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सब्जी में गलती से पड़ गए ज्यादा मिर्च और नमक? ऐसे लौटा सकते हैं स्वाद

Metroheadlines अप्रैल 7, 2026 0

 

Kitchen Tips To Fix Food Taste: मिर्च ज्यादा पड़ जाए या फिर एक चुटकी नमक जहां खाने का स्वाद बढ़ा देता है,

वहीं इसकी ज्यादा मात्रा पूरी डिश को खराब कर सकती है. जानिए कैसे इसको सुधार सकते हैं.

 

 

ज्यादा नमकीन या तीखा खाना हो गया खराब? इन आसान किचन ट्रिक्स से मिनटों में करें ठीक

 

 

किचन में खाना बनाते समय छोटी-सी गलती भी पूरे स्वाद को बिगाड़ सकती है, खासकर जब नमक या मिर्च ज्यादा हो जाए। एक चुटकी नमक जहां खाने का स्वाद बढ़ा देता है, वहीं इसकी अधिक मात्रा पूरी डिश को असंतुलित कर देती है। इसी तरह मिर्च का ज्यादा इस्तेमाल खाने को इतना तीखा बना देता है कि उसे खाना मुश्किल हो जाता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि ऐसी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि कुछ आसान और असरदार किचन ट्रिक्स अपनाकर आप खराब हुए स्वाद को फिर से संतुलित कर सकते हैं।

 

सबसे आसान और कारगर तरीका है खट्टे तत्वों का इस्तेमाल। जब किसी डिश में नमक या मिर्च ज्यादा हो जाती है, तो उसमें हल्का खट्टापन जोड़ने से स्वाद संतुलित हो जाता है। जैसे नींबू का रस, टमाटर की प्यूरी या थोड़ा सा सिरका मिलाने से नमक और तीखेपन का असर कम हो जाता है। खट्टे तत्व स्वाद को संतुलित करने के साथ-साथ डिश में एक नया फ्लेवर भी जोड़ते हैं, जिससे खाना पहले से ज्यादा स्वादिष्ट लगने लगता है। यह तरीका खासकर दाल, सब्जी और ग्रेवी वाली डिश में बहुत अच्छा काम करता है।

 

अगर आपके पास थोड़ा समय है और डिश की मात्रा बढ़ाना संभव है, तो आप उसमें और सामग्री जोड़ सकते हैं। स्टार्च वाली सब्जियां जैसे आलू और गाजर नमक को सोखने की क्षमता रखती हैं। जब इन्हें ज्यादा नमकीन या तीखी सब्जी में मिलाया जाता है, तो ये अतिरिक्त नमक और मसाले को अपने अंदर खींच लेती हैं, जिससे स्वाद संतुलित हो जाता है। साथ ही इससे डिश की मात्रा भी बढ़ जाती है और टेक्सचर पर ज्यादा असर नहीं पड़ता। यह तरीका सूखी और ग्रेवी दोनों तरह की सब्जियों के लिए फायदेमंद है।

 

कई बार सबसे सरल उपाय ही सबसे प्रभावी होता है—और वह है पानी मिलाना। अगर आपकी सब्जी या करी बहुत ज्यादा नमकीन या तीखी हो गई है, तो उसमें थोड़ा पानी डालकर दोबारा पकाने से स्वाद हल्का हो जाता है। यह तरीका खासकर सूप, दाल और ग्रेवी वाली डिश के लिए बहुत उपयोगी है। पानी मिलाने से मसालों की तीव्रता कम हो जाती है और डिश का संतुलन वापस आ जाता है। हालांकि ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा पानी न डालें, वरना डिश का स्वाद फीका भी हो सकता है।

 

अगर आपके पास ज्यादा विकल्प नहीं हैं और स्वाद काफी बिगड़ चुका है, तो आप हल्की मात्रा में चीनी का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। चीनी नमक और मिर्च दोनों के असर को संतुलित करने में मदद करती है। थोड़ी सी चीनी डालने से तीखापन कम हो जाता है और स्वाद में हल्की मिठास आ जाती है, जिससे डिश खाने योग्य बन जाती है। लेकिन इसका इस्तेमाल बहुत सावधानी से करना चाहिए, क्योंकि ज्यादा चीनी डालने से खाना मीठा हो सकता है और उसका मूल स्वाद बदल सकता है।

 

