मध्य पूर्व क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सुरक्षा स्थिति को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। खाड़ी देशों में रह रहे मध्य प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। इन हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से प्रदेश के वे नागरिक, जो खाड़ी देशों में रह रहे हैं या जिनके परिवार के सदस्य वहां काम करते हैं, किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद मांग सकते हैं।
हाल के समय में इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को प्रभावित किया है। इस तनाव के कारण कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसी क्रम में भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारें भी अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गई हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने भी प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सक्रिय पहल की है।
प्रदेश सरकार के अनुसार खाड़ी देशों में मध्य प्रदेश के हजारों लोग काम करते हैं। इनमें से कई लोग निर्माण, सेवा, तेल उद्योग, होटल और अन्य क्षेत्रों में रोजगार के लिए वहां गए हुए हैं। इन लोगों के परिवार मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में रहते हैं। ऐसे में यदि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति बनती है तो उनके परिवारों को जानकारी और सहायता उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी बन जाती है।
इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत संपर्क किया जा सके। सरकार ने यह भी कहा है कि इन नंबरों पर कॉल करके लोग अपने परिजनों की जानकारी दे सकते हैं और किसी भी समस्या की स्थिति में मदद मांग सकते हैं।
प्रदेश सरकार के अधिकारियों के अनुसार इन हेल्पलाइन नंबरों को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है। संबंधित विभागों के अधिकारी लगातार कॉल्स की निगरानी करेंगे और जरूरत पड़ने पर विदेश मंत्रालय तथा भारतीय दूतावासों के साथ समन्वय कर सहायता उपलब्ध कराएंगे।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी नागरिक को विदेश में किसी तरह की समस्या आती है, जैसे कि सुरक्षा से जुड़ा खतरा, पासपोर्ट या दस्तावेज संबंधी समस्या, या फिर आपातकालीन स्थिति में देश वापस लौटने की जरूरत, तो हेल्पलाइन के माध्यम से तुरंत सूचना दी जा सकती है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी इस पहल को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विदेशों में रहने वाले प्रदेश के लोगों और उनके परिवारों को किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि सरकार उनके साथ खड़ी है।
प्रदेश सरकार के अनुसार खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते हैं और उनमें मध्य प्रदेश के लोगों की भी अच्छी खासी संख्या है। ये लोग वहां काम करके न केवल अपने परिवारों का भरण-पोषण करते हैं बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था में भी योगदान देते हैं। विदेशों से भेजी जाने वाली धनराशि यानी रेमिटेंस भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
ऐसे में सरकार की कोशिश है कि विदेशों में काम कर रहे लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। हेल्पलाइन शुरू करने का उद्देश्य यही है कि किसी भी संकट की स्थिति में लोग अकेला महसूस न करें और उन्हें तुरंत सहायता मिल सके।
प्रदेश के प्रवासी भारतीय प्रकोष्ठ और संबंधित विभागों को भी इस काम में सक्रिय किया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लगातार स्थिति पर नजर रखें और यदि जरूरत पड़े तो केंद्र सरकार के साथ मिलकर अतिरिक्त कदम उठाए जाएं।
इसके अलावा जिला प्रशासन को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में ऐसे परिवारों की जानकारी रखें जिनके सदस्य खाड़ी देशों में काम करते हैं। इससे किसी भी आपात स्थिति में उन्हें तुरंत सूचना दी जा सकेगी और आवश्यक सहायता पहुंचाई जा सकेगी।
सरकार ने यह भी कहा है कि खाड़ी देशों में रह रहे लोग स्थानीय प्रशासन और भारतीय दूतावास के निर्देशों का पालन करें। किसी भी अफवाह या अपुष्ट खबर पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें।
विदेश मंत्रालय भी लगातार मध्य पूर्व की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। भारती दूतावासों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वहां मौजूद भारतीय नागरिकों के साथ संपर्क बनाए रखें और जरूरत पड़ने पर उन्हें सहायता उपलब्ध कराएं।
