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घर में अंगूर से कैसे बना सकते हैं किशमिश, एक किलो बनाने के लिए कितना अंगूर होना जरूरी ?

Metroheadlines मार्च 25, 2026 0

 

Raisins From Grapes Process: किशमिश खाना हमारे सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है.

आप इसको घर पर भी तैयार कर सकते हैं. चलिए आपको बताते हैं कि इसके लिए क्या करना होगा.

 

How Much Grapes Needed For 1 Kg Raisins: क्या आप जानते हैं कि घर पर ही अंगूर से ताजी और स्वादिष्ट किशमिश बनाई जा सकती है? एक बार इसे बनाने के बाद आपको बाजार की किशमिश फीकी लग सकती है. यह न सिर्फ सस्ती पड़ती है, बल्कि ज्यादा ताजी, मुलायम और जूसी भी होती है. अच्छी बात यह है कि इसे बनाने के लिए सिर्फ एक ही चीज की जरूरत होती है अच्छे और मीठे अंगूर. चलिए आपको बताते हैं कि घर पर अंगूर से किशमिश कैसे बना सकते हैं आप. 

 

कैसे किशमिश बना सकते हैं आप?

 

सबसे पहले सवाल यही आता है कि एक किलो किशमिश बनाने के लिए कितना अंगूर चाहिए. आम तौर पर 1 किलो ताजे अंगूर से करीब आधा किलो यानी 500 ग्राम किशमिश तैयार होती है. यानी जितना वजन सूखने के बाद कम होता है, उतना ही पानी उसमें से निकल जाता है. किशमिश बनाने के लिए हमेशा पतले छिलके वाले, मीठे और पके हुए अंगूर चुनें. गोल आकार वाले अंगूर से बनी किशमिश ज्यादा सॉफ्ट बनती है. आप हरे या लाल, दोनों तरह के अंगूर इस्तेमाल कर सकते हैं.

 

क्या होती है बनाने की प्रक्रिया?

सबसे पहले अंगूर को डंठल से अलग करके अच्छे से धो लें. फिर एक बर्तन में पानी गर्म करें और जब पानी हल्का उबलने लगे तो उसमें अंगूर डाल दें. 3-4 मिनट तक पकाएं, जब तक अंगूर ऊपर तैरने न लगें. ध्यान रखें कि ज्यादा देर तक न पकाएं, वरना उनका टेक्सचर खराब हो सकता है.

 

इसके बाद अंगूर को छानकर थोड़ा ठंडा होने दें. अब इन्हें सुखाने की बारी आती है. किसी सूती कपड़े या ट्रे पर अंगूर को एक-एक करके फैलाएं, ताकि वे आपस में चिपके नहीं. फिर इन्हें सीधी धूप में सुखाएं. आमतौर पर तेज धूप में इन्हें सूखने में 1 से 2 दिन लगते हैं. बीच-बीच में इन्हें पलटते रहें, ताकि हर तरफ से बराबर सूख जाएं. जब अंगूर पूरी तरह सूख जाएं लेकिन हल्के सॉफ्ट रहें, तब आपकी किशमिश तैयार है. अगर इनमें नमी रह गई, तो वे खराब हो सकती हैं, इसलिए पूरी तरह सूखना जरूरी है. 

 

कैसे कर सकते हैं स्टोर?

 

तैयार किशमिश को साफ कांच के जार में भरकर सामान्य तापमान पर स्टोर करें. यह सालभर तक इस्तेमाल की जा सकती है. ध्यान रखें कि किशमिश सेहत के लिए फायदेमंद होती है, लेकिन इसमें कैलोरी ज्यादा होती है, इसलिए सीमित मात्रा में ही सेवन करें.

