आईपीएल 2026 से पहले राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने 14 साल के वैभव सूर्यवंशी को हिदायत दी है. उन्होंने कहा है की वैभव को मीडिया इंटरव्यू से दूर रहकर सिर्फ अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान देना है.
आईपीएल 2026 शुरू होने से पहले राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी फिर चर्चा में हैं. 14 साल की उम्र में अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले इस खिलाड़ी को अब टीम मैनेजमेंट और कप्तान रियान पराग संभालकर आगे बढ़ाना चाहते हैं. यही वजह है कि वैभव को साफ तौर पर सलाह दी गई है कि वह मीडिया की चकाचौंध से दूर रहें और अपना पूरा ध्यान सिर्फ बल्लेबाजी पर लगाएं.
रियान पराग ने क्यों दी यह सलाह
राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग का मानना है कि इतनी कम उम्र में जरूरत से ज्यादा चर्चा किसी भी खिलाड़ी पर दबाव बढ़ा सकती है. इसलिए टीम ने तय किया है कि वैभव को फिलहाल आधिकारिक प्रेस इवेंट और मीडिया इंटरव्यू से दूर रखा जाएगा. इसके साथ ही उन्हें सोशल मीडिया से भी दूरी बनाने की सलाह दी गई है, ताकि बाहरी शोर, तारीफ और आलोचना का असर उनके खेल पर न पड़े.
डेब्यू में ही बना दिया था बड़ा रिकॉर्ड
वैभव सूर्यवंशी ने पिछले सीजन अपने डेब्यू से ही सबको चौंका दिया था. 19 अप्रैल 2025 को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ जयपुर में उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के लिए आईपीएल डेब्यू किया था. उस समय उनकी उम्र सिर्फ 14 साल और 23 दिन थी, और इसी के साथ वह आईपीएल इतिहास के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए थे. दिलचस्प बात यह रही कि उन्होंने अपने आईपीएल करियर की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ दिया था. इस तरह वह उन चुनिंदा बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए, जिन्होंने लीग में अपनी पहली गेंद पर ही सिक्स लगाया है.
अंडर-19 वर्ल्ड कप से बढ़ा कद
वैभव का आत्मविश्वास सिर्फ आईपीएल तक सीमित नहीं है. हाल ही में अंडर-19 वर्ल्ड कप में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था. इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में 80 गेंदों पर 175 रन की विस्फोटक पारी खेलकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का जोरदार परिचय दिया था, इसी प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा चेहरों में शामिल कर दिया है.
पूर्व दिग्गज ने भी दी चेतावनी
हालांकि, पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी ने आगाह किया है कि वैभव के लिए दूसरा सीजन आसान नहीं होगा. अब विरोधी टीमें उनके खेल को समझ चुकी हैं और उनकी कमजोरी पर काम करेंगी. ऐसे में तकनीक, धैर्य और मानसिक मजबूती की असली परीक्षा अब होगी. बालाजी का मानना है कि राजस्थान रॉयल्स के हेड कोच और डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट कुमार संगकारा का मार्गदर्शन इस दौर में बहुत अहम रहेगा.
टीम का प्लान और वैभव का बड़ा सपना
राजस्थान रॉयल्स की योजना वैभव को यशस्वी जायसवाल जैसे अनुभवी ओपनर के साथ उतारने की भी है, ताकि युवा बल्लेबाज पर शुरुआत का पूरा दबाव न आए. दूसरी ओर, वैभव खुद भी बड़े सपने लेकर मैदान में उतरना चाहते हैं. उन्होंने पहले ही कहा है कि उनकी नजरें क्रिस गेल के आईपीएल के 175 रन के रिकॉर्ड पर हैं.
MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है, जिससे बालाघाट, जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ेंगे. Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया–जबलपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने इसे महाकौशल क्षेत्र सहित प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात करार दिया और इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्रिमंडल का हृदय से आभार माना उनका कहना है कि इस परियोजना से नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, व्यवसाय और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. सेवातीर्थ में केन्द्रीय सरकार की पहली केबिनेट बैठक में गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है. रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गोंदिया–जबलपुर रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. इस कार्य के पूर्ण होने से मध्यप्रदेश के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे. गोंदिया–जबलपुर लाइन में ब्रिज और वन्यजीव सुरक्षा करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रूपए से 5 साल में पूरा होगा. जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा. इस दौरान इस लाईन में आने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रूपए अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे. साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे.
UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है। शिक्षा विभाग की भूमिका स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए। शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया। वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया। राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है। प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है। विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है। आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है। राजनीतिक और सामाजिक संदेश Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है। पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है। संभावित चुनौतियां हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों की अपेक्षाएं इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं। UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026
Navratri Second Day Brahmacharini: नवरात्र का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है, जो तप और संयम की देवी हैं. जानिए दूसरे दिन माता की पूजा विधि, मंत्र, भोग, आरती, और शुभ योग के बारे में? Chaitra Navratri Second Day of Goddess Brahmacharini: चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2026) के दौरान माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. जहां पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होता है, वहीं दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. चैत्र नवरात्रि के मौके पर हम आपको मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से जुड़ी संपूर्ण जानकारी नीचे दे रहे हैं. मां दुर्गा का दूसरा अवतार देवी ब्रह्मचारिणी तप, संयम, ज्ञान और वैराग्य की देवी हैं. माता को सफेद रंग के वस्त्र, चंदन, फूल और श्वेत मिठाई चढ़ाया जाता है. इस दिन का काफी खास महत्व है, क्योंकि पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बना हुआ है. आइए जानते हैं उनके मंत्र, पूजा विधि, कथा और आरती से जुड़ी सटीक जानकारी के बारे में. मां ब्रह्मचारिणी के नाम का अर्थ? मां ब्रह्मचारिणी तप शक्ति का प्रतीक हैं. ब्रह्मचारिणी माता की आराधना से भक्तों में तप की शक्ति बढ़ती है. इसके अलावा उन्हें मनोवांछित फल की भी प्राप्ति होती है. देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों में से दूसरे स्वरूप का नाम देवी ब्रह्मचारिणी है. नवरात्रि के दूसरे दिन के दौरान मां के इस अवतार की पूजा संपूर्ण विधि-विधान से करनी चाहिए. 'ब्रह्मचारिणी' नाम का मतलब ब्रह्म और चारिणी से मिलकर बना हुआ है. ब्रह्म का अर्थ है तप या तपस्या, वही चारिणी का अर्थ है आचरण करने वाली. ऐसे में ब्रह्मचारिणी का शाब्दिक अर्थ है, तप का आचरण करने वाली देवी. पौराणिक कथाओं के मुताबिक, भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए मां ने इस रूप में कठोर तपस्या की थी. नवरात्र के दूसरे दिन खास योग! चैत्र नवरात्रि के दूसरे सर्वार्थ सिद्धि के साथ अमृत सिद्धि योग भी बन रहा है, जो शुक्रवार सुबह 6 बजकर 25 मिनट से लेकर देर रात 2 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. इसके साथ ही शनिवार दोपहर2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक विजय मुहूर्त का संयोग बन रहा है. धार्मिक मान्यता है कि, सर्वार्थ सिद्धि योग में शुरू किए गए काम सफल होते हैं और राहुकाल में कोई नया काम या पूजा करने से वह निष्फल होता है. मां ब्रह्माचारिणी की पूजा विधि (Maa Brahmacharini Puja Vidhi) नवरात्र के दूसरे दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि कर साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद आसन पर बैठकर मां का ध्यान करते हुए पूजा करें. उन्हें फूल, चंदन, अक्षत, रोली, धूप, भोग आदि अर्पित करें. मां ब्रह्मचारिणी को दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से स्नान कराएं. उसके बाद मां को उनका पसंदीदा भोग अर्पित करें. उन्हें पान, सुपारी, लौंग अर्पित करना शुभ माना जाता है. मां ब्रह्मचारिणी से जुड़ा ध्यान मंत्र (Maa Brahmacharini Mantra) या देवी सर्वभेतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। दधना करपद्याभ्यांक्षमालाकमण्डलू। देवीप्रसीदतु मयी ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥ इस मंत्र का अर्थ है कि, देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरूप दिव्यता से भरा है. माता के दाहिने हाथ में जप की माला तो बाएं हाथ में कमंडल है. माता ब्रह्मचारिणी की आराधना करने के लिए ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नम: मंत्र का जाप करना चाहिए. मां ब्रह्मचारिणी का प्रिय भोग (Maa Brahmacharini Bhog) नवरात्र के दूसरे मां ब्रह्मचारिणी को उनका प्रिय भोग शर्करा या गुड़ अर्पित करना शुभ माना जाता है. ऐसा करने से आयुष्मान का आशीर्वाद प्राप्त होता है. ब्रह्मचारिणी माता जी की आरती (Maa Brahmacharini Aarti) जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता। जय चतुरानन प्रिय सुख दाता। ब्रह्मा जी के मन भाती हो। ज्ञान सभी को सिखलाती हो। ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा। जिसको जपे सकल संसारा। जय गायत्री वेद की माता। जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता। कमी कोई रहने न पाए। कोई भी दुख सहने न पाए। उसकी विरति रहे ठिकाने। जो तेरी महिमा को जाने। रुद्राक्ष की माला ले कर। जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर। आलस छोड़ करे गुणगाना। मां तुम उसको सुख पहुंचाना। ब्रह्माचारिणी तेरो नाम। पूर्ण करो सब मेरे काम। भक्त तेरे चरणों का पुजारी। रखना लाज मेरी महतारी।आरती करते समय खासतौर पर इस बात का ध्यान दें कि, देवी-देवताओं की 14 बार आरती उतारना है. 4 बार उनके चरणों पर से, 2 बार नाभि पर से, 1 बार मुख पर से और 7 बार पूरे शरीर पर से. आरती की बत्तियां 1, 5, 7 यानी विषम संख्या में ही बनाकर आरती करनी चाहिए.
Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है? Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है? सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है. जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है. चांदी के ताजा भाव दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है. आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार) दिल्ली में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए मुंबई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए कोलकाता में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए अहमदाबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए लखनऊ में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए पटना में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए हैदराबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए
रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान Ramcharan: हैदराबाद में हुए ग्रैंड रिसेप्शन में रश्मिका और विजय ने खूब चर्चा बटोरी. हालांकि सबसे ज्यादा ध्यान राम चरण के अलग अंदाज ने खींचा, जहां वो काले कपड़ों और नंगे पैर में नजर आए. साउथ फिल्म इंडस्ट्री के पॉपुलर कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों लगातार सुर्खियों में है. 4 मार्च को हैदराबाद में दोनों ने एक भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया गया, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े सितारे शामिल हुए. इस खास मौके पर जहां हर कोई कपल को बधाई देने पहुंचा, वहीं एक्टर राम चरण अपने अनोखे अंदाज की वजह से सबसे ज्यादा चर्चा में आ गए. नंगे पैर रिसेप्शन में आए रामचरण रिसेप्शन में राम चरण अपनी पत्नी उपासना के साथ पहुंचे थे. उन्होंने सिर से पैर तक काले रंग के कपड़े पहने हुए थे. लेकिन लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा इस बात ने खींचा कि वो बिना जूते-चप्पल के, यानी नंगे पैर ही कार्यक्रम में आए थे. उन्हें इस तरह देखकर कई लोग हैरान रह गए और सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं. लेकिन इसके पीछे एक खास धार्मिक वजह है. राम चरण इन दिनों 'अयप्पा दीक्षा' का पालन कर रहे हैं. ये भगवान अयप्पा के भक्तों द्वारा किया जाने वाला एक कठिन और पवित्र व्रत माना जाता है. इस व्रत के दौरान भक्तों को कुछ नियमों का सख्ती से पालन करना पड़ता है. 41 दिन की दीक्षा ले रहे रामचरण व्रत में काले या नीले रंग के कपड़े पहनना, सादगी से रहना और 41 दिनों तक नंगे पैर रहना शामिल होता है. इसी कारण राम चरण रिसेप्शन में भी बिना जूते के नजर आए. अयप्पा दीक्षा को अनुशासित और कठिन माना जाता है. इस बीच भक्तों को पूरी तरह ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है. साथ ही मांसाहारी भोजन, शराब से दूर रहना और बाल या दाढ़ी भी नहीं कटवाना होता है. ये व्रत सबरीमाला मंदिर की यात्रा से पहले किया जाता है. हालांकि ये पहली बार नहीं है जब राम चरण इस तरह नंगे पैर नजर आए हों. इससे पहले 2023 में ऑस्कर समारोह में शामिल होने से पहले भी वह अयप्पा दीक्षा का पालन करते हुए दिखाई दिए थे.
