चेन्नई सुपर किंग्स के गेंदबाजों के लिए सबसे बड़ा खतरा वैभव सूर्यवंशी होंगे.
वैभव अगर छह ओवर के पावरप्ले में खेल गए, तो चेन्नई का गेंदबाजी अटैक मुश्किलों में घिर सकता है.
आईपीएल 2026 के तीसरे मुकाबले में सोमवार को चेन्नई सुपर किंग्स की भिड़ंत राजस्थान रॉयल्स के साथ होगी. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है. आइए आपको राजस्थान के उन 5 खिलाड़ियों के नाम बताते हैं, जो चेन्नई के लिए इस मुकाबले में बड़ा खतरा बन सकते हैं.
वैभव सूर्यवंशी: चेन्नई सुपर किंग्स के गेंदबाजों के लिए सबसे बड़ा खतरा वैभव सूर्यवंशी होंगे. वैभव अगर छह ओवर के पावरप्ले में खेल गए, तो चेन्नई का गेंदबाजी अटैक मुश्किलों में घिर सकता है. वैभव ने पिछले एक साल में अपनी बल्लेबाजी से खासा प्रभावित किया है. आईपीएल 2025 में वैभव ने 7 मुकाबलों में 206 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 252 रन बनाए थे. वैभव के खेल में पिछले सीजन के बाद और ज्यादा सुधार आया है.
यशस्वी जायसवाल: राजस्थान रॉयल्स के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को चेन्नई सुपर किंग्स का गेंदबाजी अटैक खूब रास आता है. यशस्वी ने चेन्नई के खिलाफ खेले 8 मुकाबलों में 161 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 266 रन बनाए हैं. इस दौरान वह तीन अर्धशतक लगा चुके हैं. यशस्वी अगर लय में नजर आए, तो चेन्नई की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
शिमरोन हेटमायर: वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज शिमरोन हेटमायर की हालिया फॉर्म काफी अच्छी चल रही है. हाल ही में खत्म हुए टी20 विश्व कप 2026 में हेटमायर का प्रदर्शन शानदार रहा था. उन्होंने 7 मुकाबलों में 186 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 248 रन बनाए थे. इस दौरान हेटमायर ने दो अर्धशतक लगाए थे. कैरेबियाई बल्लेबाज अकेले दम पर किसी भी मैच का रुख पलटने की काबिलियत रखता है.
रवींद्र जडेजा: चेन्नई सुपर किंग्स के साथ लंबे समय तक खेलने के बाद जडेजा इस सीजन में राजस्थान रॉयल्स की टीम का हिस्सा हैं. जडेजा चेन्नई के बल्लेबाजों और गेंदबाजों की ताकत और कमजोरी से अच्छी तरह से वाकिफ हैं, जिसका फायदा राजस्थान को रणनीति बनाने में मिल सकता है. जडेजा इस मुकाबले में राजस्थान के लिए सबसे बड़े ट्रंप कार्ड साबित हो सकते हैं. वह बल्ले और गेंद दोनों से अहम योगदान दे सकते हैं.
जोफ्रा आर्चर: इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर चेन्नई सुपर किंग्स के बल्लेबाजों की अग्निपरीक्षा लेते हुए नजर आ सकते हैं. आर्चर के पास जबरदस्त रफ्तार मौजूद है और अच्छी लाइन एंड लेंथ के बूते वह चेन्नई के बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त कर सकते हैं. आर्चर का प्रदर्शन टी20 विश्व कप 2026 में शानदार रहा था और वह टूर्नामेंट में सर्वाधिक डॉट गेंदें फेंकने वाले गेंदबाज रहे थे.
MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है, जिससे बालाघाट, जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ेंगे. Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया–जबलपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने इसे महाकौशल क्षेत्र सहित प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात करार दिया और इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्रिमंडल का हृदय से आभार माना उनका कहना है कि इस परियोजना से नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, व्यवसाय और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. सेवातीर्थ में केन्द्रीय सरकार की पहली केबिनेट बैठक में गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है. रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गोंदिया–जबलपुर रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. इस कार्य के पूर्ण होने से मध्यप्रदेश के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे. गोंदिया–जबलपुर लाइन में ब्रिज और वन्यजीव सुरक्षा करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रूपए से 5 साल में पूरा होगा. जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा. इस दौरान इस लाईन में आने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रूपए अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे. साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे.
