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आरजीपीवी की कैंटीन में स्टूडेंट को परोस दी छिपकली:कर्मचारी ने बताया शिमला मिर्च का टुकड़ा; छात्रों ने वीडियो बनाया, प्रबंधन से जांच की मांग

Metroheadlines मार्च 23, 2026 0

 

भोपाल के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) की कैंटीन के भोजन में छिपकली मिलने का दावा किया गया है। छात्रों का आरोप है कि डिनर के दौरान परोसी गई सब्जी में छिपकली मिली, जिसे लेकर जब उन्होंने शिकायत की तो कैंटीन कर्मचारी ने उसे शिमला मिर्च का टुकड़ा बताया। छात्रों ने इस घटना का वीडियो भी बना लिया, जो सोशल मीडिया पर सामने आया है।

 

 

जानकारी के अनुसार रविवार शाम छात्र डिनर के लिए कैंटीन पहुंचे थे, जहां उन्हें दाल, शिमला मिर्च की सब्जी, रोटी और चावल परोसा गया। खाना शुरू करते ही एक छात्र को सब्जी का स्वाद अजीब लगा। संदेह होने पर जब उसने सब्जी को ध्यान से देखा तो उसमें एक मरी हुई छिपकली दिखाई दी, जो पूरी तरह से सब्जी के साथ तली हुई थी। यह देखते ही वहां मौजूद अन्य छात्र भी चौंक गए और कैंटीन में हड़कंप मच गया।

 

 

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के स्टूडेंट ज्ञापन सौंपते हुए।

 

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के स्टूडेंट ज्ञापन सौंपते हुए।

 

 

शिकायत पर कर्मचारी ने किया इनकार

 

छात्रों ने तुरंत कैंटीन कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी, लेकिन आरोप है कि कर्मचारी ने इसे छिपकली मानने से इनकार कर दिया। उसने दावा किया कि वह केवल शिमला मिर्च का टुकड़ा है।

 

घटना के दौरान मौजूद छात्रों ने घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। बाद में इसे सोशल मीडिया पर शेयर किया गया। वीडियो सामने आने के बाद अन्य छात्रों और लोगों ने भी कैंटीन व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

 

 

पहले भी उठते रहे हैं सवाल

छात्रों का कहना है कि कैंटीन के खाने की गुणवत्ता को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता में लगातार लापरवाही बरती जा रही है, लेकिन प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती।

 

घटना के बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की लापरवाही से छात्रों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ हो रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।

 

 

 

वाइस चांसलर कार्यालय जाकर दर्ज कराया विरोध

 

आरजीपीवी के ऑटोमोबाइल डिपार्टमेंट के स्टूडेंट अर्पित चौहान ने बताया कि सोमवार को इस मामले को लेकर वाइस चांसलर कार्यालय में विरोध दर्ज किया गया। यह मामला आरजीपीवी की मुख्य कैंटीन का है। शनिवार रात 10:00 बजे के करीब स्टूडेंट की थाली में मरी हुई छिपकली मिली थी।

 

रविवार को छुट्टी होने के कारण यह मामला उठ नहीं सका। सोमवार को इसके विरोध में आपत्ति जताई गई है। साथ ही ज्ञापन भी सौंपा गया है। एबीवीपी के सदस्य लोकेश तिवारी ने बताया कि कैंटीन में करीब 500 स्टूडेंट रोजाना खाना खाने पहुंचते हैं। एग्जाम सेंटर के सामने मौजूद यह कैंटीन परिसर की सबसे बड़ी और मुख्य कैंटीन है।

 

 

शिमला मिर्च ही थी

कैंटीन का संचालन करने वाले सुनील अग्रवाल ने बताया कि छिपकली नहीं बल्कि वह शिमला मिर्च थी। हमारी कैंटीन के कर्मी ने स्टूडेंट के सामने खाकर भी दिखाया था। उस बंदे को अभी तक कुछ भी नहीं हुआ है।

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मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से पाएं तप, ज्ञान और मनोवांछित फल! जानें विधि, मंत्र और आरती

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UP News: होली से पहले सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है   होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है।   शिक्षा विभाग की भूमिका   स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए।   शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया।     वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया।   राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है।   प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन   राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।   वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर   इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है।   विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है।   आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है।   राजनीतिक और सामाजिक संदेश   Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है।   पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें   पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है।   संभावित चुनौतियां   हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।   कर्मचारियों की अपेक्षाएं   इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं।   UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026  

