नजदीकियों का खुलासा होने के बाद लगातार रुपाली के इस्तीफे की मांग की जा रही थी. खरात की कई नेताओं के साथ तस्वीरें सामने आई हैं. खरात के पास के कई आपत्तिजनक वीडियो भी मिले हैं. सीएम देवेंद्र फडणवीस को भेजे गए इस्तीफे में रुपाली चाकणकर ने कहा कि वो व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दे रही हैं.   15 अक्टूबर 2024 को पद पर हुई थी नियुक्ति   अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा, "15 अक्टूबर 2024 को मेरी नियुक्ति महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा के रूप में हुई थी. व्यक्तिगत कारणों के चलते मैं स्वेच्छा से उक्त पद से अपना इस्तीफा इस पत्र के माध्यम से प्रस्तुत कर रही हूं. अब तक आपने मुझ पर जो विश्वास व्यक्त किया और मुझे जो सहयोग प्रदान किया, उसके लिए मैं आपकी एवं सभी सहयोगियों की हृदय से आभारी हूं. भविष्य में भी आपका मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त होता रहेगा, ऐसा मुझे विश्वास है. अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि मेरे द्वारा प्रस्तुत अध्यक्षा, महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग पद से इस्तीफा स्वीकार करने की कृपा करें."   कांग्रेस प्रवक्ता ने क्या कहा?   अशोक खरात को 'कैप्टन' खरात के नाम से भी जाना जाता है. उसे 24 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता अतुल लोन्धे ने कहा कि खरात मामले की एसआईटी जांच का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) रैंक की महिला पुलिस अधिकारी को करना चाहिए.    बंगाल चुनाव: संजय राउत का बड़ा बयान, 'PM मोदी और अमित शाह को मालूम है कि ममता बनर्जी को...'     'खरात की बातों में आकर रुपाली ने काटी अपनी उंगली'   वहीं उद्धव गुट की प्रवक्ता सुषमा अंधारे ने कहा कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए चाकणकर का नार्को टेस्ट कराया जाना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि रुपाली चाकणकर ने खरात की बातों में आकर अपनी उंगली काट ली थी.  अंधारे ने ऐसी तस्वीरें भी दिखाईं जिनमें चाकणकर की अनामिका उंगली पर पट्टी बंधी हुई दिख रही है.    18 मार्च को गिरफ्तार हुआ फर्जी बाबा   अशोक खरात को बुधवार (18 मार्च) को नासिक जिले में एक महिला का तीन साल तक बार-बार यौन उत्पीड़न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. सामाजिक कार्यकर्ता अंजली दमानिया ने दावा किया कि आरोपी ने विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं का शोषण किया. उपायों और सलाह के माध्यम से धनवान भक्तों से पैसे वसूले. एनसीपी के सीनियर नेता प्रफुल पटेल ने शुक्रवार को कहा कि खरात प्रकरण में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. 

Metroheadlines मार्च 21, 2026 0
उत्तरखंड कैबिनेट का विस्तार, CM पुष्कर सिंह धामी की टीम में शामिल हुए ये 5 नए मंत्री

