राजस्थान बोर्ड 12वीं के लाखों छात्रों का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है.शिक्षा मंत्री ने कहा कि रिजल्ट 31 मार्च 2026 को जारी किया जा सकता है. जाने कैसे चेक कर सकते रिजल्ट..
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान की तरफ से आज 10वीं क्लास का रिजल्ट जारी किया गया है. ऐसे में अब 12वीं क्लास के छात्र-छात्राओं को रिजल्ट का इंतजार है. रिपोर्ट्स के मुताबिक नतीजे मार्च माह में आ सकते हैं. हालांकि राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की ओर से कहा गया है कि 12वीं बोर्ड का रिजल्ट 31 मार्च 2026 को संभव है. नतीजे जल्द जारी हों इसके लिए कार्य किया जा रहा है.
10 वीं के बाद अब 12 वीं के रिजल्ट का इंतजार
इस साल के 10वीं बोर्ड रिजल्ट में सीकर जिले की रहने वाली चेष्टा शर्मा ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 99.00 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं और पूरे राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया है.
अब सभी की नजर 12वीं के रिजल्ट पर है. छात्र और अभिभावक दोनों ही इसके जारी होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. उम्मीद की जा रही है कि बोर्ड इस बार भी रिजल्ट समय पर जारी करेगा, जिससे नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत बिना किसी देरी के हो सके. ऐसे में छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक अपडेट्स पर नजर बनाए रखें.
परीक्षा कब हुई थी?
राजस्थान बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं इस साल 12 फरवरी से 11 मार्च 2026 के बीच आयोजित की गई थीं. परीक्षा खत्म होने के बाद से ही छात्र रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.
रिजल्ट कैसे करें चेक?
SMS से भी कर सकते हैं चेक
अगर वेबसाइट स्लो चल रही हो या खुल नहीं रही हो, तो छात्र SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं. यह तरीका काफी आसान और तेज होता है.इसके लिए छात्र को अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में जाएं. नया मैसेज टाइप करें RJ12 <स्पेस> आपका रोल नंबर अब इस मैसेज को 5676750 या बोर्ड द्वारा दिए गए नंबर पर भेज दें.कुछ ही सेकंड में आपके मोबाइल पर रिजल्ट आ जाएगा.
Digi lockerसे भी कर सकते हैं चेक रिजल्ट
MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है, जिससे बालाघाट, जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ेंगे. Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया–जबलपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने इसे महाकौशल क्षेत्र सहित प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात करार दिया और इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्रिमंडल का हृदय से आभार माना उनका कहना है कि इस परियोजना से नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, व्यवसाय और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. सेवातीर्थ में केन्द्रीय सरकार की पहली केबिनेट बैठक में गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है. रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गोंदिया–जबलपुर रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. इस कार्य के पूर्ण होने से मध्यप्रदेश के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे. गोंदिया–जबलपुर लाइन में ब्रिज और वन्यजीव सुरक्षा करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रूपए से 5 साल में पूरा होगा. जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा. इस दौरान इस लाईन में आने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रूपए अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे. साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे.