 

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मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से पाएं तप, ज्ञान और मनोवांछित फल! जानें विधि, मंत्र और आरती

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UP News: होली से पहले सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है   होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है।   शिक्षा विभाग की भूमिका   स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए।   शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया।     वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया।   राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है।   प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन   राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।   वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर   इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है।   विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है।   आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है।   राजनीतिक और सामाजिक संदेश   Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है।   पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें   पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है।   संभावित चुनौतियां   हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।   कर्मचारियों की अपेक्षाएं   इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं।   UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026  

हिंदी न्यूज़बिजनेसGold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव

Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव     सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है?     Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है?     सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट     वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है.   जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है.     चांदी के ताजा भाव     दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है.     आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)     दिल्ली में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     मुंबई में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए     कोलकाता में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     अहमदाबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     लखनऊ में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     पटना में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     हैदराबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए    

ये हैं सबसे गलत और खतरनाक फूड कॉम्बिनेशन, आयुर्वेद में भी है इनका जिक्र

  Causes Of Bloating And Gas: हम क्या खाते हैं, इसका हमारी सेहत पर काफी असर होता है. चलिए आपको बताते हैं कि किन फूड कॉम्बिनेशन से आपको बचना चाहिए और आयुर्वेद इसको लेकर क्या कहता है   Which Foods Should Not Be Eaten Together: खाना खाते समय हमें कुछ चीजों का ध्यान रखने की जरूरत होती है. हम क्या खाते हैं और किन चीजों को साथ में मिलाकर खाते हैं, इसका सीधा असर हमारे डाइजेशन शक्ति पर पड़ता है. गलत फूड कॉम्बिनेशन पाचन को बिगाड़ सकते हैं और शरीर में टॉक्सिक तत्व जमा कर सकते हैं. इसका नतीजा गैस, पेट फूलना, एसिडिटी, त्वचा संबंधी समस्याएं और लंबे समय में गंभीर बीमारियों के रूप में सामने आ सकता है. चलिए आपको आयुर्वेद के हिसाब से बताते हैं कि किन कॉम्बिनेशन से हमें बचना चाहिए.      क्या कहता है आयुर्वेद?     आयुर्वेद के बारे में जानकारी देने वाली संस्था kevaayurveda के अनुसार, आयुर्वेद मानता है कि हर व्यक्ति की वात, पित्त, कफ और पाचन क्षमता अलग होती है कुछ खानें की चीजें एक-दूसरे के विपरीत गुण रखते हैं. यदि इन्हें बार-बार साथ में खाया जाए तो डाइजेशन सिस्टम पर अतिरिक्त प्रेशर पड़ता है. इससे गैस, कब्ज, सीने में जलन, मुंहासे, कमजोर इम्यूनिटी और डाइजेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं.     किन फूड कॉम्बिनेशन से बचना चाहिए?     kevaayurveda के अनुसार, कुछ प्रमुख गलत फूड कॉम्बिनेशन जिनसे बचने की सलाह दी जाती है, उनमें सबसे पहले आता है दूध और मछली. आयुर्वेद के अनुसार दूध ठंडा और भारी होता है, जबकि मछली गर्म तासीर वाली मानी जाती है. दोनों को साथ लेने से पाचन गड़बड़ा सकता है और स्किन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. इसी तरह दूध के साथ खट्टे फल जैसे संतरा, नींबू या अनानास भी ठीक नहीं माने जाते, क्योंकि ये पेट में दूध को फाड़ सकते हैं और गैस या एसिडिटी बढ़ा सकते हैं.   गरम भोजन के साथ शहद मिलाना भी आयुर्वेद में हानिकारक बताया गया है. शहद को गर्म करने से उसके गुण बदल सकते हैं और शरीर में टॉक्सिक प्रभाव पैदा हो सकता है. भारी भोजन के तुरंत बाद फल खाना भी उचित नहीं माना जाता, क्योंकि फल जल्दी पचते हैं और भारी भोजन के साथ पेट में फर्मेंटेशन शुरू कर सकते हैं. दही और चीनी का मेल भी पाचन के लिए अनुकूल नहीं माना जाता. दही पहले से ही खट्टा और ठंडा होता है, जबकि रिफाइंड चीनी शरीर में असंतुलन बढ़ा सकती है. रात में दही को फल या ठंडी चीजों के साथ लेना कफ बढ़ा सकता है, जिससे सर्दी-खांसी या साइनस की समस्या हो सकती है. बासी भोजन के साथ दूध लेना भी पाचन के लिए सही नहीं माना गया.     किन चीजों का सेवन करना चाहिए?     आयुर्वेद सलाह देता है कि मौसमी आहार लें, जरूरत से ज्यादा न खाएं और अदरक, जीरा, सौंफ जैसे मसालों का उपयोग करें, जो डाइजेशन को मजबूत बनाते हैं. सही फूड कॉम्बिनेशन अपनाने से डाइजेशन मजबूत रहती है, न्यूट्रिशन तत्वों का ऑब्जर्वेशन बेहतर होता है और शरीर संतुलित रहता है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर पाचन वाले लोगों के लिए यह नियम और भी लाभकारी माने जाते हैं.  

