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इंतजार खत्म होने वाला है, शिक्षा मंत्री ने बताई राजस्थान बोर्ड 12वीं रिजल्ट की तारीख!

Metroheadlines मार्च 24, 2026 0

 

राजस्थान बोर्ड 12वीं के लाखों छात्रों का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है.शिक्षा मंत्री ने कहा कि रिजल्ट 31 मार्च 2026 को जारी किया जा सकता है. जाने कैसे चेक कर सकते रिजल्ट..

 

 

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान की तरफ से आज 10वीं क्लास का रिजल्ट जारी किया गया है. ऐसे में अब 12वीं क्लास के छात्र-छात्राओं को रिजल्ट का इंतजार है. रिपोर्ट्स के मुताबिक नतीजे मार्च माह में आ सकते हैं. हालांकि राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की ओर से कहा गया है कि 12वीं बोर्ड का रिजल्ट 31 मार्च 2026 को संभव है. नतीजे जल्द जारी हों इसके लिए कार्य किया जा रहा है.

 

10 वीं के बाद अब 12 वीं के रिजल्ट का इंतजार

 

इस साल के 10वीं बोर्ड रिजल्ट में सीकर जिले की रहने वाली चेष्टा शर्मा ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 99.00 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं और पूरे राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया है.

अब सभी की नजर 12वीं के रिजल्ट पर है. छात्र और अभिभावक दोनों ही इसके जारी होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. उम्मीद की जा रही है कि बोर्ड इस बार भी रिजल्ट समय पर जारी करेगा, जिससे नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत बिना किसी देरी के हो सके. ऐसे में छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक अपडेट्स पर नजर बनाए रखें.

 

परीक्षा कब हुई थी?


राजस्थान बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं इस साल 12 फरवरी से 11 मार्च 2026 के बीच आयोजित की गई थीं. परीक्षा खत्म होने के बाद से ही छात्र रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.

 

रिजल्ट कैसे करें चेक?

 

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं.
  • “RBSE Result 2026” लिंक पर क्लिक करें.
  • रोल नंबर दर्ज करें.
  • सबमिट करते ही रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा.
  • मार्कशीट डाउनलोड कर लें.

 

SMS से भी कर सकते हैं चेक 

अगर वेबसाइट स्लो चल रही हो या खुल नहीं रही हो, तो छात्र SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं. यह तरीका काफी आसान और तेज होता है.इसके लिए छात्र को अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में जाएं. नया मैसेज टाइप करें RJ12 <स्पेस> आपका रोल नंबर अब इस मैसेज को 5676750 या बोर्ड द्वारा दिए गए नंबर पर भेज दें.कुछ ही सेकंड में आपके मोबाइल पर रिजल्ट आ जाएगा.

 

Digi lockerसे भी कर सकते हैं चेक  रिजल्ट

  1. सबसे पहले DigiLocker ऐप डाउनलोड करें या वेबसाइट पर जाएं.
  2. अपना मोबाइल नंबर या आधार से अकाउंट लॉगिन/साइनअप करें.
  3. “Education” या “Board Results” सेक्शन में जाएं.
  4. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) चुनें.
  5. अपनी कक्षा सेलेक्ट करें.
  6. रोल नंबर और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज करें.
  7. आपकी डिजिटल मार्कशीट स्क्रीन पर आ जाएगी.
  8. इसे डाउनलोड या सेव कर लें.

 

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UP News: होली से पहले सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है   होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है।   शिक्षा विभाग की भूमिका   स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए।   शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया।     वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया।   राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है।   प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन   राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।   वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर   इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है।   विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है।   आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है।   राजनीतिक और सामाजिक संदेश   Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है।   पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें   पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है।   संभावित चुनौतियां   हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।   कर्मचारियों की अपेक्षाएं   इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं।   UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026  

हिंदी न्यूज़बिजनेसGold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव

Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव     सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है?     Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है?     सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट     वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है.   जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है.     चांदी के ताजा भाव     दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है.     आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)     दिल्ली में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     मुंबई में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए     कोलकाता में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     अहमदाबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     लखनऊ में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     पटना में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     हैदराबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए    