Navratri Second Day Brahmacharini: नवरात्र का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है, जो तप और संयम की देवी हैं. जानिए दूसरे दिन माता की पूजा विधि, मंत्र, भोग, आरती, और शुभ योग के बारे में? Chaitra Navratri Second Day of Goddess Brahmacharini: चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2026) के दौरान माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. जहां पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होता है, वहीं दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. चैत्र नवरात्रि के मौके पर हम आपको मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से जुड़ी संपूर्ण जानकारी नीचे दे रहे हैं. मां दुर्गा का दूसरा अवतार देवी ब्रह्मचारिणी तप, संयम, ज्ञान और वैराग्य की देवी हैं. माता को सफेद रंग के वस्त्र, चंदन, फूल और श्वेत मिठाई चढ़ाया जाता है. इस दिन का काफी खास महत्व है, क्योंकि पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बना हुआ है. आइए जानते हैं उनके मंत्र, पूजा विधि, कथा और आरती से जुड़ी सटीक जानकारी के बारे में. मां ब्रह्मचारिणी के नाम का अर्थ? मां ब्रह्मचारिणी तप शक्ति का प्रतीक हैं. ब्रह्मचारिणी माता की आराधना से भक्तों में तप की शक्ति बढ़ती है. इसके अलावा उन्हें मनोवांछित फल की भी प्राप्ति होती है. देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों में से दूसरे स्वरूप का नाम देवी ब्रह्मचारिणी है. नवरात्रि के दूसरे दिन के दौरान मां के इस अवतार की पूजा संपूर्ण विधि-विधान से करनी चाहिए. 'ब्रह्मचारिणी' नाम का मतलब ब्रह्म और चारिणी से मिलकर बना हुआ है. ब्रह्म का अर्थ है तप या तपस्या, वही चारिणी का अर्थ है आचरण करने वाली. ऐसे में ब्रह्मचारिणी का शाब्दिक अर्थ है, तप का आचरण करने वाली देवी. पौराणिक कथाओं के मुताबिक, भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए मां ने इस रूप में कठोर तपस्या की थी. नवरात्र के दूसरे दिन खास योग! चैत्र नवरात्रि के दूसरे सर्वार्थ सिद्धि के साथ अमृत सिद्धि योग भी बन रहा है, जो शुक्रवार सुबह 6 बजकर 25 मिनट से लेकर देर रात 2 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. इसके साथ ही शनिवार दोपहर2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक विजय मुहूर्त का संयोग बन रहा है. धार्मिक मान्यता है कि, सर्वार्थ सिद्धि योग में शुरू किए गए काम सफल होते हैं और राहुकाल में कोई नया काम या पूजा करने से वह निष्फल होता है. मां ब्रह्माचारिणी की पूजा विधि (Maa Brahmacharini Puja Vidhi) नवरात्र के दूसरे दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि कर साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद आसन पर बैठकर मां का ध्यान करते हुए पूजा करें. उन्हें फूल, चंदन, अक्षत, रोली, धूप, भोग आदि अर्पित करें. मां ब्रह्मचारिणी को दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से स्नान कराएं. उसके बाद मां को उनका पसंदीदा भोग अर्पित करें. उन्हें पान, सुपारी, लौंग अर्पित करना शुभ माना जाता है. मां ब्रह्मचारिणी से जुड़ा ध्यान मंत्र (Maa Brahmacharini Mantra) या देवी सर्वभेतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। दधना करपद्याभ्यांक्षमालाकमण्डलू। देवीप्रसीदतु मयी ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥ इस मंत्र का अर्थ है कि, देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरूप दिव्यता से भरा है. माता के दाहिने हाथ में जप की माला तो बाएं हाथ में कमंडल है. माता ब्रह्मचारिणी की आराधना करने के लिए ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नम: मंत्र का जाप करना चाहिए. मां ब्रह्मचारिणी का प्रिय भोग (Maa Brahmacharini Bhog) नवरात्र के दूसरे मां ब्रह्मचारिणी को उनका प्रिय भोग शर्करा या गुड़ अर्पित करना शुभ माना जाता है. ऐसा करने से आयुष्मान का आशीर्वाद प्राप्त होता है. ब्रह्मचारिणी माता जी की आरती (Maa Brahmacharini Aarti) जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता। जय चतुरानन प्रिय सुख दाता। ब्रह्मा जी के मन भाती हो। ज्ञान सभी को सिखलाती हो। ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा। जिसको जपे सकल संसारा। जय गायत्री वेद की माता। जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता। कमी कोई रहने न पाए। कोई भी दुख सहने न पाए। उसकी विरति रहे ठिकाने। जो तेरी महिमा को जाने। रुद्राक्ष की माला ले कर। जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर। आलस छोड़ करे गुणगाना। मां तुम उसको सुख पहुंचाना। ब्रह्माचारिणी तेरो नाम। पूर्ण करो सब मेरे काम। भक्त तेरे चरणों का पुजारी। रखना लाज मेरी महतारी।आरती करते समय खासतौर पर इस बात का ध्यान दें कि, देवी-देवताओं की 14 बार आरती उतारना है. 4 बार उनके चरणों पर से, 2 बार नाभि पर से, 1 बार मुख पर से और 7 बार पूरे शरीर पर से. आरती की बत्तियां 1, 5, 7 यानी विषम संख्या में ही बनाकर आरती करनी चाहिए.
UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है। शिक्षा विभाग की भूमिका स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए। शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया। वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया। राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है। प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है। विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है। आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है। राजनीतिक और सामाजिक संदेश Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है। पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है। संभावित चुनौतियां हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों की अपेक्षाएं इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं। UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026
Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है? Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है? सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है. जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है. चांदी के ताजा भाव दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है. आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार) दिल्ली में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए मुंबई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए कोलकाता में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए अहमदाबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए लखनऊ में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए पटना में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए हैदराबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए
Causes Of Bloating And Gas: हम क्या खाते हैं, इसका हमारी सेहत पर काफी असर होता है. चलिए आपको बताते हैं कि किन फूड कॉम्बिनेशन से आपको बचना चाहिए और आयुर्वेद इसको लेकर क्या कहता है Which Foods Should Not Be Eaten Together: खाना खाते समय हमें कुछ चीजों का ध्यान रखने की जरूरत होती है. हम क्या खाते हैं और किन चीजों को साथ में मिलाकर खाते हैं, इसका सीधा असर हमारे डाइजेशन शक्ति पर पड़ता है. गलत फूड कॉम्बिनेशन पाचन को बिगाड़ सकते हैं और शरीर में टॉक्सिक तत्व जमा कर सकते हैं. इसका नतीजा गैस, पेट फूलना, एसिडिटी, त्वचा संबंधी समस्याएं और लंबे समय में गंभीर बीमारियों के रूप में सामने आ सकता है. चलिए आपको आयुर्वेद के हिसाब से बताते हैं कि किन कॉम्बिनेशन से हमें बचना चाहिए. क्या कहता है आयुर्वेद? आयुर्वेद के बारे में जानकारी देने वाली संस्था kevaayurveda के अनुसार, आयुर्वेद मानता है कि हर व्यक्ति की वात, पित्त, कफ और पाचन क्षमता अलग होती है कुछ खानें की चीजें एक-दूसरे के विपरीत गुण रखते हैं. यदि इन्हें बार-बार साथ में खाया जाए तो डाइजेशन सिस्टम पर अतिरिक्त प्रेशर पड़ता है. इससे गैस, कब्ज, सीने में जलन, मुंहासे, कमजोर इम्यूनिटी और डाइजेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. किन फूड कॉम्बिनेशन से बचना चाहिए? kevaayurveda के अनुसार, कुछ प्रमुख गलत फूड कॉम्बिनेशन जिनसे बचने की सलाह दी जाती है, उनमें सबसे पहले आता है दूध और मछली. आयुर्वेद के अनुसार दूध ठंडा और भारी होता है, जबकि मछली गर्म तासीर वाली मानी जाती है. दोनों को साथ लेने से पाचन गड़बड़ा सकता है और स्किन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. इसी तरह दूध के साथ खट्टे फल जैसे संतरा, नींबू या अनानास भी ठीक नहीं माने जाते, क्योंकि ये पेट में दूध को फाड़ सकते हैं और गैस या एसिडिटी बढ़ा सकते हैं. गरम भोजन के साथ शहद मिलाना भी आयुर्वेद में हानिकारक बताया गया है. शहद को गर्म करने से उसके गुण बदल सकते हैं और शरीर में टॉक्सिक प्रभाव पैदा हो सकता है. भारी भोजन के तुरंत बाद फल खाना भी उचित नहीं माना जाता, क्योंकि फल जल्दी पचते हैं और भारी भोजन के साथ पेट में फर्मेंटेशन शुरू कर सकते हैं. दही और चीनी का मेल भी पाचन के लिए अनुकूल नहीं माना जाता. दही पहले से ही खट्टा और ठंडा होता है, जबकि रिफाइंड चीनी शरीर में असंतुलन बढ़ा सकती है. रात में दही को फल या ठंडी चीजों के साथ लेना कफ बढ़ा सकता है, जिससे सर्दी-खांसी या साइनस की समस्या हो सकती है. बासी भोजन के साथ दूध लेना भी पाचन के लिए सही नहीं माना गया. किन चीजों का सेवन करना चाहिए? आयुर्वेद सलाह देता है कि मौसमी आहार लें, जरूरत से ज्यादा न खाएं और अदरक, जीरा, सौंफ जैसे मसालों का उपयोग करें, जो डाइजेशन को मजबूत बनाते हैं. सही फूड कॉम्बिनेशन अपनाने से डाइजेशन मजबूत रहती है, न्यूट्रिशन तत्वों का ऑब्जर्वेशन बेहतर होता है और शरीर संतुलित रहता है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर पाचन वाले लोगों के लिए यह नियम और भी लाभकारी माने जाते हैं.