मध्य प्रदेश सरकार की इस पहल को कई लोगों ने सराहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकट के समय राज्य सरकारों द्वारा अपने नागरिकों के लिए ऐसी व्यवस्थाएं करना बेहद जरूरी है। इससे न केवल लोगों को सुरक्षा का भरोसा मिलता है बल्कि संकट के समय समन्वय करना भी आसान हो जाता है।
इस पहल का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इससे विदेशों में रह रहे लोगों के परिवारों को भी राहत मिलती है। अक्सर जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई संकट पैदा होता है तो भारत में बैठे परिवार के सदस्य चिंतित हो जाते हैं। ऐसे में हेल्पलाइन नंबर उनके लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बन सकते हैं।
सरकार ने यह भी कहा है कि यदि स्थिति सामान्य रहती है तो भी हेल्पलाइन व्यवस्था कुछ समय तक जारी रखी जाएगी ताकि जरूरत पड़ने पर लोग संपर्क कर सकें। यदि भविष्य में स्थिति और गंभीर होती है तो सरकार अतिरिक्त कदम उठाने के लिए भी तैयार है।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत जैसे बड़े देश के लिए यह जरूरी है कि वह विदेशों में रहने वाले अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर हमेशा सतर्क रहे। पिछले कुछ वर्षों में कई बार ऐसे मौके आए हैं जब भारत सरकार को विदेशों से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए बड़े अभियान चलाने पड़े हैं।
उदाहरण के तौर पर युद्ध या राजनीतिक संकट के समय भारत ने कई बार विशेष अभियान चलाकर अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाया है। इन अभियानों ने दुनिया भर में भारत की छवि को मजबूत किया है और यह दिखाया है कि सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीर है।
मध्य प्रदेश सरकार की यह पहल भी उसी दिशा में एक कदम मानी जा रही है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है और यदि किसी नागरिक को सहायता की जरूरत पड़ती है तो हर संभव मदद दी जाएगी।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और शांति बनाए रखें। किसी भी समस्या की स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें और आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।
अंत में यह कहा जा सकता है कि खाड़ी देशों में रह रहे मध्य प्रदेश के नागरिकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी करना एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम है। इससे संकट की स्थिति में लोगों को तुरंत सहायता मिल सकेगी और उनके परिवारों को भी भरोसा मिलेगा कि सरकार उनके साथ खड़ी है।
इस पहल से यह संदेश भी जाता है कि राज्य सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, चाहे वे देश में हों या विदेश में। आने वाले दिनों में यदि मध्य पूर्व की स्थिति में कोई बदलाव होता है तो सरकार उसके अनुसार आगे की रणनीति तय करेगी।
इस तरह मध्य प्रदेश सरकार ने समय रहते कदम उठाकर अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है और यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि किसी भी आपात स्थिति में उन्हें तुरंत सहायता मिल सके।
MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है, जिससे बालाघाट, जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ेंगे. Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया–जबलपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने इसे महाकौशल क्षेत्र सहित प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात करार दिया और इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्रिमंडल का हृदय से आभार माना उनका कहना है कि इस परियोजना से नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, व्यवसाय और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. सेवातीर्थ में केन्द्रीय सरकार की पहली केबिनेट बैठक में गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है. रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गोंदिया–जबलपुर रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. इस कार्य के पूर्ण होने से मध्यप्रदेश के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे. गोंदिया–जबलपुर लाइन में ब्रिज और वन्यजीव सुरक्षा करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रूपए से 5 साल में पूरा होगा. जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा. इस दौरान इस लाईन में आने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रूपए अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे. साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे.
UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है। शिक्षा विभाग की भूमिका स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए। शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया। वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया। राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है। प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है। विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है। आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है। राजनीतिक और सामाजिक संदेश Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है। पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है। संभावित चुनौतियां हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों की अपेक्षाएं इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं। UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026
Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है? Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है? सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है. जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है. चांदी के ताजा भाव दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है. आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार) दिल्ली में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए मुंबई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए कोलकाता में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए अहमदाबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए लखनऊ में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए पटना में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए हैदराबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए
Causes Of Bloating And Gas: हम क्या खाते हैं, इसका हमारी सेहत पर काफी असर होता है. चलिए आपको बताते हैं कि किन फूड कॉम्बिनेशन से आपको बचना चाहिए और आयुर्वेद इसको लेकर क्या कहता है Which Foods Should Not Be Eaten Together: खाना खाते समय हमें कुछ चीजों का ध्यान रखने की जरूरत होती है. हम क्या खाते हैं और किन चीजों को साथ में मिलाकर खाते हैं, इसका सीधा असर हमारे डाइजेशन शक्ति पर पड़ता है. गलत फूड कॉम्बिनेशन पाचन को बिगाड़ सकते हैं और शरीर में टॉक्सिक तत्व जमा कर सकते हैं. इसका नतीजा गैस, पेट फूलना, एसिडिटी, त्वचा संबंधी समस्याएं और लंबे समय में गंभीर बीमारियों के रूप में सामने आ सकता है. चलिए आपको आयुर्वेद के हिसाब से बताते हैं कि किन कॉम्बिनेशन से हमें बचना चाहिए. क्या कहता है आयुर्वेद? आयुर्वेद के बारे में जानकारी देने वाली संस्था kevaayurveda के अनुसार, आयुर्वेद मानता है कि हर व्यक्ति की वात, पित्त, कफ और पाचन क्षमता अलग होती है कुछ खानें की चीजें एक-दूसरे के विपरीत गुण रखते हैं. यदि इन्हें बार-बार साथ में खाया जाए तो डाइजेशन सिस्टम पर अतिरिक्त प्रेशर पड़ता है. इससे गैस, कब्ज, सीने में जलन, मुंहासे, कमजोर इम्यूनिटी और डाइजेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. किन फूड कॉम्बिनेशन से बचना चाहिए? kevaayurveda के अनुसार, कुछ प्रमुख गलत फूड कॉम्बिनेशन जिनसे बचने की सलाह दी जाती है, उनमें सबसे पहले आता है दूध और मछली. आयुर्वेद के अनुसार दूध ठंडा और भारी होता है, जबकि मछली गर्म तासीर वाली मानी जाती है. दोनों को साथ लेने से पाचन गड़बड़ा सकता है और स्किन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. इसी तरह दूध के साथ खट्टे फल जैसे संतरा, नींबू या अनानास भी ठीक नहीं माने जाते, क्योंकि ये पेट में दूध को फाड़ सकते हैं और गैस या एसिडिटी बढ़ा सकते हैं. गरम भोजन के साथ शहद मिलाना भी आयुर्वेद में हानिकारक बताया गया है. शहद को गर्म करने से उसके गुण बदल सकते हैं और शरीर में टॉक्सिक प्रभाव पैदा हो सकता है. भारी भोजन के तुरंत बाद फल खाना भी उचित नहीं माना जाता, क्योंकि फल जल्दी पचते हैं और भारी भोजन के साथ पेट में फर्मेंटेशन शुरू कर सकते हैं. दही और चीनी का मेल भी पाचन के लिए अनुकूल नहीं माना जाता. दही पहले से ही खट्टा और ठंडा होता है, जबकि रिफाइंड चीनी शरीर में असंतुलन बढ़ा सकती है. रात में दही को फल या ठंडी चीजों के साथ लेना कफ बढ़ा सकता है, जिससे सर्दी-खांसी या साइनस की समस्या हो सकती है. बासी भोजन के साथ दूध लेना भी पाचन के लिए सही नहीं माना गया. किन चीजों का सेवन करना चाहिए? आयुर्वेद सलाह देता है कि मौसमी आहार लें, जरूरत से ज्यादा न खाएं और अदरक, जीरा, सौंफ जैसे मसालों का उपयोग करें, जो डाइजेशन को मजबूत बनाते हैं. सही फूड कॉम्बिनेशन अपनाने से डाइजेशन मजबूत रहती है, न्यूट्रिशन तत्वों का ऑब्जर्वेशन बेहतर होता है और शरीर संतुलित रहता है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर पाचन वाले लोगों के लिए यह नियम और भी लाभकारी माने जाते हैं.
रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान Ramcharan: हैदराबाद में हुए ग्रैंड रिसेप्शन में रश्मिका और विजय ने खूब चर्चा बटोरी. हालांकि सबसे ज्यादा ध्यान राम चरण के अलग अंदाज ने खींचा, जहां वो काले कपड़ों और नंगे पैर में नजर आए. साउथ फिल्म इंडस्ट्री के पॉपुलर कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों लगातार सुर्खियों में है. 4 मार्च को हैदराबाद में दोनों ने एक भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया गया, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े सितारे शामिल हुए. इस खास मौके पर जहां हर कोई कपल को बधाई देने पहुंचा, वहीं एक्टर राम चरण अपने अनोखे अंदाज की वजह से सबसे ज्यादा चर्चा में आ गए. नंगे पैर रिसेप्शन में आए रामचरण रिसेप्शन में राम चरण अपनी पत्नी उपासना के साथ पहुंचे थे. उन्होंने सिर से पैर तक काले रंग के कपड़े पहने हुए थे. लेकिन लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा इस बात ने खींचा कि वो बिना जूते-चप्पल के, यानी नंगे पैर ही कार्यक्रम में आए थे. उन्हें इस तरह देखकर कई लोग हैरान रह गए और सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं. लेकिन इसके पीछे एक खास धार्मिक वजह है. राम चरण इन दिनों 'अयप्पा दीक्षा' का पालन कर रहे हैं. ये भगवान अयप्पा के भक्तों द्वारा किया जाने वाला एक कठिन और पवित्र व्रत माना जाता है. इस व्रत के दौरान भक्तों को कुछ नियमों का सख्ती से पालन करना पड़ता है. 41 दिन की दीक्षा ले रहे रामचरण व्रत में काले या नीले रंग के कपड़े पहनना, सादगी से रहना और 41 दिनों तक नंगे पैर रहना शामिल होता है. इसी कारण राम चरण रिसेप्शन में भी बिना जूते के नजर आए. अयप्पा दीक्षा को अनुशासित और कठिन माना जाता है. इस बीच भक्तों को पूरी तरह ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है. साथ ही मांसाहारी भोजन, शराब से दूर रहना और बाल या दाढ़ी भी नहीं कटवाना होता है. ये व्रत सबरीमाला मंदिर की यात्रा से पहले किया जाता है. हालांकि ये पहली बार नहीं है जब राम चरण इस तरह नंगे पैर नजर आए हों. इससे पहले 2023 में ऑस्कर समारोह में शामिल होने से पहले भी वह अयप्पा दीक्षा का पालन करते हुए दिखाई दिए थे.
