RCB ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। टीम ने 20 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 250 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस पारी में टीम के बल्लेबाजों ने CSK के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और मैदान के चारों ओर चौके-छक्कों की बारिश कर दी।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी CSK की शुरुआत अच्छी नहीं रही। लगातार विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई। हालांकि बीच के ओवरों में कुछ बल्लेबाजों ने संघर्ष किया, लेकिन टीम 20वें ओवर में 207 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह RCB ने यह मुकाबला 43 रनों से अपने नाम कर लिया।
इस मैच में RCB द्वारा बनाए गए 250 रन, IPL इतिहास में CSK के खिलाफ किसी भी टीम का सबसे बड़ा स्कोर बन गया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 231 रन का था, जो Gujarat Titans और Punjab Kings ने बनाया था। RCB की इस पारी ने साबित कर दिया कि उनकी बल्लेबाजी इस सीजन में बेहद खतरनाक फॉर्म में है।
RCB के बल्लेबाजों ने इस मुकाबले में कुल 19 छक्के जड़े, जो CSK के खिलाफ किसी भी टीम द्वारा लगाए गए सबसे ज्यादा छक्के हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड 17 छक्कों का था, जिसे Rajasthan Royals और Kolkata Knight Riders ने बनाया था। इस आंकड़े से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मैच कितना आक्रामक और मनोरंजक रहा होगा।
इस मुकाबले में एक और बड़ा रिकॉर्ड बना, जब Bhuvneshwar Kumar ने IPL में अपने 200 विकेट पूरे कर लिए। वह इस उपलब्धि तक पहुंचने वाले पहले भारतीय तेज गेंदबाज बन गए हैं। उन्होंने यह कारनामा 192 मैचों में हासिल किया।
अब IPL में उनसे ज्यादा विकेट केवल Yuzvendra Chahal के नाम हैं, जिन्होंने अब तक 224 विकेट लिए हैं। भुवनेश्वर की यह उपलब्धि उनके अनुभव और निरंतर प्रदर्शन को दर्शाती है।
इस मैच की सबसे बड़ी चर्चा रही Virat Kohli का नया रिकॉर्ड। कोहली अब IPL इतिहास में एक ही टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।
उन्होंने CSK के खिलाफ अपने कुल रन 1188 तक पहुंचा दिए, जिससे उन्होंने Rohit Sharma का रिकॉर्ड तोड़ दिया। रोहित शर्मा ने Kolkata Knight Riders के खिलाफ 1161 रन बनाए थे।
कोहली की यह उपलब्धि उनकी निरंतरता और बड़े मैचों में प्रदर्शन करने की क्षमता को दर्शाती है। IPL में उनका रिकॉर्ड लगातार बेहतर होता जा रहा है और वह हर सीजन में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।
IPL 2026 में RCB ने लगातार दो जीत के साथ शानदार शुरुआत की है। टीम का आत्मविश्वास काफी ऊंचा नजर आ रहा है और बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी भी संतुलित दिख रही है।
वहीं दूसरी ओर CSK के लिए यह सीजन अब तक बेहद निराशाजनक रहा है। टीम अपने शुरुआती तीनों मुकाबले हार चुकी है और उसे अब वापसी के लिए नई रणनीति बनानी होगी। टीम के गेंदबाजों को खास तौर पर सुधार की जरूरत है, क्योंकि लगातार बड़े स्कोर खाए जा रहे हैं।
MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है, जिससे बालाघाट, जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ेंगे. Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया–जबलपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने इसे महाकौशल क्षेत्र सहित प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात करार दिया और इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्रिमंडल का हृदय से आभार माना उनका कहना है कि इस परियोजना से नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, व्यवसाय और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. सेवातीर्थ में केन्द्रीय सरकार की पहली केबिनेट बैठक में गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है. रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गोंदिया–जबलपुर रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. इस कार्य के पूर्ण होने से मध्यप्रदेश के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे. गोंदिया–जबलपुर लाइन में ब्रिज और वन्यजीव सुरक्षा करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रूपए से 5 साल में पूरा होगा. जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा. इस दौरान इस लाईन में आने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रूपए अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे. साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे.