हिंदी न्यूज़बिजनेसGold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव

Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव     सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है?     Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है?     सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट     वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है.   जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है.     चांदी के ताजा भाव     दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है.     आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)     दिल्ली में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     मुंबई में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए     कोलकाता में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     अहमदाबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     लखनऊ में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     पटना में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     हैदराबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए    

ये हैं सबसे गलत और खतरनाक फूड कॉम्बिनेशन, आयुर्वेद में भी है इनका जिक्र

  Causes Of Bloating And Gas: हम क्या खाते हैं, इसका हमारी सेहत पर काफी असर होता है. चलिए आपको बताते हैं कि किन फूड कॉम्बिनेशन से आपको बचना चाहिए और आयुर्वेद इसको लेकर क्या कहता है   Which Foods Should Not Be Eaten Together: खाना खाते समय हमें कुछ चीजों का ध्यान रखने की जरूरत होती है. हम क्या खाते हैं और किन चीजों को साथ में मिलाकर खाते हैं, इसका सीधा असर हमारे डाइजेशन शक्ति पर पड़ता है. गलत फूड कॉम्बिनेशन पाचन को बिगाड़ सकते हैं और शरीर में टॉक्सिक तत्व जमा कर सकते हैं. इसका नतीजा गैस, पेट फूलना, एसिडिटी, त्वचा संबंधी समस्याएं और लंबे समय में गंभीर बीमारियों के रूप में सामने आ सकता है. चलिए आपको आयुर्वेद के हिसाब से बताते हैं कि किन कॉम्बिनेशन से हमें बचना चाहिए.      क्या कहता है आयुर्वेद?     आयुर्वेद के बारे में जानकारी देने वाली संस्था kevaayurveda के अनुसार, आयुर्वेद मानता है कि हर व्यक्ति की वात, पित्त, कफ और पाचन क्षमता अलग होती है कुछ खानें की चीजें एक-दूसरे के विपरीत गुण रखते हैं. यदि इन्हें बार-बार साथ में खाया जाए तो डाइजेशन सिस्टम पर अतिरिक्त प्रेशर पड़ता है. इससे गैस, कब्ज, सीने में जलन, मुंहासे, कमजोर इम्यूनिटी और डाइजेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं.     किन फूड कॉम्बिनेशन से बचना चाहिए?     kevaayurveda के अनुसार, कुछ प्रमुख गलत फूड कॉम्बिनेशन जिनसे बचने की सलाह दी जाती है, उनमें सबसे पहले आता है दूध और मछली. आयुर्वेद के अनुसार दूध ठंडा और भारी होता है, जबकि मछली गर्म तासीर वाली मानी जाती है. दोनों को साथ लेने से पाचन गड़बड़ा सकता है और स्किन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. इसी तरह दूध के साथ खट्टे फल जैसे संतरा, नींबू या अनानास भी ठीक नहीं माने जाते, क्योंकि ये पेट में दूध को फाड़ सकते हैं और गैस या एसिडिटी बढ़ा सकते हैं.   गरम भोजन के साथ शहद मिलाना भी आयुर्वेद में हानिकारक बताया गया है. शहद को गर्म करने से उसके गुण बदल सकते हैं और शरीर में टॉक्सिक प्रभाव पैदा हो सकता है. भारी भोजन के तुरंत बाद फल खाना भी उचित नहीं माना जाता, क्योंकि फल जल्दी पचते हैं और भारी भोजन के साथ पेट में फर्मेंटेशन शुरू कर सकते हैं. दही और चीनी का मेल भी पाचन के लिए अनुकूल नहीं माना जाता. दही पहले से ही खट्टा और ठंडा होता है, जबकि रिफाइंड चीनी शरीर में असंतुलन बढ़ा सकती है. रात में दही को फल या ठंडी चीजों के साथ लेना कफ बढ़ा सकता है, जिससे सर्दी-खांसी या साइनस की समस्या हो सकती है. बासी भोजन के साथ दूध लेना भी पाचन के लिए सही नहीं माना गया.     किन चीजों का सेवन करना चाहिए?     आयुर्वेद सलाह देता है कि मौसमी आहार लें, जरूरत से ज्यादा न खाएं और अदरक, जीरा, सौंफ जैसे मसालों का उपयोग करें, जो डाइजेशन को मजबूत बनाते हैं. सही फूड कॉम्बिनेशन अपनाने से डाइजेशन मजबूत रहती है, न्यूट्रिशन तत्वों का ऑब्जर्वेशन बेहतर होता है और शरीर संतुलित रहता है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर पाचन वाले लोगों के लिए यह नियम और भी लाभकारी माने जाते हैं.  