Bihar Governor Oath News In Hindi: बिहार के नए राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने आज लोकभवन में राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की. चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू ने उन्हें यह शपथ दिलाई. लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने आज (14 मार्च) बिहार के 43वें राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की. पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू ने उन्हें लोकभवन ने इस पद की शपथ दिलाई. इससे पहले आरिफ मोहम्मद खान इस पद पर थे. शपथ ग्रहण के दौरान मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, मंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव समेत उनके कई मंत्रिमंडल वहां मौजूद रहे. सैयद अता हसनैन ने हिंदी में शपथ ली. इसके बाद मु्ख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने राज्यपाल की नियुक्ति संबंधि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का पत्र पढ़कर सुनाया. जनरल सैयद अता हसनैन की अंतिम तैनाती सैन्य सचिव के रूप में थी लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने शनिवार (14 मार्च) को बिहार के राज्यपाल के रूप में शपथ ली. पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू ने लोक भवन में आयोजित एक समारोह में हसनैन को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. हसनैन ने आरिफ मोहम्मद खान का स्थान लिया है. समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उनके मंत्रिमंडल सहयोगियों और वरिष्ठ अधिकारियों समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे. सेना में हसनैन की अंतिम तैनाती सैन्य सचिव के रूप में थी, जो वरिष्ठ स्तर के कार्मिक प्रबंधन के लिए जिम्मेदार एक महत्वपूर्ण पद है. इससे पहले, उन्होंने जम्मू कश्मीर में सेना की 15 कोर की कमान संभाली थी. सेवानिवृत्ति के बाद भी हसनैन राष्ट्रीय और शैक्षणिक भूमिकाओं में सक्रिय रहे. उन्हें 2018 में केंद्रीय कश्मीर विश्वविद्यालय का कुलाधिपति नियुक्त किया गया था. वह 2020 में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सदस्य के रूप में शामिल हुए थे.
Delhi News In Hindi: जनकपुरी में खुले सीवर गड्ढे में गिरकर युवक की मौत के मामले में मुख्य ठेकेदार हिमांशु गुप्ता को दिल्ली पुलिस ने उदयपुर से गिरफ्तार किया. आरोपी को पूछताछ के लिए दिल्ली लाया गया है. दिल्ली के जनकपुरी में खुले सीवर गड्ढे में गिरकर युवक की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने मुख्य ठेकेदार हिमांशु गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने उसे लगातार तलाश के बाद राजस्थान के उदयपुर से 10 मार्च की सुबह हिरासत में लिया. आरोपी वहां छिपा हुआ था और अब उसे आगे की पूछताछ के लिए दिल्ली लाया जा रहा है. यह मामला 6 फरवरी 2026 की रात का है, जब दिल्ली जल बोर्ड के एक खुले और गहरे सीवर गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय कमल ध्यानी की मौत हो गई थी. हादसे के बाद से ही पुलिस ठेकेदार और उससे जुड़े लोगों की तलाश कर रही थी. पुलिस के अनुसार इस मामले में गंभीर लापरवाही और सार्वजनिक सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की जांच की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि हादसे के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की भूमिका की जांच जारी है और आगे भी कार्रवाई की जाएगी. क्या हुआ था ? जनकपुरी बाइकर मामला फरवरी 2026 की शुरुआत में दिल्ली के पश्चिमी इलाके जनकपुरी में हुआ एक दुखद हादसा था. इसमें 25 वर्षीय कमल ध्यानी की मौत हो गई थी. कमल रोहिणी में एक निजी बैंक में टेलीकॉलर के रूप में काम करते थे और 5 फरवरी की देर रात अपनी अपाचे बाइक से घर लौट रहे थे. वे पालम स्थित कैलाशपुरी में अपने घर जा रहे थे और माता-पिता की शादी की सालगिरह मनाने के लिए जल्दी पहुंचना चाहते थे. रास्ते में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा पाइपलाइन कार्य के लिए लगभग 14 से 20 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था. यह गड्ढा बिना बैरिकेड, चेतावनी बोर्ड या लाइट के खुला छोड़ दिया गया था, जिससे अंधेरे में उनकी बाइक सीधे उसमें गिर गई. दम घुटने के कारण हुई मौत हादसे के बाद कमल की बाइक उनके ऊपर गिर गई और वे गड्ढे में फंस गए. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार उनकी मौत दम घुटने के कारण हुई. छाती पर भारी दबाव पड़ने से उनकी सांस रुक गई और उनकी मौत हो गई. सुबह एक महिला की सूचना पर पुलिस को घटना का पता चला. बताया गया कि कमल का शव करीब आठ घंटे तक गड्ढे में पड़ा रहा. जांच के दौरान सामने आया कि हादसे के बाद कुछ लोगों ने बैरिकेड और पर्दे लगाकर सबूत छिपाने की कोशिश भी की थी. अब तक सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति, कर्मचारी योगेश और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. कोर्ट ने भी इस मामले को गंभीर लापरवाही मानते हुए कई आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज की हैं और जांच जारी है.