Navratri Second Day Brahmacharini: नवरात्र का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है, जो तप और संयम की देवी हैं. जानिए दूसरे दिन माता की पूजा विधि, मंत्र, भोग, आरती, और शुभ योग के बारे में? Chaitra Navratri Second Day of Goddess Brahmacharini: चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2026) के दौरान माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. जहां पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होता है, वहीं दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. चैत्र नवरात्रि के मौके पर हम आपको मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से जुड़ी संपूर्ण जानकारी नीचे दे रहे हैं. मां दुर्गा का दूसरा अवतार देवी ब्रह्मचारिणी तप, संयम, ज्ञान और वैराग्य की देवी हैं. माता को सफेद रंग के वस्त्र, चंदन, फूल और श्वेत मिठाई चढ़ाया जाता है. इस दिन का काफी खास महत्व है, क्योंकि पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बना हुआ है. आइए जानते हैं उनके मंत्र, पूजा विधि, कथा और आरती से जुड़ी सटीक जानकारी के बारे में. मां ब्रह्मचारिणी के नाम का अर्थ? मां ब्रह्मचारिणी तप शक्ति का प्रतीक हैं. ब्रह्मचारिणी माता की आराधना से भक्तों में तप की शक्ति बढ़ती है. इसके अलावा उन्हें मनोवांछित फल की भी प्राप्ति होती है. देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों में से दूसरे स्वरूप का नाम देवी ब्रह्मचारिणी है. नवरात्रि के दूसरे दिन के दौरान मां के इस अवतार की पूजा संपूर्ण विधि-विधान से करनी चाहिए. 'ब्रह्मचारिणी' नाम का मतलब ब्रह्म और चारिणी से मिलकर बना हुआ है. ब्रह्म का अर्थ है तप या तपस्या, वही चारिणी का अर्थ है आचरण करने वाली. ऐसे में ब्रह्मचारिणी का शाब्दिक अर्थ है, तप का आचरण करने वाली देवी. पौराणिक कथाओं के मुताबिक, भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए मां ने इस रूप में कठोर तपस्या की थी. नवरात्र के दूसरे दिन खास योग! चैत्र नवरात्रि के दूसरे सर्वार्थ सिद्धि के साथ अमृत सिद्धि योग भी बन रहा है, जो शुक्रवार सुबह 6 बजकर 25 मिनट से लेकर देर रात 2 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. इसके साथ ही शनिवार दोपहर2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक विजय मुहूर्त का संयोग बन रहा है. धार्मिक मान्यता है कि, सर्वार्थ सिद्धि योग में शुरू किए गए काम सफल होते हैं और राहुकाल में कोई नया काम या पूजा करने से वह निष्फल होता है. मां ब्रह्माचारिणी की पूजा विधि (Maa Brahmacharini Puja Vidhi) नवरात्र के दूसरे दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि कर साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद आसन पर बैठकर मां का ध्यान करते हुए पूजा करें. उन्हें फूल, चंदन, अक्षत, रोली, धूप, भोग आदि अर्पित करें. मां ब्रह्मचारिणी को दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से स्नान कराएं. उसके बाद मां को उनका पसंदीदा भोग अर्पित करें. उन्हें पान, सुपारी, लौंग अर्पित करना शुभ माना जाता है. मां ब्रह्मचारिणी से जुड़ा ध्यान मंत्र (Maa Brahmacharini Mantra) या देवी सर्वभेतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। दधना करपद्याभ्यांक्षमालाकमण्डलू। देवीप्रसीदतु मयी ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥ इस मंत्र का अर्थ है कि, देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरूप दिव्यता से भरा है. माता के दाहिने हाथ में जप की माला तो बाएं हाथ में कमंडल है. माता ब्रह्मचारिणी की आराधना करने के लिए ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नम: मंत्र का जाप करना चाहिए. मां ब्रह्मचारिणी का प्रिय भोग (Maa Brahmacharini Bhog) नवरात्र के दूसरे मां ब्रह्मचारिणी को उनका प्रिय भोग शर्करा या गुड़ अर्पित करना शुभ माना जाता है. ऐसा करने से आयुष्मान का आशीर्वाद प्राप्त होता है. ब्रह्मचारिणी माता जी की आरती (Maa Brahmacharini Aarti) जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता। जय चतुरानन प्रिय सुख दाता। ब्रह्मा जी के मन भाती हो। ज्ञान सभी को सिखलाती हो। ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा। जिसको जपे सकल संसारा। जय गायत्री वेद की माता। जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता। कमी कोई रहने न पाए। कोई भी दुख सहने न पाए। उसकी विरति रहे ठिकाने। जो तेरी महिमा को जाने। रुद्राक्ष की माला ले कर। जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर। आलस छोड़ करे गुणगाना। मां तुम उसको सुख पहुंचाना। ब्रह्माचारिणी तेरो नाम। पूर्ण करो सब मेरे काम। भक्त तेरे चरणों का पुजारी। रखना लाज मेरी महतारी।आरती करते समय खासतौर पर इस बात का ध्यान दें कि, देवी-देवताओं की 14 बार आरती उतारना है. 4 बार उनके चरणों पर से, 2 बार नाभि पर से, 1 बार मुख पर से और 7 बार पूरे शरीर पर से. आरती की बत्तियां 1, 5, 7 यानी विषम संख्या में ही बनाकर आरती करनी चाहिए.
UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है। शिक्षा विभाग की भूमिका स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए। शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया। वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया। राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है। प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है। विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है। आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है। राजनीतिक और सामाजिक संदेश Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है। पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है। संभावित चुनौतियां हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों की अपेक्षाएं इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं। UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026
Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है? Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है? सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है. जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है. चांदी के ताजा भाव दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है. आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार) दिल्ली में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए मुंबई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए कोलकाता में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए अहमदाबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए लखनऊ में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए पटना में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए हैदराबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए
रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान Ramcharan: हैदराबाद में हुए ग्रैंड रिसेप्शन में रश्मिका और विजय ने खूब चर्चा बटोरी. हालांकि सबसे ज्यादा ध्यान राम चरण के अलग अंदाज ने खींचा, जहां वो काले कपड़ों और नंगे पैर में नजर आए. साउथ फिल्म इंडस्ट्री के पॉपुलर कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों लगातार सुर्खियों में है. 4 मार्च को हैदराबाद में दोनों ने एक भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया गया, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े सितारे शामिल हुए. इस खास मौके पर जहां हर कोई कपल को बधाई देने पहुंचा, वहीं एक्टर राम चरण अपने अनोखे अंदाज की वजह से सबसे ज्यादा चर्चा में आ गए. नंगे पैर रिसेप्शन में आए रामचरण रिसेप्शन में राम चरण अपनी पत्नी उपासना के साथ पहुंचे थे. उन्होंने सिर से पैर तक काले रंग के कपड़े पहने हुए थे. लेकिन लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा इस बात ने खींचा कि वो बिना जूते-चप्पल के, यानी नंगे पैर ही कार्यक्रम में आए थे. उन्हें इस तरह देखकर कई लोग हैरान रह गए और सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं. लेकिन इसके पीछे एक खास धार्मिक वजह है. राम चरण इन दिनों 'अयप्पा दीक्षा' का पालन कर रहे हैं. ये भगवान अयप्पा के भक्तों द्वारा किया जाने वाला एक कठिन और पवित्र व्रत माना जाता है. इस व्रत के दौरान भक्तों को कुछ नियमों का सख्ती से पालन करना पड़ता है. 41 दिन की दीक्षा ले रहे रामचरण व्रत में काले या नीले रंग के कपड़े पहनना, सादगी से रहना और 41 दिनों तक नंगे पैर रहना शामिल होता है. इसी कारण राम चरण रिसेप्शन में भी बिना जूते के नजर आए. अयप्पा दीक्षा को अनुशासित और कठिन माना जाता है. इस बीच भक्तों को पूरी तरह ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है. साथ ही मांसाहारी भोजन, शराब से दूर रहना और बाल या दाढ़ी भी नहीं कटवाना होता है. ये व्रत सबरीमाला मंदिर की यात्रा से पहले किया जाता है. हालांकि ये पहली बार नहीं है जब राम चरण इस तरह नंगे पैर नजर आए हों. इससे पहले 2023 में ऑस्कर समारोह में शामिल होने से पहले भी वह अयप्पा दीक्षा का पालन करते हुए दिखाई दिए थे.