  Uttarakhand Cabinet Expansion: उत्तराखंड की धामी सरकार में पांच नए मंत्री शामिल हो गए हैं. राम सिंह कैड़ा, प्रदीप बत्रा, भरत चौधरी, मदन कौशिक और खजान दास ने मंत्री पद की शपथ ली.   Pushkar Singh Dhami की सरकार का बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार आखिरकार Navratri के शुभ अवसर पर संपन्न हो गया, जो उत्तराखंड की राजनीति में एक महत्वपूर्ण और प्रतीकात्मक घटना के रूप में देखा जा रहा है। शुक्रवार, 20 मार्च 2026 को देहरादून स्थित लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में पांच विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। यह विस्तार लंबे समय से चर्चा में था और राजनीतिक हलकों में इसके संकेत लगातार मिल रहे थे। राज्यपाल Gurmit Singh (सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल) ने सभी नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।   इस कैबिनेट विस्तार में जिन नेताओं को मंत्री बनाया गया, उनमें Khajan Das, Bharat Singh Chaudhary, Madan Kaushik, Pradeep Batra और Ram Singh Kaida शामिल हैं। कार्यक्रम की शुरुआत सबसे पहले खजान दास के शपथ ग्रहण से हुई, जिसके बाद भरत सिंह चौधरी ने संस्कृत में शपथ लेकर समारोह को एक विशेष सांस्कृतिक रंग दिया। इसके बाद मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा ने भी मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली।   यह कैबिनेट विस्तार कई मायनों में बेहद अहम माना जा रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि धामी मंत्रिमंडल में लंबे समय से पांच पद खाली थे, जिससे सरकार के कामकाज और प्रशासनिक संतुलन पर असर पड़ रहा था। इन रिक्त पदों को भरने के साथ ही सरकार ने न केवल प्रशासनिक मजबूती हासिल की है, बल्कि राजनीतिक संतुलन बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नए मंत्रियों के चयन में क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, जातीय संतुलन और विधायकों के पिछले प्रदर्शन को प्रमुख आधार बनाया गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार आगामी चुनावों और राजनीतिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए रणनीतिक फैसले ले रही है।   राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह विस्तार भाजपा के अंदरूनी समीकरणों को संतुलित करने का भी प्रयास है। पिछले कुछ समय से संगठन और सरकार के बीच तालमेल को लेकर चर्चा चल रही थी। ऐसे में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ कई दौर की बैठकों और विचार-विमर्श के बाद इस सूची को अंतिम रूप दिया गया। यह भी स्पष्ट है कि इस निर्णय में केवल राज्य स्तर ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर की रणनीति भी शामिल रही है।   Navratri के दौरान इस विस्तार का होना भी अपने आप में एक महत्वपूर्ण संकेत है। भारतीय राजनीति में अक्सर धार्मिक और सांस्कृतिक अवसरों को शुभ समय के रूप में देखा जाता है, और इसी परंपरा के तहत इस विस्तार को भी एक नई शुरुआत के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि सरकार अब एक नई ऊर्जा और नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ेगी।   इस विस्तार के बाद सरकार की कार्यशैली में बदलाव देखने को मिल सकता है। नए मंत्री अपने-अपने विभागों में नई योजनाएं और नीतियां ला सकते हैं, जिससे विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि ये मंत्री अपने क्षेत्रों में जनता की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरते हैं। आने वाले समय में इनकी भूमिका सरकार की छवि और प्रदर्शन को सीधे तौर पर प्रभावित करेगी।   इसके अलावा, यह विस्तार आगामी राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है। उत्तराखंड जैसे राज्य में क्षेत्रीय संतुलन बेहद महत्वपूर्ण होता है, और इस बात का ध्यान रखते हुए ही मंत्रियों का चयन किया गया है। इससे पार्टी को विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद मिल सकती है।   अगर व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखा जाए, तो यह कैबिनेट विस्तार केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं बल्कि एक रणनीतिक कदम है। इसके जरिए सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह सक्रिय है, निर्णय लेने में सक्षम है और राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। यह कदम विपक्ष के लिए भी एक चुनौती के रूप में देखा जा सकता है, क्योंकि इससे सत्तारूढ़ दल ने अपनी राजनीतिक स्थिति को और मजबूत करने की कोशिश की है।   हालांकि, किसी भी कैबिनेट विस्तार की असली सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि नए मंत्री अपने दायित्वों को किस तरह निभाते हैं। केवल पद देना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उन पदों पर बैठकर प्रभावी काम करना ही असली कसौटी होती है। इसलिए आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह विस्तार कितना सफल साबित होता है।   अंततः, Pushkar Singh Dhami सरकार का यह कदम उत्तराखंड की राजनीति में एक नई दिशा और गति देने वाला साबित हो सकता है। यह न केवल प्रशासनिक मजबूती का संकेत है बल्कि राजनीतिक रणनीति का भी हिस्सा है, जो आने वाले समय में राज्य की राजनीति को प्रभावित करेगा।  

Metroheadlines मार्च 20, 2026 0
भोपाल की जेके यूनिवर्सिटी को बम से उड़ाने की धमकी