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घर में अंगूर से कैसे बना सकते हैं किशमिश, एक किलो बनाने के लिए कितना अंगूर होना जरूरी ?

  Raisins From Grapes Process: किशमिश खाना हमारे सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है. आप इसको घर पर भी तैयार कर सकते हैं. चलिए आपको बताते हैं कि इसके लिए क्या करना होगा.   How Much Grapes Needed For 1 Kg Raisins: क्या आप जानते हैं कि घर पर ही अंगूर से ताजी और स्वादिष्ट किशमिश बनाई जा सकती है? एक बार इसे बनाने के बाद आपको बाजार की किशमिश फीकी लग सकती है. यह न सिर्फ सस्ती पड़ती है, बल्कि ज्यादा ताजी, मुलायम और जूसी भी होती है. अच्छी बात यह है कि इसे बनाने के लिए सिर्फ एक ही चीज की जरूरत होती है अच्छे और मीठे अंगूर. चलिए आपको बताते हैं कि घर पर अंगूर से किशमिश कैसे बना सकते हैं आप.    कैसे किशमिश बना सकते हैं आप?   सबसे पहले सवाल यही आता है कि एक किलो किशमिश बनाने के लिए कितना अंगूर चाहिए. आम तौर पर 1 किलो ताजे अंगूर से करीब आधा किलो यानी 500 ग्राम किशमिश तैयार होती है. यानी जितना वजन सूखने के बाद कम होता है, उतना ही पानी उसमें से निकल जाता है. किशमिश बनाने के लिए हमेशा पतले छिलके वाले, मीठे और पके हुए अंगूर चुनें. गोल आकार वाले अंगूर से बनी किशमिश ज्यादा सॉफ्ट बनती है. आप हरे या लाल, दोनों तरह के अंगूर इस्तेमाल कर सकते हैं.   क्या होती है बनाने की प्रक्रिया? सबसे पहले अंगूर को डंठल से अलग करके अच्छे से धो लें. फिर एक बर्तन में पानी गर्म करें और जब पानी हल्का उबलने लगे तो उसमें अंगूर डाल दें. 3-4 मिनट तक पकाएं, जब तक अंगूर ऊपर तैरने न लगें. ध्यान रखें कि ज्यादा देर तक न पकाएं, वरना उनका टेक्सचर खराब हो सकता है.   इसके बाद अंगूर को छानकर थोड़ा ठंडा होने दें. अब इन्हें सुखाने की बारी आती है. किसी सूती कपड़े या ट्रे पर अंगूर को एक-एक करके फैलाएं, ताकि वे आपस में चिपके नहीं. फिर इन्हें सीधी धूप में सुखाएं. आमतौर पर तेज धूप में इन्हें सूखने में 1 से 2 दिन लगते हैं. बीच-बीच में इन्हें पलटते रहें, ताकि हर तरफ से बराबर सूख जाएं. जब अंगूर पूरी तरह सूख जाएं लेकिन हल्के सॉफ्ट रहें, तब आपकी किशमिश तैयार है. अगर इनमें नमी रह गई, तो वे खराब हो सकती हैं, इसलिए पूरी तरह सूखना जरूरी है.    कैसे कर सकते हैं स्टोर?   तैयार किशमिश को साफ कांच के जार में भरकर सामान्य तापमान पर स्टोर करें. यह सालभर तक इस्तेमाल की जा सकती है. ध्यान रखें कि किशमिश सेहत के लिए फायदेमंद होती है, लेकिन इसमें कैलोरी ज्यादा होती है, इसलिए सीमित मात्रा में ही सेवन करें.  