ये हैं सबसे गलत और खतरनाक फूड कॉम्बिनेशन, आयुर्वेद में भी है इनका जिक्र

  Causes Of Bloating And Gas: हम क्या खाते हैं, इसका हमारी सेहत पर काफी असर होता है. चलिए आपको बताते हैं कि किन फूड कॉम्बिनेशन से आपको बचना चाहिए और आयुर्वेद इसको लेकर क्या कहता है   Which Foods Should Not Be Eaten Together: खाना खाते समय हमें कुछ चीजों का ध्यान रखने की जरूरत होती है. हम क्या खाते हैं और किन चीजों को साथ में मिलाकर खाते हैं, इसका सीधा असर हमारे डाइजेशन शक्ति पर पड़ता है. गलत फूड कॉम्बिनेशन पाचन को बिगाड़ सकते हैं और शरीर में टॉक्सिक तत्व जमा कर सकते हैं. इसका नतीजा गैस, पेट फूलना, एसिडिटी, त्वचा संबंधी समस्याएं और लंबे समय में गंभीर बीमारियों के रूप में सामने आ सकता है. चलिए आपको आयुर्वेद के हिसाब से बताते हैं कि किन कॉम्बिनेशन से हमें बचना चाहिए.      क्या कहता है आयुर्वेद?     आयुर्वेद के बारे में जानकारी देने वाली संस्था kevaayurveda के अनुसार, आयुर्वेद मानता है कि हर व्यक्ति की वात, पित्त, कफ और पाचन क्षमता अलग होती है कुछ खानें की चीजें एक-दूसरे के विपरीत गुण रखते हैं. यदि इन्हें बार-बार साथ में खाया जाए तो डाइजेशन सिस्टम पर अतिरिक्त प्रेशर पड़ता है. इससे गैस, कब्ज, सीने में जलन, मुंहासे, कमजोर इम्यूनिटी और डाइजेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं.     किन फूड कॉम्बिनेशन से बचना चाहिए?     kevaayurveda के अनुसार, कुछ प्रमुख गलत फूड कॉम्बिनेशन जिनसे बचने की सलाह दी जाती है, उनमें सबसे पहले आता है दूध और मछली. आयुर्वेद के अनुसार दूध ठंडा और भारी होता है, जबकि मछली गर्म तासीर वाली मानी जाती है. दोनों को साथ लेने से पाचन गड़बड़ा सकता है और स्किन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. इसी तरह दूध के साथ खट्टे फल जैसे संतरा, नींबू या अनानास भी ठीक नहीं माने जाते, क्योंकि ये पेट में दूध को फाड़ सकते हैं और गैस या एसिडिटी बढ़ा सकते हैं.   गरम भोजन के साथ शहद मिलाना भी आयुर्वेद में हानिकारक बताया गया है. शहद को गर्म करने से उसके गुण बदल सकते हैं और शरीर में टॉक्सिक प्रभाव पैदा हो सकता है. भारी भोजन के तुरंत बाद फल खाना भी उचित नहीं माना जाता, क्योंकि फल जल्दी पचते हैं और भारी भोजन के साथ पेट में फर्मेंटेशन शुरू कर सकते हैं. दही और चीनी का मेल भी पाचन के लिए अनुकूल नहीं माना जाता. दही पहले से ही खट्टा और ठंडा होता है, जबकि रिफाइंड चीनी शरीर में असंतुलन बढ़ा सकती है. रात में दही को फल या ठंडी चीजों के साथ लेना कफ बढ़ा सकता है, जिससे सर्दी-खांसी या साइनस की समस्या हो सकती है. बासी भोजन के साथ दूध लेना भी पाचन के लिए सही नहीं माना गया.     किन चीजों का सेवन करना चाहिए?     आयुर्वेद सलाह देता है कि मौसमी आहार लें, जरूरत से ज्यादा न खाएं और अदरक, जीरा, सौंफ जैसे मसालों का उपयोग करें, जो डाइजेशन को मजबूत बनाते हैं. सही फूड कॉम्बिनेशन अपनाने से डाइजेशन मजबूत रहती है, न्यूट्रिशन तत्वों का ऑब्जर्वेशन बेहतर होता है और शरीर संतुलित रहता है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर पाचन वाले लोगों के लिए यह नियम और भी लाभकारी माने जाते हैं.  

