पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में बांग्लादेशी खिलाड़ियों की भागीदारी अब सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगी।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए यह फैसला लिया है।
पहले बोर्ड ने 6 खिलाड़ियों को NOC दिया था। इनमें मुस्तफिजुर रहमान, परवेज हुसैन एमोन (लाहौर कलंदर्स), शोरीफुल इस्लाम, नाहिद राणा, तंजीद हसन तमीम और रिशाद हुसैन (पेशावर जाल्मी) शामिल हैं।
PSL 26 मार्च से 3 मई तक खेला जाना है, लेकिन अब खिलाड़ियों के पाकिस्तान जाने से पहले सरकार से अनुमति ली जाएगी।
अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर तनाव बनी वजह बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के क्रिकेट ऑपरेशंस चेयरमैन नजमुल आबेदीन ने कहा कि मौजूदा हालात सामान्य नहीं हैं। अफगानिस्तान और पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव की वजह से खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर रिस्क है।
उन्होंने बताया,'आम तौर पर हमें सरकार से पूछने की जरूरत नहीं पड़ती। हम एनओसी देते हैं, खिलाड़ी जाकर खेलते हैं और वापस आ जाते हैं। लेकिन अभी स्थिति अलग है, इसलिए हम सरकार से चर्चा करेंगे।'
सरकार तय करेगी कि पाकिस्तान जाना सुरक्षित है या नहीं नजमुल आबेदीन ने आगे कहा कि बोर्ड के लिए वहां की जमीनी हकीकत को समझना मुमकिन नहीं है। यह काम सरकार का है। उन्होंने कहा,'सरकार को वहां की सुरक्षा स्थिति के बारे में बेहतर जानकारी होगी।
अगर सरकार हमें हरी झंडी देती है और कहती है कि यात्रा करना सुरक्षित है, तभी खिलाड़ी वहां जाएंगे। सैद्धांतिक रूप से हमने एनओसी देने का फैसला किया है, लेकिन सब कुछ उस समय के हालात पर निर्भर करेगा।'

बांग्लादेश ने पाकिस्तान को घरेलू तीन वनडे मैचों की सीरीज में 2-1 से हराया।
न्यूजीलैंड सीरीज के लिए कैंप मिस करेंगे खिलाड़ी
अगर सरकार से मंजूरी मिल जाती है, तो PSL खेलने वाले 6 खिलाड़ी न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली घरेलू सीरीज के तैयारी कैंप में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
न्यूजीलैंड की टीम 13 अप्रैल को बांग्लादेश दौरे पर आ रही है, जहां उसे 3 वनडे और 3 टी-20 मैच खेलने हैं। वनडे सीरीज 17 अप्रैल से शुरू होगी, जबकि टी-20 सीरीज 27 अप्रैल से 2 मई के बीच खेली जाएगी।
वर्ल्ड कप क्वालिफिकेशन को देखते हुए आंशिक एनओसी BCB ने खिलाड़ियों को आंशिक NOC जारी किया है ताकि वे न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए उपलब्ध रहें। बांग्लादेश इस समय ICC वनडे रैंकिंग में नौवें नंबर पर है और अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालीफाई करने की कोशिश में है। पाकिस्तान को 2-1 से हराने के बाद बांग्लादेश की नजरें अब न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत दर्ज कर अपनी रैंकिंग सुधारने पर हैं।
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नाथन एलिस हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण IPL 2026 से बाहर:CSK ने रिप्लेसमेंट जारी नहीं किया, फ्रेंचाइजी ने 2 करोड़ रुपए में खरीदा था
5 बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स के तेज गेंदबाज नाथन एलिस हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण IPL 2026 से बाहर हो गए हैं। फ्रेंचाइजी के एक अधिकारी ने बताया कि 31 साल के एलिस IPL से बाहर हो चुके हैं, हालांकि उनके रिप्लेसमेंट को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है
MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है, जिससे बालाघाट, जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ेंगे. Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया–जबलपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने इसे महाकौशल क्षेत्र सहित प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात करार दिया और इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्रिमंडल का हृदय से आभार माना उनका कहना है कि इस परियोजना से नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, व्यवसाय और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. सेवातीर्थ में केन्द्रीय सरकार की पहली केबिनेट बैठक में गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है. रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गोंदिया–जबलपुर रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. इस कार्य के पूर्ण होने से मध्यप्रदेश के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे. गोंदिया–जबलपुर लाइन में ब्रिज और वन्यजीव सुरक्षा करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रूपए से 5 साल में पूरा होगा. जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा. इस दौरान इस लाईन में आने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रूपए अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे. साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे.
UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है। शिक्षा विभाग की भूमिका स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए। शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया। वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया। राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है। प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है। विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है। आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है। राजनीतिक और सामाजिक संदेश Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है। पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है। संभावित चुनौतियां हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों की अपेक्षाएं इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं। UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026
Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है? Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है? सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है. जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है. चांदी के ताजा भाव दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है. आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार) दिल्ली में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए मुंबई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए कोलकाता में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए अहमदाबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए लखनऊ में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए पटना में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए हैदराबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए
केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि 'सिम बाइंडिंग' के नियमों को लागू करने की 28 फरवरी की डेडलाइन नहीं बढ़ाई जाएगी। नए नियमों के तहत फोन में सिम कार्ड न होने पर वॉट्सएप जैसे मैसेजिंग एप काम नहीं करेंगे। कंप्यूटर पर लॉगिन वॉट्सएप भी 6 घंटे में लॉग-आउट हो जाएगा। समझिए क्या है नया नियम और आप पर कैसे होगा असर? 1. सिम बाइंडिंग का नया नियम कब से लागू होगा? जब आप किसी एप को सिम बाइंडिंग से जोड़ते हैं, तो वह एप तभी खुलेगा जब आपका रजिस्टर्ड सिम कार्ड उसी फोन के अंदर मौजूद होगा। यह नियम 1 मार्च 2026 से प्रभावी होगा। 2. सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने से मना क्यों किया? केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि फिलहाल नियमों को मानने की समय-सीमा आगे बढ़ाने पर कोई विचार नहीं है। उन्होंने कहा कि ये नियम राष्ट्रीय सुरक्षा और धोखाधड़ी रोकने के लिए लागू किए गए हैं और सुरक्षा के मुद्दों पर सरकार कोई समझौता नहीं करेगी। 3. मार्च के बाद यूजर्स को क्या करना होगा? यूजर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका वॉट्सएप जिस नंबर पर है, वह सिम उसी फोन में लगा हो। अगर सिम कार्ड फोन से बाहर निकाला तो मैसेजिंग ऐप काम करना बंद कर सकता है। 4. टेक कंपनियों और संस्थाओं का इस पर क्या रुख है? इंडस्ट्री एसोसिएशन IAMAI ने सरकार को चेतावनी दी है कि हर 6 घंटे में लॉग-आउट करने का नियम प्रोफेशनल्स के लिए परेशानी भरा होगा जो काम के लिए वॉट्सएप वेब पर निर्भर हैं। साथ ही उन परिवारों को भी दिक्कत होगी जो एक ही अकाउंट शेयर करते हैं। 