Aligarh News: अलीगढ़ में व्यापारी को बंधक बनाकर लूट, 24 घंटे के भीतर पकड़े गए 5 आरोपी, एक फरार Aligarh News In Hindi: अलीगढ़ के थाना देहली गेट के घुडिया बाग चौकी क्षेत्र में स्क्रैप कारोबारी के घर लूट का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है. पुलिस ने 5 बदमाशों को गिरफ्तार किया है. अलीगढ़ लूटकांड: होली की बधाई देने के बहाने व्यापारी के घर लूट, 24 घंटे में पुलिस ने पांच बदमाशों को दबोचा उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में होली के त्योहार के दौरान एक चौंकाने वाली लूट की घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। हालांकि इस घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर दिया और पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटे गए गहने, नकदी और अवैध हथियार भी बरामद किए हैं। यह पूरी घटना अलीगढ़ शहर के Aligarh में स्थित Delhi Gate Police Station क्षेत्र के घुडिया बाग चौकी इलाके की है। यहां एक स्क्रैप कारोबारी के घर में दिनदहाड़े लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था। बदमाश होली की शुभकामनाएं देने के बहाने घर में घुसे और बुजुर्ग व्यापारी दंपती को बंधक बनाकर लूटपाट की। इस घटना ने यह भी दिखाया कि अपराधी किस तरह त्योहारों का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देने की कोशिश करते हैं। हालांकि पुलिस की तेज कार्रवाई के कारण आरोपियों को ज्यादा समय तक फरार रहने का मौका नहीं मिला। कैसे हुई लूट की पूरी वारदात यह घटना बुधवार दोपहर करीब 1 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, स्क्रैप कारोबारी विनोद गुप्ता अपने घर पर मौजूद थे। उसी दौरान कुछ लोग उनके घर पहुंचे और होली की शुभकामनाएं देने के बहाने अंदर प्रवेश कर गए। चूंकि त्योहार का माहौल था और आने वाले लोग परिचित जैसे लग रहे थे, इसलिए उन्हें घर में आने से रोका नहीं गया। लेकिन जैसे ही वे घर के अंदर पहुंचे, उन्होंने अचानक अपना असली रूप दिखा दिया। बदमाशों ने व्यापारी और उनकी पत्नी को बंधक बना लिया और घर में रखी नकदी और गहनों की तलाश शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने दंपती को डराने के लिए हथियार भी दिखाए। बुजुर्ग दंपती को बनाया बंधक लूट के दौरान बदमाशों ने व्यापारी विनोद गुप्ता और उनकी पत्नी सुमन गुप्ता को बंधक बनाकर रखा। उन्होंने घर के अंदर मौजूद कीमती सामान की जानकारी हासिल करने की कोशिश की। हालांकि इस दौरान सुमन गुप्ता ने बहादुरी का परिचय दिया और बदमाशों का विरोध किया। उन्होंने तिजोरी की चाबी छिपा दी ताकि बदमाश तिजोरी तक न पहुंच सकें। बताया गया कि जब बदमाशों ने तिजोरी खोलने का दबाव बनाया तो सुमन गुप्ता ने उनसे संघर्ष भी किया। महिला की बहादुरी से बदमाश हुए परेशान लूट के दौरान सुमन गुप्ता ने बदमाशों के खिलाफ साहस दिखाते हुए उनका मुकाबला किया। उन्होंने तिजोरी की चाबी छिपा ली जिससे बदमाश तिजोरी खोल नहीं पाए। इतना ही नहीं, संघर्ष के दौरान उन्होंने एक बदमाश के हाथ पर काट लिया जिससे वह घायल हो गया। इस घटना के बाद बदमाश ज्यादा देर तक वहां नहीं रुके और जल्दबाजी में सोने के कंगन लेकर वहां से फरार हो गए। इस तरह महिला की बहादुरी के कारण बदमाश ज्यादा बड़ी लूट को अंजाम नहीं दे पाए। सीसीटीवी से मिली अहम सुराग घटना के बाद पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच शुरू कर दी। अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Neeraj Singh Jadaun ने मामले की जांच के लिए तीन अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। इन फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई और उनकी तलाश शुरू कर दी गई। सीसीटीवी फुटेज जांच में बेहद अहम साबित हुए और इसी के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंच सकी। 