इसके अलावा डेयरी प्रोडक्ट्स भी इस समस्या का बेहतरीन समाधान हैं। दूध, क्रीम या दही जैसे तत्व नमक और मिर्च के असर को कम करने में मदद करते हैं। ये डिश को क्रीमी और स्मूद बनाते हैं, जिससे तीखापन कम महसूस होता है। खासकर पनीर की सब्जी, शाही ग्रेवी या मसालेदार करी में यह तरीका बहुत अच्छा काम करता है। डेयरी प्रोडक्ट्स न सिर्फ स्वाद को संतुलित करते हैं बल्कि खाने की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाते हैं।

 

अगर आपकी डिश सूखी है, तो उसमें आटा या बेसन का हल्का सा घोल मिलाकर भी स्वाद को संतुलित किया जा सकता है। यह अतिरिक्त नमक और मसाले को बांध लेता है और खाने को ज्यादा संतुलित बना देता है। हालांकि इस तरीके का इस्तेमाल सोच-समझकर करना चाहिए, ताकि डिश का टेक्सचर खराब न हो।

 

कुछ लोग ब्रेड या आटे की लोई का भी इस्तेमाल करते हैं। ज्यादा नमकीन सब्जी में थोड़ी देर के लिए आटे की लोई डाल दी जाती है, जो अतिरिक्त नमक को सोख लेती है। बाद में इसे निकाल दिया जाता है। यह एक पारंपरिक और कारगर तरीका है, खासकर जब तुरंत कोई और उपाय उपलब्ध न हो।

 

मिर्च ज्यादा होने पर एक और आसान तरीका है फैट बढ़ाना। जैसे घी या मक्खन डालने से तीखापन कम हो जाता है। यह तरीका भारतीय किचन में काफी लोकप्रिय है और खासकर मसालेदार सब्जियों में बहुत असरदार होता है।

 

ध्यान देने वाली बात यह है कि हर डिश के लिए हर तरीका सही नहीं होता। आपको यह समझना जरूरी है कि आपकी डिश किस प्रकार की है—सूखी, ग्रेवी वाली, सूप या स्नैक—और उसी के अनुसार उपाय अपनाना चाहिए। सही तकनीक अपनाने से न सिर्फ खाना बचाया जा सकता है, बल्कि उसका स्वाद भी पहले से बेहतर किया जा सकता है।

 

अंत में यही कहा जा सकता है कि किचन में गलतियां होना सामान्य बात है, लेकिन उन्हें सुधारना ही असली कला है। थोड़ी समझदारी, सही जानकारी और कुछ आसान ट्रिक्स की मदद से आप किसी भी खराब डिश को फिर से स्वादिष्ट बना सकते हैं। इसलिए अगली बार अगर आपकी सब्जी ज्यादा नमकीन या तीखी हो जाए, तो घबराने की बजाय इन आसान उपायों को अपनाएं और अपने खाने का स्वाद फिर से शानदार बना लें।

 

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प्राप्त होने के बाद लागू किया गया।   राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है।   प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन   राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।   वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली 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करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है।   राजनीतिक और सामाजिक संदेश   Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है।   पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें   पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है।   संभावित चुनौतियां   हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।   कर्मचारियों की अपेक्षाएं   इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं।   UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026  

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से पाएं तप, ज्ञान और मनोवांछित फल! जानें विधि, मंत्र और आरती