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रिंकू सिंह बने रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर, कितनी मिलेगी सैलरी? जानिए पूरी डिटेल

  Rinku Singh Salary: उत्तर प्रदेश के स्टार क्रिकेटर रिंकू सिंह को रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर पद पर नियुक्त किया गया है. जानिए इस पद पर उनको क्या मिलेगी सैलरी और जिम्मेदारियां क्या होंगी.   उत्तर प्रदेश के उभरते क्रिकेट स्टार रिंकू सिंह को राज्य सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर के पद पर नियुक्त किया है. यह फैसला राज्य में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. रिंकू सिंह की यह उपलब्धि न सिर्फ उनके करियर के लिए बड़ी है, बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई है.     रिंकू सिंह को मिला बड़ा सरकारी पद   टी20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के बाद रिंकू सिंह को यह सम्मान मिला है. उनके साथ कुल 14 खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया, जो अलग-अलग खेलों से जुड़े हैं.सरकार का यह कदम खिलाड़ियों की मेहनत और प्रतिभा को पहचान देने का एक प्रयास है. रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर का पद ग्रुप-बी गजेटेड कैटेगरी में आता है, जिसे एक सम्मानजनक और जिम्मेदारी भरा सरकारी पद माना जाता है.     क्या होता है रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर का काम?   रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर का मुख्य कार्य अपने क्षेत्र में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना होता है. इसमें जिला और क्षेत्र स्तर पर प्रतियोगिताओं का आयोजन करना, खिलाड़ियों के लिए ट्रेनिंग कैंप लगाना और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल है. इसके अलावा स्टेडियम और खेल मैदानों की देखरेख, खेल से जुड़े संसाधनों का प्रबंधन और नई प्रतिभाओं की खोज करना भी इस पद की जिम्मेदारी होती है. प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ यह पद खिलाड़ियों और सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करता है.     कितनी मिलेगी सैलरी?   रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर के पद पर अच्छी-खासी सैलरी दी जाती है. इस पद पर नियुक्त अधिकारी को लेवल-10 पे स्केल के तहत लगभग 56,100 रुपये से 1,77,500 रुपये तक मासिक वेतन मिलता है. इसके अलावा अनुभव और सेवा अवधि के आधार पर वेतन में वृद्धि भी होती रहती है. कुल मिलाकर यह एक स्थिर और आकर्षक सरकारी नौकरी मानी जाती है.     मिलेंगी ये खास सुविधाएं   इस पद के साथ कई तरह की सरकारी सुविधाएं भी मिलती हैं, जो इसे और भी खास बनाती हैं. इनमें हाउस रेंट अलाउंस , ट्रैवल अलाउंस, मेडिकल सुविधाएं और सरकारी वाहन जैसी सुविधाएं शामिल हैं. इसके अलावा अन्य भत्ते भी दिए जाते हैं, जिससे यह पद आर्थिक रूप से भी काफी मजबूत माना जाता है.     खेल क्षेत्र को मिलेगा नया बल   रिंकू सिंह की इस नियुक्ति से उत्तर प्रदेश के खेल क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है. उनके अनुभव और खेल की समझ से युवा खिलाड़ियों को सही दिशा और मार्गदर्शन मिलेगा. इससे प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर मौका मिलेगा और खेलों का स्तर भी सुधरेगा. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को इसका ज्यादा फायदा मिल सकता है.   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह फैसला खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है. इससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा और वे बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होंगे. आने वाले समय में ऐसे और फैसले खेलों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

Metroheadlines मार्च 25, 2026 0

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SECL में निकली भर्ती, युवा कैंडिडेट्स ऐसे कर सकते हैं अप्लाई, ये है लास्ट डेट

