Gold Silver Price Today: घरेलू फ्यूचर मार्केट में मंगलवार, 24 मार्च को सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट देखने को मिल रही है. खबर लिखे जाने तक मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 2 अप्रैल, 2026 का एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर वायदा करीब 1,950 रुपये की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था.
एमसीएक्स पर गोल्ड वायदा 1,38,411 रुपये (प्रति 10 ग्राम) पर ओपन हुआ. इसके आखिरी कारोबारी दिन एमसीएक्स पर सोना 1,39,260 रुपये पर ट्रेड करते हुए बंद हुआ था.
सुबह करीब 11:15 बजे, गोल्ड वायदा 1.41 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,37,292 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. गोल्ड फ्यूचर वायदा शुरुआती कारोबार में 1,38,450 रुपये के हाई लेवल पर पहुंचा था. आइए जानते हैं आज आपके शहर में सोना-चांदी का ताजा भाव क्या है....
चांदी की कीमत
एमसीएक्स पर 5 मई 2026 का एक्सपायरी वाला सिल्वर 3.78 फीसदी या लगभग 8,500 रुपये की गिरावट के साथ 2,16,652 रुपये (प्रति किलो) पर ट्रेड कर रहा था. चांदी ने कारोबारी दिन की शुरुआत 2,18,628 रुपये पर की थी. दिन के कारोबार के दौरान चांदी का हाई लेवल 2,19,658 रुपये था.
दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,350 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 23,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 2,400 रुपये चल रही है.
आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)
दिल्ली में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)
24 कैरेट - 1,40,500 रुपए
22 कैरेट - 1,28,800 रुपए
18 कैरेट - 1,05,410 रुपए
मुंबई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)
24 कैरेट - 1,40,350 रुपए
22 कैरेट - 1,28,650 रुपए
18 कैरेट - 1,05,260 रुपए
चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)
24 कैरेट - 1,41,820 रुपए
22 कैरेट - 1,30,000 रुपए
18 कैरेट - 1,08,200 रुपए
कोलकाता में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)
24 कैरेट - 1,40,350 रुपए
22 कैरेट - 1,28,650 रुपए
18 कैरेट - 1,05,260 रुपए
अहमदाबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)
24 कैरेट - 1,40,400 रुपए
22 कैरेट - 1,28,700 रुपए
18 कैरेट - 1,05,310 रुपए
लखनऊ में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)
24 कैरेट - 1,40,500 रुपए
22 कैरेट - 1,28,800 रुपए
18 कैरेट - 1,05,410 रुपए
पटना में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)
24 कैरेट - 1,40,400 रुपए
22 कैरेट - 1,28,700 रुपए
18 कैरेट - 1,05,310 रुपए
हैदराबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)
24 कैरेट - 1,40,350 रुपए
22 कैरेट - 1,28,650 रुपए
18 कैरेट - 1,05,260 रुपए
MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है, जिससे बालाघाट, जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ेंगे. Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया–जबलपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने इसे महाकौशल क्षेत्र सहित प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात करार दिया और इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्रिमंडल का हृदय से आभार माना उनका कहना है कि इस परियोजना से नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, व्यवसाय और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. सेवातीर्थ में केन्द्रीय सरकार की पहली केबिनेट बैठक में गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है. रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गोंदिया–जबलपुर रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. इस कार्य के पूर्ण होने से मध्यप्रदेश के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे. गोंदिया–जबलपुर लाइन में ब्रिज और वन्यजीव सुरक्षा करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रूपए से 5 साल में पूरा होगा. जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा. इस दौरान इस लाईन में आने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रूपए अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे. साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे.