  Navratri Second Day Brahmacharini: नवरात्र का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है, जो तप और संयम की देवी हैं. जानिए दूसरे दिन माता की पूजा विधि, मंत्र, भोग, आरती, और शुभ योग के बारे में?   Chaitra Navratri Second Day of Goddess Brahmacharini: चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2026) के दौरान माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. जहां पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होता है, वहीं दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. चैत्र नवरात्रि के मौके पर हम आपको मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से जुड़ी संपूर्ण जानकारी नीचे दे रहे हैं.    मां दुर्गा का दूसरा अवतार देवी ब्रह्मचारिणी तप, संयम, ज्ञान और वैराग्य की देवी हैं. माता को सफेद रंग के वस्त्र, चंदन, फूल और श्वेत मिठाई चढ़ाया जाता है. इस दिन का काफी खास महत्व है, क्योंकि पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बना हुआ है. आइए जानते हैं उनके मंत्र, पूजा विधि, कथा और आरती से जुड़ी सटीक जानकारी के बारे में.   मां ब्रह्मचारिणी के नाम का अर्थ?   मां ब्रह्मचारिणी तप शक्ति का प्रतीक हैं. ब्रह्मचारिणी माता की आराधना से भक्तों में तप की शक्ति बढ़ती है. इसके अलावा उन्हें मनोवांछित फल की भी प्राप्ति होती है. देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों में से दूसरे स्वरूप का नाम देवी ब्रह्मचारिणी है. नवरात्रि के दूसरे दिन के दौरान मां के इस अवतार की पूजा संपूर्ण विधि-विधान से करनी चाहिए.    'ब्रह्मचारिणी' नाम का मतलब ब्रह्म और चारिणी से मिलकर बना हुआ है. ब्रह्म का अर्थ है तप या तपस्या, वही चारिणी का अर्थ है आचरण करने वाली. ऐसे में ब्रह्मचारिणी का शाब्दिक अर्थ है, तप का आचरण करने वाली देवी.   पौराणिक कथाओं के मुताबिक, भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए मां ने इस रूप में कठोर तपस्या की थी.    नवरात्र के दूसरे दिन खास योग!   चैत्र नवरात्रि के दूसरे सर्वार्थ सिद्धि के साथ अमृत सिद्धि योग भी बन रहा है, जो शुक्रवार सुबह 6 बजकर 25 मिनट से लेकर देर रात 2 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. इसके साथ ही शनिवार दोपहर2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक विजय मुहूर्त का संयोग बन रहा है.   धार्मिक मान्यता है कि, सर्वार्थ सिद्धि योग में शुरू किए गए काम सफल होते हैं और राहुकाल में कोई नया काम या पूजा करने से वह निष्फल होता है.    मां ब्रह्माचारिणी की पूजा विधि (Maa Brahmacharini Puja Vidhi)   नवरात्र के दूसरे दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि कर साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद आसन पर बैठकर मां का ध्यान करते हुए पूजा करें. उन्हें फूल, चंदन, अक्षत, रोली, धूप, भोग आदि अर्पित करें.   मां ब्रह्मचारिणी को दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से स्नान कराएं. उसके बाद मां को उनका पसंदीदा भोग अर्पित करें. उन्हें पान, सुपारी, लौंग अर्पित करना शुभ माना जाता है.    मां ब्रह्मचारिणी से जुड़ा ध्यान मंत्र (Maa Brahmacharini Mantra)   या देवी सर्वभेतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। दधना करपद्याभ्यांक्षमालाकमण्डलू। देवीप्रसीदतु मयी ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥   इस मंत्र का अर्थ है कि, देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरूप दिव्यता से भरा है. माता के दाहिने हाथ में जप की माला तो बाएं हाथ में कमंडल है.  माता ब्रह्मचारिणी की आराधना करने के लिए ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नम: मंत्र का जाप करना चाहिए.    मां ब्रह्मचारिणी का प्रिय भोग (Maa Brahmacharini Bhog) नवरात्र के दूसरे मां ब्रह्मचारिणी को उनका प्रिय भोग शर्करा या गुड़ अर्पित करना शुभ माना जाता है. ऐसा करने से आयुष्मान का आशीर्वाद प्राप्त होता है.    ब्रह्मचारिणी माता जी की आरती (Maa Brahmacharini Aarti)   जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता। जय चतुरानन प्रिय सुख दाता। ब्रह्मा जी के मन भाती हो। ज्ञान सभी को सिखलाती हो। ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा। जिसको जपे सकल संसारा। जय गायत्री वेद की माता। जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता। कमी कोई रहने न पाए। कोई भी दुख सहने न पाए। उसकी विरति रहे ठिकाने। जो तेरी महिमा को जाने। रुद्राक्ष की माला ले कर। जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर। आलस छोड़ करे गुणगाना। मां तुम उसको सुख पहुंचाना। ब्रह्माचारिणी तेरो नाम। पूर्ण करो सब मेरे काम। भक्त तेरे चरणों का पुजारी।   रखना लाज मेरी महतारी।आरती करते समय खासतौर पर इस बात का ध्यान दें कि, देवी-देवताओं की 14 बार आरती उतारना है. 4 बार उनके चरणों पर से, 2 बार नाभि पर से, 1 बार मुख पर से और 7 बार पूरे शरीर पर से. आरती की बत्तियां 1, 5, 7 यानी विषम संख्या में ही बनाकर आरती करनी चाहिए.

