पिछले साल, जायद खान की मां और पूर्व अभिनेत्री जरीन खान का मुंबई स्थित उनके घर पर निधन हो गया था. इसके बाद, उनके बेटे ज़ायद खान की कुछ तस्वीरें सामने आई थीं जिनमें वह हिंदू रीति-रिवाजों के साथ अपनी मां का अंतिम संस्कार करते हुए दिखाई दिए थे. इन तस्वीरों ने ऑनलाइन चर्चा छेड़ दी थी. अब, इस पर जायद खान ने चुप्पी तोड़ी है और बताया कि आखिर उनकी मां का हिंदू रीति-रिवाजों से दाह संस्कार क्यों किया गया था.
जायद खान ने कहा उनके घर में इंसानियत सबसे बड़ा धर्म
जूम को हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में, जायद खान अपनी मां जरीन खान की आखिरी इच्छा को याद करते हुए भावुक हो गए, उन्होंने उन सवालों का भी जवाब दिया जो उनकी मां के हिंदू रीति-रिवाजों से हुए अंतिम संस्कार को लेकर उठाए गए थे, जबकि उनकी शादी एक मुस्लिम परिवार में हुई थी और उनकी जड़ें पारसी थीं.
इसे लेकर जायद खान ने कहा कि उनके घर में 'इंसानियत' (मानवता) ही सबसे बड़ा धर्म है. एक्टर ने कहा कि उनके स्टाफ अलग-अलग बैकग्राउंड से आते हैं, और उनके रहने, खाने और खर्चों का ध्यान रखने के अलावा, उनका परिवार यह भी पक्का करता है कि उनके बच्चों को वे सभी मौके मिलें जिनकी उन्हें ज़रूरत है.
ज़ायद ने कहा, "एक परिवार के तौर पर, हम धर्म को एक बहुत ही निजी चीज़ मानते हैं कि आप उसे कैसे अपनाना चाहते हैं न कि ऐसी चीज़ जिसमें कोई बेहतर हो या कोई बुरा. ये ऐसी बातें नहीं हैं जिन्हें कहना अच्छा हो. हम खुद को एक बहुत ही सेक्युलर परिवार के तौर पर देखते हैं, और हमें यह बताने की ज़रूरत नहीं है कि क्यों."
जायद खान की मां का क्यों हिंदू रीति-रिवाजों से हुआ था अंतिम संस्कार?
उन्होंने अपनी माँ की आखिरी इच्छा का खुलासा करते हुए उस दिन को याद किया, जब वह एक 'प्यारी सी नदी' के किनारे बैठी थीं, और "उनके मन में बस ये ख्याल आया कि अगर मैं कभी चली जाऊं, तो मैं चाहती हूं कि मेरी अस्थियां इसी नदी में प्रवाहित हों. मैं आज़ाद होना चाहती हूं."
ज़ायद ने कहा, “तुम्हारी मां की जो भी आखिरी इच्छा होगी, वो पूरी होगी. इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि दूसरे लोग क्या कहते हैं, इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि वे कितने नफ़रत भरे हो सकते हैं. मैं उन्हें दोष नहीं देता, हालात ऐसे हैं, बदकिस्मती से. उन हालातों को बदलने में वक़्त लगेगा.”
ज़रीन खान का निधन
पिछले साल 7 नवंबर को, ज़ायेद खान और सुज़ैन खान की मां, ज़रीन खान का मुंबई में निधन हो गया था. ज़रीन का निधन 81 साल की उम्र में हुआ था. वे, उम्र से जुड़ी बीमारियां झेल रही थीं. पारसी मूल की होने के बावजूद, उनके बेटे ज़ायद ने हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया था.
ज़रीन ने देव आनंद के साथ हिंदी फ़िल्म 'तेरे घर के सामने' (1963) में काम किया थाय 1960 के दशक में उनकी मुलाक़ात अभिनेता संजय ख़ान से हुई और 1966 में दोनों ने शादी कर ली थी. ज़रीन के परिवार में उनके पति संजय और उनके बच्चे—बेटे ज़ायेद और बेटियां सुज़ैन, फ़राह और सिमोन अरोड़ा शामिल हैंय ज़रीन और संजय ने पिछले साल अप्रैल में अपनी शादी की 59वीं सालगिरह मनाई थी.
MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है, जिससे बालाघाट, जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ेंगे. Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया–जबलपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने इसे महाकौशल क्षेत्र सहित प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात करार दिया और इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्रिमंडल का हृदय से आभार माना उनका कहना है कि इस परियोजना से नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, व्यवसाय और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. सेवातीर्थ में केन्द्रीय सरकार की पहली केबिनेट बैठक में गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है. रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गोंदिया–जबलपुर रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. इस कार्य के पूर्ण होने से मध्यप्रदेश के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे. गोंदिया–जबलपुर लाइन में ब्रिज और वन्यजीव सुरक्षा करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रूपए से 5 साल में पूरा होगा. जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा. इस दौरान इस लाईन में आने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रूपए अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे. साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे.
Navratri Second Day Brahmacharini: नवरात्र का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है, जो तप और संयम की देवी हैं. जानिए दूसरे दिन माता की पूजा विधि, मंत्र, भोग, आरती, और शुभ योग के बारे में? Chaitra Navratri Second Day of Goddess Brahmacharini: चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2026) के दौरान माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. जहां पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होता है, वहीं दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. चैत्र नवरात्रि के मौके पर हम आपको मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से जुड़ी संपूर्ण जानकारी नीचे दे रहे हैं. मां दुर्गा का दूसरा अवतार देवी ब्रह्मचारिणी तप, संयम, ज्ञान और वैराग्य की देवी हैं. माता को सफेद रंग के वस्त्र, चंदन, फूल और श्वेत मिठाई चढ़ाया जाता है. इस दिन का काफी खास महत्व है, क्योंकि पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बना हुआ है. आइए जानते हैं उनके मंत्र, पूजा विधि, कथा और आरती से जुड़ी सटीक जानकारी के बारे में. मां ब्रह्मचारिणी के नाम का अर्थ? मां ब्रह्मचारिणी तप शक्ति का प्रतीक हैं. ब्रह्मचारिणी माता की आराधना से भक्तों में तप की शक्ति बढ़ती है. इसके अलावा उन्हें मनोवांछित फल की भी प्राप्ति होती है. देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों में से दूसरे स्वरूप का नाम देवी ब्रह्मचारिणी है. नवरात्रि के दूसरे दिन के दौरान मां के इस अवतार की पूजा संपूर्ण विधि-विधान से करनी चाहिए. 'ब्रह्मचारिणी' नाम का मतलब ब्रह्म और चारिणी से मिलकर बना हुआ है. ब्रह्म का अर्थ है तप या तपस्या, वही चारिणी का अर्थ है आचरण करने वाली. ऐसे में ब्रह्मचारिणी का शाब्दिक अर्थ है, तप का आचरण करने वाली देवी. पौराणिक कथाओं के मुताबिक, भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए मां ने इस रूप में कठोर तपस्या की थी. नवरात्र के दूसरे दिन खास योग! चैत्र नवरात्रि के दूसरे सर्वार्थ सिद्धि के साथ अमृत सिद्धि योग भी बन रहा है, जो शुक्रवार सुबह 6 बजकर 25 मिनट से लेकर देर रात 2 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. इसके साथ ही शनिवार दोपहर2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक विजय मुहूर्त का संयोग बन रहा है. धार्मिक मान्यता है कि, सर्वार्थ सिद्धि योग में शुरू किए गए काम सफल होते हैं और राहुकाल में कोई नया काम या पूजा करने से वह निष्फल होता है. मां ब्रह्माचारिणी की पूजा विधि (Maa Brahmacharini Puja Vidhi) नवरात्र के