Navratri Second Day Brahmacharini: नवरात्र का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है, जो तप और संयम की देवी हैं. जानिए दूसरे दिन माता की पूजा विधि, मंत्र, भोग, आरती, और शुभ योग के बारे में? Chaitra Navratri Second Day of Goddess Brahmacharini: चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2026) के दौरान माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. जहां पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होता है, वहीं दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. चैत्र नवरात्रि के मौके पर हम आपको मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से जुड़ी संपूर्ण जानकारी नीचे दे रहे हैं. मां दुर्गा का दूसरा अवतार देवी ब्रह्मचारिणी तप, संयम, ज्ञान और वैराग्य की देवी हैं. माता को सफेद रंग के वस्त्र, चंदन, फूल और श्वेत मिठाई चढ़ाया जाता है. इस दिन का काफी खास महत्व है, क्योंकि पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बना हुआ है. आइए जानते हैं उनके मंत्र, पूजा विधि, कथा और आरती से जुड़ी सटीक जानकारी के बारे में. मां ब्रह्मचारिणी के नाम का अर्थ? मां ब्रह्मचारिणी तप शक्ति का प्रतीक हैं. ब्रह्मचारिणी माता की आराधना से भक्तों में तप की शक्ति बढ़ती है. इसके अलावा उन्हें मनोवांछित फल की भी प्राप्ति होती है. देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों में से दूसरे स्वरूप का नाम देवी ब्रह्मचारिणी है. नवरात्रि के दूसरे दिन के दौरान मां के इस अवतार की पूजा संपूर्ण विधि-विधान से करनी चाहिए. 'ब्रह्मचारिणी' नाम का मतलब ब्रह्म और चारिणी से मिलकर बना हुआ है. ब्रह्म का अर्थ है तप या तपस्या, वही चारिणी का अर्थ है आचरण करने वाली. ऐसे में ब्रह्मचारिणी का शाब्दिक अर्थ है, तप का आचरण करने वाली देवी. पौराणिक कथाओं के मुताबिक, भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए मां ने इस रूप में कठोर तपस्या की थी. नवरात्र के दूसरे दिन खास योग! चैत्र नवरात्रि के दूसरे सर्वार्थ सिद्धि के साथ अमृत सिद्धि योग भी बन रहा है, जो शुक्रवार सुबह 6 बजकर 25 मिनट से लेकर देर रात 2 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. इसके साथ ही शनिवार दोपहर2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक विजय मुहूर्त का संयोग बन रहा है. धार्मिक मान्यता है कि, सर्वार्थ सिद्धि योग में शुरू किए गए काम सफल होते हैं और राहुकाल में कोई नया काम या पूजा करने से वह निष्फल होता है. मां ब्रह्माचारिणी की पूजा विधि (Maa Brahmacharini Puja Vidhi) नवरात्र के दूसरे दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि कर साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद आसन पर बैठकर मां का ध्यान करते हुए पूजा करें. उन्हें फूल, चंदन, अक्षत, रोली, धूप, भोग आदि अर्पित करें. मां ब्रह्मचारिणी को दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से स्नान कराएं. उसके बाद मां को उनका पसंदीदा भोग अर्पित करें. उन्हें पान, सुपारी, लौंग अर्पित करना शुभ माना जाता है. मां ब्रह्मचारिणी से जुड़ा ध्यान मंत्र (Maa Brahmacharini Mantra) या देवी सर्वभेतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। दधना करपद्याभ्यांक्षमालाकमण्डलू। देवीप्रसीदतु मयी ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥ इस मंत्र का अर्थ है कि, देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरूप दिव्यता से भरा है. माता के दाहिने हाथ में जप की माला तो बाएं हाथ में कमंडल है. माता ब्रह्मचारिणी की आराधना करने के लिए ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नम: मंत्र का जाप करना चाहिए. मां ब्रह्मचारिणी का प्रिय भोग (Maa Brahmacharini Bhog) नवरात्र के दूसरे मां ब्रह्मचारिणी को उनका प्रिय भोग शर्करा या गुड़ अर्पित करना शुभ माना जाता है. ऐसा करने से आयुष्मान का आशीर्वाद प्राप्त होता है. ब्रह्मचारिणी माता जी की आरती (Maa Brahmacharini Aarti) जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता। जय चतुरानन प्रिय सुख दाता। ब्रह्मा जी के मन भाती हो। ज्ञान सभी को सिखलाती हो। ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा। जिसको जपे सकल संसारा। जय गायत्री वेद की माता। जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता। कमी कोई रहने न पाए। कोई भी दुख सहने न पाए। उसकी विरति रहे ठिकाने। जो तेरी महिमा को जाने। रुद्राक्ष की माला ले कर। जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर। आलस छोड़ करे गुणगाना। मां तुम उसको सुख पहुंचाना। ब्रह्माचारिणी तेरो नाम। पूर्ण करो सब मेरे काम। भक्त तेरे चरणों का पुजारी। रखना लाज मेरी महतारी।आरती करते समय खासतौर पर इस बात का ध्यान दें कि, देवी-देवताओं की 14 बार आरती उतारना है. 4 बार उनके चरणों पर से, 2 बार नाभि पर से, 1 बार मुख पर से और 7 बार पूरे शरीर पर से. आरती की बत्तियां 1, 5, 7 यानी विषम संख्या में ही बनाकर आरती करनी चाहिए.
UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है। शिक्षा विभाग की भूमिका स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए। शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया। वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया। राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है। प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है। विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है। आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है। राजनीतिक और सामाजिक संदेश Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है। पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है। संभावित चुनौतियां हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों की अपेक्षाएं इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं। UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026
Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है? Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है? सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है. जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है. चांदी के ताजा भाव दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है. आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार) दिल्ली में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए मुंबई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए कोलकाता में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए अहमदाबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए लखनऊ में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए पटना में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए हैदराबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए
रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान Ramcharan: हैदराबाद में हुए ग्रैंड रिसेप्शन में रश्मिका और विजय ने खूब चर्चा बटोरी. हालांकि सबसे ज्यादा ध्यान राम चरण के अलग अंदाज ने खींचा, जहां वो काले कपड़ों और नंगे पैर में नजर आए. साउथ फिल्म इंडस्ट्री के पॉपुलर कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों लगातार सुर्खियों में है. 4 मार्च को हैदराबाद में दोनों ने एक भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया गया, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े सितारे शामिल हुए. इस खास मौके पर जहां हर कोई कपल को बधाई देने पहुंचा, वहीं एक्टर राम चरण अपने अनोखे अंदाज की वजह से सबसे ज्यादा चर्चा में आ गए. नंगे पैर रिसेप्शन में आए रामचरण रिसेप्शन में राम चरण अपनी पत्नी उपासना के साथ पहुंचे थे. उन्होंने सिर से पैर तक काले रंग के कपड़े पहने हुए थे. लेकिन लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा इस बात ने खींचा कि वो बिना जूते-चप्पल के, यानी नंगे पैर ही कार्यक्रम में आए थे. उन्हें इस तरह देखकर कई लोग हैरान रह गए और सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं. लेकिन इसके पीछे एक खास धार्मिक वजह है. राम चरण इन दिनों 'अयप्पा दीक्षा' का पालन कर रहे हैं. ये भगवान अयप्पा के भक्तों द्वारा किया जाने वाला एक कठिन और पवित्र व्रत माना जाता है. इस व्रत के दौरान भक्तों को कुछ नियमों का सख्ती से पालन करना पड़ता है. 41 दिन की दीक्षा ले रहे रामचरण व्रत में काले या नीले रंग के कपड़े पहनना, सादगी से रहना और 41 दिनों तक नंगे पैर रहना शामिल होता है. इसी कारण राम चरण रिसेप्शन में भी बिना जूते के नजर आए. अयप्पा दीक्षा को अनुशासित और कठिन माना जाता है. इस बीच भक्तों को पूरी तरह ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है. साथ ही मांसाहारी भोजन, शराब से दूर रहना और बाल या दाढ़ी भी नहीं कटवाना होता है. ये व्रत सबरीमाला मंदिर की यात्रा से पहले किया जाता है. हालांकि ये पहली बार नहीं है जब राम चरण इस तरह नंगे पैर नजर आए हों. इससे पहले 2023 में ऑस्कर समारोह में शामिल होने से पहले भी वह अयप्पा दीक्षा का पालन करते हुए दिखाई दिए थे.