भोपाल में NSG कमांडो का पावर शो:VIP पर अटैक और ड्रोन हमले को किया निष्क्रिय; सीएम बोले- काउंटर टेररिज्म ग्रुप के लिए DPR तैयार

  भोपाल में सोमवार को लाल परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) कमांडो ने पावर शॉ दिखाया। कमांडो ने हेलीकॉप्टर से उतरकर इमारत में घुसने, आतंकियों से मुकाबला करने, बम खोजने और निष्क्रिय करने, डॉग स्क्वॉड के जरिए आईईडी पहचानने और लोगों को सुरक्षित निकालने जैसी कार्रवाई का लाइव प्रदर्शन किया।   कार्यक्रम में मोहन यादव, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, NSG के महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।   देखिए तस्वीरें…     NSG ने आतंकियों ने सरेंडर करवाया।     NSG के साथ डाॅग स्क्वार्ड का प्रदर्शन।     विपरीत परिस्थितियों में आम लोगों को आतंकियों से बचाते कमांडो।     सीएम बोले- 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार   इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने कहा- सीपीजी काउंटर टेररिज्म ग्रुप बनाने के लिए मप्र सरकार ने 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार कर ली है। भविष्य में सभी प्रकार के खतरों से निपटने के लिए भोपाल के ग्राम तूमड़ा में सेंटर बनाया जाएगा।   उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की दुनिया के सामने पहचान बन रही है। जब देश के प्रधानमंत्री भी सुरक्षित नहीं थे और राजीव गांधी की हत्या हुई थी, तब सशस्त्र बलों ने अपने पराक्रम से सुरक्षा मुहैया कराई। जब भी देश में किसी संकट से सामना होता है, तब एनएसजी कमांडो रक्षा करते हैं। मुझे एनएसजी पर गर्व है।     'कोई हमें छेड़ेगा तो करारा जवाब मिलेगा'   सीएम कहा कि हमारी सेना देश के दुश्मनों के घर में घुसकर मारने का काम करती है। हम किसी को छेड़ते नहीं हैं, लेकिन यदि कोई हमें छेड़ेगा तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। यह संयुक्त प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संकल्प से सिद्धि का अभियान है। हम सर्वजन सुखाय की बात करते हैं। जो जिस प्रकार का है, उसे उसी प्रकार की भाषा में जवाब देने की तैयारी होनी चाहिए।   डॉ. यादव ने कहा कि हमारे बलों को सभी प्रकार के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। भारत और प्रदेश को आगे बढ़ने में कई लोग बाधा डालते हैं। हमने नक्सलवाद पर काबू पा लिया है। मप्र पुलिस और भारत सरकार ने मिलकर ऐसी गतिविधियों को रोकने में सफलता पाई है।     'हवा में उड़ते बजरंगबली जा रहे हों'   सीएम ने कहा कि हमारे कमांडो ने क्या-क्या नहीं दिखाया। जैसे हवा में बजरंगबली जा रहे हों। हमारे जवानों ने भी शानदार करतब दिखाए। काल भैरव के गणों ने भी गजब प्रदर्शन किया। आपका प्रदर्शन अद्भुत रहा।   आकस्मिक आपदा के लिए हम अपनी सशक्त भूमिका निभाना चाहते हैं। हमारे जवान सभी प्रकार के संकटों से निपटने में सक्षम हैं। खाली हाथ होते हुए भी वे दो-दो, चार-चार लोगों को उठाकर पटक रहे थे। यह देखकर आनंद आया।     डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान   कमांडो ने Mi-17 helicopter से स्लिथरिंग कर इमारत में प्रवेश किया और हाउस इंटरवेंशन की कार्रवाई दिखाई। K-9 डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान की, वहीं बम निष्क्रियकरण और एंटी-ड्रोन तकनीक का भी प्रदर्शन किया गया।   कमांडो ने बहुमंजिला भवन पर हमले को निष्क्रिय करने, आतंकियों से हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट और आम लोगों को सुरक्षित निकालने की ड्रिल भी प्रदर्शित की। इसके साथ ही वीआईपी सुरक्षा, क्राव मागा तकनीक और अंडरवॉटर डाइविंग से जुड़ी कार्रवाई भी दिखाई गई।  