Metroheadlines मार्च 25, 2026 0

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Constipation Relief Tips: क्या सुबह-सुबह पानी पीने से सच में बन जाता है प्रेशर, कितनी सच है यह बात?

  Morning Water And Digestion: सुबह उठते ही पानी पीने की आदत को लेकर अक्सर कहा जाता है.   चलिए आपको बताते हैं कि क्या सच में इससे प्रेशर बनता है या फिर यह पूरा तरह मिथक है?   सुबह उठते ही पानी पीने की आदत को लेकर हम अक्सर सुनते हैं कि इससे पेट साफ होता है, कब्ज दूर होती है और टॉयलेट का प्रेशर बनता है। कई लोग इसे एक घरेलू नुस्खा मानते हैं, तो कुछ इसे केवल एक मिथ समझते हैं। लेकिन सच्चाई इन दोनों के बीच कहीं मौजूद है। यह आदत न केवल पारंपरिक ज्ञान का हिस्सा है बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी छिपे हुए हैं। इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि सुबह पानी पीने से शरीर पर क्या असर पड़ता है, क्या वास्तव में इससे प्रेशर बनता है, और यह आदत कितनी फायदेमंद है।     1. सुबह पानी पीने की आदत क्यों मानी जाती है खास?   रातभर सोने के दौरान हमारा शरीर कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं से गुजरता है। इस दौरान शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) भी हो जाती है क्योंकि हम कई घंटों तक कुछ पीते नहीं हैं। सुबह उठते ही पानी पीने से शरीर को तुरंत हाइड्रेशन मिलता है, जो पूरे सिस्टम को सक्रिय करने में मदद करता है। यह आदत खासतौर पर पाचन तंत्र के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती है क्योंकि यह आंतों को "जगाने" का काम करती है। यही कारण है कि कई लोगों को पानी पीने के तुरंत बाद टॉयलेट जाने की इच्छा होती है।     2. क्या सच में सुबह पानी पीने से प्रेशर बनता है?   इस सवाल का जवाब है—हाँ, लेकिन इसके पीछे वैज्ञानिक कारण है। जब आप सुबह खाली पेट पानी पीते हैं, तो शरीर में एक प्राकृतिक प्रक्रिया सक्रिय होती है जिसे गैस्ट्रोकोलिक रिफ्लेक्स (Gastrocolic Reflex) कहा जाता है। यह एक ऐसी प्रतिक्रिया है जिसमें पेट में कुछ भी (खाना या पानी) जाने पर बड़ी आंत (कोलन) सक्रिय हो जाती है और मल को बाहर निकालने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। यही कारण है कि कई लोगों को पानी पीते ही टॉयलेट जाने का दबाव महसूस होता है।     3. पाचन तंत्र कैसे काम करता है? (सरल भाषा में समझें)   हमारा पाचन तंत्र कई हिस्सों में काम करता है: छोटी आंत (Small Intestine): यहां भोजन से पोषक तत्व अवशोषित होते हैं। बड़ी आंत (Large Intestine): यहां बचा हुआ पदार्थ आता है और उससे पानी सोख लिया जाता है। अगर शरीर में पानी की कमी होती है, तो बड़ी आंत अधिक पानी सोख लेती है, जिससे मल सूखा और सख्त हो जाता है। यही स्थिति कब्ज (Constipation) का कारण बनती है।     4. कब्ज क्यों होती है?   कब्ज एक बहुत आम समस्या है और इसके कई कारण हो सकते हैं: शरीर में पानी की कमी फाइबर की कमी शारीरिक गतिविधि की कमी अनियमित खानपान तनाव और खराब लाइफस्टाइल इन सभी कारणों में पानी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि शरीर में पर्याप्त पानी नहीं होगा, तो मल को मुलायम बनाना मुश्किल हो जाएगा।     5. सुबह पानी पीने से कब्ज में कैसे राहत मिलती है?   