भोपाल की जेके यूनिवर्सिटी को बम से उड़ाने की धमकी:मेल करने वाले ने लिखा- जौहर की नमाज के बाद होंगे सीरियल ब्लास्ट     भोपाल की जेके मेडिकल यूनिवर्सिटी, एलएनसीटी यूनिवर्सिटी, जेके हॉस्पिटल एवं एलएन मेडिकल कॉलेज को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। बीडी और डीएस की टीम सहित पुलिस मौके पर है। कॉलेज कैंपस के चप्पे-चप्पे की बारीकी से तलाशी ली जा रही है। मेल करने वाले ने कॉलेज परिसर में करीब 21 बम रखे होने की धमकी दी है।     बेग की तलाशी लेता पुलिस कर्मी।   जानकारी के मुताबिक सुबह करीब 10 बजे यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल आईडी पर यह मेल प्राप्त हुआ है। जिसमें लिखा है कि इस्लामी समय अनुसार जौहर की नमाज के बाद (दोपहर 1:30 बजे) कॉलेज में सीरियल ब्लास्ट होंगे। धमकी का मेल मिलने के बाद जेके अस्पताल की दोनों बिल्डिंगों में अफरा-तफरी का माहौल है। स्टाफ को बाहर कर सर्चिंग की जा रही है।     बता दें कि इससे पहले पीपल्स यूनिवर्सिटी सहित नापतौल कार्यालय और एम्स अस्पताल को भी बम से उड़ाने की धमकी दी जा चुकी है। सभी मामलों में पुलिस जांच कर रही है, हालांकि मेल करने वालों को अब तक नहीं तलाशा जा सका है।

Metroheadlines मार्च 18, 2026 0
'मैं भी सोचता हूं EV खरीदना है, लेकिन...', इंदौर में हुए दर्दनाक हादसे पर बोले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय

    Indore EV Charging Point Blast: इंदौर में EV चार्जिंग प्वाइंट में विस्फोट के बाद लगी आग में 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस हादसे पर दुख जताया और अलार्मिंग बताया है.     मध्य प्रदेश के इंदौर में 18 मार्च की सुबह एक घर में भीषण आग लगने से 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. इस घटना में EV चार्जिंग प्वाइंट में विस्फोट को शुरुआती कारण माना जा रहा है. वहीं मौके पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पहुंचे और जांच के आदेश दिए.   घटनास्थल का दौरा करने पहुंचे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इसे बेहद दुखद और अलार्मिंग घटना बताया. उन्होंने कहा कि EV चार्जिंग प्वाइंट से आग लगना गंभीर विषय है, खासकर ऐसे समय में जब इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है. उन्होंने पुलिस आयुक्त से कम से कम 15 सदस्यों की एक विशेषज्ञ समिति गठित करने को कहा है, जो यह जांच करेगी कि हादसा घटिया चार्जिंग स्टेशन या खराब केबल की वजह से हुआ या नहीं. समिति की रिपोर्ट के आधार पर एक सख्त SOP तैयार की जाएगी.   मैं भी सोचता हूं EV ही खरीदना है- कैलाश विजयवर्गीय   मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि आज तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक रुझानों के कारण कई लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं सुरक्षा को एक गंभीर चिंता का विषय बना देती हैं. मैं भी सोचता हूं कि अगली गाड़ी जो भी लेना है वो EV ही हो. हालांकि इलेक्ट्रिक वाहन समुदाय अक्सर दावा करता है कि यह तकनीक पूरी तरह से सुरक्षित है, लेकिन चार्जिंग स्टेशन से जुड़ी यह आग इस धारणा को चुनौती देती है और इसकी गहन जांच की आवश्यकता है.   हादसे में 7 लोगों की मौत से हड़कंप   बता दें कि इंदौर के एक रिहायशी इलाके में सुबह अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही कई फायर टेंडर मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक पूरा घर आग की चपेट में आ चुका था. घर में मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके और 7 लोगों की जलकर मौत हो गई. यह घर मनोज पुगलिया का बताया जा रहा है, जो पॉलीमर का व्यवसाय करते थे. शुरुआती जानकारी के अनुसार, घर के बाहर खड़े इलेक्ट्रिक वाहन के चार्जिंग प्वाइंट में विस्फोट हुआ, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई.   पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आए कारण   पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के अनुसार, चार्जिंग प्वाइंट में हुए धमाके के बाद आग पहले वाहन में लगी और फिर पूरे घर में फैल गई. घर के अंदर 10 से अधिक गैस सिलेंडर और ज्वलनशील रसायन रखे थे, जिससे आग और भड़क गई. कई सिलेंडरों में विस्फोट भी हुआ, जिसने स्थिति को और भयावह बना दिया. इस हादसे में जहां 7 लोगों की जान चली गई, वहीं 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है.