हिंदी न्यूज़बिजनेसGold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव

Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव     सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है?     Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है?     सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट     वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है.   जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है.     चांदी के ताजा भाव     दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है.     आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)     दिल्ली में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     मुंबई में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए     कोलकाता में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     अहमदाबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     लखनऊ में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     पटना में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     हैदराबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए    

लाइफस्टाइल और हेल्थ

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क्या वाकई कीड़ों को खत्म करता है बेकिंग सोडा? जानें प्याज के साथ इसके इस्तेमाल का सही तरीका

  Ants Cockroaches Home Remedies: कीड़े अपनी सूंघने की क्षमता के जरिए भोजन ढूंढते हैं. जब प्याज काटा जाता है, तो उसमें मौजूद सल्फर कंपाउंड्स के कारण तेज गंध निकलती है. चलिए बताते हैं कैसे.     क्या प्याज और बेकिंग सोडा से कीड़े मरते हैं? जानिए सच और विज्ञान    घर में कीड़े-मकोड़ों की समस्या से परेशान लोग अक्सर घरेलू नुस्खों का सहारा लेते हैं। इन्हीं में से एक लोकप्रिय उपाय है प्याज और बेकिंग सोडा का मिश्रण। यह तरीका सुनने में भले ही थोड़ा अजीब लगे, लेकिन इसके पीछे कुछ हद तक विज्ञान और कीड़ों के व्यवहार की समझ छिपी हुई है। हालांकि, यह जानना जरूरी है कि यह उपाय कितना असरदार है और किन परिस्थितियों में काम करता है।   प्याज की गंध क्यों आकर्षित करती है कीड़ों को?   वैज्ञानिक शोध “Repellent activity of green detergents and raw vegetable extracts against Drosophila melanogaster” के अनुसार, कीड़े अपनी सूंघने की क्षमता (olfactory sense) के जरिए भोजन ढूंढते हैं। जब प्याज काटा जाता है, तो उसमें मौजूद सल्फर यौगिक (sulfur compounds) हवा में फैल जाते हैं। ये यौगिक तेज गंध पैदा करते हैं, जो कई कीड़ों को भोजन का संकेत देती है।   खासतौर पर मक्खियां, चींटियां और कॉकरोच जैसे कीड़े सड़े-गले या जैविक पदार्थों की ओर आकर्षित होते हैं। इसलिए कटा हुआ प्याज उन्हें अपनी ओर खींच सकता है। यही कारण है कि प्याज इस घरेलू उपाय में “बेट” यानी चारा की भूमिका निभाता है।   बेकिंग सोडा कैसे काम करता है?   बेकिंग सोडा (सोडियम बाइकार्बोनेट) अपने आप में कीड़ों को आकर्षित नहीं करता। लेकिन जब इसे प्याज या किसी मीठी चीज (जैसे चीनी) के साथ मिलाया जाता है, तो कीड़े इस मिश्रण को खा लेते हैं।   कुछ मान्यताओं के अनुसार, जब कीड़े इस मिश्रण को खाते हैं, तो बेकिंग सोडा उनके शरीर में मौजूद एसिड के साथ प्रतिक्रिया कर गैस बनाता है। इससे उनके पाचन तंत्र पर असर पड़ सकता है और वे मर भी सकते हैं।   हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इस दावे के समर्थन में मजबूत और व्यापक वैज्ञानिक प्रमाण अभी सीमित हैं। यानी यह तरीका कुछ मामलों में काम कर सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह भरोसेमंद समाधान नहीं माना जा सकता।   घर पर कैसे बनाएं यह मिश्रण?   यह उपाय तैयार करना बेहद आसान है: एक छोटा प्याज काट लें उसे एक उथले बर्तन में रखें उसमें 1–2 चम्मच बेकिंग सोडा मिलाएं चाहें तो थोड़ा सा चीनी भी डाल सकते हैं इस बर्तन को किचन के उन हिस्सों में रखें जहां कीड़े ज्यादा आते हैं (जैसे सिंक, डस्टबिन, कोने)   ध्यान रखने वाली बातें: हर 1–2 दिन में मिश्रण बदलें, क्योंकि प्याज की गंध समय के साथ कम हो जाती है इसे बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखें   क्या यह तरीका सच में काम करता है?   यह तरीका पूरी तरह “behavior-based bait” यानी कीड़ों के व्यवहार पर आधारित है। कुछ कीड़े प्याज की गंध से आकर्षित होकर इस मिश्रण को खा सकते हैं। लेकिन: हर कीड़े पर इसका असर समान नहीं होता यह तरीका बड़े संक्रमण (infestation) के लिए पर्याप्त नहीं है प्रोफेशनल पेस्ट कंट्रोल की जगह नहीं ले सकता  