आईपीएल 2026 से पहले राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने 14 साल के वैभव सूर्यवंशी को हिदायत दी है. उन्होंने कहा है की वैभव को मीडिया इंटरव्यू से दूर रहकर सिर्फ अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान देना है. आईपीएल 2026 शुरू होने से पहले राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी फिर चर्चा में हैं. 14 साल की उम्र में अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले इस खिलाड़ी को अब टीम मैनेजमेंट और कप्तान रियान पराग संभालकर आगे बढ़ाना चाहते हैं. यही वजह है कि वैभव को साफ तौर पर सलाह दी गई है कि वह मीडिया की चकाचौंध से दूर रहें और अपना पूरा ध्यान सिर्फ बल्लेबाजी पर लगाएं. रियान पराग ने क्यों दी यह सलाह राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग का मानना है कि इतनी कम उम्र में जरूरत से ज्यादा चर्चा किसी भी खिलाड़ी पर दबाव बढ़ा सकती है. इसलिए टीम ने तय किया है कि वैभव को फिलहाल आधिकारिक प्रेस इवेंट और मीडिया इंटरव्यू से दूर रखा जाएगा. इसके साथ ही उन्हें सोशल मीडिया से भी दूरी बनाने की सलाह दी गई है, ताकि बाहरी शोर, तारीफ और आलोचना का असर उनके खेल पर न पड़े. डेब्यू में ही बना दिया था बड़ा रिकॉर्ड वैभव सूर्यवंशी ने पिछले सीजन अपने डेब्यू से ही सबको चौंका दिया था. 19 अप्रैल 2025 को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ जयपुर में उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के लिए आईपीएल डेब्यू किया था. उस समय उनकी उम्र सिर्फ 14 साल और 23 दिन थी, और इसी के साथ वह आईपीएल इतिहास के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए थे. दिलचस्प बात यह रही कि उन्होंने अपने आईपीएल करियर की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ दिया था. इस तरह वह उन चुनिंदा बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए, जिन्होंने लीग में अपनी पहली गेंद पर ही सिक्स लगाया है. अंडर-19 वर्ल्ड कप से बढ़ा कद वैभव का आत्मविश्वास सिर्फ आईपीएल तक सीमित नहीं है. हाल ही में अंडर-19 वर्ल्ड कप में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था. इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में 80 गेंदों पर 175 रन की विस्फोटक पारी खेलकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का जोरदार परिचय दिया था, इसी प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा चेहरों में शामिल कर दिया है. पूर्व दिग्गज ने भी दी चेतावनी हालांकि, पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी ने आगाह किया है कि वैभव के लिए दूसरा सीजन आसान नहीं होगा. अब विरोधी टीमें उनके खेल को समझ चुकी हैं और उनकी कमजोरी पर काम करेंगी. ऐसे में तकनीक, धैर्य और मानसिक मजबूती की असली परीक्षा अब होगी. बालाजी का मानना है कि राजस्थान रॉयल्स के हेड कोच और डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट कुमार संगकारा का मार्गदर्शन इस दौर में बहुत अहम रहेगा. टीम का प्लान और वैभव का बड़ा सपना राजस्थान रॉयल्स की योजना वैभव को यशस्वी जायसवाल जैसे अनुभवी ओपनर के साथ उतारने की भी है, ताकि युवा बल्लेबाज पर शुरुआत का पूरा दबाव न आए. दूसरी ओर, वैभव खुद भी बड़े सपने लेकर मैदान में उतरना चाहते हैं. उन्होंने पहले ही कहा है कि उनकी नजरें क्रिस गेल के आईपीएल के 175 रन के रिकॉर्ड पर हैं.