Navratri Second Day Brahmacharini: नवरात्र का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है, जो तप और संयम की देवी हैं. जानिए दूसरे दिन माता की पूजा विधि, मंत्र, भोग, आरती, और शुभ योग के बारे में? Chaitra Navratri Second Day of Goddess Brahmacharini: चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2026) के दौरान माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. जहां पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होता है, वहीं दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. चैत्र नवरात्रि के मौके पर हम आपको मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से जुड़ी संपूर्ण जानकारी नीचे दे रहे हैं. मां दुर्गा का दूसरा अवतार देवी ब्रह्मचारिणी तप, संयम, ज्ञान और वैराग्य की देवी हैं. माता को सफेद रंग के वस्त्र, चंदन, फूल और श्वेत मिठाई चढ़ाया जाता है. इस दिन का काफी खास महत्व है, क्योंकि पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बना हुआ है. आइए जानते हैं उनके मंत्र, पूजा विधि, कथा और आरती से जुड़ी सटीक जानकारी के बारे में. मां ब्रह्मचारिणी के नाम का अर्थ? मां ब्रह्मचारिणी तप शक्ति का प्रतीक हैं. ब्रह्मचारिणी माता की आराधना से भक्तों में तप की शक्ति बढ़ती है. इसके अलावा उन्हें मनोवांछित फल की भी प्राप्ति होती है. देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों में से दूसरे स्वरूप का नाम देवी ब्रह्मचारिणी है. नवरात्रि के दूसरे दिन के दौरान मां के इस अवतार की पूजा संपूर्ण विधि-विधान से करनी चाहिए. 'ब्रह्मचारिणी' नाम का मतलब ब्रह्म और चारिणी से मिलकर बना हुआ है. ब्रह्म का अर्थ है तप या तपस्या, वही चारिणी का अर्थ है आचरण करने वाली. ऐसे में ब्रह्मचारिणी का शाब्दिक अर्थ है, तप का आचरण करने वाली देवी. पौराणिक कथाओं के मुताबिक, भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए मां ने इस रूप में कठोर तपस्या की थी. नवरात्र के दूसरे दिन खास योग! चैत्र नवरात्रि के दूसरे सर्वार्थ सिद्धि के साथ अमृत सिद्धि योग भी बन रहा है, जो शुक्रवार सुबह 6 बजकर 25 मिनट से लेकर देर रात 2 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. इसके साथ ही शनिवार दोपहर2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक विजय मुहूर्त का संयोग बन रहा है. धार्मिक मान्यता है कि, सर्वार्थ सिद्धि योग में शुरू किए गए काम सफल होते हैं और राहुकाल में कोई नया काम या पूजा करने से वह निष्फल होता है. मां ब्रह्माचारिणी की पूजा विधि (Maa Brahmacharini Puja Vidhi) नवरात्र के दूसरे दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि कर साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद आसन पर बैठकर मां का ध्यान करते हुए पूजा करें. उन्हें फूल, चंदन, अक्षत, रोली, धूप, भोग आदि अर्पित करें. मां ब्रह्मचारिणी को दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से स्नान कराएं. उसके बाद मां को उनका पसंदीदा भोग अर्पित करें. उन्हें पान, सुपारी, लौंग अर्पित करना शुभ माना जाता है. मां ब्रह्मचारिणी से जुड़ा ध्यान मंत्र (Maa Brahmacharini Mantra) या देवी सर्वभेतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। दधना करपद्याभ्यांक्षमालाकमण्डलू। देवीप्रसीदतु मयी ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥ इस मंत्र का अर्थ है कि, देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरूप दिव्यता से भरा है. माता के दाहिने हाथ में जप की माला तो बाएं हाथ में कमंडल है. माता ब्रह्मचारिणी की आराधना करने के लिए ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नम: मंत्र का जाप करना चाहिए. मां ब्रह्मचारिणी का प्रिय भोग (Maa Brahmacharini Bhog) नवरात्र के दूसरे मां ब्रह्मचारिणी को उनका प्रिय भोग शर्करा या गुड़ अर्पित करना शुभ माना जाता है. ऐसा करने से आयुष्मान का आशीर्वाद प्राप्त होता है. ब्रह्मचारिणी माता जी की आरती (Maa Brahmacharini Aarti) जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता। जय चतुरानन प्रिय सुख दाता। ब्रह्मा जी के मन भाती हो। ज्ञान सभी को सिखलाती हो। ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा। जिसको जपे सकल संसारा। जय गायत्री वेद की माता। जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता। कमी कोई रहने न पाए। कोई भी दुख सहने न पाए। उसकी विरति रहे ठिकाने। जो तेरी महिमा को जाने। रुद्राक्ष की माला ले कर। जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर। आलस छोड़ करे गुणगाना। मां तुम उसको सुख पहुंचाना। ब्रह्माचारिणी तेरो नाम। पूर्ण करो सब मेरे काम। भक्त तेरे चरणों का पुजारी। रखना लाज मेरी महतारी।आरती करते समय खासतौर पर इस बात का ध्यान दें कि, देवी-देवताओं की 14 बार आरती उतारना है. 4 बार उनके चरणों पर से, 2 बार नाभि पर से, 1 बार मुख पर से और 7 बार पूरे शरीर पर से. आरती की बत्तियां 1, 5, 7 यानी विषम संख्या में ही बनाकर आरती करनी चाहिए.
UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है। शिक्षा विभाग की भूमिका स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए। शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया। वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया। राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है। प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है। विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है। आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है। राजनीतिक और सामाजिक संदेश Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है। पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है। संभावित चुनौतियां हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों की अपेक्षाएं इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं। UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026
Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है? Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है? सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है. जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है. चांदी के ताजा भाव दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है. आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार) दिल्ली में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए मुंबई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए कोलकाता में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए अहमदाबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए लखनऊ में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए पटना में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए हैदराबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए
Causes Of Bloating And Gas: हम क्या खाते हैं, इसका हमारी सेहत पर काफी असर होता है. चलिए आपको बताते हैं कि किन फूड कॉम्बिनेशन से आपको बचना चाहिए और आयुर्वेद इसको लेकर क्या कहता है Which Foods Should Not Be Eaten Together: खाना खाते समय हमें कुछ चीजों का ध्यान रखने की जरूरत होती है. हम क्या खाते हैं और किन चीजों को साथ में मिलाकर खाते हैं, इसका सीधा असर हमारे डाइजेशन शक्ति पर पड़ता है. गलत फूड कॉम्बिनेशन पाचन को बिगाड़ सकते हैं और शरीर में टॉक्सिक तत्व जमा कर सकते हैं. इसका नतीजा गैस, पेट फूलना, एसिडिटी, त्वचा संबंधी समस्याएं और लंबे समय में गंभीर बीमारियों के रूप में सामने आ सकता है. चलिए आपको आयुर्वेद के हिसाब से बताते हैं कि किन कॉम्बिनेशन से हमें बचना चाहिए. क्या कहता है आयुर्वेद? आयुर्वेद के बारे में जानकारी देने वाली संस्था kevaayurveda के अनुसार, आयुर्वेद मानता है कि हर व्यक्ति की वात, पित्त, कफ और पाचन क्षमता अलग होती है कुछ खानें की चीजें एक-दूसरे के विपरीत गुण रखते हैं. यदि इन्हें बार-बार साथ में खाया जाए तो डाइजेशन सिस्टम पर अतिरिक्त प्रेशर पड़ता है. इससे गैस, कब्ज, सीने में जलन, मुंहासे, कमजोर इम्यूनिटी और डाइजेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. किन फूड कॉम्बिनेशन से बचना चाहिए? kevaayurveda के अनुसार, कुछ प्रमुख गलत फूड कॉम्बिनेशन जिनसे बचने की सलाह दी जाती है, उनमें सबसे पहले आता है दूध और मछली. आयुर्वेद के अनुसार दूध ठंडा और भारी होता है, जबकि मछली गर्म तासीर वाली मानी जाती है. दोनों को साथ लेने से पाचन गड़बड़ा सकता है और स्किन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. इसी तरह दूध के साथ खट्टे फल जैसे संतरा, नींबू या अनानास भी ठीक नहीं माने जाते, क्योंकि ये पेट में दूध को फाड़ सकते हैं और गैस या एसिडिटी बढ़ा सकते हैं. गरम भोजन के साथ शहद मिलाना भी आयुर्वेद में हानिकारक बताया गया है. शहद को गर्म करने से उसके गुण बदल सकते हैं और शरीर में टॉक्सिक प्रभाव पैदा हो सकता है. भारी भोजन के तुरंत बाद फल खाना भी उचित नहीं माना जाता, क्योंकि फल जल्दी पचते हैं और भारी भोजन के साथ पेट में फर्मेंटेशन शुरू कर सकते हैं. दही और चीनी का मेल भी पाचन के लिए अनुकूल नहीं माना जाता. दही पहले से ही खट्टा और ठंडा होता है, जबकि रिफाइंड चीनी शरीर में असंतुलन बढ़ा सकती है. रात में दही को फल या ठंडी चीजों के साथ लेना कफ बढ़ा सकता है, जिससे सर्दी-खांसी या साइनस की समस्या हो सकती है. बासी भोजन के साथ दूध लेना भी पाचन के लिए सही नहीं माना गया. किन चीजों का सेवन करना चाहिए? आयुर्वेद सलाह देता है कि मौसमी आहार लें, जरूरत से ज्यादा न खाएं और अदरक, जीरा, सौंफ जैसे मसालों का उपयोग करें, जो डाइजेशन को मजबूत बनाते हैं. सही फूड कॉम्बिनेशन अपनाने से डाइजेशन मजबूत रहती है, न्यूट्रिशन तत्वों का ऑब्जर्वेशन बेहतर होता है और शरीर संतुलित रहता है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर पाचन वाले लोगों के लिए यह नियम और भी लाभकारी माने जाते हैं.