Metroheadlines अप्रैल 7, 2026 0

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घर पर ऐसे करें पेडिक्योर, एक भी रुपया नहीं होगा खर्च

  Skin Hydration For Feet: अगर आप अपने पैरों को खूबसूरत बिना पार्लर जाए रखना चाहती हैं, तो चलिए आपको बताते हैं कि आप इसके लिए क्या कर सकती हैं. इसमें आपके पैसे भी खर्च नहीं होंगे.   घर पर बिना पैसे खर्च किए पेडिक्योर करना आज के समय में न सिर्फ आसान है बल्कि बेहद असरदार भी है। भागदौड़ भरी जिंदगी, प्रदूषण, धूल-मिट्टी और मौसम के बदलते असर से हमारे पैर सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं, लेकिन अक्सर उनकी देखभाल सबसे कम होती है। ऐसे में पार्लर जाने के बजाय घर पर ही थोड़ा समय निकालकर अगर सही तरीके से पेडिक्योर किया जाए, तो आपके पैर न सिर्फ साफ और सुंदर दिखेंगे बल्कि हेल्दी और रिलैक्स भी महसूस करेंगे।   इस पूरी प्रक्रिया की खास बात यह है कि इसमें महंगे प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं होती। घर में मौजूद बेसिक चीजों की मदद से आप प्रोफेशनल जैसा रिजल्ट पा सकती हैं। यह न सिर्फ पैसे बचाता है, बल्कि आपको खुद की केयर करने का समय भी देता है, जो मानसिक रूप से भी सुकून देता है।   सबसे पहले बात आती है नाखूनों की सफाई और शेप की। यह पेडिक्योर का बेस होता है। अगर नाखून ठीक से कटे और शेप में हों, तो पूरा लुक बेहतर दिखता है। पुराने नेल पॉलिश को हटाना जरूरी है क्योंकि उसके ऊपर नया कोट लगाने से नाखून पीले भी दिख सकते हैं और फिनिशिंग भी अच्छी नहीं आती। नाखून काटते समय उन्हें सीधा काटना चाहिए, क्योंकि बहुत ज्यादा गोल काटने से इनग्रोन नेल्स की समस्या हो सकती है। इसके बाद नेल फाइल से हल्के हाथों से शेप देना चाहिए ताकि किनारे स्मूद हो जाएं।   अब बारी आती है पैरों को आराम देने की, जिसे पेडिक्योर का सबसे रिलैक्सिंग स्टेप माना जाता है। गुनगुने पानी में पैर डालना सिर्फ सफाई के लिए नहीं, बल्कि मसल्स को रिलैक्स करने और थकान दूर करने के लिए भी जरूरी होता है। अगर आप इसमें थोड़ा सा नमक या बाथ सॉल्ट डालती हैं, तो यह एंटीसेप्टिक का काम करता है और पैरों की सूजन भी कम करता है। वहीं एसेंशियल ऑयल डालने से न सिर्फ खुशबू आती है बल्कि माइंड भी रिलैक्स होता है। अगर आपके पास छोटे कंकड़ हैं, तो उन्हें पानी में डालकर पैरों को हल्का-हल्का मूव करने से नैचुरल मसाज मिलती है, जो ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती है।   15-20 मिनट तक पैरों को भिगोने के बाद जब आप उन्हें बाहर निकालती हैं, तो स्किन काफी सॉफ्ट हो चुकी होती है। यही सही समय होता है डेड स्किन हटाने का। तौलिए से हल्के हाथों से पैरों को सुखाने के बाद एक्सफोलिएशन शुरू करना चाहिए। एड़ी और तलवों पर जमा सख्त और रूखी त्वचा को हटाने के लिए फुट स्क्रब या घर पर बना स्क्रब (जैसे चीनी और तेल का मिश्रण) इस्तेमाल किया जा सकता है। ध्यान रखें कि ज्यादा जोर से रगड़ने से स्किन डैमेज हो सकती है, इसलिए हमेशा हल्के हाथों से स्क्रब करें।   