इंदौर

Indore News in Hindi: इंदौर में कार से कुचलकर घायल हुआ मासूम CCTV में कैद हुआ खौफनाक हादसा

  इंदौर में एक बच्चे के ऊपर कार चढ़ने की घटना हुई, जिसमें कार मालिक ने मानवतादिखाई.उन्होंने बच्चे के इलाज का खर्च उठाया और ड्राइवर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई.     इंदौर में दर्दनाक हादसा: कार के नीचे आया मासूम, मालिक की ईमानदारी बनी मिसाल   मध्य प्रदेश के Indore शहर से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने लोगों को अंदर तक हिला दिया। शहर के Bombay Hospital के पास स्थित शांति निकेतन कॉलोनी में सड़क पर खेल रहे एक छोटे बच्चे को तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।   हादसे का खौफनाक मंजर   जानकारी के मुताबिक, यह घटना मंगलवार दोपहर की है। कॉलोनी की सड़क पर दो मासूम बच्चे खेल रहे थे, तभी अचानक एक तेज रफ्तार कार वहां पहुंची। ड्राइवर की लापरवाही इतनी गंभीर थी कि वह बच्चों को समय रहते देख नहीं पाया और एक बच्चा कार की चपेट में आ गया।   सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि कार के दोनों पहिए बच्चे के ऊपर से गुजर जाते हैं। यह दृश्य इतना भयावह है कि इसे देखकर किसी का भी दिल दहल सकता है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग तुरंत बच्चे की मदद के लिए दौड़ पड़े।   बाल-बाल बची मासूम की जान   हादसे के तुरंत बाद घायल बच्चे को नजदीकी Bombay Hospital में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चे के पैर में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है, लेकिन राहत की बात यह है कि उसकी जान खतरे से बाहर है। फिलहाल उसका इलाज जारी है और डॉक्टर लगातार उसकी निगरानी कर रहे हैं।     कार मालिक ने पेश की ईमानदारी की मिसाल   जहां अक्सर ऐसे मामलों में आरोपी ड्राइवर या वाहन मालिक मौके से फरार हो जाते हैं या मामले को दबाने की कोशिश करते हैं, वहीं इस घटना में कार मालिक संजय अग्रवाल ने एक अलग उदाहरण पेश किया।   जैसे ही उन्हें इस हादसे की जानकारी मिली, उन्होंने बिना किसी देरी के घायल बच्चे के इलाज का पूरा खर्च उठाने का फैसला किया। इतना ही नहीं, उन्होंने खुद अपने ड्राइवर को पुलिस स्टेशन भेजा और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने में सहयोग किया। इस कदम की पूरे शहर में जमकर सराहना हो रही है।     पुलिस ने शुरू की कार्रवाई   इस मामले में पुलिस ने भी तेजी दिखाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के अनुसार, कार मालिक की पहल पर ही ड्राइवर को थाने लाया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ड्राइवर के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।   अब पुलिस आगे की जांच कर रही है और कानूनी प्रक्रिया जारी है। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ड्राइविंग में सतर्कता की जरूरत को उजागर कर दिया है।     समाज के लिए सीख   यह हादसा जहां एक तरफ लापरवाही के गंभीर परिणामों को दिखाता है, वहीं दूसरी तरफ कार मालिक की जिम्मेदारी और ईमानदारी समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश भी देती है। अगर हर नागरिक इसी तरह कानून का सम्मान करे और अपनी जिम्मेदारी निभाए, तो कई समस्याओं को आसानी से रोका जा सकता है।    

Metroheadlines अप्रैल 6, 2026 0
'मैं भी सोचता हूं EV खरीदना है, लेकिन...', इंदौर में हुए दर्दनाक हादसे पर बोले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय

    Indore EV Charging Point Blast: इंदौर में EV चार्जिंग प्वाइंट में विस्फोट के बाद लगी आग में 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस हादसे पर दुख जताया और अलार्मिंग बताया है.     मध्य प्रदेश के इंदौर में 18 मार्च की सुबह एक घर में भीषण आग लगने से 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. इस घटना में EV चार्जिंग प्वाइंट में विस्फोट को शुरुआती कारण माना जा रहा है. वहीं मौके पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पहुंचे और जांच के आदेश दिए.   घटनास्थल का दौरा करने पहुंचे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इसे बेहद दुखद और अलार्मिंग घटना बताया. उन्होंने कहा कि EV चार्जिंग प्वाइंट से आग लगना गंभीर विषय है, खासकर ऐसे समय में जब इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है. उन्होंने पुलिस आयुक्त से कम से कम 15 सदस्यों की एक विशेषज्ञ समिति गठित करने को कहा है, जो यह जांच करेगी कि हादसा घटिया चार्जिंग स्टेशन या खराब केबल की वजह से हुआ या नहीं. समिति की रिपोर्ट के आधार पर एक सख्त SOP तैयार की जाएगी.   मैं भी सोचता हूं EV ही खरीदना है- कैलाश विजयवर्गीय   मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि आज तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक रुझानों के कारण कई लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं सुरक्षा को एक गंभीर चिंता का विषय बना देती हैं. मैं भी सोचता हूं कि अगली गाड़ी जो भी लेना है वो EV ही हो. हालांकि इलेक्ट्रिक वाहन समुदाय अक्सर दावा करता है कि यह तकनीक पूरी तरह से सुरक्षित है, लेकिन चार्जिंग स्टेशन से जुड़ी यह आग इस धारणा को चुनौती देती है और इसकी गहन जांच की आवश्यकता है.   हादसे में 7 लोगों की मौत से हड़कंप   बता दें कि इंदौर के एक रिहायशी इलाके में सुबह अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही कई फायर टेंडर मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक पूरा घर आग की चपेट में आ चुका था. घर में मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके और 7 लोगों की जलकर मौत हो गई. यह घर मनोज पुगलिया का बताया जा रहा है, जो पॉलीमर का व्यवसाय करते थे. शुरुआती जानकारी के अनुसार, घर के बाहर खड़े इलेक्ट्रिक वाहन के चार्जिंग प्वाइंट में विस्फोट हुआ, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई.   पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आए कारण   पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के अनुसार, चार्जिंग प्वाइंट में हुए धमाके के बाद आग पहले वाहन में लगी और फिर पूरे घर में फैल गई. घर के अंदर 10 से अधिक गैस सिलेंडर और ज्वलनशील रसायन रखे थे, जिससे आग और भड़क गई. कई सिलेंडरों में विस्फोट भी हुआ, जिसने स्थिति को और भयावह बना दिया. इस हादसे में जहां 7 लोगों की जान चली गई, वहीं 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है.