सौरव गांगुली ने गौतम गंभीर को चेतावनी देते हुए कहा कि उनकी असली परीक्षा 2027 वनडे वर्ल्ड कप में होगी. गांगुली के मुताबिक साउथ अफ्रीका की परिस्थितियां भारतीय टीम और कोच दोनों को कड़ी चुनौती देंगी. भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने हाल के समय में शानदार सफलता हासिल की है. उनकी कोचिंग में भारत ने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और टी20 वर्ल्डकप 2026 जैसे दो बड़े आईसीसी खिताब जीते हैं. इसके साथ ही गंभीर भारत के पहले ऐसे कोच बन गए हैं जिन्होंने इतने कम समय में दो आईसीसी ट्रॉफी अपने नाम की हैं. हालांकि टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का मानना है कि गंभीर की असली परीक्षा अभी बाकी है. गांगुली के मुताबिक 2027 में होने वाला वनडे विश्व कप ही वह टूर्नामेंट होगा, जहां गंभीर की रणनीति और नेतृत्व की असली परीक्षा होगी. 2027 वर्ल्ड कप होगा बड़ा टेस्ट गांगुली ने एक इंटरव्यू में कहा कि व्हाइट बॉल क्रिकेट में गंभीर का सबसे बड़ा टेस्ट वनडे वर्ल्डकप 2027 में होगा. यह टूर्नामेंट साउथ अफ्रीका में खेला जाएगा और वहां की परिस्थितियां काफी चुनौतीपूर्ण मानी जाती हैं. उन्होंने कहा कि साउथ अफ्रीका की पिचें और मौसम टीमों की असली क्षमता को परखते हैं. हालांकि गांगुली को भरोसा है कि मौजूदा टीम के साथ गंभीर अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं. 2023 की हार अब भी याद भारतीय टीम 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक पहुंची थी. टीम पूरे टूर्नामेंट में अपराजित रही, लेकिन खिताबी मुकाबले में उसे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था. यही वजह है कि 2027 का विश्व कप भारत के लिए बेहद अहम माना जा रहा है. कोहली और रोहित के लिए आखिरी मौका? गांगुली ने यह भी कहा कि 2027 का विश्व कप भारतीय टीम के दो दिग्गज खिलाड़ियों विराट कोहली और रोहित शर्मा के लिए आखिरी मौका हो सकता है. ऐसे में टीम पर ट्रॉफी जीतने का दबाव और भी ज्यादा रहेगा. टेस्ट क्रिकेट में सुधार की जरूरत गांगुली ने यह भी माना कि व्हाइट बॉल में टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में अभी सुधार की जरूरत है. उनके मुताबिक टीम को पिच की चिंता कम करके बेहतर क्रिकेट खेलने पर ध्यान देना चाहिए. गंभीर विकेट को अपने दिमाग से निकालना होगा. उन्होंने कहा कि अगर अच्छी पिचों पर मैच खेले जाएं तो टीम बेहतर नतीजे हासिल कर सकती है. गंभीर को दिया पूरा समर्थन हालांकि चेतावनी के साथ-साथ गांगुली ने गंभीर की तारीफ भी की है. उन्होंने कहा कि गंभीर एक अच्छे कोच हैं और उन्हें काम करने के लिए समय दिया जाना चाहिए.
भारतीय क्रिकेट टीम का दबदबा पूरी दुनिया में देखने को मिल रही है. भारतीय पुरुष टीम ने टी20 वर्ल्ड कप जीतकर एक और इतिहास रच दिया है. दो साल में 6 ICC ट्रॉफी: भारतीय क्रिकेट का स्वर्णिम दौर, दुनिया में बढ़ा Team India का दबदबा पिछले कुछ वर्षों में भारतीय क्रिकेट ने जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार सफलता हासिल की है, उसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। हाल ही में ICC Men's T20 World Cup 2026 जीतकर India national cricket team ने यह साबित कर दिया कि वह सिर्फ एक मजबूत टीम ही नहीं बल्कि विश्व क्रिकेट की सबसे प्रभावशाली ताकत बन चुकी है। इस जीत के साथ भारत ने पिछले लगभग दो वर्षों में कुल 6 आईसीसी ट्रॉफियां अपने नाम कर ली हैं। यह उपलब्धि केवल पुरुष टीम तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला टीम और जूनियर स्तर की टीमों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए आईसीसी टूर्नामेंट जीतकर भारतीय क्रिकेट के सुनहरे भविष्य की झलक दिखाई है। भारतीय क्रिकेट की इस सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश में क्रिकेट का ढांचा बेहद मजबूत हो चुका है। खिलाड़ियों की नई पीढ़ी लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है, वहीं अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी टीम को स्थिरता दे रही है। इसी वजह से आज भारत को न सिर्फ क्रिकेट की आर्थिक शक्ति माना जाता है बल्कि खेल के मैदान पर भी उसकी ताकत को दुनिया की कोई भी टीम नजरअंदाज नहीं कर सकती। 