आईपीएल 2026 में आरसीबी और सीएसके के बीच हुए मुकाबले में कई बड़े रिकॉर्ड्स बने. इस मैच में विराट कोहली नेरोहित शर्मा का रिकॉर्ड तोड़ा, जबकि भुवनेश्वर कुमार ने भी एक नया कीर्तिमान स्थापित किया. RCB ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। टीम ने 20 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 250 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस पारी में टीम के बल्लेबाजों ने CSK के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और मैदान के चारों ओर चौके-छक्कों की बारिश कर दी। लक्ष्य का पीछा करने उतरी CSK की शुरुआत अच्छी नहीं रही। लगातार विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई। हालांकि बीच के ओवरों में कुछ बल्लेबाजों ने संघर्ष किया, लेकिन टीम 20वें ओवर में 207 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह RCB ने यह मुकाबला 43 रनों से अपने नाम कर लिया। CSK के खिलाफ बना सबसे बड़ा स्कोर इस मैच में RCB द्वारा बनाए गए 250 रन, IPL इतिहास में CSK के खिलाफ किसी भी टीम का सबसे बड़ा स्कोर बन गया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 231 रन का था, जो Gujarat Titans और Punjab Kings ने बनाया था। RCB की इस पारी ने साबित कर दिया कि उनकी बल्लेबाजी इस सीजन में बेहद खतरनाक फॉर्म में है। छक्कों की बारिश से बना नया रिकॉर्ड RCB के बल्लेबाजों ने इस मुकाबले में कुल 19 छक्के जड़े, जो CSK के खिलाफ किसी भी टीम द्वारा लगाए गए सबसे ज्यादा छक्के हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड 17 छक्कों का था, जिसे Rajasthan Royals और Kolkata Knight Riders ने बनाया था। इस आंकड़े से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मैच कितना आक्रामक और मनोरंजक रहा होगा। भुवनेश्वर कुमार का ऐतिहासिक मुकाम इस मुकाबले में एक और बड़ा रिकॉर्ड बना, जब Bhuvneshwar Kumar ने IPL में अपने 200 विकेट पूरे कर लिए। वह इस उपलब्धि तक पहुंचने वाले पहले भारतीय तेज गेंदबाज बन गए हैं। उन्होंने यह कारनामा 192 मैचों में हासिल किया। अब IPL में उनसे ज्यादा विकेट केवल Yuzvendra Chahal के नाम हैं, जिन्होंने अब तक 224 विकेट लिए हैं। भुवनेश्वर की यह उपलब्धि उनके अनुभव और निरंतर प्रदर्शन को दर्शाती है। विराट कोहली ने तोड़ा रोहित शर्मा का रिकॉर्ड इस मैच की सबसे बड़ी चर्चा रही Virat Kohli का नया रिकॉर्ड। कोहली अब IPL इतिहास में एक ही टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने CSK के खिलाफ अपने कुल रन 1188 तक पहुंचा दिए, जिससे उन्होंने Rohit Sharma का रिकॉर्ड तोड़ दिया। रोहित शर्मा ने Kolkata Knight Riders के खिलाफ 1161 रन बनाए थे। कोहली की यह उपलब्धि उनकी निरंतरता और बड़े मैचों में प्रदर्शन करने की क्षमता को दर्शाती है। IPL में उनका रिकॉर्ड लगातार बेहतर होता जा रहा है और वह हर सीजन में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। RCB की मजबूत शुरुआत, CSK की मुश्किलें IPL 2026 में RCB ने लगातार दो जीत के साथ शानदार शुरुआत की है। टीम का आत्मविश्वास काफी ऊंचा नजर आ रहा है और बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी भी संतुलित दिख रही है। वहीं दूसरी ओर CSK के लिए यह सीजन अब तक बेहद निराशाजनक रहा है। टीम अपने शुरुआती तीनों मुकाबले हार चुकी है और उसे अब वापसी के लिए नई रणनीति बनानी होगी। टीम के गेंदबाजों को खास तौर पर सुधार की जरूरत है, क्योंकि लगातार बड़े स्कोर खाए जा रहे हैं। क्या कहते हैं आंकड़े? RCB का 250 रन — CSK के खिलाफ सबसे बड़ा स्कोर 19 छक्के — CSK के खिलाफ नया रिकॉर्ड भुवनेश्वर कुमार — 200 IPL विकेट विराट कोहली — एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा रन (1188 vs CSK)