राजस्थान रॉयल्स ने जीत के साथ IPL 2026 की शुरुआत की। टीम ने चेन्नई सुपर किंग्स को 8 विकेट से हरा दिया। गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में चेन्नई 19.4 ओवर में 127 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। राजस्थान ने 12.1 ओवर में 2 ही विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। इस मुकाबले में कई दिलचस्प मोमेंट्स देखने को मिले। वैभव का पहली ही गेंद पर कैच छूट गया। पारी में आगे उन्होंने सिक्स लगाकर फिफ्टी पूरी की। रवींद्र जडेजा ने शिवम दुबे को आउट करके गन सेलिब्रेशन किया। RR Vs CSK चौथे मैच के टॉप मोमेंट्स… 1. दो प्लेयर्स ने डेब्यू किया मैच में राजस्थान और चेन्नई से एक-एक प्लेयर ने डेब्यू किया। राजस्थान से तेज गेंदबाज बृजेश शर्मा मैदान पर उतरे। चेन्नई से विकेटकीपर बैटर कार्तिक शर्मा ने अपना पहला मैच खेला। कार्तिक को बृजेश शर्मा ने ही पवेलियन भेजा। वे 18 रन ही बना सके। बृजेश ने 3 ओवर में 17 रन देकर एक विकेट लिया। बृजेश शर्मा ने कार्तिक शर्मा को पवेलियन भेजा। 2. सैमसन चेन्नई के लिए पहले मैच में 6 रन बनाकर बोल्ड दूसरे ओवर की आखिरी बॉल पर संजू सैमसन बोल्ड हो गए। नांद्रे बर्गर ने उन्हे इनस्विंगर बॉल पर आउट किया। CSK के लिए पहले मैच में सैमसन 6 रन ही बना सके। संजू सैमसन 6 रन बनाकर बोल्ड हो गए। 3. रॉयल्स को रिव्यू में विकेट चौथे ओवर में राजस्थान रॉयल्स को रिव्यू पर विकेट मिला। पहली बॉल नांद्रे बर्गर ने शॉर्ट पिच फेंकी। आयुष म्हात्रे पुल शॉट खेलने गए, लेकिन कॉट बिहाइंड हो गए। राजस्थान के प्लेयर्स की अपील पर अंपायर ने नॉट आउट दिया। विकेटकीपर ध्रुव जुरेल के कहने पर कप्तान रियान पराग ने रिव्यू लिया। रीप्ले में दिखा की म्हात्रे के बैट से लगाकर बॉल कीपर के पास गई। अंपायर को फैसला बदलना पड़ा और म्हात्रे शून्य के स्कोर पर आउट हो गए। आयुष म्हात्रे शून्य के स्कोर पर आउट होने के बाद पवेलियन की ओर जाते हुए। 4. सरफराज को बैट टेस्ट कराने के बाद बदलना पड़ा आयुष म्हात्रे के आउट होने के बाद सरफराज खान इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर मैदान पर उतरे। क्रीज पर आने से पहले अंपायर ने सरफराज के बैट की जांच की, लेकिन उनका बैट टेस्ट में पास नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें बैट बदलना पड़ा। सरफराज खान का बैट गेज टेस्ट में फेल हो गया। इसके बाद उनको बैट बदलना पड़ा। 5. जडेजा का गन सेलिब्रेशन राजस्थान के लिए 17 साल बाद खेलने उतरे रवींद्र जडेजा ने अपने पहले ही ओवर में 2 विकेट ले लिए। 8वें ओवर की दूसरी बॉल जडेजा ने गुड लेंथ पर फेंकी। सरफराज खान स्वीप शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद उनके पैड पर लग गई। सरफराज 17 रन बनाकर आउट हुए। शिवम दुबे बैटिंग करने उतरे, उन्होंने पहली ही गेंद पर छक्का लगा दिया। जडेजा ने आखिरी गेंद पर हिसाब बराबर किया और दुबे को लॉन्ग ऑफ पर कैच करा दिया। इसके बाद जडेजा ने हाथ से बंदूक का इशारा बनाते हुए गोली दाग दी। दुबे 6 रन ही बना सके। रवींद्र जडेजा ने शिवम दुबे को आउट करने के बाद कुछ इस तरह इशारा किया। 6. वैभव का पहली बॉल पर कैच छूटा चेन्नई के लिए पहला ओवर मैट हेनरी फेंकने आए। वैभव सूर्यवंशी अपनी पहली बॉल पर बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद हवा में खड़ी हो गई। कार्तिक शर्मा गेंद के नीचे आए, लेकिन कैच नहीं पकड़ सके। अगली गेंद पर सूर्यवंशी ने छक्का भी लगा दिया। कार्तिक शर्मा ने पीछे की तरफ भागते हुए वैभव का कैच लेने की कोशिश की, लेकिन बॉल उनके हाथ में लगकर मैदान पर गिर गई। 