सुबह पानी पीने से कब्ज में राहत मिलने के पीछे कई कारण हैं:   (1) मल को मुलायम बनाता है पानी मल में नमी बनाए रखता है, जिससे वह आसानी से बाहर निकल सकता है।   (2) आंतों की गति बढ़ाता है गैस्ट्रोकोलिक रिफ्लेक्स के कारण आंतें सक्रिय होती हैं और मल त्याग आसान हो जाता है।   (3) डिहाइड्रेशन को दूर करता है रातभर की पानी की कमी को पूरा करता है।   (4) टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद सुबह पानी पीने से शरीर से विषैले पदार्थ (toxins) बाहर निकलते हैं।     6. सुबह पानी पीने के अन्य फायदे   ✔️ मेटाबॉलिज्म को तेज करता है सुबह पानी पीने से शरीर का मेटाबॉलिज्म एक्टिव हो जाता है, जिससे कैलोरी बर्न होने की प्रक्रिया तेज होती है।   ✔️ स्किन हेल्थ बेहतर होती है हाइड्रेशन सही रहने से त्वचा में निखार आता है और ड्राइनेस कम होती है।   ✔️ किडनी के लिए फायदेमंद पानी शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे किडनी स्वस्थ रहती है।   ✔️ वजन कम करने में मदद खाली पेट पानी पीने से भूख नियंत्रित होती है और ओवरईटिंग कम होती है।   ✔️ दिमाग को एक्टिव करता है पानी की कमी से थकान और ध्यान की कमी हो सकती है। सुबह पानी पीने से ब्रेन फंक्शन बेहतर होता है।     7. सुबह पानी पीने का सही तरीका क्या है?   बहुत से लोग सोचते हैं कि सिर्फ पानी पीना काफी है, लेकिन सही तरीका अपनाना भी जरूरी है: उठते ही 1–2 गिलास गुनगुना पानी पिएं धीरे-धीरे घूंट-घूंट करके पिएं खाली पेट पिएं (कुछ खाने से पहले) तांबे के बर्तन में रखा पानी पीना भी फायदेमंद माना जाता है (हालांकि यह जरूरी नहीं है)   8. क्या ठंडा या गुनगुना पानी बेहतर है?   गुनगुना पानी: पाचन के लिए बेहतर माना जाता है सामान्य तापमान का पानी: भी पूरी तरह सुरक्षित और फायदेमंद है बहुत ठंडा पानी: सुबह खाली पेट पीना टालना चाहिए   9. किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?   हालांकि सुबह पानी पीना ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित है, लेकिन कुछ लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए: जिन लोगों को किडनी या हार्ट से जुड़ी समस्या है जिनको बार-बार पेशाब की समस्या होती है गैस या एसिडिटी से परेशान लोग (उन्हें धीरे-धीरे पानी पीना चाहिए)   10. क्या सिर्फ पानी पीने से कब्ज पूरी तरह ठीक हो जाएगी?   नहीं, यह एक महत्वपूर्ण आदत है लेकिन अकेले इससे समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती। इसके साथ आपको: फाइबर युक्त आहार (फल, सब्जियां, साबुत अनाज) लेना होगा नियमित व्यायाम करना होगा तनाव कम करना होगा समय पर भोजन करना होगा   11. सुबह पानी पीने से जुड़ी आम गलतफहमियां   ❌ मिथ: जितना ज्यादा पानी पिएंगे उतना अच्छा ✔️ सच: जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी नुकसानदायक हो सकता है   ❌ मिथ: सिर्फ पानी पीने से डिटॉक्स हो जाएगा ✔️ सच: शरीर का डिटॉक्स सिस्टम (लिवर, किडनी) पहले से ही काम करता है   ❌ मिथ: हर किसी को एक जैसा फायदा होगा ✔️ सच: हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है

Metroheadlines मार्च 20, 2026 0

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चैत्र नवरात्रि में कन्या पूजन कब ? तारीख, मुहूर्त जानें

