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क्या आईपीएल 2026 के बाद रिटायर हो रहे महेंद्र सिंह धोनी, चेपॉक में जैसे मारी एंट्री, फूट-फूटकर रोने लगे फैंस ?

Metroheadlines मार्च 23, 2026 0

 

आईपीएल 2026 से पहले चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पहली बार चेपॉक स्टेडियम में फैंस के सामने आएं. धोनी जैसे ही स्टेडियम में पहुंचें हर तरफ से फैंस ‘थाला-थाला’ पुकारने लगें

 

is mahendra singh dhoni retiring after ipl 2026 fans emotional in Roar26 event क्या आईपीएल 2026 के बाद रिटायर हो रहे महेंद्र सिंह धोनी, चेपॉक में जैसे मारी एंट्री, फूट-फूटकर रोने लगे फैंस

 

आईपीएल 2026 के बाद रिटायर हो रहे महेंद्र सिंह धोनी!

 

 

Mahendra Singh Dhoni Retiring After IPL 2026! इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होने जा रही है. कई जानकारों का मानना है कि पूर्व भारतीय और चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का ये आखिरी आईपीएल सीजन हो सकता है. इस टूर्नामेंट के शुरू होने पहले धोनी ने अपने फैंस को भावुक कर दिया है. दरअसल, आईपीएल 2026 से पहले धोनी पहली बार चेपॉक स्टेडियम में फैंस के सामने आएं. धोनी ने जैसे ही एंट्री ली फैंस से खचा खच भरे स्टेडियम में तो हर तरफ ‘थाला थाला’ की गूंज सुनाई देने लगी और कुछ तो ऐसे भी फैंस नजर आएं, जो धोनी को देखकर भावुक हो गए.

 

 

सीएसके के इवेंट के लिए आएं थे

 

चेन्नई सुपर किंग्स के ‘Roar26’ इवेंट के लिए फैंस स्टेडियम में आएं थे. इस इवेंट में फ्रेंचाइजी के कुछ रिटायर्ड दिग्गज जैसे सुरेश रैना और डीजे ब्रावो समेत अन्य खिलाड़ियों भी चेपॉक स्टेडियम में मौजूदा टीम के साथ नजर आए. सीएसके के कुछ खिलाड़ियों ने मैदान पर ट्रेनिंग की और फिर मजेदार क्रिकेट सेशन जैसी गतिविधियों में हिस्सा लिया. इसके बाद, जब सीएसके के साथ जुड़े नए खिलाड़ी संजू सैमसन मैदान में आए, तब भी जोरदार तालियों और चीयर्स की आवाज सुनाई दी.

 

 

 

आईपीएल का लगातार 19वां सीजन खेलेंगे धोनी

 

महेंद्र सिंह धोनी 44 साल के उम्र में आईपीएल का अपना 19वां सीजन खेलने जा रहे हैं. भले ही धोनी अपने आईपीएल करियर के अंतिम पड़ाव पर है, लेकिन सीएसके के लिए आज भी वो उतने ही जरूरी हैं, जितना पहले थे. हर साल की तरह इस बार भी सवाल उठ रहे हैं कि धोनी कितने समय तक सीमित बल्लेबाजी भूमिका में इस लीग में खेलते रहेंगे. चेन्नई के लिए खेल चुके पूर्व क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा का मानना है कि इस बार धोनी आईपीएल करियर को अलविदा कह सकते हैं.

 

 

 

रॉबिन उथप्पा ने धोनी के संन्यास को लेकर दिया बयान

 

रॉबिन उथप्पा ने धोनी के संन्यास को लेकर कहा, ‘आईपीएल 2026 शायद उनका पीली जर्सी में ये आखिरी साल हो सकता है. मुझे लगता है कि इस साल वे मेंटर-कम-प्लेयर की भूमिका निभाएंगे, मुझे नहीं लगता कि वे नंबर सात पर बल्लेबाजी करेंगे. मुझे लगता है कि वे नंबर आठ पर बल्लेबाजी करेंगे. धोनी जानते हैं कि वे धीरे-धीरे बाहर हो रहे हैं, इसलिए खुद को टीम से अलग करना चाहते हैं. मुझे लगता है कि वे ऐसा करेंगे. तभी हम रुतुराज गायकवाड़ की कप्तानी की असली क्षमता देख पाएंगे. उसे कुछ साल दें. अगर वे काम नहीं करता, तो टीम में संजू सैमसन है, जो कप्तानी की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं.’