2024 से 2026 के बीच भारत की 6 ICC ट्रॉफियां पिछले दो साल भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक रहे हैं। इस दौरान भारत ने विभिन्न स्तरों पर आईसीसी के छह बड़े टूर्नामेंट जीतकर रिकॉर्ड बनाया है। सबसे पहले जून 2024 में ICC Men's T20 World Cup 2024 में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब जीता। उस समय टीम की कमान Rohit Sharma के हाथों में थी। लंबे समय बाद आईसीसी ट्रॉफी जीतने से भारतीय क्रिकेट फैंस में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। इसके बाद 2025 में भारत ने एक और बड़ी सफलता हासिल की। ICC Champions Trophy 2025 में भी भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी अपने नाम कर ली। इस टूर्नामेंट में भी कप्तान रोहित शर्मा की रणनीति और टीम के सामूहिक प्रदर्शन ने जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2026 में भारत ने एक बार फिर इतिहास रच दिया जब Suryakumar Yadav की कप्तानी में टीम ने ICC Men's T20 World Cup 2026 जीत लिया। यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि भारत इस टूर्नामेंट को तीन बार जीतने वाली पहली टीम बन गया और साथ ही लगातार दो बार टी20 वर्ल्ड कप जीतने का रिकॉर्ड भी बनाया। महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक सफलता सिर्फ पुरुष क्रिकेट ही नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने भी इस दौर में शानदार प्रदर्शन किया। Harmanpreet Kaur की कप्तानी में India women's national cricket team ने नवंबर 2025 में ICC Women's Cricket World Cup 2025 जीतकर इतिहास रच दिया। यह भारतीय महिला टीम की पहली वनडे वर्ल्ड कप जीत थी। इस जीत ने देश में महिला क्रिकेट को नई पहचान दिलाई और यह साबित किया कि भारतीय महिला खिलाड़ी भी विश्व क्रिकेट में शीर्ष स्थान हासिल करने की क्षमता रखती हैं। महिला टीम की इस सफलता ने लाखों युवा लड़कियों को क्रिकेट को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया है। अंडर-19 टीमों का शानदार प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट की सबसे बड़ी ताकत उसकी मजबूत युवा प्रणाली है। यही कारण है कि जूनियर स्तर पर भी भारत लगातार सफलता हासिल कर रहा है। 2025 में भारत की महिला अंडर-19 टीम ने ICC Under-19 Women's T20 World Cup 2025 जीतकर दुनिया को अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इस जीत ने दिखाया कि भारत के पास भविष्य के लिए बेहतरीन महिला खिलाड़ी तैयार हो रही हैं। इसके बाद 2026 में भारत की पुरुष अंडर-19 टीम ने ICC Under-19 Cricket World Cup 2026 जीतकर एक और ट्रॉफी भारत के नाम कर दी। इस जीत ने यह साबित किया कि भारतीय क्रिकेट की प्रतिभा की धारा लगातार बह रही है और आने वाले वर्षों में टीम को बेहतरीन खिलाड़ी मिलते रहेंगे। विश्व क्रिकेट में भारत की बढ़ती ताकत भारत की लगातार सफलताओं ने विश्व क्रिकेट में उसकी स्थिति को और मजबूत बना दिया है। एक समय था जब ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज जैसी टीमें क्रिकेट पर राज करती थीं, लेकिन अब भारत भी उसी श्रेणी में शामिल हो चुका है। भारत की सफलता के पीछे कई बड़े कारण हैं। सबसे पहला कारण है देश का मजबूत घरेलू क्रिकेट ढांचा। रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी और अन्य घरेलू टूर्नामेंट लगातार नए खिलाड़ियों को मौका देते हैं। दूसरा बड़ा कारण है आईपीएल जैसी लीग, जिसने भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव दिया है। Indian Premier League ने कई युवा खिलाड़ियों को बड़े मंच पर खेलने का मौका दिया और उनकी प्रतिभा को निखारा। इसके अलावा भारतीय क्रिकेट बोर्ड की आर्थिक मजबूती भी टीम को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराती है। भारत क्यों बन गया क्रिकेट का आर्थिक केंद्र आज भारत को विश्व क्रिकेट का आर्थिक केंद्र भी माना जाता है। इसका सबसे बड़ा कारण भारतीय क्रिकेट की लोकप्रियता और बाजार का आकार है। टीवी प्रसारण अधिकार, स्पॉन्सरशिप और लीग क्रिकेट के जरिए भारतीय क्रिकेट बोर्ड को भारी राजस्व मिलता है। इससे क्रिकेट के विकास के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार किया जाता है। इसके साथ ही भारत में क्रिकेट को लेकर लोगों का जुनून भी बेहद ज्यादा है। हर बड़े मैच में करोड़ों दर्शक टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मैच देखते हैं। युवा खिलाड़ियों की नई पीढ़ी भारतीय क्रिकेट के भविष्य को लेकर सबसे बड़ी उम्मीद युवा खिलाड़ियों से है। पिछले कुछ वर्षों में कई नए खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है। इन खिलाड़ियों में तकनीकी क्षमता के साथ-साथ मानसिक मजबूती भी दिखाई देती है। यही कारण है कि भारतीय टीम अब किसी भी परिस्थिति में मुकाबला करने में सक्षम दिखाई देती है।