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आरजीपीवी की कैंटीन में स्टूडेंट को परोस दी छिपकली:कर्मचारी ने बताया शिमला मिर्च का टुकड़ा; छात्रों ने वीडियो बनाया, प्रबंधन से जांच की मांग

  भोपाल के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) की कैंटीन के भोजन में छिपकली मिलने का दावा किया गया है। छात्रों का आरोप है कि डिनर के दौरान परोसी गई सब्जी में छिपकली मिली, जिसे लेकर जब उन्होंने शिकायत की तो कैंटीन कर्मचारी ने उसे शिमला मिर्च का टुकड़ा बताया। छात्रों ने इस घटना का वीडियो भी बना लिया, जो सोशल मीडिया पर सामने आया है।     जानकारी के अनुसार रविवार शाम छात्र डिनर के लिए कैंटीन पहुंचे थे, जहां उन्हें दाल, शिमला मिर्च की सब्जी, रोटी और चावल परोसा गया। खाना शुरू करते ही एक छात्र को सब्जी का स्वाद अजीब लगा। संदेह होने पर जब उसने सब्जी को ध्यान से देखा तो उसमें एक मरी हुई छिपकली दिखाई दी, जो पूरी तरह से सब्जी के साथ तली हुई थी। यह देखते ही वहां मौजूद अन्य छात्र भी चौंक गए और कैंटीन में हड़कंप मच गया।       राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के स्टूडेंट ज्ञापन सौंपते हुए।     शिकायत पर कर्मचारी ने किया इनकार   छात्रों ने तुरंत कैंटीन कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी, लेकिन आरोप है कि कर्मचारी ने इसे छिपकली मानने से इनकार कर दिया। उसने दावा किया कि वह केवल शिमला मिर्च का टुकड़ा है।   घटना के दौरान मौजूद छात्रों ने घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। बाद में इसे सोशल मीडिया पर शेयर किया गया। वीडियो सामने आने के बाद अन्य छात्रों और लोगों ने भी कैंटीन व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।     पहले भी उठते रहे हैं सवाल छात्रों का कहना है कि कैंटीन के खाने की गुणवत्ता को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता में लगातार लापरवाही बरती जा रही है, लेकिन प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती।   घटना के बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की लापरवाही से छात्रों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ हो रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।       वाइस चांसलर कार्यालय जाकर दर्ज कराया विरोध   आरजीपीवी के ऑटोमोबाइल डिपार्टमेंट के स्टूडेंट अर्पित चौहान ने बताया कि सोमवार को इस मामले को लेकर वाइस चांसलर कार्यालय में विरोध दर्ज किया गया। यह मामला आरजीपीवी की मुख्य कैंटीन का है। शनिवार रात 10:00 बजे के करीब स्टूडेंट की थाली में मरी हुई छिपकली मिली थी।   रविवार को छुट्टी होने के कारण यह मामला उठ नहीं सका। सोमवार को इसके विरोध में आपत्ति जताई गई है। साथ ही ज्ञापन भी सौंपा गया है। एबीवीपी के सदस्य लोकेश तिवारी ने बताया कि कैंटीन में करीब 500 स्टूडेंट रोजाना खाना खाने पहुंचते हैं। एग्जाम सेंटर के सामने मौजूद यह कैंटीन परिसर की सबसे बड़ी और मुख्य कैंटीन है।     शिमला मिर्च ही थी कैंटीन का संचालन करने वाले सुनील अग्रवाल ने बताया कि छिपकली नहीं बल्कि वह शिमला मिर्च थी। हमारी कैंटीन के कर्मी ने स्टूडेंट के सामने खाकर भी दिखाया था। उस बंदे को अभी तक कुछ भी नहीं हुआ है।

Metroheadlines मार्च 23, 2026 0

भोपाल नगर निगम की बैठक में गोमांस पर हंगामा नेता प्रतिपक्ष-महापौर में हुई नोंक झोंक, बीजेपी पार्षदों ने भी जताया विरोध ?