5. कंपनियों ने नियम नहीं माना तो क्या कार्रवाई होगी? केंद्र सरकार के आदेश के मुताबिक कंपनियों को 120 दिन के भीतर इसको लेकर रिपोर्ट देनी होगी। नियमों का पालन न करने पर टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023, टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी रूल्स और दूसरे लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। ज्यातिरादित्य सिंधिया ने दो अन्य मामलों पर भी जानकारी दी… 1. स्टारलिंक की लॉन्चिंग सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस 'स्टारलिंक' के बारे में सिंधिया ने बताया कि कंपनी ने अभी तक सरकारी सुरक्षा एजेंसियों के सामने जरूरी डेमो पूरे नहीं किए हैं। कंपनी को यह दिखाना होगा कि वह भारतीय सीमाओं के बाहर इंटरनेट एक्सेस बंद कर सकती है। जरूरत पड़ने पर नेटवर्क पर कंट्रोल दे सकती है। 2. BSNL अफसर का मामला हाल ही में BSNL डायरेक्टर विवेक बंजल के प्रयागराज दौरे का एक सरकारी आदेश वायरल हुआ था। इसमें उनकी सेवा के लिए करीब 50 कर्मचारियों का इंतजाम करने को कहा गया था। सिंधिया ने कहा कि इस मामले में 'कारण बताओ' नोटिस जारी कर दिया गया है। 21वीं सदी के भारत में ऐसा आदेश जारी होना कतई मंजूर नहीं है। हम इसे ऐसे ही नहीं जाने देंगे। विवादों के बीच मंत्री सिंधिया ने ये भी बताया कि सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL फिलहाल आर्थिक रूप से बेहतर कर रही है और कंपनी "हेल्दी कैश फ्लो" जेनरेट कर रही है। नॉलेज पार्ट: क्या है सिम बाइंडिंग? सिम बाइंडिंग एक सुरक्षा कवच है। यह आपके मैसेजिंग एप को आपके फिजिकल सिम कार्ड के साथ 'लॉक' कर देता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि कोई भी हैकर या ठग आपके नंबर का इस्तेमाल किसी दूसरे डिवाइस पर बैठकर नहीं कर पाएगा।
Causes Of Bloating And Gas: हम क्या खाते हैं, इसका हमारी सेहत पर काफी असर होता है. चलिए आपको बताते हैं कि किन फूड कॉम्बिनेशन से आपको बचना चाहिए और आयुर्वेद इसको लेकर क्या कहता है Which Foods Should Not Be Eaten Together: खाना खाते समय हमें कुछ चीजों का ध्यान रखने की जरूरत होती है. हम क्या खाते हैं और किन चीजों को साथ में मिलाकर खाते हैं, इसका सीधा असर हमारे डाइजेशन शक्ति पर पड़ता है. गलत फूड कॉम्बिनेशन पाचन को बिगाड़ सकते हैं और शरीर में टॉक्सिक तत्व जमा कर सकते हैं. इसका नतीजा गैस, पेट फूलना, एसिडिटी, त्वचा संबंधी समस्याएं और लंबे समय में गंभीर बीमारियों के रूप में सामने आ सकता है. चलिए आपको आयुर्वेद के हिसाब से बताते हैं कि किन कॉम्बिनेशन से हमें बचना चाहिए. क्या कहता है आयुर्वेद? आयुर्वेद के बारे में जानकारी देने वाली संस्था kevaayurveda के अनुसार, आयुर्वेद मानता है कि हर व्यक्ति की वात, पित्त, कफ और पाचन क्षमता अलग होती है कुछ खानें की चीजें एक-दूसरे के विपरीत गुण रखते हैं. यदि इन्हें बार-बार साथ में खाया जाए तो डाइजेशन सिस्टम पर अतिरिक्त प्रेशर पड़ता है. इससे गैस, कब्ज, सीने में जलन, मुंहासे, कमजोर इम्यूनिटी और डाइजेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. किन फूड कॉम्बिनेशन से बचना चाहिए? kevaayurveda के अनुसार, कुछ प्रमुख गलत फूड कॉम्बिनेशन जिनसे बचने की सलाह दी जाती है, उनमें सबसे पहले आता है दूध और मछली. आयुर्वेद के अनुसार दूध ठंडा और भारी होता है, जबकि मछली गर्म तासीर वाली मानी जाती है. दोनों को साथ लेने से पाचन गड़बड़ा सकता है और स्किन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. इसी तरह दूध के साथ खट्टे फल जैसे संतरा, नींबू या अनानास भी ठीक नहीं माने जाते, क्योंकि ये पेट में दूध को फाड़ सकते हैं और गैस या एसिडिटी बढ़ा सकते हैं. गरम भोजन के साथ शहद मिलाना भी आयुर्वेद में हानिकारक बताया गया है. शहद को गर्म करने से उसके गुण बदल सकते हैं और शरीर में टॉक्सिक प्रभाव पैदा हो सकता है. भारी भोजन के तुरंत बाद फल खाना भी उचित नहीं माना जाता, क्योंकि फल जल्दी पचते हैं और भारी भोजन के साथ पेट में फर्मेंटेशन शुरू कर सकते हैं. दही और चीनी का मेल भी पाचन के लिए अनुकूल नहीं माना जाता. दही पहले से ही खट्टा और ठंडा होता है, जबकि रिफाइंड चीनी शरीर में असंतुलन बढ़ा