7. कार्तिक ने वैभव की शू लेस बांधी डेब्यू कर रहे कार्तिक शर्मा ने वैभव सूर्यवंशी के जूतों की बद्दी बांधी। वैभव राजस्थान के लिए ओपनिंग करने आए। कार्तिक शर्मा ने वैभव की शू लेस बांधी। 8. वैभव की सिक्स से फिफ्टी वैभव सूर्यवंशी ने पावरप्ले के आखिरी ओवर में फिफ्टी पूरी कर ली। उन्होंने नूर अहमद के खिलाफ लगातार 2 छक्के लगाए और महज 15 गेंद पर हाफ सेंचुरी पूरी कर ली। वैभव 52 रन बनाकर कैच आउट हुए। उन्होंने 15 बॉल पर फिफ्टी लगाई। 9. पराग का रिवर्स स्वीप पर सिक्स 10.6 ओवर में नूर अहमद की गेंद पर रियान पराग ने रिवर्स खेलते हुए सिक्स लगा दिया। पराग ने नूर की फुल लेंथ गेंद को नीचे से स्वाइप करते हुए शॉट लगाया। रियान पराग 13 रन बनाकर नाबाद रहे। वैभव की राजस्थान के लिए दूसरी सबसे तेज फिफ्टी:ओवरटन ने धोनी का रिकॉर्ड तोड़ा, रॉयल्स की सबसे बड़ी जीत; रिकॉर्ड्स 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने राजस्थान रॉयल्स के लिए दूसरी सबसे तेज फिफ्टी लगाकर टीम को जीत दिलाई। गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में राजस्थान ने चेन्नई सुपर किंग्स को 8 विकेट से हराया
Kolkata Knight Riders: केकेआर ने IPL 2026 से पहले एक दिग्गज की जर्सी को आधिकारिक रूप से रिटायर कर दिया. KKR Jersey Retire: कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने IPL 2026 की शुरुआत से पहले टीम के एक दिग्गज को सम्मान देते हुए खास जर्सी को रिटायर कर दिया. टीम ने जर्सी रिटायरमेंट का ऐलान सोशल मीडिया के जरिए किया. तो आइए जानते हैं कि फ्रेंचाइजी ने किसी खिलाड़ी को सम्मान देते हुए जर्सी को हमेशा के लिए रिटायर कर दिया है. तो यह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि, वेस्टइंडीज के दिग्गज ऑलराउंडर आंद्रे रसेल हैं, जिनके सम्मान में टीम ने 12 नंबर की जर्सी को रिटायर कर दिया है. बताते चलें कि रलेस ने आगामी सीजन से पहले आईपीएल को अलविदा बोलते हुए संन्यास ले लिया है. दरअसल फ्रेंचाइजी ने रसेल को रिलीज कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने किसी दूसरी टीम से खेलने के बजाय संन्यास लेना ठीक समझा. हालांकि अब संन्यास के बाद वह केकेआर में 'पॉवर कोच' की भूमिका अदा करेंगे. इस तरह संन्यास के बाद भी वह कोलकाता के साथ जुड़े रहेंगे. मुख्यत: केकेआर के लिए खेला आईपीएल रसेल ने अपने आईपीएल करियर में कुल 140 मैच खेले, जिसमें 133 मैच उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेले. वह 13 सीजन तक इंडियन प्रीमियर लीग का हिस्सा रहे, जिसमें 11 सीजन नाइट राइडर्स के लिए खेले. उन्होंने 2012 में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलते हुए आईपीएल डेब्यू किया. इसके बाद 2013 का सीजन भी दिल्ली के लिए खेला. फिर 2014 से रसेल ने जो कोलकाता का हाथ थामा, तो फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. 11 सीजन फ्रेंचाइजी के लिए खेलने के बाद टूर्नामेंट से संन्यास का एलान कर दिया. जाहिर तौर पर टीम को आगामी सीजन में रसेल की कमी खलेगी, क्योंकि वह एक अहम ऑलराउंडर थे. रसेल का आईपीएल करियर बात करें रसेल के आईपीएल करियर की, तो उन्होंने 140 मैच खेले. इन मैचों की 115 पारियों में बैटिंग करते हुए 28.20 की औसत और 174.17 के स्ट्राइक रेट से 2651 रन बनाए, जिसमें 12 अर्धशतक शामिल रहे. उनका हाई स्कोर 88* रनों का रहा. दूसरी तरफ, 121 पारियों में गेंदबाजी करते हुए रसेल ने 23.27 की औसत से 123 विकेट अपने नाम किए, जिसमें बेस्ट 5/15 का रहा.