हाई-प्रोटीन डाइट शौकीन असलम का जेल में वजन घटा:22 घंटे की रिहाई के बाद NSA में दोबारा जेल भेजा गया; नई पहचान बंदी नंबर 500

भोपाल में कटारा हिल्स में आग, लेट पहुंची दमकल:रजाई-गद्दे की दुकान में घटना; 20 फीट तक ऊपर उठी आग की लपटें

हुमायूं कबीर वाली सीट पर किसे मिला मौका ममता बनर्जी

TMC Candidate List 2026: टीएमसी ने पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए 291 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है. इस लिस्ट में ममता बनर्जी समेत पश्चिम बंगाल के कई दिग्गज टीएमसी नेताओं के नाम शामिल हैं.   पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मंगलवार (17 मार्च 2026) को अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की. तृणमूल चीफ और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि पार्टी राज्य की 294 सीट में से 291 सीट पर चुनाव लड़ेगी. उन्होंने कहा कि तीन सीट पर अनित थापा के नेतृत्व वाला भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा (बीजीपीएम) चुनाव लड़ेगा. टीएमसी की लिस्ट में कितने मुस्लिम उम्मीदवार?     पार्टी की ओर से जारी इस लिस्ट में ममता बनर्जी समेत पश्चिम बंगाल के कई दिग्गज टीएमसी नेताओं के नाम शामिल हैं, जिन्हें उम्मीदवार बनाया गया है. बता दें कि सीएम ममता बनर्जी भवानीपुर विधानसभा सीट से भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरेंगी. पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बताया कि पश्चिम बंगाल चुनाव में टीएमसी के 291 उम्मीदवारों में से 52 महिलाएं, 95 अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति और 47 अल्पसंख्यक हैंपार्टी कार्यकर्ताओं CM ममता का आश्वासन     टीएमसी ने कोलकाता पोर्ट से फरहाद हकीम, बेलेघाटा सीट से कुणाल घोष, हाबरा सीट से ज्योतिप्रियो मल्लिक को मैदान में उतारा है. सीएम ममता बनर्जी ने 2026 के विधानसभा चुनाव में 226 से अधिक सीट जीतने का दावा किया. मुख्यमंत्री ने उन पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी आश्वस्त करने की कोशिश की, जिन्हें उम्मीदवारों की सूची में जगह नहीं मिल पाई है. उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं को संगठन में समायोजित किया जाएगा.     शुभेंदु अधिकारी के सामने TMC ने खेला दांव     हाल ही में टीएमसी में शामिल हुए पबित्र कर को नंदीग्राम से टिकट दिया गया है, जहां उनका भी मुकाबला शुभेंदु अधिकारी से होगा. बीजेपी ने शुभेंदु अधिकारी को नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों विधानसभा सीटों से टिकट दिया है. इसके साथ ही सुजापुर सीट से सबीना यास्मीन, जंगीपुर सीट से जाकिर हुसैन, सागरदिघी सीट से बायरन बिस्वास, दिनहाटा सीट से उदयन गुहा चुनाव लड़ेंगे.      सिलीगुड़ी सीट से गौतम, खगराम से आशीष मारजीत, करीमपुर सीट से सोहम चक्रवर्ती, कंडी सीट से अपूर्व सरकार, सिताई सीट से संगीता रॉय बसुनिया, कृष्णानगर उत्तर सीट से अभिनव भट्टाचार्य, नवद्वीप से पुण्डरीकाक्ष साहा, हरिन्घाटा सीट से राजीव विश्वास, स्वरूपनगर सीट से बीना मंडल, राजगंज सीट से सपना बर्मन, हावड़ा सीट से ज्योतिप्रिया मल्लिक, कृष्णानगर नगर दक्षिण सीट से उज्जवल विश्वास, राणाघाट दक्षिण सीट से सौगत कुमार बर्मन, कल्याणी सीट से अतींद्रनाथ मंडल चुनाव लड़ेंगे.     इन जिलों में मुस्लिम वोटर्स की पकड़ मजबूत     पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में से करीब 40 से 45 विधानसभा क्षेत्रों में मुस्लिम वोटर्स निर्णायक भूमिका निभाते हैं. मालदा, बीरभूम, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण 24 परगना जैसे जिलों में मुस्लिम आबादी सबसे अधिक है. इन जिलों के कई विधानसभा क्षेत्रों में कुल वोटर्स में से आधे से ज्यादा मुस्लिम हैं.     हुमायूं कबीर वाली सीट पर किसे मिला मौका?     मुर्शिदाबाद जिले की भरतपुर सीट से टीएमसी ने मुस्तफिजुर रहमान को चुनावी मैदान में उतारा है. इस सीट से टीएमसी के हिमायूं कबीर विधायक थे, जिन्होंने बाबरी विवाद खड़ा किया था. मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद बनाने का ऐलान के बाद टीएमसी ने हिमायूं कबीर को पार्टी से निकाल दिया था. टीएमसी से निकाले जाने के बाद उन्होंने नयी पार्टी बनाने का दावा किया था..