  SECL ने अप्रेंटिसशिप के बंपर पदों पर भर्ती निकाली है, जिसमें युवा बिना किसी फीस के 31 मार्च 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आइए जानते हैं कैंडिडेट्स कैसे आवेदन कर सकते हैं     साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने अप्रेंटिसशिप के कई पदों पर भर्ती का एलान किया है. खास बात यह है कि इस भर्ती में आवेदन करने के लिए किसी भी तरह की फीस नहीं रखी गई है, जिससे ज्यादा से ज्यादा युवा इसमें हिस्सा ले सकते हैं.   इस भर्ती प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुके हैं. इच्छुक उम्मीदवार 31 मार्च 2026 तक आवेदन कर सकते हैं. आवेदन करने के लिए अभ्यर्थियों को अप्रेंटिसशिप पोर्टल nats.education.gov.in पर जाना होगा.   कौन कर सकता है आवेदन   इस भर्ती में वही उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली है. इसमें कई तरह की योग्यता रखने वाले युवा शामिल हो सकते हैं. अगर आपने 4 साल की इंजीनियरिंग डिग्री की है, या 10वीं के बाद 3 साल का डिप्लोमा किया है, या फिर 12वीं के बाद 2 साल का डिप्लोमा किया है, तो आप इस भर्ती के लिए योग्य माने जाएंगे. इसके साथ ही उम्मीदवार की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए. उम्र की गणना 31 मार्च 2026 के आधार पर की जाएगी.   कितना मिलेगा स्टाइपेंड   अप्रेंटिसशिप के दौरान उम्मीदवारों को हर महीने स्टाइपेंड भी दिया जाएगा. अलग-अलग पदों के अनुसार यह राशि तय की गई है. ग्रेजुएट अप्रेंटिसशिप के लिए चुने गए उम्मीदवारों को लगभग 12,300 रुपये प्रति माह मिलेंगे. वहीं टेक्नीशियन अप्रेंटिसशिप के लिए चयनित उम्मीदवारों को करीब 10,900 रुपये प्रति माह स्टाइपेंड दिया जाएगा.   कैसे होगा चयन   अब सवाल आता है कि चयन कैसे होगा. इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा नहीं ली जाएगी. उम्मीदवारों का चयन उनकी शैक्षिक योग्यता के आधार पर किया जाएगा. सबसे पहले मेरिट लिस्ट तैयार होगी. जो उम्मीदवार इस सूची में जगह बनाएंगे, उन्हें अगले चरण के लिए बुलाया जाएगा. इसके बाद दस्तावेजों की जांच (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन) और मेडिकल जांच होगी. इन दोनों चरणों को पूरा करने के बाद ही अंतिम चयन किया जाएगा.   आवेदन कैसे करें   इस भर्ती में आवेदन करने की प्रक्रिया भी आसान रखी गई है. सबसे पहले उम्मीदवारों को NATS 2.0 पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा. रजिस्ट्रेशन के बाद लॉगिन करके जरूरी जानकारी भरनी होगी और ऑनलाइन आवेदन फॉर्म पूरा करना होगा. सबसे अच्छी बात यह है कि इस भर्ती के लिए किसी भी तरह की फीस नहीं देनी है. ज्यादा डिटेल्स के लिए उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट की मदद ले सकते हैं.  

Metroheadlines मार्च 20, 2026 0

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यूपीएससी की फर्जी रैंक वाला मामला

      बिहार की आकांक्षा के बाद यूपी की शिखा गौतम का भी IAS बनने का दावा फर्जी, UPSC ने खोली पोल   उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से सामने आया है, जब एक छात्रा ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 113 वीं रैंक हासिल करने का दावा किया था, लेकिन प्रशासनिक जांच में यह दावा गलत पाया गया.   यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा देश के सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक मानी जाती है. हर साल रिजल्ट आने के बाद सफल उम्मीदवारों की सफलता की कहानी चर्चा में रहती है. हालांकि, इस बार परीक्षा को लेकर झूठे दावे भी सामने आए हैं जो विवाद का कारण बने हैं. हाल ही में एक मामला उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से सामने आया है, जब एक महिला ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 113 वीं रैंक हासिल करने का दावा किया था, लेकिन प्रशासनिक जांच में यह दावा गलत पाया गया. इससे पहले बिहार में भी इसी तरह का मामला सामने आया था, जहां आकांक्षा सिंह नाम की महिला ने 301 वीं रैंक मिलने का दावा किया था, जिसे बाद में आयोग ने गलत बताया था.   बुलंदशहर के शिखा गौतम के दावे की खुली पाेल   सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी होने के बाद उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की रहने वाली शिखा गौतम ने दावा किया है कि उन्होंने 113 वीं रैंक हासिल की है और उनका चयन आईएएस के लिए हुआ है. इसके बाद यह खबर तेजी से फैल गई और स्थानीय स्तर पर उनकी सफलता की खूब चर्चा होने लगी. शिखा को चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की बेटी बताया गया, इस वजह से उनकी कहानी ने लोगों का ध्यान खींचा. कई जगह पर उनका स्वागत किया गया, ढोल नगाड़ों के साथ फुल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया गया और मीडिया में भी चपरासी की बेटी बनी आईएएस जैसी खबरें चलने लगी. इस बीच दिल्ली की रहने वाली एक दूसरी शिखा ने दावा किया कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 113वीं रैंक उनकी है, उन्होंने इस मामले को लेकर आयोग को ईमेल भेजकर स्पष्टीकरण जारी करने की मांग की. इसके बाद मामला प्रशासन तक पहुंचा और जांच शुरू कराई गई.  

Metroheadlines मार्च 12, 2026 0

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