 

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मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से पाएं तप, ज्ञान और मनोवांछित फल! जानें विधि, मंत्र और आरती

  Navratri Second Day Brahmacharini: नवरात्र का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है, जो तप और संयम की देवी हैं. जानिए दूसरे दिन माता की पूजा विधि, मंत्र, भोग, आरती, और शुभ योग के बारे में?   Chaitra Navratri Second Day of Goddess Brahmacharini: चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2026) के दौरान माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. जहां पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होता है, वहीं दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. चैत्र नवरात्रि के मौके पर हम आपको मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से जुड़ी संपूर्ण जानकारी नीचे दे रहे हैं.    मां दुर्गा का दूसरा अवतार देवी ब्रह्मचारिणी तप, संयम, ज्ञान और वैराग्य की देवी हैं. माता को सफेद रंग के वस्त्र, चंदन, फूल और श्वेत मिठाई चढ़ाया जाता है. इस दिन का काफी खास महत्व है, क्योंकि पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बना हुआ है. आइए जानते हैं उनके मंत्र, पूजा विधि, कथा और आरती से जुड़ी सटीक जानकारी के बारे में.   मां ब्रह्मचारिणी के नाम का अर्थ?   मां ब्रह्मचारिणी तप शक्ति का प्रतीक हैं. ब्रह्मचारिणी माता की आराधना से भक्तों में तप की शक्ति बढ़ती है. इसके अलावा उन्हें मनोवांछित फल की भी प्राप्ति होती है. देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों में से दूसरे स्वरूप का नाम देवी ब्रह्मचारिणी है. नवरात्रि के दूसरे दिन के दौरान मां के इस अवतार की पूजा संपूर्ण विधि-विधान से करनी चाहिए.    'ब्रह्मचारिणी' नाम का मतलब ब्रह्म और चारिणी से मिलकर बना हुआ है. ब्रह्म का अर्थ है तप या तपस्या, वही चारिणी का अर्थ है आचरण करने वाली. ऐसे में ब्रह्मचारिणी का शाब्दिक अर्थ है, तप का आचरण करने वाली देवी.   पौराणिक कथाओं के मुताबिक, भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए मां ने इस रूप में कठोर तपस्या की थी.    नवरात्र के दूसरे दिन खास योग!   चैत्र नवरात्रि के दूसरे सर्वार्थ सिद्धि के साथ अमृत सिद्धि योग भी बन रहा है, जो शुक्रवार सुबह 6 बजकर 25 मिनट से लेकर देर रात 2 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. इसके साथ ही शनिवार दोपहर2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक विजय मुहूर्त का संयोग बन रहा है.   धार्मिक मान्यता है कि, सर्वार्थ सिद्धि योग में शुरू किए गए काम सफल होते हैं और राहुकाल में कोई नया काम या पूजा करने से वह निष्फल होता है.    मां ब्रह्माचारिणी की पूजा विधि (Maa Brahmacharini Puja Vidhi)   नवरात्र के दूसरे दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि कर साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद आसन पर बैठकर मां का ध्यान करते हुए पूजा करें. उन्हें फूल, चंदन, अक्षत, रोली, धूप, भोग आदि अर्पित करें.   मां ब्रह्मचारिणी को दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से स्नान कराएं. उसके बाद मां को उनका पसंदीदा भोग अर्पित करें. उन्हें पान, सुपारी, लौंग अर्पित करना शुभ माना जाता है.    मां ब्रह्मचारिणी से जुड़ा ध्यान मंत्र (Maa Brahmacharini Mantra)   या देवी सर्वभेतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। दधना करपद्याभ्यांक्षमालाकमण्डलू। देवीप्रसीदतु मयी ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥   इस मंत्र का अर्थ है कि, देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरूप दिव्यता से भरा है. माता के दाहिने हाथ में जप की माला तो बाएं हाथ में कमंडल है.  माता ब्रह्मचारिणी की आराधना करने के लिए ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नम: मंत्र का जाप करना चाहिए.    मां ब्रह्मचारिणी का प्रिय भोग (Maa Brahmacharini Bhog) नवरात्र के दूसरे मां ब्रह्मचारिणी को उनका प्रिय भोग शर्करा या गुड़ अर्पित करना शुभ माना जाता है. ऐसा करने से आयुष्मान का आशीर्वाद प्राप्त होता है.    ब्रह्मचारिणी माता जी की आरती (Maa Brahmacharini Aarti)   जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता। जय चतुरानन प्रिय सुख दाता। ब्रह्मा जी के मन भाती हो। ज्ञान सभी को सिखलाती हो। ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा। जिसको जपे सकल संसारा। जय गायत्री वेद की माता। जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता। कमी कोई रहने न पाए। कोई भी दुख सहने न पाए। उसकी विरति रहे ठिकाने। जो तेरी महिमा को जाने। रुद्राक्ष की माला ले कर। जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर। आलस छोड़ करे गुणगाना। मां तुम उसको सुख पहुंचाना। ब्रह्माचारिणी तेरो नाम। पूर्ण करो सब मेरे काम। भक्त तेरे चरणों का पुजारी।   रखना लाज मेरी महतारी।आरती करते समय खासतौर पर इस बात का ध्यान दें कि, देवी-देवताओं की 14 बार आरती उतारना है. 4 बार उनके चरणों पर से, 2 बार नाभि पर से, 1 बार मुख पर से और 7 बार पूरे शरीर पर से. आरती की बत्तियां 1, 5, 7 यानी विषम संख्या में ही बनाकर आरती करनी चाहिए.