चेन्नई की टीम पिछले सीजन यानी IPL 2025 की पॉइंट्स टेबल में सबसे निचले स्थान पर रही थी. ऋतुराज गायकवाड़ की सेना इस बार अपनी किस्मत बदलना चाहेगी. आईपीएल 2026 को लेकर क्रिकेट फैंस में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है और खासकर चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) इस बार सबसे ज्यादा चर्चा में बनी हुई है। पांच बार की चैंपियन टीम इस सीजन अपने अभियान की शुरुआत 30 मार्च को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ करेगी। यह मुकाबला गुवाहाटी में खेला जाएगा। 🟡 CSK पर क्यों है खास नजर? इस बार चेन्नई सुपर किंग्स कई वजहों से सुर्खियों में है। सबसे बड़ी बात यह है कि स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन पहली बार पीली जर्सी में नजर आएंगे। उनका टीम में शामिल होना CSK के बल्लेबाजी क्रम को और मजबूत बनाता है। इसके अलावा टीम की कमान एक बार फिर ऋतुराज गायकवाड़ के हाथों में है, जो पिछले सीजन में टीम के कप्तान थे। हालांकि IPL 2025 में CSK का प्रदर्शन बेहद खराब रहा था और टीम पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे रही थी। ऐसे में इस बार टीम अपने प्रदर्शन को सुधारने के इरादे से मैदान में उतरेगी। 📉 पिछले सीजन की निराशा, इस बार नई उम्मीद CSK के लिए पिछले दो सीजन अच्छे नहीं रहे। 2023 में चैंपियन बनने के बाद टीम लगातार दो साल प्लेऑफ में जगह बनाने में नाकाम रही। अब IPL 2026 में टीम का लक्ष्य छठी बार खिताब जीतना है। टीम मैनेजमेंट ने इस बार कुछ नए खिलाड़ियों पर बड़ा दांव लगाया है। खासकर कार्तिक शर्मा, जिन्हें 14.2 करोड़ रुपये में खरीदा गया, और प्रशांत वीर से टीम को काफी उम्मीदें हैं। 🌟 युवा खिलाड़ियों पर रहेगा फोकस पिछले सीजन में आयुष म्हात्रे ने शानदार प्रदर्शन किया था और इस बार भी उनसे अच्छे खेल की उम्मीद है। वहीं डेवाल्ड ब्रेविस जैसे युवा खिलाड़ी टीम को नई ऊर्जा देंगे। 📅 CSK का पूरा शेड्यूल (IPL 2026) 30 मार्च – CSK vs RR – गुवाहाटी 3 अप्रैल – CSK vs PBKS – चेन्नई 5 अप्रैल – CSK vs RCB – बेंगलुरू 11 अप्रैल – CSK vs DC – चेन्नई 14 अप्रैल – CSK vs KKR – चेन्नई 18 अप्रैल – CSK vs SRH – हैदराबाद 23 अप्रैल – CSK vs MI – मुंबई 26 अप्रैल – CSK vs GT – अहमदाबाद 2 मई – CSK vs MI – चेन्नई 5 मई – CSK vs DC – दिल्ली 10 मई – CSK vs LSG – चेन्नई 15 मई – CSK vs LSG – लखनऊ 18 मई – CSK vs SRH – चेन्नई 21 मई – CSK vs GT – चेन्नई 🏆 CSK का गौरवशाली इतिहास चेन्नई सुपर किंग्स आईपीएल की सबसे सफल टीमों में से एक है। टीम ने आखिरी बार 2023 में खिताब जीता था, जब फाइनल में गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराया था। CSK की खासियत उसकी स्थिरता और अनुभव है, जो उसे हर बार खिताब का मजबूत दावेदार बनाता है। 👥 CSK का स्क्वाड (IPL 2026) ऋतुराज गायकवाड़ (कप्तान) एमएस धोनी संजू सैमसन डेवाल्ड ब्रेविस आयुष म्हात्रे कार्तिक शर्मा सरफराज खान उर्विल पटेल, अंशुल कंबोज जेमी ओवरटन, रामकृष्ण घोष प्रशांत वीर मैथ्यू शॉर्ट, अमन खान जैक फॉल्क्स शिवम दुबे खलील अहमद, नूर अहमद मुकेश चौधरी, स्पेंसर जॉनसन श्रेयस गोपाल, गुरजापनीत सिंह अकील होसेन, मैट हेनरी राहुल चाहर 🔥 क्या CSK छठी बार बनेगी चैंपियन? इस बार CSK के पास अनुभव और युवा खिलाड़ियों का शानदार मिश्रण है। एमएस धोनी की मौजूदगी टीम के लिए हमेशा प्रेरणादायक रहती है, भले ही वे कप्तान न हों। अगर टीम संतुलन बनाए रखती है और खिलाड़ी फॉर्म में रहते हैं, तो CSK इस बार छठी बार ट्रॉफी जीतने की प्रबल दावेदार बन सकती है।