सकती है. रात में दही को फल या ठंडी चीजों के साथ लेना कफ बढ़ा सकता है, जिससे सर्दी-खांसी या साइनस की समस्या हो सकती है. बासी भोजन के साथ दूध लेना भी पाचन के लिए सही नहीं माना गया. किन चीजों का सेवन करना चाहिए? आयुर्वेद सलाह देता है कि मौसमी आहार लें, जरूरत से ज्यादा न खाएं और अदरक, जीरा, सौंफ जैसे मसालों का उपयोग करें, जो डाइजेशन को मजबूत बनाते हैं. सही फूड कॉम्बिनेशन अपनाने से डाइजेशन मजबूत रहती है, न्यूट्रिशन तत्वों का ऑब्जर्वेशन बेहतर होता है और शरीर संतुलित रहता है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर पाचन वाले लोगों के लिए यह नियम और भी लाभकारी माने जाते हैं.
पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में बांग्लादेशी खिलाड़ियों की भागीदारी अब सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगी। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए यह फैसला लिया है। पहले बोर्ड ने 6 खिलाड़ियों को NOC दिया था। इनमें मुस्तफिजुर रहमान, परवेज हुसैन एमोन (लाहौर कलंदर्स), शोरीफुल इस्लाम, नाहिद राणा, तंजीद हसन तमीम और रिशाद हुसैन (पेशावर जाल्मी) शामिल हैं। PSL 26 मार्च से 3 मई तक खेला जाना है, लेकिन अब खिलाड़ियों के पाकिस्तान जाने से पहले सरकार से अनुमति ली जाएगी। अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर तनाव बनी वजह बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के क्रिकेट ऑपरेशंस चेयरमैन नजमुल आबेदीन ने कहा कि मौजूदा हालात सामान्य नहीं हैं। अफगानिस्तान और पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव की वजह से खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर रिस्क है। उन्होंने बताया,'आम तौर पर हमें सरकार से पूछने की जरूरत नहीं पड़ती। हम एनओसी देते हैं, खिलाड़ी जाकर खेलते हैं और वापस आ जाते हैं। लेकिन अभी स्थिति अलग है, इसलिए हम सरकार से चर्चा करेंगे।' सरकार तय करेगी कि पाकिस्तान जाना सुरक्षित है या नहीं नजमुल आबेदीन ने आगे कहा कि बोर्ड के लिए वहां की जमीनी हकीकत को समझना मुमकिन नहीं है। यह काम सरकार का है। उन्होंने कहा,'सरकार को वहां की सुरक्षा स्थिति के बारे में बेहतर जानकारी होगी। अगर सरकार हमें हरी झंडी देती है और कहती है कि यात्रा करना सुरक्षित है, तभी खिलाड़ी वहां जाएंगे। सैद्धांतिक रूप से हमने एनओसी देने का फैसला किया है, लेकिन सब कुछ उस समय के हालात पर निर्भर करेगा।' बांग्लादेश ने पाकिस्तान को घरेलू तीन वनडे मैचों की सीरीज में 2-1 से हराया। न्यूजीलैंड सीरीज के लिए कैंप मिस करेंगे खिलाड़ी अगर सरकार से मंजूरी मिल जाती है, तो PSL खेलने वाले 6 खिलाड़ी न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली घरेलू सीरीज के तैयारी कैंप में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। न्यूजीलैंड की टीम 13 अप्रैल को बांग्लादेश दौरे पर आ रही है, जहां उसे 3 वनडे और 3 टी-20 मैच खेलने हैं। वनडे सीरीज 17 अप्रैल से शुरू होगी, जबकि टी-20 सीरीज 27 अप्रैल से 2 मई के बीच खेली जाएगी। वर्ल्ड कप क्वालिफिकेशन को देखते हुए आंशिक एनओसी BCB ने खिलाड़ियों को आंशिक NOC जारी किया है ताकि वे न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए उपलब्ध रहें। बांग्लादेश इस समय ICC वनडे रैंकिंग में नौवें नंबर पर है और अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालीफाई करने की कोशिश में है। पाकिस्तान को 2-1 से हराने के बाद बांग्लादेश की नजरें अब न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत दर्ज कर अपनी रैंकिंग सुधारने पर हैं। ----------------------------- नाथन एलिस हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण IPL 2026 से बाहर:CSK ने रिप्लेसमेंट जारी नहीं किया, फ्रेंचाइजी ने 2 करोड़ रुपए में खरीदा था 5 बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स के तेज गेंदबाज नाथन एलिस हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण IPL 2026 से बाहर हो गए हैं। फ्रेंचाइजी के एक अधिकारी ने बताया कि 31 साल के एलिस IPL से बाहर हो चुके हैं, हालांकि उनके रिप्लेसमेंट को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है