इसके बाद क्यूटिकल केयर बेहद जरूरी स्टेप है, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। क्यूटिकल नाखूनों की सुरक्षा करते हैं, इसलिए उन्हें काटना नहीं बल्कि सॉफ्ट करके पीछे करना चाहिए। क्यूटिकल क्रीम लगाने से यह हिस्सा मुलायम हो जाता है और आसानी से पुश किया जा सकता है। इससे नाखून साफ और लंबे दिखाई देते हैं।   जब एक्सफोलिएशन और क्यूटिकल केयर पूरी हो जाए, तो पैरों को एक बार साफ पानी से धो लें और अच्छी तरह सुखा लें। अब सबसे जरूरी स्टेप आता है—मॉइश्चराइजिंग। यह आपके पूरे पेडिक्योर का रिजल्ट तय करता है। अगर आप सही तरीके से मॉइश्चराइजर लगाकर मसाज करती हैं, तो आपके पैर लंबे समय तक मुलायम बने रहते हैं। मसाज करने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, जिससे स्किन हेल्दी और ग्लोइंग दिखती है। एड़ी, तलवे और उंगलियों के बीच के हिस्से पर खास ध्यान देना चाहिए।   मसाज के दौरान अगर आप थोड़ा समय निकालकर प्रेशर पॉइंट्स पर हल्का दबाव देती हैं, तो यह आपके पूरे शरीर को रिलैक्स करने में मदद करता है। यही वजह है कि पेडिक्योर को सिर्फ ब्यूटी ट्रीटमेंट नहीं, बल्कि थेरेपी भी कहा जाता है।   अब आता है सबसे फाइनल और खूबसूरत स्टेप—नेल पॉलिश लगाना। इसके लिए सबसे पहले बेस कोट लगाना जरूरी होता है, क्योंकि यह नाखूनों को दाग से बचाता है और नेल पॉलिश को लंबे समय तक टिकाए रखता है। इसके बाद अपनी पसंद का रंग चुनकर पतली लेयर में लगाएं। एक बार सूखने के बाद दूसरी लेयर लगाएं ताकि रंग गहरा और परफेक्ट दिखे।   अंत में टॉप कोट लगाना न भूलें। यह नेल पॉलिश को सील करता है और उसमें शाइन लाता है। साथ ही यह पॉलिश को जल्दी खराब होने से बचाता है। अगर आप चाहें तो पायल या टो-रिंग पहनकर अपने पैरों की खूबसूरती को और भी बढ़ा सकती हैं।   घर पर पेडिक्योर करने का एक बड़ा फायदा यह भी है कि आप इसे अपनी जरूरत और समय के अनुसार कर सकती हैं। अगर आपके पैर ज्यादा ड्राई हैं, तो आप एक्स्ट्रा मॉइश्चराइजिंग कर सकती हैं। अगर टैनिंग है, तो नींबू या दही जैसे घरेलू उपाय भी शामिल कर सकती हैं।   नियमित रूप से हफ्ते में एक बार या कम से कम 15 दिन में एक बार पेडिक्योर करने से आपके पैर हमेशा साफ, मुलायम और खूबसूरत बने रहते हैं। इसके अलावा रोजाना सोने से पहले पैरों पर क्रीम लगाना और उन्हें साफ रखना भी जरूरी है।   इस तरह घर पर किया गया पेडिक्योर न सिर्फ आपकी खूबसूरती बढ़ाता है, बल्कि आपको खुद के लिए समय निकालने का मौका भी देता है। यह एक छोटी-सी आदत आपके पूरे व्यक्तित्व में बड़ा बदलाव ला सकती है।  