यूपी रोडवेज में महिलाओं के लिए बड़ी भर्ती जारी की गई है जिसमें 12वीं पास उम्मीदवारों के लिए सुनहरा मौका है इच्छुक उम्मीदवार जल्द से जल्द आवेदन कर सकते हैं. अगर आप 12वीं पास हैं और नौकरी की तलाश कर रही हैं, तो आपके लिए एक शानदार खबर है. उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निग ने महिलाओं के लिए कंडक्टर के हजारों पदों पर भर्ती निकाली है.खास बात यह है कि इसमें कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी और चयन सीधे मेरिट के आधार पर किया जाएगा. कुल पद कितने हैं? इस भर्ती अभियान के तहत कुल 2,584 कंडक्टर पदों को भरा जाएगा. सरकार का मकसद है कि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को रोजगार का मौका दिया जाए और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जाए. यह भर्ती खास तौर पर महिलाओं के लिए रखी गई है ताकि वे आसानी से नौकरी हासिल कर सकें और अपने पैरों पर खड़ी हो सकें. क्या चाहिए योग्यता? इस नौकरी के लिए आवेदन करने वाली महिला उम्मीदवार का कम से कम 12वीं पास होना जरूरी है. इसके साथ ही उम्मीदवार के पास CCC का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है. इसके अलावा एक और जरूरी शर्त यह है कि उम्मीदवार किसी न किसी रूप में उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन या कौशल विकास मिशन से जुड़ी होनी चाहिए. कैसे होगा चयन? इस भर्ती की सबसे खास बात यह है कि इसमें कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी.चयन पूरी तरह से मेरिट लिस्ट के आधार पर किया जाएगा, जो कि 12वीं के नंबरों के हिसाब से तैयार होगी. यानी जिन उम्मीदवारों के इंटर में ज्यादा अंक होंगे, उनके चयन के चांस भी ज्यादा होंगे. इससे उम्मीदवारों को तैयारी के तनाव से राहत मिलती है.अगर किसी उम्मीदवार के पास NCC ‘B’ सर्टिफिकेट, NSS सर्टिफिकेट या भारत स्काउट्स एंड गाइड्स में राज्य या राष्ट्रीय स्तर का अवॉर्ड है, तो उन्हें मेरिट में 5% अतिरिक्त वेटेज दिया जाएगा. इससे ऐसे उम्मीदवारों को चयन में बढ़त मिलेगी और उनके सिलेक्शन के मौके और मजबूत हो जाएंगे. सैलरी कितनी होगी? इस नौकरी में चयनित उम्मीदवारों को 2.16 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान किया जाएगा.अगर कोई उम्मीदवार महीने में 22 दिन काम करके 5,000 किलोमीटर की ड्यूटी पूरी करती है, तो उसे 3,000 रुपये का अतिरिक्त इंसेंटिव भी मिलेगा.इसके अलावा कर्मचारियों को EPF फ्री ट्रैवल पास और नाइट ड्यूटी अलाउंस जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी. भर्ती प्रक्रिया कैसे होगी? भर्ती को आसान बनाने के लिए विभाग की तरफ से रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे. ये मेले 25 मार्च से 1 अप्रैल के बीच आयोजित होंगे.उम्मीदवार लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, मेरठ, गाजियाबाद, झांसी, गोरखपुर और सहारनपुर जैसे शहरों में जाकर सीधे इसमें भाग ले सकती हैं. महिलाओं के लिए खास सुविधा परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि इस भर्ती में महिलाओं की सुविधा का खास ध्यान रखा गया है. चयनित उम्मीदवारों को उनके होम डिस्ट्रिक्ट या आसपास के डिपो में ही पोस्टिंग दी जाएगी, ताकि वे अपने परिवार के साथ रहकर आराम से नौकरी कर सकें. यह सुविधा महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी.