  Kanya Pujan 2026: नवरात्रि में कन्या पूजन के बिना माता की पूजा अधूरी मानी जाती है. अष्टमी-नवमी कन्या पूजन के लिए श्रेष्ठ है. ऐसे में 2026 में चैत्र नवरात्रि पर कन्या पूजन किस दिन होगी, मुहूर्त भी जानें.     Chaitra Navratri 2026 Kanya Pujan: चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से 27 मार्च 2026 तक मां दुर्गा की पूजा का पर्व मनाया जाएगा. नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि के दिन कन्या पूजा का विधान है. कहते हैं जो लोग नवरात्रि में कन्या पूजन करते हैं माता रानी उनकी सारी परेशानियां स्वंय हर लेती हैं. इस साल चैत्र नवरात्रि में कन्या पूजन कब किया जाएगा, क्या है मुहूर्त.   कन्या पूजन 2026 में कब   चैत्र नवरात्रि की अष्टमी 26 मार्च और नवमी 27 मार्च को है. देवी पुराण के अनुसार ज्योतिष में अष्टमी और नवमी तिथियों को शक्ति और ऊर्जा की प्रबल तिथियां माना जाता है इसलिए इस दिन कन्या पूजन करने से माता प्रसन्न होती हैं और रक्षा प्रदान करती हैं.   कन्या पूजन 2026 मुहूर्त   अष्टमी कन्या पूजन मुहूर्त  नवमी कन्या पूजन मुहूर्त सुबह 6.18 - सुबह 7.50 सुबह 6.17 - सुबह 10.54 सुबह 10.55 - दोपहर 1.59 दोपहर 12.27 - दोपहर 1.59     कन्या पूजन क्यों किया जाता है   कुमार्यः पूजिताः सम्यक् पूजिता जगदम्बिका. अर्थात - जो व्यक्ति कन्याओं की श्रद्धा से पूजा करता है, वह वास्तव में जगदंबा की ही पूजा करता है.देवी भागवत पुराण और मार्कण्य पुराण के अनुसार नवरात्रि में जो व्यक्ति कन्या पूजन करता है उसे माता रानी की कृपा प्राप्त होती है.   धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि छोटी कन्याओं में दुर्गा का वास होता है इसलिए कन्या की पूजा करना देवी की पूजा के समान माना जाता है. मान्यता है इससे नवरात्रि के 9 दिन की पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है. कन्या पूजन   आयु देवी का स्वरूप 2 वर्ष कुमारी 3 वर्ष त्रिमूर्ति 4 वर्ष कल्याणी 5 वर्ष रोहिणी 6 वर्ष कालिका 7 वर्ष चंडिका 8 वर्ष शांभवी 9 वर्ष दुर्गा 10 वर्ष सुभद्रा     कन्या पूजन विधि   कन्या पूजन से पहले घर और पूजा स्थान को साफ करें. इसके बाद मां दुर्गा की पूजा करके कन्याओं को घर बुलाएं. एक छोटे बालक (भैरव) को आमंत्रित किया जाता है. सबसे पहले घर आई कन्याओं का सम्मानपूर्वक स्वागत करें और उन्हें साफ स्थान पर बैठाएं. एक थाल या लोटे में पानी लेकर कन्याओं के पैर धोएँ। यह सम्मान और सेवा का प्रतीक माना जाता है. कन्याओं के माथे पर रोली और अक्षत से तिलक लगाएँ और उनके चरणों में फूल अर्पित करें. कन्याओं को देवी का रूप मानकर लाल चुनरी या रुमाल अर्पित करें. इसके बाद कन्याओं को श्रद्धा से भोजन कराया जाता है. भोजन के बाद कन्याओं को दक्षिणा, फल, मिठाई या छोटे उपहार देकर उनका आशीर्वाद लें. कन्याओं के चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लें और सम्मानपूर्वक विदा करें. कन्या पूजन में क्या गिफ्ट दें   लाल चुनरी या रूमाल चूड़ियाँ बिंदी और कुमकुम पेन-कॉपी या पढ़ाई का सामान फल और मिठाई नारियल और दक्षिणा छोटे खिलौने कन्या पूजन का भोग पूड़ी काले चने हलवा या खीर

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