दूसरे दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि कर साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद आसन पर बैठकर मां का ध्यान करते हुए पूजा करें. उन्हें फूल, चंदन, अक्षत, रोली, धूप, भोग आदि अर्पित करें. मां ब्रह्मचारिणी को दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से स्नान कराएं. उसके बाद मां को उनका पसंदीदा भोग अर्पित करें. उन्हें पान, सुपारी, लौंग अर्पित करना शुभ माना जाता है. मां ब्रह्मचारिणी से जुड़ा ध्यान मंत्र (Maa Brahmacharini Mantra) या देवी सर्वभेतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। दधना करपद्याभ्यांक्षमालाकमण्डलू। देवीप्रसीदतु मयी ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥ इस मंत्र का अर्थ है कि, देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरूप दिव्यता से भरा है. माता के दाहिने हाथ में जप की माला तो बाएं हाथ में कमंडल है. माता ब्रह्मचारिणी की आराधना करने के लिए ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नम: मंत्र का जाप करना चाहिए. मां ब्रह्मचारिणी का प्रिय भोग (Maa Brahmacharini Bhog) नवरात्र के दूसरे मां ब्रह्मचारिणी को उनका प्रिय भोग शर्करा या गुड़ अर्पित करना शुभ माना जाता है. ऐसा करने से आयुष्मान का आशीर्वाद प्राप्त होता है. ब्रह्मचारिणी माता जी की आरती (Maa Brahmacharini Aarti) जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता। जय चतुरानन प्रिय सुख दाता। ब्रह्मा जी के मन भाती हो। ज्ञान सभी को सिखलाती हो। ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा। जिसको जपे सकल संसारा। जय गायत्री वेद की माता। जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता। कमी कोई रहने न पाए। कोई भी दुख सहने न पाए। उसकी विरति रहे ठिकाने। जो तेरी महिमा को जाने। रुद्राक्ष की माला ले कर। जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर। आलस छोड़ करे गुणगाना। मां तुम उसको सुख पहुंचाना। ब्रह्माचारिणी तेरो नाम। पूर्ण करो सब मेरे काम। भक्त तेरे चरणों का पुजारी। रखना लाज मेरी महतारी।आरती करते समय खासतौर पर इस बात का ध्यान दें कि, देवी-देवताओं की 14 बार आरती उतारना है. 4 बार उनके चरणों पर से, 2 बार नाभि पर से, 1 बार मुख पर से और 7 बार पूरे शरीर पर से. आरती की बत्तियां 1, 5, 7 यानी विषम संख्या में ही बनाकर आरती करनी चाहिए.
UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है। शिक्षा विभाग की भूमिका स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए। शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया। वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया। राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है। प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है। विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है। आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है। राजनीतिक और सामाजिक संदेश Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है। पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है। संभावित चुनौतियां हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों की अपेक्षाएं इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं। UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026
Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है? Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है? सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है. जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है. चांदी के ताजा भाव दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है. आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार) दिल्ली में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए मुंबई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए कोलकाता में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए अहमदाबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए लखनऊ में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए पटना में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए हैदराबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए
रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान Ramcharan: हैदराबाद में हुए ग्रैंड रिसेप्शन में रश्मिका और विजय ने खूब चर्चा बटोरी. हालांकि सबसे ज्यादा ध्यान राम चरण के अलग अंदाज ने खींचा, जहां वो काले कपड़ों और नंगे पैर में नजर आए. साउथ फिल्म इंडस्ट्री के पॉपुलर कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों लगातार सुर्खियों में है. 4 मार्च को हैदराबाद में दोनों ने एक भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया गया, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े सितारे शामिल हुए. इस खास मौके पर जहां हर कोई कपल को बधाई देने पहुंचा, वहीं एक्टर राम चरण अपने अनोखे अंदाज की वजह से सबसे ज्यादा चर्चा में आ गए. नंगे पैर रिसेप्शन में आए रामचरण रिसेप्शन में राम चरण अपनी पत्नी उपासना के साथ पहुंचे थे. उन्होंने सिर से पैर तक काले रंग के कपड़े पहने हुए थे. लेकिन लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा इस बात ने खींचा कि वो बिना जूते-चप्पल के, यानी नंगे पैर ही कार्यक्रम में आए थे. उन्हें इस तरह देखकर कई लोग हैरान रह गए और सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं. लेकिन इसके पीछे एक खास धार्मिक वजह है. राम चरण इन दिनों 'अयप्पा दीक्षा' का पालन कर रहे हैं. ये भगवान अयप्पा के भक्तों द्वारा किया जाने वाला एक कठिन और पवित्र व्रत माना जाता है. इस व्रत के दौरान भक्तों को कुछ नियमों का सख्ती से पालन करना पड़ता है. 41 दिन की दीक्षा ले रहे रामचरण व्रत में काले या नीले रंग के कपड़े पहनना, सादगी से रहना और 41 दिनों तक नंगे पैर रहना शामिल होता है. इसी कारण राम चरण रिसेप्शन में भी बिना जूते के नजर आए. अयप्पा दीक्षा को अनुशासित और कठिन माना जाता है. इस बीच भक्तों को पूरी तरह ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है. साथ ही मांसाहारी भोजन, शराब से दूर रहना और बाल या दाढ़ी भी नहीं कटवाना होता है. ये व्रत सबरीमाला मंदिर की यात्रा से पहले किया जाता है. हालांकि ये पहली बार नहीं है जब राम चरण इस तरह नंगे पैर नजर आए हों. इससे पहले 2023 में ऑस्कर समारोह में शामिल होने से पहले भी वह अयप्पा दीक्षा का पालन करते हुए दिखाई दिए थे.
दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ दिल्ली (आईएफएफडी) 2026 अपने पांचवें दिन एक शानदार ‘नाइट ऑफ ऑनर्स’ के साथ नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया. इस खास शाम ने सिनेमा, संस्कृति और उत्सव को एक मंच पर लाकर राजधानी को एक वैश्विक सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मजबूत संदेश दिया. दिग्गज हस्तियों की मौजूदगी ने बढ़ाई शाम की गरिमा कार्यक्रम की भव्यता उस समय और बढ़ गई जब मुख्य अतिथि के रूप में उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा और फेस्टिवल डायरेक्टर राकेश ओमप्रकाश मेहरा मंच पर मौजूद रहे. इन प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति ने इस आयोजन के महत्व और दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान को नए आयाम देने के संकल्प को दर्शाया. दिल्ली को सांस्कृतिक राजधानी बनाने की दिशा में पहल मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि दिल्ली सिर्फ देश की राजधानी नहीं, बल्कि विविधता और संभावनाओं का केंद्र है. उन्होंने इस महोत्सव को नई सांस्कृतिक पहचान गढ़ने वाला मंच बताते हुए कहा कि सिनेमा लोगों को जोड़ने और प्रेरित करने की ताकत रखता है. उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और नए कलाकारों के लिए इस मंच को अवसरों का द्वार बताया. पर्यटन और फिल्म शूटिंग के लिए वैश्विक हब बनाने की तैयारी पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि आईएफएफडी की परिकल्पना को सरकार ने गंभीरता से साकार किया है. उनका लक्ष्य दिल्ली को न सिर्फ राजनीतिक, बल्कि सांस्कृतिक और फिल्म निर्माण