Metroheadlines मार्च 18, 2026 0
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MP के विकास को मिली गति! गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी

MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है, जिससे बालाघाट, जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ेंगे.  Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया–जबलपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने इसे महाकौशल क्षेत्र सहित प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात करार दिया और इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्रिमंडल का हृदय से आभार माना उनका कहना है कि इस परियोजना से नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, व्यवसाय और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. सेवातीर्थ में केन्द्रीय सरकार की पहली केबिनेट बैठक में गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है.   रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे   इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गोंदिया–जबलपुर रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. इस कार्य के पूर्ण होने से मध्‍यप्रदेश के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे.   गोंदिया–जबलपुर लाइन में ब्रिज और वन्यजीव सुरक्षा   करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रूपए से 5 साल में पूरा होगा. जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा. इस दौरान इस लाईन में आने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रूपए अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे. साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे.  

UP News: होली से पहले सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है   होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है।   शिक्षा विभाग की भूमिका   स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए।   शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया।     वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया।   राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है।   प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन   राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।   वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर   इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है।   विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है।   आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है।   राजनीतिक और सामाजिक संदेश   Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है।   पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें   पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है।   संभावित चुनौतियां   हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।   कर्मचारियों की अपेक्षाएं   इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं।   UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026  

भोपाल में NSG कमांडो का पावर शो:VIP पर अटैक और ड्रोन हमले को किया निष्क्रिय; सीएम बोले- काउंटर टेररिज्म ग्रुप के लिए DPR तैयार

  भोपाल में सोमवार को लाल परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) कमांडो ने पावर शॉ दिखाया। कमांडो ने हेलीकॉप्टर से उतरकर इमारत में घुसने, आतंकियों से मुकाबला करने, बम खोजने और निष्क्रिय करने, डॉग स्क्वॉड के जरिए आईईडी पहचानने और लोगों को सुरक्षित निकालने जैसी कार्रवाई का लाइव प्रदर्शन किया।   कार्यक्रम में मोहन यादव, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, NSG के महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।   देखिए तस्वीरें…     NSG ने आतंकियों ने सरेंडर करवाया।     NSG के साथ डाॅग स्क्वार्ड का प्रदर्शन।     विपरीत परिस्थितियों में आम लोगों को आतंकियों से बचाते कमांडो।     सीएम बोले- 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार   इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने कहा- सीपीजी काउंटर टेररिज्म ग्रुप बनाने के लिए मप्र सरकार ने 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार कर ली है। भविष्य में सभी प्रकार के खतरों से निपटने के लिए भोपाल के ग्राम तूमड़ा में सेंटर बनाया जाएगा।   उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की दुनिया के सामने पहचान बन रही है। जब देश के प्रधानमंत्री भी सुरक्षित नहीं थे और राजीव गांधी की हत्या हुई थी, तब सशस्त्र बलों ने अपने पराक्रम से सुरक्षा मुहैया कराई। जब भी देश में किसी संकट से सामना होता है, तब एनएसजी कमांडो रक्षा करते हैं। मुझे एनएसजी पर गर्व है।     'कोई हमें छेड़ेगा तो करारा जवाब मिलेगा'   सीएम कहा कि हमारी सेना देश के दुश्मनों के घर में घुसकर मारने का काम करती है। हम किसी को छेड़ते नहीं हैं, लेकिन यदि कोई हमें छेड़ेगा तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। यह संयुक्त प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संकल्प से सिद्धि का अभियान है। हम सर्वजन सुखाय की बात करते हैं। जो जिस प्रकार का है, उसे उसी प्रकार की भाषा में जवाब देने की तैयारी होनी चाहिए।   डॉ. यादव ने कहा कि हमारे बलों को सभी प्रकार के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। भारत और प्रदेश को आगे बढ़ने में कई लोग बाधा डालते हैं। हमने नक्सलवाद पर काबू पा लिया है। मप्र पुलिस और भारत सरकार ने मिलकर ऐसी गतिविधियों को रोकने में सफलता पाई है।     'हवा में उड़ते बजरंगबली जा रहे हों'   सीएम ने कहा कि हमारे कमांडो ने क्या-क्या नहीं दिखाया। जैसे हवा में बजरंगबली जा रहे हों। हमारे जवानों ने भी शानदार करतब दिखाए। काल भैरव के गणों ने भी गजब प्रदर्शन किया। आपका प्रदर्शन अद्भुत रहा।   आकस्मिक आपदा के लिए हम अपनी सशक्त भूमिका निभाना चाहते हैं। हमारे जवान सभी प्रकार के संकटों से निपटने में सक्षम हैं। खाली हाथ होते हुए भी वे दो-दो, चार-चार लोगों को उठाकर पटक रहे थे। यह देखकर आनंद आया।     डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान   कमांडो ने Mi-17 helicopter से स्लिथरिंग कर इमारत में प्रवेश किया और हाउस इंटरवेंशन की कार्रवाई दिखाई। K-9 डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान की, वहीं बम निष्क्रियकरण और एंटी-ड्रोन तकनीक का भी प्रदर्शन किया गया।   कमांडो ने बहुमंजिला भवन पर हमले को निष्क्रिय करने, आतंकियों से हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट और आम लोगों को सुरक्षित निकालने की ड्रिल भी प्रदर्शित की। इसके साथ ही वीआईपी सुरक्षा, क्राव मागा तकनीक और अंडरवॉटर डाइविंग से जुड़ी कार्रवाई भी दिखाई गई।  