Metroheadlines अप्रैल 6, 2026 0

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डाइनिंग टेबल या सोफे पर करते हैं ऑफिस का काम तो हो जाएं सावधान, जल्दी बदल लें WFH की यह आदत
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  Work From Home Neck Pain: कोविड काल से शुरू हुआ वर्क फ्रॉम होम का कल्चर अब लोगों की आदत बन चुका है. हालांकि, इससे कई तरह की दिक्कतें भी हो सकती हैं. चलिए आपको इसके बारे में बताते हैं.   Sitting Posture While Working From Home: वर्क फ्रॉम होम अब अपवाद नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन चुका है. जो व्यवस्था कभी अस्थायी समाधान के तौर पर शुरू हुई थी, आज कई लोगों के लिए वही स्थायी ऑफिस बन गई है. न ट्रैफिक का झंझट, न तय समय की पाबंदी और घर के आराम में काम करने की आजादी, यह सब सुनने में जितना आसान लगता है, उतना ही आकर्षक भी है. लेकिन इसी आराम के बीच एक ऐसी आदत पनप रही है, जिस पर लोग ध्यान नहीं दे रहे, घर से काम करने का गलत तरीका.   सोफा, बेड, डाइनिंग टेबल या फिर फर्श पर बैठकर लैपटॉप पर काम करना अब आम बात हो गई है. मोबाइल देखते समय घंटों गर्दन झुकाए रखना, लैपटॉप गोद में रखकर काम करना या आधी लेटी अवस्था में मीटिंग अटेंड करना शुरुआत में भले ही आरामदेह लगे, लेकिन शरीर इसे चुपचाप सहन करता रहता है, असर धीरे-धीरे दिखता है.   क्या कहते हैं एक्सपर्ट? सीनियर स्पाइन सर्जन डॉ. नवीन पंडिता ने TOI को बताया कि वर्क फ्रॉम होम अपने आप में समस्या नहीं है, लेकिन गलत पॉस्चर और खराब बैठने की आदतें रीढ़ की हड्डी को नुकसान पहुंचा रही हैं. उनके मुताबिक, अब पहले की तुलना में कहीं ज़्यादा लोग गर्दन और पीठ दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं.   असल दिक्कत यह है कि घर का फर्नीचर ऑफिस के लिए बना ही नहीं होता. डाइनिंग चेयर लंबे समय तक बैठने के लिए नहीं होती, बेड पीठ को कोई सपोर्ट नहीं देता और सोफा रीढ़ की हड्डी को गलत एंगल में मोड़ देता है. रोज कई घंटे इसी तरह बैठने से गर्दन में जकड़न, कमर दर्द, कंधों में खिंचाव, सिरदर्द और आंखों में जलन जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं.   इन दिक्कतों के बढ़ रहे मामले डॉक्टरों के अनुसार, अब 20 और 30 की उम्र के युवाओं में भी क्रॉनिक लोअर बैक पेन और सर्वाइकल पेन के मामले बढ़ रहे हैं. कंप्यूटर स्क्रीन अक्सर आंखों की ऊंचाई से नीचे होती है, जिससे लोग आगे की ओर झुककर बैठते हैं और रीढ़ पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ता है. समस्या यह है कि दर्द धीरे-धीरे बढ़ता है, इसलिए लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते. पॉस्चर खराब होने का असर सिर्फ मांसपेशियों तक सीमित नहीं रहता. इससे सांस लेने की प्रक्रिया, ब्लड सर्कुलेशन, पाचन और यहां तक कि एकाग्रता पर भी असर पड़ता है. जब शरीर असहज होता है, तो दिमाग भी पूरी तरह फोकस नहीं कर पाता.   अच्छी बात यह है कि इसके लिए महंगे ऑफिस सेटअप की जरूरत नहीं. स्क्रीन को आंखों की सीध में रखना, पैरों को ज़मीन पर टिकाकर बैठना, कमर के पीछे तौलिया या कुशन का सहारा लेना और हर 30 से 40 मिनट में उठकर थोड़ा चलना या स्ट्रेच करना काफी मददगार हो सकता है. डॉ. पंडिता सलाह देते हैं कि अगर दर्द चार से छह हफ्तों तक बना रहे, बढ़ता जाए या सुन्नपन और कमजोरी महसूस हो, तो खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से मिलना चाहिए. समय रहते छोटी आदतों में सुधार कर लिया जाए, तो वर्क फ्रॉम होम से जुड़ी बड़ी समस्याओं से आसानी से बचा जा सकता है.   कैसे कर सकते हैं ठीक? डॉक्टर बताते हैं कि अब 20 और 30 की उम्र के लोग भी क्रॉनिक लोअर बैक पेन, गर्दन दर्द और कंधों की जकड़न के साथ आ रहे हैं. स्क्रीन नीचे होने से लोग आगे की ओर झुककर बैठते हैं, जिससे रीढ़ पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. अच्छी बात यह है कि इसके लिए महंगे फर्नीचर की जरूरत नहीं. स्क्रीन को आंखों की सीध में रखना, पैरों को जमीन पर टिकाकर बैठना, कमर के पीछे तौलिया रखकर सपोर्ट देना और हर 30 से 40 मिनट में उठकर स्ट्रेच करना काफी मददगार हो सकता है.  

Metroheadlines मार्च 30, 2026 0

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