के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है. दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान को मिली नई मजबूती उपराज्यपाल ने इस आयोजन को दिल्ली की विकसित होती सांस्कृतिक छवि का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि इस मंच ने देश-विदेश के कलाकारों और दर्शकों को एक साथ लाकर रचनात्मक ऊर्जा को नई दिशा दी है. सिनेमा से आगे बढ़कर भावनाओं का उत्सव बना आईएफएफडी फेस्टिवल डायरेक्टर राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने कहा कि यह महोत्सव सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन भावनाओं और संवादों का उत्सव है जो सिनेमा पैदा करता है. दर्शकों की भारी भागीदारी ने इस बात को साबित किया कि सिनेमा आज भी लोगों को जोड़ने की ताकत रखता है. ‘वंदे मातरम’ से शुरुआत, यादगार प्रस्तुतियों से सजा मंच शाम की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान के साथ हुई, जिसके बाद दीप प्रज्वलन और संबोधन हुए. अभिनेता अनुपम खेर ने सिनेमा को काव्यात्मक श्रद्धांजलि दी, वहीं संगीतकार रिकी केज की प्रस्तुति ने माहौल को और भावपूर्ण बना दिया. सम्मानों में दिखी सिनेमा की विविधता और वैश्विक पहचान इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित हस्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया गया. सिंगापुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के प्रतिनिधिमंडल की सराहना की गई, वहीं फिल्म ‘शोले’ के 50 वर्ष पूरे होने पर रमेश सिप्पी को विशेष सम्मान दिया गया. एनरिक आर्से सहित अंतरराष्ट्रीय हस्तियों की मौजूदगी ने आयोजन को वैश्विक पहचान दी. नई तकनीक और उभरती प्रतिभाओं को मिला मंच ‘एआई फिल्ममेकिंग हैकाथॉन’ के जरिए नई तकनीकों और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया गया. ‘कैपिटल्स प्राइड’ श्रेणी में गुनीत मोंगा, टी.पी. अग्रवाल और दिव्या दत्ता को सम्मान मिला, जबकि भूमि पेडनेकर को ‘एक्टर विद अ मिशन’ के रूप में सराहा गया. बेहतरीन फिल्मों और कलाकारों को मिला सम्मान फिल्म ‘सैयारा’ को ‘पाथब्रेकिंग फिल्म ऑफ द ईयर’ और ‘सितारे जमीन पर’ को ‘मोस्ट इंस्पायरिंग फिल्म ऑफ द ईयर’ चुना गया. ‘तन्वी द ग्रेट’ के लिए अनुपम खेर को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और शुभांगी दत्त को सर्वश्रेष्ठ नवोदित अभिनेता का सम्मान मिला. ‘धुरंधर’ के लिए रणवीर सिंह और आदित्य धर को भी प्रमुख पुरस्कार मिले. मास्टरक्लास और चर्चाओं ने जोड़ी बौद्धिक गहराई दिनभर आयोजित सत्रों में दर्शकों की भारी भागीदारी देखने को मिली. दिव्या दत्ता, श्रिया पिलगांवकर और श्वेता बसु प्रसाद ने ओटीटी में महिलाओं की भूमिका पर महत्वपूर्ण चर्चा की. अनुपम खेर की मास्टरक्लास ने अभिनय के मूल तत्वों और जीवन के अनुभवों के महत्व को रेखांकित किया. भूमि पेडनेकर ने साझा किया संघर्ष और सफलता का सफर भूमि पेडनेकर ने अपने करियर के शुरुआती संघर्षों और सिनेमा के प्रति अपनी सोच को साझा किया. उन्होंने दर्शकों से सार्थक फिल्मों को समर्थन देने की अपील की और इंडस्ट्री में सकारात्मक माहौल की जरूरत पर जोर दिया. विविध फिल्मों की स्क्रीनिंग ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध फेस्टिवल में विभिन्न भाषाओं और विषयों की फिल्मों ने दर्शकों को आकर्षित किया. अहिल्या: झुंज एकाकी, नेने राजू नेने मंत्री और माँ जाए जैसी फिल्मों ने अलग-अलग कहानियों के जरिए गहरी छाप छोड़ी. शोले की स्क्रीनिंग में उमड़ी भीड़ ने इसकी लोकप्रियता को फिर साबित किया. समापन की ओर बढ़ता उत्सव, उम्मीदों का चरम 31 मार्च को फेस्टिवल अपने अंतिम दिन में प्रवेश कर गया, जहां समापन फिल्म ‘अमीबा’ और खास चर्चाओं के साथ कार्यक्रम को यादगार बनाने की तैयारी है. राकेश ओमप्रकाश मेहरा और इम्तियाज अली जैसे फिल्मकारों की बातचीत ने सिनेमा के भविष्य पर नई दृष्टि दी. सिर्फ फिल्म नहीं, यादगार अनुभव बना आईएफएफडी आईएफएफडी 2026 ने यह साबित कर दिया कि यह महोत्सव केवल फिल्मों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि यादों और अनुभवों का निर्माण भी करता है. जैसे-जैसे यह अपने समापन की ओर बढ़ रहा है, यह दर्शकों के दिलों में एक अमिट छाप छोड़ता जा रहा है.