UP News: होली से पहले सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है   होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है।   शिक्षा विभाग की भूमिका   स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए।   शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया।     वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया।   राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है।   प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन   राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।   वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर   इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है।   विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है।   आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है।   राजनीतिक और सामाजिक संदेश   Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है।   पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें   पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है।   संभावित चुनौतियां   हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।   कर्मचारियों की अपेक्षाएं   इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं।   UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026  

हिंदी न्यूज़बिजनेसGold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव

Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव     सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है?     Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है?     सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट     वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है.   जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है.     चांदी के ताजा भाव     दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है.     आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)     दिल्ली में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     मुंबई में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए     कोलकाता में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     अहमदाबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     लखनऊ में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     पटना में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     हैदराबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए    

ये हैं सबसे गलत और खतरनाक फूड कॉम्बिनेशन, आयुर्वेद में भी है इनका जिक्र

  Causes Of Bloating And Gas: हम क्या खाते हैं, इसका हमारी सेहत पर काफी असर होता है. चलिए आपको बताते हैं कि किन फूड कॉम्बिनेशन से आपको बचना चाहिए और आयुर्वेद इसको लेकर क्या कहता है   Which Foods Should Not Be Eaten Together: खाना खाते समय हमें कुछ चीजों का ध्यान रखने की जरूरत होती है. हम क्या खाते हैं और किन चीजों को साथ में मिलाकर खाते हैं, इसका सीधा असर हमारे डाइजेशन शक्ति पर पड़ता है. गलत फूड कॉम्बिनेशन पाचन को बिगाड़ सकते हैं और शरीर में टॉक्सिक तत्व जमा कर सकते हैं. इसका नतीजा गैस, पेट फूलना, एसिडिटी, त्वचा संबंधी समस्याएं और लंबे समय में गंभीर बीमारियों के रूप में सामने आ सकता है. चलिए आपको आयुर्वेद के हिसाब से बताते हैं कि किन कॉम्बिनेशन से हमें बचना चाहिए.      क्या कहता है आयुर्वेद?     आयुर्वेद के बारे में जानकारी देने वाली संस्था kevaayurveda के अनुसार, आयुर्वेद मानता है कि हर व्यक्ति की वात, पित्त, कफ और पाचन क्षमता अलग होती है कुछ खानें की चीजें एक-दूसरे के विपरीत गुण रखते हैं. यदि इन्हें बार-बार साथ में खाया जाए तो डाइजेशन सिस्टम पर अतिरिक्त प्रेशर पड़ता है. इससे गैस, कब्ज, सीने में जलन, मुंहासे, कमजोर इम्यूनिटी और डाइजेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं.     