हिंदी न्यूज़बिजनेसGold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव

Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव     सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है?     Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है?     सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट     वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है.   जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है.     चांदी के ताजा भाव     दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है.     आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)     दिल्ली में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     मुंबई में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए     कोलकाता में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     अहमदाबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     लखनऊ में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     पटना में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     हैदराबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए    

रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान

  रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान                                                                                                 Ramcharan: हैदराबाद में हुए ग्रैंड रिसेप्शन में रश्मिका और विजय ने खूब चर्चा बटोरी. हालांकि सबसे ज्यादा ध्यान राम चरण के अलग अंदाज ने खींचा, जहां वो काले कपड़ों और नंगे पैर में नजर आए.   साउथ फिल्म इंडस्ट्री के पॉपुलर कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों लगातार सुर्खियों में है. 4 मार्च को हैदराबाद में दोनों ने एक भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया गया, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े सितारे शामिल हुए. इस खास मौके पर जहां हर कोई कपल को बधाई देने पहुंचा, वहीं एक्टर राम चरण अपने अनोखे अंदाज की वजह से सबसे ज्यादा चर्चा में आ गए.   नंगे पैर रिसेप्शन में आए रामचरण रिसेप्शन में राम चरण अपनी पत्नी उपासना के साथ पहुंचे थे. उन्होंने सिर से पैर तक काले रंग के कपड़े पहने हुए थे. लेकिन लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा इस बात ने खींचा कि वो बिना जूते-चप्पल के, यानी नंगे पैर ही कार्यक्रम में आए थे. उन्हें इस तरह देखकर कई लोग हैरान रह गए और सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं.   लेकिन इसके पीछे एक खास धार्मिक वजह है. राम चरण इन दिनों 'अयप्पा दीक्षा' का पालन कर रहे हैं. ये भगवान अयप्पा के भक्तों द्वारा किया जाने वाला एक कठिन और पवित्र व्रत माना जाता है. इस व्रत के दौरान भक्तों को कुछ नियमों का सख्ती से पालन करना पड़ता है.   41 दिन की दीक्षा ले रहे रामचरण व्रत में काले या नीले रंग के कपड़े पहनना, सादगी से रहना और 41 दिनों तक नंगे पैर रहना शामिल होता है. इसी कारण राम चरण रिसेप्शन में भी बिना जूते के नजर आए. अयप्पा दीक्षा को अनुशासित और कठिन माना जाता है. इस बीच भक्तों को पूरी तरह ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है. साथ ही मांसाहारी भोजन, शराब से दूर रहना और बाल या दाढ़ी भी नहीं कटवाना होता है. ये व्रत सबरीमाला मंदिर की यात्रा से पहले किया जाता है. हालांकि ये पहली बार नहीं है जब राम चरण इस तरह नंगे पैर नजर आए हों. इससे पहले 2023 में ऑस्कर समारोह में शामिल होने से पहले भी वह अयप्पा दीक्षा का पालन करते हुए दिखाई दिए थे.

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भोपाल में NSG कमांडो का पावर शो:VIP पर अटैक और ड्रोन हमले को किया निष्क्रिय; सीएम बोले- काउंटर टेररिज्म ग्रुप के लिए DPR तैयार

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