Metroheadlines मार्च 18, 2026 0

ट्रंप की धमकी नहीं आई काम, होर्मुज पर किसी ने नहीं दिया साथ, गुस्से में बोले- 'मुझे किसी की जरूरत नहीं'

LPG Crisis In MP: अब गांवों में 45 दिन बाद LPG सिलेंडर की बुकिंग, रसोई गैस पर नया नियम!

ईरान पर जारी अमेरिकी-इजरायली हमलों के बीच बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. मुज्तबा खामेनेई और नईम कासिम को लेकर उन्होंने कहा कि मेरा मानना ​​है कि कुछ अप्रत्याशित घटनाएं होंगी.

अमेरिका ने दिया भारत को झटका तो आई कांग्रेस की पहली प्रतिक्रिया, बोली- 'मोदी का ‘सरेंडर’ देश पर भारी'

Congress Attack BJP: अमेरिका ने दिया भारत को झटका तो आई कांग्रेस की पहली प्रतिक्रिया, बोली- 'मोदी का ‘सरेंडर’ देश पर भारी'   अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने भारत, चीन और बांग्लादेश सहित 16 बड़े व्यापारिक साझेदार देशों के खिलाफ नई व्यापार जांच शुरू की है. यह जांच Trade Act 1974 के Section 301 के तहत की जा रही है. इस कानून के तहत अमेरिका किसी भी देश पर टैरिफ यानी आयात शुल्क बढ़ाने का अधिकार रखता है. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन की तरफ से लगाए गए टैरिफ को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया था. अमेरिकी प्रशासन के तरफ से नए जांच के फैसले को लेकर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है.   कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा कि ट्रंप के आगे मोदी का 'सरेंडर देश पर भारी पड़ रहा है. वहीं एक दूसरे ट्वीट में कांग्रेस ने लिखा कि नरेंद्र मोदी ने महंगाई का डबल डोज दे दिया है. पहले LPG के दाम बढ़े- अब खाने वाले तेल की कीमत भी आसमान छू रही है. कांग्रेस ने बताया कि सरसों और रिफाइंड तेल 30 रुपए लीटर महंगा हो गया है. उन्होंने आगे लिखा कि जनता पर महंगाई मैन मोदी का कहर बरस रहा है.   बता दें कि अमेरिका ने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया था. इसके अलावा रूस से तेल खरीदने की वजह से अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ लगाया था, जो कुल मिलाकर 50 फीसदी हो गया था. हालांकि, अमेरिका-भारत ट्रेड डील के बाद 50 फीसदी टैरिफ घटाकर 18 फीसदी तक कर दिया गया. हालांकि, इस बीच अमेरिका ने बयान जारी कर कहा कि हम भारत पर 18 फीसदी टैरिफ लगाएंगे, लेकिन हम भारत को किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं देंगे. इस घटना के बाद से विपक्षी दल लगातार बीजेपी को घेरने की कोशिश कर रही है. वहीं मौजूदा वक्त में मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच तेल और गैस की भारी किल्लत हो गई है. इसको लेकर भी मोदी सरकार लगातार निशाने पर है.       डोनाल्ड ट्रंप का बयान   देश के विपक्षी दल का आरोप है कि भारत सरकार अमेरिका के सामने झुक गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जैसा पीएम मोदी को कह रहे हैं वैसा ही वह कर रहे हैं. हाल ही में अमेरिका ने भारत को रूस से 30 दिनों तक तेल खरीदने की छूट दी है. इसको लेकर खुद डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए घोषणा की थी. वहीं इंडियन ओसिएन में ईरानी जहाज को अमेरिका ने निशाना बनाया था, जिसमें 100 से ज्यादा ईरानी नेवी के जवान मारे गए थे. हैरानी की बात ये रही कि ये वहीं IRIS डेना जहाज थी, जो भारत के निमंत्रण पर आया था और वापस अपने देश लौट रहा था. हालांकि, अमेरिकी सबमरीन ने श्रीलंका के पास उसपर हमला कर तबाह कर दिया था. इस मुद्दे पर भी भारत सरकार ने अमेरिका को सीधा जवाब नहीं दिया था.

Metroheadlines मार्च 12, 2026 0

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Metroheadlines मार्च 20, 2026 0

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क्या नीतीश के दिल्ली शिफ्ट के बाद जेडीयू बिहार में दबदबा बरकरार रख पाएगी?