आईपीएल 2026 से पहले राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने 14 साल के वैभव सूर्यवंशी को हिदायत दी है. उन्होंने कहा है की वैभव को मीडिया इंटरव्यू से दूर रहकर सिर्फ अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान देना है. आईपीएल 2026 शुरू होने से पहले राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी फिर चर्चा में हैं. 14 साल की उम्र में अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले इस खिलाड़ी को अब टीम मैनेजमेंट और कप्तान रियान पराग संभालकर आगे बढ़ाना चाहते हैं. यही वजह है कि वैभव को साफ तौर पर सलाह दी गई है कि वह मीडिया की चकाचौंध से दूर रहें और अपना पूरा ध्यान सिर्फ बल्लेबाजी पर लगाएं. रियान पराग ने क्यों दी यह सलाह राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग का मानना है कि इतनी कम उम्र में जरूरत से ज्यादा चर्चा किसी भी खिलाड़ी पर दबाव बढ़ा सकती है. इसलिए टीम ने तय किया है कि वैभव को फिलहाल आधिकारिक प्रेस इवेंट और मीडिया इंटरव्यू से दूर रखा जाएगा. इसके साथ ही उन्हें सोशल मीडिया से भी दूरी बनाने की सलाह दी गई है, ताकि बाहरी शोर, तारीफ और आलोचना का असर उनके खेल पर न पड़े. डेब्यू में ही बना दिया था बड़ा रिकॉर्ड वैभव सूर्यवंशी ने पिछले सीजन अपने डेब्यू से ही सबको चौंका दिया था. 19 अप्रैल 2025 को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ जयपुर में उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के लिए आईपीएल डेब्यू किया था. उस समय उनकी उम्र सिर्फ 14 साल और 23 दिन थी, और इसी के साथ वह आईपीएल इतिहास के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए थे. दिलचस्प बात यह रही कि उन्होंने अपने आईपीएल करियर की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ दिया था. इस तरह वह उन चुनिंदा बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए, जिन्होंने लीग में अपनी पहली गेंद पर ही सिक्स लगाया है. अंडर-19 वर्ल्ड कप से बढ़ा कद वैभव का आत्मविश्वास सिर्फ आईपीएल तक सीमित नहीं है. हाल ही में अंडर-19 वर्ल्ड कप में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था. इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में 80 गेंदों पर 175 रन की विस्फोटक पारी खेलकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का जोरदार परिचय दिया था, इसी प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा चेहरों में शामिल कर दिया है. पूर्व दिग्गज ने भी दी चेतावनी हालांकि, पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी ने आगाह किया है कि वैभव के लिए दूसरा सीजन आसान नहीं होगा. अब विरोधी टीमें उनके खेल को समझ चुकी हैं और उनकी कमजोरी पर काम करेंगी. ऐसे में तकनीक, धैर्य और मानसिक मजबूती की असली परीक्षा अब होगी. बालाजी का मानना है कि राजस्थान रॉयल्स के हेड कोच और डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट कुमार संगकारा का मार्गदर्शन इस दौर में बहुत अहम रहेगा. टीम का प्लान और वैभव का बड़ा सपना राजस्थान रॉयल्स की योजना वैभव को यशस्वी जायसवाल जैसे अनुभवी ओपनर के साथ उतारने की भी है, ताकि युवा बल्लेबाज पर शुरुआत का पूरा दबाव न आए. दूसरी ओर, वैभव खुद भी बड़े सपने लेकर मैदान में उतरना चाहते हैं. उन्होंने पहले ही कहा है कि उनकी नजरें क्रिस गेल के आईपीएल के 175 रन के रिकॉर्ड पर हैं.