Ramayana Film Cast: अपकमिंग फिल्म 'रामायण' को लेकर काफी क्रेज देखने को मिल रहा है. फिल्म में कई कलाकार नज़र आने वाले हैं. आइए जानते है कि फिल्म में कौन सा एक्टर किसका रोल प्ले करने वाला है. रणबीर कपूर की फिल्म 'रामायण' इस साल की मच अवेटेड फ़िल्मों में से एक है. हर कोई रणबीर कपूर को भगवान राम के अवतार में बड़े पर्दे पर देखने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है. इस फिल्म को नितेश तिवारी डायरेक्ट कर रहे हैं. फिल्म में रणबीर कपूर के अलावा कई कलाकार नजर आने वाले हैं . ऐसे में आइए जानते हैं कि फिल्म में कौन क्या किरदार निभा रहा है. रणबीर कपूर नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' में रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में दिखेंगे. रणबीर को भगवान राम के रूप में देखने के लिए फैंस बेहद एक्साइटेड हैं. सई पल्लवी साउथ की पॉपुलर एक्ट्रेस सई पल्लवी भी फिल्म में नजर आएंगी. वो माता सीता का किरदार निभा रही हैं. यश साउथ एक्टर यश को इस फिल्म में रावण के किरदार में देखा जा सकेगा. सनी देओल बॉलीवुड एक्टर सनी देओल फिल्म में हनुमान का रोल करेंगे. अरुण गोविल रामानंद सागर की ‘रामायण’ में भगवान राम की भूमिका निभा चुके अरुण गोविल फिल्म में राजा दशरथ का किरदार निभा रहे हैं. रवि दुबे एक्टर रवि दुबे भी फिल्म का हिस्सा हैं. वो फिल्म में लक्ष्मण की रोल प्ले करते नजर आएंगें. लारा दत्ता मशहूर एक्ट्रेस और मिस वर्ल्ड रह चुकी लारा दत्ता इस फिल्म में कैकेयी का रोल करेंगी. रकुल प्रीत सिंह एक्टेस रकुल प्रीत सिंह को फिल्म में शूर्पणखा के किरदार में देखा जाएगा. काजल अग्रवाल साउथ की एक्ट्रेस काजल अग्रवाल फिल्म में मंदोदरी का रोल प्ले कर रही हैं. इसके अलावा, सुहैल नैय्यर 'रामायण' में बालि के छोटे भाई और वानर राज सुग्रीव का किरदार निभा रहे हैं. कुणाल कपूर इंद्र देव के किरदार में नजर आएंगे. शीबा चड्ढा को मंथरा के किरदार में कास्ट किया गया है. एक्टर आदिनाथ कोठारे को 'रामायण' में भरत के किरदार में कास्ट किया गया है. कुंभकरण के लिए 'पंचायत' फेम फैसल मलिक को कास्ट किया गया है. बता दें कि 'रामायण' का पहला पार्ट इस दिवाली को रिलीज किया जाएगा. जबकि दूसरा पार्ट अगले साल दिवाली पर आएगा.