24 घंटे में पांच आरोपी गिरफ्तार तेज कार्रवाई करते हुए पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं: आरिफ नदीम भूरा हाशिम पप्पू इनमें से भूरा और निजामुद्दीन पहले से ही व्यापारी के घर आते-जाते थे क्योंकि वे स्क्रैप के कारोबार से जुड़े हुए थे। इसी वजह से उन्हें घर की पूरी जानकारी थी। मास्टरमाइंड अभी फरार हालांकि पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड बताया जा रहा निजामुद्दीन अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लूट का सामान बरामद गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस ने लूट का सामान भी बरामद किया है। बरामद सामान में शामिल हैं: सोने के कंगन 7500 रुपये नकद मोबाइल फोन दो अवैध तमंचे इन बरामदियों से यह साबित हो गया कि गिरफ्तार आरोपी ही इस वारदात में शामिल थे। आरोपियों का आपराधिक इतिहास पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। आरोपी आरिफ के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है। उसके खिलाफ मथुरा और अलीगढ़ के जवा थाना क्षेत्र में मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। अन्य आरोपियों में कुछ अलीगढ़ के निवासी हैं जबकि एक आरोपी बुलंदशहर और दूसरा हरियाणा के फरीदाबाद से जुड़ा बताया गया है। त्योहारों के दौरान अपराध का खतरा यह घटना इस बात की भी याद दिलाती है कि त्योहारों के दौरान अपराधियों के लिए वारदात करना आसान हो जाता है। होली जैसे त्योहारों में लोग: चेहरे पर रंग लगाए रहते हैं भीड़भाड़ ज्यादा होती है पहचान छिपाना आसान होता है इसी वजह से अपराधी इन मौकों का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। पुलिस की तेजी से कार्रवाई अलीगढ़ पुलिस की इस मामले में तेज कार्रवाई की काफी सराहना हो रही है। घटना के महज 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी यह दिखाती है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तेजी से जांच की। पुलिस टीम को इनाम की घोषणा मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को प्रोत्साहित करने के लिए एसएसपी ने 25,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। यह इनाम उन पुलिसकर्मियों के लिए है जिन्होंने इस केस की जांच में अहम भूमिका निभाई। स्थानीय लोगों में राहत आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया था, लेकिन पुलिस की कार्रवाई के बाद लोगों का भरोसा फिर से मजबूत हुआ है। निष्कर्ष अलीगढ़ में व्यापारी के घर हुई लूट की घटना ने यह दिखाया कि अपराधी किस तरह विश्वास और त्योहारों का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देते हैं। हालांकि पुलिस की तेज कार्रवाई के कारण यह मामला जल्द ही सुलझ गया और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। अब पुलिस फरार मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी हुई है और उम्मीद है कि जल्द ही उसे भी पकड़ लिया जाएगा। यह घटना लोगों के लिए भी एक चेतावनी है कि त्योहारों के दौरान भी सावधानी बरतना जरूरी है और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को घर में प्रवेश देने से पहले सतर्क रहना चाहिए।