हाल ही में एम एस धोनी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है. इसमे उन्होंने लिखा, "कुछ नंबर आपके साथ रहते हैं और नंबर-7 मेरे लिए उनमें से एक रहा है. लेकिन आज, मैं इसे बदलकर 8 कर रहा हूं." एमएस धोनी के एक पोस्ट ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है. भारत के स्टार खिलाड़ी ने आईपीएल 2026 से पहले संकेत दिया है कि वह 7 नंबर की जर्सी छोड़कर 8 नंबर की जर्सी पहनने जा रहे हैं. नंबर-7 सिर्फ एक नंबर नहीं है, बल्कि ये माही और फैंस के लिए एक इमोशन है. बता दें कि धोनी 7वें महीने की 7 तारीख को जन्मे थे, इस कारण वह इस नंबर की जर्सी पहनते हैं. तो अब अपने आईपीएल करियर के अंतिम दौर पर वह जर्सी नंबर क्यों बदल रहे हैं. एमएस धोनी आईपीएल में पहले संस्करण से चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेल रहे हैं. सिर्फ 2 सीजन में राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स के लिए खेले, जब सीएसके पर बैन लगा हुआ था. 2020 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके धोनी अब सिर्फ आईपीएल में खेलते हैं. माना जा रहा है कि आईपीएल 2026 उनका बतौर प्लेयर आखिरी आईपीएल सीजन हो सकता है. लेकिन इससे पहले धोनी ने अपने पोस्ट से सभी को चौंका दिया है. क्या एमएस धोनी पहनेंगे 8 नंबर की जर्सी? धोनी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "कुछ नंबर आपके साथ रहते हैं और नंबर-7 मेरे लिए उनमें से एक रहा है. लेकिन आज, मैं इसे बदलकर 8 कर रहा हूं." वीडियो में नंबर-7 की जर्सी नजर आती है, लेकिन कोई उसे उतारकर वहां नंबर-8 की जर्सी टांग देता है. लेकिन आखिर एमएस धोनी अपने आईपीएल करियर के अंतिम दौर में अपनी जर्सी नंबर क्यों बदल रहे हैं? यही सवाल हर फैन सोच रहा है. धोनी ने अपने पोस्ट में लिखा, "आप इसका कारण आने वाले समय में जानेंगे." हालांकि जो जर्सी वीडियो में नजर आ रही है, वो सीएसके की या येलो रंग की नहीं है. ये जर्सी नीले रंग की है, जिसमें तिरंगे के रंग की धारियां बनी हुई है. धोनी की जर्सी हो चुकी है रिटायर बता दें कि साल 2023 में बीसीसीआई ने महेंद्र सिंह धोनी की जर्सी नंबर-7 को रिटायर करने का फैसला किया था. इससे पहले सचिन तेंदुलकर की जर्सी नंबर 10 को भी रिटायर (2017 में) किया जा चुका है. धोनी के आईपीएल करियर की बात करें तो उन्होंने 278 मैचों में खेली 242 पारियों 5439 रन बनाए हैं, इसमें 24 अर्ध्दशतक शामिल हैं.