किन फूड कॉम्बिनेशन से बचना चाहिए?     kevaayurveda के अनुसार, कुछ प्रमुख गलत फूड कॉम्बिनेशन जिनसे बचने की सलाह दी जाती है, उनमें सबसे पहले आता है दूध और मछली. आयुर्वेद के अनुसार दूध ठंडा और भारी होता है, जबकि मछली गर्म तासीर वाली मानी जाती है. दोनों को साथ लेने से पाचन गड़बड़ा सकता है और स्किन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. इसी तरह दूध के साथ खट्टे फल जैसे संतरा, नींबू या अनानास भी ठीक नहीं माने जाते, क्योंकि ये पेट में दूध को फाड़ सकते हैं और गैस या एसिडिटी बढ़ा सकते हैं.   गरम भोजन के साथ शहद मिलाना भी आयुर्वेद में हानिकारक बताया गया है. शहद को गर्म करने से उसके गुण बदल सकते हैं और शरीर में टॉक्सिक प्रभाव पैदा हो सकता है. भारी भोजन के तुरंत बाद फल खाना भी उचित नहीं माना जाता, क्योंकि फल जल्दी पचते हैं और भारी भोजन के साथ पेट में फर्मेंटेशन शुरू कर सकते हैं. दही और चीनी का मेल भी पाचन के लिए अनुकूल नहीं माना जाता. दही पहले से ही खट्टा और ठंडा होता है, जबकि रिफाइंड चीनी शरीर में असंतुलन बढ़ा सकती है. रात में दही को फल या ठंडी चीजों के साथ लेना कफ बढ़ा सकता है, जिससे सर्दी-खांसी या साइनस की समस्या हो सकती है. बासी भोजन के साथ दूध लेना भी पाचन के लिए सही नहीं माना गया.     किन चीजों का सेवन करना चाहिए?     आयुर्वेद सलाह देता है कि मौसमी आहार लें, जरूरत से ज्यादा न खाएं और अदरक, जीरा, सौंफ जैसे मसालों का उपयोग करें, जो डाइजेशन को मजबूत बनाते हैं. सही फूड कॉम्बिनेशन अपनाने से डाइजेशन मजबूत रहती है, न्यूट्रिशन तत्वों का ऑब्जर्वेशन बेहतर होता है और शरीर संतुलित रहता है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर पाचन वाले लोगों के लिए यह नियम और भी लाभकारी माने जाते हैं.  

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IPL 2026 से पहले KKR ने हमेशा के लिए अमर कर दिया ये जर्सी नंबर, फ्रेंचाइजी ने इस दिग्गज को दिया सम्मान

  Kolkata Knight Riders: केकेआर ने IPL 2026 से पहले एक दिग्गज की जर्सी को आधिकारिक रूप से रिटायर कर दिया.   KKR Jersey Retire: कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने IPL 2026 की शुरुआत से पहले टीम के एक दिग्गज को सम्मान देते हुए खास जर्सी को रिटायर कर दिया. टीम ने जर्सी रिटायरमेंट का ऐलान सोशल मीडिया के जरिए किया. तो आइए जानते हैं कि फ्रेंचाइजी ने किसी खिलाड़ी को सम्मान देते हुए जर्सी को हमेशा के लिए रिटायर कर दिया है.   तो यह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि, वेस्टइंडीज के दिग्गज ऑलराउंडर आंद्रे रसेल हैं, जिनके सम्मान में टीम ने 12 नंबर की जर्सी को रिटायर कर दिया है. बताते चलें कि रलेस ने आगामी सीजन से पहले आईपीएल को अलविदा बोलते हुए संन्यास ले लिया है.    दरअसल फ्रेंचाइजी ने रसेल को रिलीज कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने किसी दूसरी टीम से खेलने के बजाय संन्यास लेना ठीक समझा. हालांकि अब संन्यास के बाद वह केकेआर में 'पॉवर कोच' की भूमिका अदा करेंगे. इस तरह संन्यास के बाद भी वह कोलकाता के साथ जुड़े रहेंगे.    मुख्यत: केकेआर के लिए खेला आईपीएल    रसेल ने अपने आईपीएल करियर में कुल 140 मैच खेले, जिसमें 133 मैच उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेले. वह 13 सीजन तक इंडियन प्रीमियर लीग का हिस्सा रहे, जिसमें 11 सीजन नाइट राइडर्स के लिए खेले. उन्होंने 2012 में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलते हुए आईपीएल डेब्यू किया. इसके बाद 2013 का सीजन भी दिल्ली के लिए खेला.    फिर 2014 से रसेल ने जो कोलकाता का हाथ थामा, तो फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. 11 सीजन फ्रेंचाइजी के लिए खेलने के बाद टूर्नामेंट से संन्यास का एलान कर दिया. जाहिर तौर पर टीम को आगामी सीजन में रसेल की कमी खलेगी, क्योंकि वह एक अहम ऑलराउंडर थे.    रसेल का आईपीएल करियर    बात करें रसेल के आईपीएल करियर की, तो उन्होंने 140 मैच खेले. इन मैचों की 115 पारियों में बैटिंग करते हुए 28.20 की औसत और 174.17 के स्ट्राइक रेट से 2651 रन बनाए, जिसमें 12 अर्धशतक शामिल रहे. उनका हाई स्कोर 88* रनों का रहा. दूसरी तरफ, 121 पारियों में गेंदबाजी करते हुए रसेल ने 23.27 की औसत से 123 विकेट अपने नाम किए, जिसमें बेस्ट 5/15 का रहा.   