T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद टीम इंडिया का व्यस्त कार्यक्रम, इन दो देशों के साथ खेलेगी T20 सीरीज टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद टीम इंडिया का अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम काफी व्यस्त हो सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय टीम श्रीलंका और आयरलैंड में टी20 सीरीज खेलने की योजना बना सकती है. भारतीय टीम ने हाल ही में आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्डकप 2026 जीतकर दुनिया भर में अपनी ताकत का लोहा मनवाया है. अब विश्व चैंपियन बनने के बाद भारतीय टीम अगले एक साल में कई अंतरराष्ट्रीय सीरीज खेलने की तैयारी में है. खबर है कि टीम इंडिया आने वाले महीनों में श्रीलंका और आयरलैंड का दौरा कर सकती है, जहां टी20 मैचों की सीरीज आयोजित की जा सकती है. श्रीलंका दौरे पर बढ़ सकते हैं टी20 मैच मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार BCCI श्रीलंका दौरे के कार्यक्रम में कुछ बदलाव पर विचार कर रहा है. फिलहाल भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैच खेले जाने की योजना है, जो वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा होंगे. अब संभावना जताई जा रही है कि इन टेस्ट मैचों से पहले तीन टी20 मुकाबले भी कराए जाएं. अगर ऐसा होता है तो भारतीय टीम का यह दौरा टी20 मुकाबलों से शुरू हो सकता है. बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जुटाया जा सकता है फंड बताया जा रहा है कि यह प्रस्ताव श्रीलंका क्रिकेट की ओर से आया है. श्रीलंका में पिछले साल आए एक बड़े चक्रवात के कारण कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ था. ऐसे में अतिरिक्त टी20 मैच आयोजित कर राहत कार्यों के लिए धन जुटाने की योजना बनाई जा रही है. आयरलैंड में भी हो सकती है छोटी टी20 सीरीज श्रीलंका दौरे से पहले टीम इंडिया आयरलैंड में भी टी20 सीरीज खेल सकती है. इसके लिए बीसीसीआई और क्रिकेट आयरलैंड के बीच बातचीत चल रही है. अगर सब कुछ तय हुआ तो यह सीरीज जून के आखिरी सप्ताह में आयोजित हो सकती है. भारतीय टीम पहले भी कई बार आयरलैंड का दौरा कर चुकी है. 2018, 2022 और 2023 में भारत ने डबलिन में टी20 मुकाबले खेले थे, जिन्हें वहां क्रिकेट के प्रचार के लिए अहम माना गया था. इंग्लैंड दौरा भी रहेगा अहम इन संभावित सीरीज के बाद टीम इंडिया इंग्लैंड का दौरा करेगी. इस दौरे में भारत को सीमित ओवरों की सीरीज खेलनी है, जिसमें वनडे और टी20 मैच शामिल होंगे. इसके अलावा भारतीय टीम जून में अपने घर पर अफगानिस्तान के खिलाफ भी सीरीज खेलेगी. इस घरेलू सीरीज में एक टेस्ट और तीन वनडे मैच होने की संभावना है. टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद अब टीम इंडिया के सामने लगातार अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की चुनौती होगी. फैंस को उम्मीद है कि भारतीय टीम आने वाली सीरीज में भी शानदार प्रदर्शन जारी रखेगी. भारतीय टीम का संभावित शेड्यूल 6-20 जून 2026 भारत बनाम अफगानिस्तान स्थान: भारत मैच: 1 टेस्ट और 3 वनडे जून 2026 का आखिरी सप्ताह (संभावित) भारत बनाम आयरलैंड स्थान: डबलिन, आयरलैंड मैच: टी20 सीरीज (संभावित) 1-19 जुलाई 2026 भारत बनाम इंग्लैंड स्थान: इंग्लैंड मैच: 3 वनडे और 5 टी20 जुलाई-अगस्त 2026 (संभावित) भारत बनाम श्रीलंका स्थान: श्रीलंका मैच: 2 टेस्ट (वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप) इसके अलावा 3 टी20 मैच जोड़े जाने की संभावना हैं.