Dhurandhr 2 Records: रणवीर सिंह की लेटेस्ट रिलीज धुरंधर 2 बॉक्स ऑफिस पर कमाई के मामले में ही नहीं रिकॉर्ड्स बनाने में भी तूफान बनी हुई है. ओपनिंग वीकेंड पर भी इसने कमाल कर दिया है. रणवीर सिंह की धुरंधर 2 को रिलीज के बाद मिला जुला रिव्यू मिला, जहां एक तबका इसे सिनेमा का एक अजूबा बता रहा है, तो दूसरा इसे सत्ता-समर्थक प्रोपेगैंडा का एक और ज़रिया कहकर इसकी आलोचना कर रहा है. इन सबके बावजूद डायरेक्टर आदित्य धर निर्देशित 'धुरंधर: द रिवेंज' को बॉक्स ऑफिस पर रोकना अब नामुमकिन है. इस स्पाई एक्शन फिल्म ने अपने ओपनिंग वीकेंड में ही दुनिया भर में 691.32 करोड़ रुपये की कमाई कर इतिहास रच दिया है और यह भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक बनने की राह पर है. 'धुरंधर 2' पहले ही कई रिकॉर्ड तोड़ चुकी है और इसकी सफलता का फिलहाल थमने के मूड में नहीं है. इन सबके बीच चलिए यहां जान लेते हैं इस फिल्म ने अब तक कितने रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं. धुरंधर 2 ने बना डाले इतने तगड़े रिकॉर्ड्स ऐसी ऐतिहासिक शुरुआत के साथ, धुरंधर 2 अपनी रिकॉर्ड बुक्स को भरती जा रही है. इस फिल्म ने अपने ओपनिंग वीकेंड के दौरान घरेलू और इंटरनेशनल दोनों ही बाजारों में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं और ये र भारतीय सिनेमा के इतिहास में सक्सेस का नया चैप्टर लिख रही है. इस फिल्म ने अब तक ये रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं. धुरंधर 2 ने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर किसी भी बॉलीवुड फिल्म के लिए सबसे बड़ा 'एक्सटेंडेड ओपनिंग वीकेंड' का रिकॉर्ड दर्ज किया है. रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ने दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर किसी भी बॉलीवुड फिल्म के लिए शुक्रवार से रविवार तक का सबसे बड़ा 'ओपनिंग वीकेंड' (515+ करोड़ ग्रॉस) भी अपने नाम किया है. धुरंधर 2 ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर किसी भी बॉलीवुड फिल्म के लिए सबसे बड़ा 'एक्सटेंडेड ओपनिंग वीकेंड' का रिकॉर्ड बना लिया है. इसने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर किसी भी बॉलीवुड फिल्म के लिए शुक्रवार से रविवार तक का सबसे बड़ा 'ओपनिंग वीकेंड' (370 करोड़ ग्रॉस) भी अपने नाम किया है. विदेशी बॉक्स ऑफिस पर किसी भारतीय फ़िल्म के लिए सबसे बड़ा 4-दिनों का ओपनिंग वीकेंड (190+ करोड़ ग्रॉस) का बनाया रिकॉर्ज गल्फ कंट्री को छोड़कर, विदेशी बॉक्स ऑफिस पर सबसे बड़ा ओपनिंग वीकेंड का रिकॉर्ड किया अपने नाम रणवीर सिंह की मुख्य भूमिका वाली इस फ़िल्म ने रविवार को ही 500 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया, और ऐसा करने वाली यह सबसे तेज़ भारतीय फ़िल्म बन गई है. एक और बड़ी उपलब्धि में, 'धुरंधर 2' ने घरेलू बाज़ार में दुनिया भर में सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली भारतीय फ़िल्म 'दंगल' को पीछे छोड़ दिया. अपने थिएट्रिकल रन के दौरान, 'दंगल' ने भारत में 387 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था. रणवीर सिंह की इस फ़िल्म ने 'बाहुबली 1' (421 करोड़ रुपये) को भी पीछे छोड़ दिया है. इस स्पाई एक्शन फ़िल्म ने दुनिया भर में रजनीकांत की '2.0' (691 करोड़ रुपये) और सनी देओल की 'गदर 2' (686 करोड़ रुपये) को भी पीछे छोड़ दिया है. यह फ़िलहाल आमिर खान की 'पीके' (792 करोड़ रुपये) से पीछे चल रही है.