पैन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया में जल्द ही कुछ अहम बदलाव लागू होने वाले हैं. जिसका सीधा असर नए पैन कार्ड बनवाने वाले आवेदकों पर पड़ने वाला है. ये नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे... Pan Card New Rules 2026: पैन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया में जल्द ही कुछ अहम बदलाव लागू होने वाले हैं. जिसका सीधा असर नए पैन कार्ड बनवाने वाले आवेदकों पर पड़ने वाला है. ये नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे. इसलिए अगर आप आने वाले समय में पैन कार्ड के लिए आवेदन करने की सोच रहे हैं, तो पहले इन बदलावों की जानकारी लेना जरूरी है. ताकि आगे आपको किसी तरह की परेशानी न हो. आइए जानते हैं, इन बदलावों के बारे में नियमों में ये होने वाले है बदलाव अभी तक 31 मार्च 2026 तक पैन कार्ड के लिए आवेदन करना काफी आसान है, जहां केवल आधार कार्ड के जरिए भी काम हो जाता है. ज्यादा डॉक्यूमेंट देने की जरूरत नहीं पड़ती. लेकिन 1 अप्रैल 2026 से यह प्रक्रिया थोड़ी सख्त होने जा रही है. नए नियम लागू होने के बाद सिर्फ आधार के बेसिस पर पैन कार्ड बनवाना संभव नहीं होगा. बल्कि आवेदकों को अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने होंगे और पूरी प्रक्रिया पहले के मुकाबले ज्याद लंबी हो सकती है. जिससे पैन कार्ड बनवाना पहले से ज्यादा कठिन हो जाएगा. आधार के साथ इन दस्तावेजों की होगी जरूरत नए नियम लागू होने के बाद पैन कार्ड के लिए आवेदन करते समय केवल आधार कार्ड पर्याप्त नहीं रहने वाला है. आवेदकों को पहचान व जन्म से जुड़े अतिरिक्त दस्तावेज देने पड़ सकते हैं. इसमें जन्म प्रमाण पत्र, वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, 10वीं का सर्टिफिकेट या अन्य सरकारी दस्तावेज शामिल हो सकते हैं. जिससे पैन कार्ड पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित हो जाएगी. आधार से मेल खानी चाहिए सारी जानकारी नए नियमों के तहत पैन कार्ड में दर्ज जानकारी आधार से पूरी तरह मेल खानी चाहिए. इसलिए आवेदन करने से पहले आधार में नाम, जन्म तिथि और अन्य डिटेल्स सही और अपडेट होना बेहद जरूरी है. इसके साथ ही सरकार नए आवेदन फॉर्म भी लागू करने जा रही है, जो 1 अप्रैल 2026 के बाद अनिवार्य होंगे. पुराने फॉर्म मान्य नहीं रहेंगे, इसलिए पैन से जुड़ा कोई भी काम अब नए फॉर्म के माध्यम से ही किया जा सकेगा.