INDIA WON T-20 WORLD CUP 2026: भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर टी20 विश्व कप जीता. भारतीय टीम तीन बार टी20 विश्व कप (2007, 2024 और 2026) जीतने वाली पहली टीम बन गई. भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने रविवार को कहा कि वह ड्रेसिंग रूम में मौजूद लोगों के प्रति ही जवाबदेह हैं और उन्होंने टी20 विश्व कप में भारत की खिताबी जीत वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ को समर्पित की. भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर टी20 विश्व कप जीता. भारतीय टीम तीन बार टी20 विश्व कप (2007, 2024 और 2026) जीतने वाली पहली टीम बन गई. गंभीर ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा , ‘‘ मेरी जवाबदेही सोशल मीडिया पर लोगों के लिये नहीं है. मेरी जवाबदेही उन 30 लोगों के लिये है जो चेंज रूम में हैं. ’’ उन्होंने कहा , ‘‘ कोच टीम से बनता है . खिलाड़ियों ने मुझे वह कोच बनाया, जो मैं हूं.’’ उन्होंने आगे कहा , ‘‘ मैं यह ट्रॉफी राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण को समर्पित करता हूं. राहुल भाई को भारतीय टीम को इस मुकाम तक लाने के लिये और लक्ष्मण को सीओई में खिलाड़ियों की पाइपलाइन बनाने के लिये’’ गंभीर ने मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर और बीसीसीआई के पूर्व सचिव और आईसीसी के मौजूदा अध्यक्ष जय शाह को भी धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा ,‘‘ अजित अगरकर ने काफी आलोचना झेली और पूरी ईमानदारी से काम किया. जय भाई ने मेरे कार्यकाल के सबसे खराब दौर में मुझे फोन किया.’’ गंभीर ने कप्तान सूर्यकुमार यादव की तारीफ करते हुए कहा , ‘‘ सूर्या ने मेरा काम आसान कर दिया. वह पितातुल्य कप्तान की तरह है. बड़ा लक्ष्य ट्रॉफी जीतना है, उपलब्धियां नहीं. हमने कई साल तक उपलब्धियों का जश्न मनाया. मैं आप लोगों से आग्रह करूंगा कि निजी उपलब्धियों का जश्न मनाना छोड़ें.’’ सूर्यकुमार ने कहा , ‘‘ मैने गौतम गंभीर की कप्तानी में चार साल खेला (केकेआर के लिये) हमारे बीच कभी बहस नहीं हुई क्योंकि साझा लक्ष्य टीम को जिताना था. हमारी दोस्ती ऐसे ही हुई वह दो कदम चले और मैं दो कदम.’’ उन्होंने कहा , ‘‘ मैं यह नहीं कहूंगा कि सफेद गेंद का यह भारत का दौर है. ऐसा होता तो हम पिछली तीन में से दो वनडे श्रृंखला नहीं हारते. मैने भरोसे पर टीम चुनी , उम्मीद पर नहीं