Metroheadlines मार्च 25, 2026 0

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MS Dhoni छोड़ रहे हैं No-7 की जर्सी? क्या IPL 2026 में नए नंबर के साथ आएंगे नजर, पोस्ट से मची खलबली

  हाल ही में एम एस धोनी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है. इसमे उन्होंने लिखा, "कुछ नंबर आपके साथ रहते हैं और नंबर-7 मेरे लिए उनमें से एक रहा है. लेकिन आज, मैं इसे बदलकर 8 कर रहा हूं."   एमएस धोनी के एक पोस्ट ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है. भारत के स्टार खिलाड़ी ने आईपीएल 2026 से पहले संकेत दिया है कि वह 7 नंबर की जर्सी छोड़कर 8 नंबर की जर्सी पहनने जा रहे हैं. नंबर-7 सिर्फ एक नंबर नहीं है, बल्कि ये माही और फैंस के लिए एक इमोशन है. बता दें कि धोनी 7वें महीने की 7 तारीख को जन्मे थे, इस कारण वह इस नंबर की जर्सी पहनते हैं. तो अब अपने आईपीएल करियर के अंतिम दौर पर वह जर्सी नंबर क्यों बदल रहे हैं.   एमएस धोनी आईपीएल में पहले संस्करण से चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेल रहे हैं. सिर्फ 2 सीजन में राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स के लिए खेले, जब सीएसके पर बैन लगा हुआ था. 2020 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके धोनी अब सिर्फ आईपीएल में खेलते हैं. माना जा रहा है कि आईपीएल 2026 उनका बतौर प्लेयर आखिरी आईपीएल सीजन हो सकता है. लेकिन इससे पहले धोनी ने अपने पोस्ट से सभी को चौंका दिया है.   क्या एमएस धोनी पहनेंगे 8 नंबर की जर्सी?   धोनी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "कुछ नंबर आपके साथ रहते हैं और नंबर-7 मेरे लिए उनमें से एक रहा है. लेकिन आज, मैं इसे बदलकर 8 कर रहा हूं." वीडियो में नंबर-7 की जर्सी नजर आती है, लेकिन कोई उसे उतारकर वहां नंबर-8 की जर्सी टांग देता है.   लेकिन आखिर एमएस धोनी अपने आईपीएल करियर के अंतिम दौर में अपनी जर्सी नंबर क्यों बदल रहे हैं? यही सवाल हर फैन सोच रहा है. धोनी ने अपने पोस्ट में लिखा, "आप इसका कारण आने वाले समय में जानेंगे." हालांकि जो जर्सी वीडियो में नजर आ रही है, वो सीएसके की या येलो रंग की नहीं है. ये जर्सी नीले रंग की है, जिसमें तिरंगे के रंग की धारियां बनी हुई है.   धोनी की जर्सी हो चुकी है रिटायर   बता दें कि साल 2023 में बीसीसीआई ने महेंद्र सिंह धोनी की जर्सी नंबर-7 को रिटायर करने का फैसला किया था. इससे पहले सचिन तेंदुलकर की जर्सी नंबर 10 को भी रिटायर (2017 में) किया जा चुका है. धोनी के आईपीएल करियर की बात करें तो उन्होंने 278 मैचों में खेली 242 पारियों 5439 रन बनाए हैं, इसमें 24 अर्ध्दशतक शामिल हैं. 