UP Board Result 2026 Date: यूपी बोर्ड की ओर से 18 मार्च 2026 से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. राज्यभर में बनाए गए 249 केंद्रों पर करीब करोड़ कॉपियों की जांच की जाएगी. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं खत्म होने के बाद अब लाखों छात्रों को अपने रिजल्ट का इंतजार है. इस बीच उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव किया है. इस बार बोर्ड ने कॉपियों की जांच में पारदर्शिता और छात्रों को राहत देने के लिए पहली बार स्टेप मार्किंग प्रणाली लागू करने का फैसला लिया है. इसके साथ ही कॉपियों की चेकिंग भी डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जिससे न सिर्फ गलतियों की गुंजाइश कम होगी बल्कि रिजल्ट भी पहले जारी किया जा सकेगा. बोर्ड के इस फैसले को छात्रों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, खासकर उन छात्रों के लिए जिन्हें गणित और साइंस जैसे सब्जेक्ट में लंबे सवालों और जटिल फॉर्मूलों से डर लगता है. नई व्यवस्था के तहत अब छात्रों की मेहनत को ज्यादा महत्व दिया जाएगा और केवल अंतिम उत्तर के आधार पर पूरे अंक काटने की पुरानी व्यवस्था को खत्म किया जा रहा है. 18 मार्च से शुरू होगा मूल्यांकन यूपी बोर्ड की ओर से 18 मार्च 2026 से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. राज्यभर में बनाए गए 249 केंद्रों पर करीब करोड़ कॉपियों की जांच की जाएगी. इसके लिए लगभग 1.5 लाख शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है. बोर्ड का लक्ष्य है कि मार्च के अंत तक या अप्रैल के पहले सप्ताह तक मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी कर ली जाए. क्या है स्टेप मार्किंग? सिस्टम स्टेप मार्किंग एक ऐसी प्रणाली है जिसमें छात्र की ओर से हल किए गए हर सही स्टेप के लिए अंक दिए जाते हैं. यानी अगर कोई छात्र पूरा उत्तर सही नहीं कर पाता है लेकिन उसने शुरुआत या कुछ स्टेप सही लिखे हैं तो उसे उन स्टेप्स के अनुसार अंक मिलेंगे. उदाहरण के लिए अगर कोई सवाल 5 अंकों का है और उसमें तीन स्टेप सही किए है तो उसे 3 अंक दिए जाएंगे. इससे उन छात्रों को फायदा होगा, जो अंतिम चरण में छोटी सी गलती कर बैठते हैं. अब डिजिटल तरीके से होगी कॉपियों की जांच इस बार यूपी बोर्ड ने कॉपियों की जांच प्रक्रिया को भी हाईटेक बना दिया है. उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर सर्वर पर अपलोड किया जाएगा और शिक्षक कंप्यूटर स्क्रीन पर लॉगिन करके उनकी जांच करेंगे. इस डिजिटल सिस्टम से नंबरों को जोड़ने में गलती से किसी उत्तर का छूट जाना या गलत टोटल जैसी समस्याएं खत्म होगी. साथ ही टीचर की ओर से दिए गए अंक सीधे बोर्ड के डेटाबेस में सेव हो जाएंगे, जिससे रिजल्ट तैयार करने में कम समय लगेगा. वहीं बोर्ड ने टीचरों को भी निर्देश दिए हैं कि वह मूल्यांकन के दौरान उदारवादी रवैया अपनाएं और छात्रों के हर सही प्रयास को अंक दें. गणित और विज्ञान विषयों में स्टेप मार्किंग लागू की गई है, जबकि भाषा विषयों में ही भाषा संबंधी गलतियों पर ध्यान दिया जाएगा. इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा की अंग्रेजी माध्यम की कॉपी केवल अंग्रेजी विषय के योग्य शिक्षक ही जांचें.
फतेहपुर के छात्र मानस अग्रहरि गुप्ता ने CA परीक्षा में ऑल इंडिया 19वीं रैंक हासिल कर जिले और राज्य का नाम रोशन किया है. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को दिया है. कड़ी मेहनत और बड़े सपनों के साथ अगर कोई आगे बढ़े तो मंजिल दूर नहीं रहती. यूपी के फतेहपुर जिले के एक होनहार बेटे ने यही साबित कर दिखाया है. जिले के मानस अग्रहरि गुप्ता ने ऑल इंडिया चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) परीक्षा में 19वीं रैंक हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है. जैसे ही यह खबर शहर में फैली, मानस के घर बधाई देने वालों का तांता लग गया. पड़ोसी, रिश्तेदार और समाज के लोग इस सफलता पर खुशी जाहिर करने के लिए उनके घर पहुंचने लगे. हर कोई इस होनहार छात्र की मेहनत और लगन की तारीफ कर रहा है. पिता के संघर्ष से मिली प्रेरणा मानस की सफलता के पीछे उनके परिवार का बड़ा योगदान माना जा रहा है. उनके पिता महेंद्र गुप्ता भारतीय रेलवे में चीफ कमर्शियल इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं. उन्होंने बेटे के सपनों को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किया. बताया जाता है कि बेहतर पढ़ाई के लिए उन्होंने मानस को दिल्ली में रखकर पढ़ाया ताकि उसे अच्छी तैयारी का मौका मिल सके. पिता की मेहनत और संघर्ष को देखकर ही मानस ने अपने जीवन में कुछ बड़ा करने का फैसला किया. मानस खुद भी मानते हैं कि उनकी इस सफलता में उनके माता-पिता और परिवार का बहुत बड़ा योगदान है. उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें पढ़ाई में मुश्किल आती थी, तब परिवार ने उन्हें हिम्मत दी और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.