शेयर बाजार में बुधवार के कारोबारी दिन जोरदार तेजी देखने को मिली है. साथ ही ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने एक कंपनी शेयरों पर बॉय की रेटिंग दी है. आइए जानते हैं, इस विषय में... Bharat Electronics Share Price Target Goldman Sachs: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार के कारोबारी दिन जोरदार तेजी देखने को मिली है. बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 पॉजिटिव नोट पर बंद हुए है. कारोबारी दिन के दौरान डिफेंस सेक्टर की पीएसयू कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में तेजी देखने को मिली. साथ ही ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने भी कंपनी शेयरों पर बॉय की रेटिंग दी है. आइए जानते हैं, कंपनी शेयरों को लेकर गोल्डमैन सैक्स का क्या है कहना? ब्रोकरेज की राय और टारगेट प्राइस ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर पर भरोसा जताते हुए इसे खरीदने की सलाह दी है. फर्म ने इस स्टॉक के लिए 470 रुपये का लक्ष्य तय किया है, जो मौजूदा कीमत से करीब 7 प्रतिशत की संभावित तेजी को दिखाता है. फर्म के अनुसार, कंपनी को लगातार नए ऑर्डर मिल रहे हैं. इस मजबूत ऑर्डर बुक के चलते ब्रोकरेज इस शेयर को लेकर पॉजिटिव रूख दिखा रहे है. नए ऑर्डर से मजबूत हुई ऑर्डर बुक भारत इलेक्ट्रॉनिक्स को हाल ही में 1,011 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला हैं. जिससे कंपनी की ऑर्डर बुक मजबूत हुई है. ये ऑर्डर डिफेंस और एडवांस टेक्नोलॉजी से जुड़े कई प्रोडक्ट्स के लिए हैं. कंपनी के वित्तीय हालात आंकड़ों के अनुसार, कंपनी की वित्तीय स्थिति अच्छी बनी हुई है. चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी को 1,579 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है. पिछले साल से इस मुनाफे की तुलना करें तो यह 1,311 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 20 प्रतिशत की तेजी दिखाता है. वहीं, कंपनी की आय भी मजबूत रही और 24 फीसदी की बढ़त के साथ 7,154 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 5,771 करोड़ रुपये थी. शेयर बाजार में कंपनी का प्रदर्शन बीएसई पर बुधवार के कारोबारी दिन की समाप्ति पर शेयरों में तेजी देखने को मिली थी. कंपनी शेयर 0.65 प्रतिशत या 2.85 रुपये की उछाल के साथ 442.50 रुपये पर बंद हुए थे. दिन का इंट्रा डे हाई 447.70 रुपये था. कंपनी का मार्केट कैप 3,23,457.71 करोड़ रुपये का है. डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. metroheadlines.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)
डॉलर की मजबूती और तेल के दाम में आग से सहमा रुपया, धड़ाम से गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा Indian Currency: विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव जारी रहा और तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, तो आने वाले दिनों में रुपये पर दबाव और बढ़ सकता है. Dollar vs Rupee: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर भारतीय मुद्रा पर भी साफ दिखाई दे रहा है. कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, मजबूत डॉलर और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण गुरुवार को भारतीय रुपया दबाव में आ गया. हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन Indian Rupee अमेरिकी मुद्रा US Dollar के मुकाबले गिरकर 92.36 के स्तर तक पहुंच गया. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 92.25 पर खुला और आगे गिरते हुए 92.32 प्रति डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले बंद स्तर से करीब 31 पैसे कमजोर है. एक दिन पहले रुपया 92.01 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. गिरावट की मुख्य वजह विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, रुपये में कमजोरी के पीछे कई कारण हैं: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, अमेरिकी डॉलर की मजबूती, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की भारी बिकवाली और घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट. वैश्विक तेल मानक Brent Crude करीब 9.94% बढ़कर 101.12 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया. शेयर बाजार का हाल घरेलू बाजार में भी दबाव देखने को मिला. BSE Sensex शुरुआती कारोबार में 992.53 अंक गिरकर 75,871.18 पर पहुंच गया. NSE Nifty 50 310.55 अंक टूटकर 23,556.30 के स्तर पर आ गया. शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी निवेशकों ने बुधवार को 6,267.31 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. रुपये पर इतना दबाव क्यों भारत अपनी तेल जरूरतों का 80% से ज्यादा आयात करता है. इसलिए जब तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो देश का आयात बिल बढ़ जाता है और तेल कंपनियों को ज्यादा डॉलर की जरूरत पड़ती है. इससे Indian Rupee पर सीधा दबाव बढ़ जाता है. वैश्विक घटनाओं का असर तेल की कीमतों में यह उछाल ऐसे समय आया है जब Iraq के समुद्री क्षेत्र में एक तेल टैंकर पर हमला होने की खबर आई है. इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है और बाजार में अनिश्चितता का माहौल बन गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव जारी रहा और तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, तो आने वाले दिनों में रुपये पर दबाव और बढ़ सकता है