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Iran Israel War से IPL 2026 पर मंडराया खतरा! खिलाड़ियों की यात्रा को लेकर टीम अधिकारी ने जताई चिंता

  Iran Israel War से IPL 2026 पर मंडराया खतरा! खिलाड़ियों की यात्रा को लेकर टीम अधिकारी ने जताई चिंता   पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब IPL 2026 पर भी पड़ सकता है. हवाई मार्ग बंद होने और उड़ानों में देरी के कारण कई विदेशी खिलाड़ियों को भारत ट्रेवल करने में मुश्किलें उठानी पड़ सकती है.   मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अब क्रिकेट पर भी पड़ता दिख रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक IPL 2026 में खेलने आने वाले विदेशी खिलाड़ियों की यात्रा पर असर पड़ सकता है. हाल ही में पश्चिम एशिया में बढ़े संघर्ष और कुछ अहम हवाई रुट के बंद होने की वजह से कई टीमों और खिलाड़ियों की यात्रा योजनाएं बिगड़ गई हैं.   दरअसल, टी20 वर्ल्डकप 2026 के बाद कई देशों के खिलाड़ी अभी तक अपने घर नहीं पहुंच पाए हैं. खास तौर पर इंग्लैंड, वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका के खिलाड़ियों की यात्रा प्रभावित हुई है. जिसका कारण है की युद्ध के चलते दुबई और दोहा जैसे बड़े ट्रांजिट एयरपोर्ट पर उड़ानों पर पाबंदियां लगा दी गई हैं.   इस स्थिति को देखते हुए क्रिकेट प्रशंसकों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि क्या इसका असर आईपीएल 2026 पर भी पड़ेगा. माना जा रहा है कि अगर हवाई सेवाओं में यही स्थिति बनी रहती है तो कुछ विदेशी खिलाड़ियों के समय पर भारत पहुंचने में दिक्कत हो सकती है.   टीमों के सामने नई चुनौती   सूत्रों के मुताबिक कई टीमों के अधिकारियों का कहना है कि खिलाड़ियों को समय पर भारत लाना अब आसान नहीं होगा. एक टीम अधिकारी ने बताया कि वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका के खिलाड़ियों की वापसी में पहले ही काफी देरी हो चुकी है. ऐसे में उन्हें दोबारा भारत लाना एक बड़ी चुनौती बन सकता है. अधिकारी के अनुसार पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव की वजह से हवाई यात्रा महंगी भी हो गई है. कई उड़ानों के रूट बदल दिए गए हैं, जिससे टिकटों के दाम भी काफी बढ़ गए हैं.     BCCI की नजर हालात पर   इस बीच BCCI  ने फिलहाल आईपीएल 2026 के पहले 20 मैचों का शेड्यूल जारी किया है. बाकी मैचों की तारीखों का ऐलान बाद में किया जाएगा. बताया जा रहा है कि विधानसभा चुनावों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय हालात को भी ध्यान में रखा जा रहा है.     फ्रेंचाइजी को उम्मीद   हालांकि कुछ टीमों को उम्मीद है कि उनके खिलाड़ी समय पर पहुंच जाएंगे. चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के सीईओ कासी विश्वनाथन ने कहा कि टीम को उम्मीद है कि वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर अकील हुसैन और साउथ अफ्रीका के युवा बल्लेबाज डेवॉल्ड ब्रेविस समय पर टीम से जुड़ जाएंगे. फिलहाल आईपीएल फ्रेंचाइजी और आयोजकों की नजर अंतरराष्ट्रीय हालात पर बनी हुई है. अगर स्थिति सामान्य रहती है तो टूर्नामेंट तय समय पर शुरू होगा, लेकिन हालात बिगड़ने पर खिलाड़ियों की यात्रा और तैयारियों पर असर पड़ सकता है. 

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