Metroheadlines मार्च 18, 2026 0
Indore News: तेज रफ्तार कार ने 5 गाड़ियों में मारी टक्कर, 4 लोग जख्मी, भीड़ ने की ड्राइवर की पिटाई

  Indore News: तेज रफ्तार कार का कहर, 5 गाड़ियों को मारी टक्कर; 4 घायल, भीड़ ने ड्राइवर को पीटा     मध्य प्रदेश के व्यावसायिक शहर Indore में सोमवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार कार ने अचानक नियंत्रण खो दिया और एक के बाद एक पांच वाहनों को टक्कर मार दी। इस हादसे में चार लोग घायल हो गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।   घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों का गुस्सा भड़क उठा और भीड़ ने कार चालक की जमकर पिटाई कर दी। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ड्राइवर को भीड़ से बचाया और अस्पताल पहुंचाया।     कैसे हुआ हादसा?   प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार काफी तेज रफ्तार में थी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। बताया जा रहा है कि कार ने पहले एक दोपहिया वाहन को टक्कर मारी, फिर आगे बढ़ते हुए तीन कारों और एक ऑटो रिक्शा को भी चपेट में ले लिया।   घटना शहर के व्यस्त इलाके में हुई, जहां उस समय ट्रैफिक सामान्य से ज्यादा था। अचानक हुई टक्करों से सड़क पर अफरा-तफरी मच गई।   टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक बाइक सवार सड़क पर दूर जा गिरा, जबकि ऑटो में बैठे यात्रियों को भी चोटें आईं।     घायलों की हालत   हादसे में कुल चार लोग घायल हुए हैं। सभी को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दो घायलों को सिर और पैर में गंभीर चोट एक को फ्रैक्चर की आशंका एक को हल्की चोटें डॉक्टरों के मुताबिक सभी घायलों का इलाज जारी है और फिलहाल वे खतरे से बाहर हैं।     भीड़ का गुस्सा, ड्राइवर की पिटाई हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। गुस्साई भीड़ ने कार चालक को बाहर निकालकर उसकी पिटाई शुरू कर दी। कुछ लोगों का आरोप था कि चालक शराब के नशे में था, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। स्थिति बिगड़ती देख किसी ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने ड्राइवर को भीड़ से छुड़ाया और मेडिकल जांच के लिए भेजा।     पुलिस की कार्रवाई इंदौर पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। ड्राइवर का मेडिकल टेस्ट कराया जा रहा है सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं पुलिस ने कहा कि यदि लापरवाही या नशे में गाड़ी चलाने की पुष्टि होती है, तो चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।     ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल   यह हादसा एक बार फिर शहर में तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग पर सवाल खड़े करता है। इंदौर जैसे तेजी से बढ़ते शहर में ट्रैफिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि: स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम मजबूत होना चाहिए प्रमुख चौराहों पर स्पीड कैमरे लगाए जाएं ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाए   पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे   इंदौर में पिछले कुछ महीनों में कई सड़क हादसे सामने आए हैं, जिनमें तेज रफ्तार और लापरवाही मुख्य कारण रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रात के समय और भी अधिक सख्ती की जरूरत है, क्योंकि कई युवा तेज रफ्तार में गाड़ियां दौड़ाते हैं।     कानूनी पहलू मोटर व्हीकल एक्ट के तहत: लापरवाही से वाहन चलाने पर जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है नशे में गाड़ी चलाने पर लाइसेंस निलंबित हो सकता है गंभीर चोट या मौत होने की स्थिति में गैर-इरादतन हत्या का मामला भी दर्ज हो सकता है पुलिस ने संकेत दिया है कि सभी कानूनी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।     नागरिकों की प्रतिक्रिया घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने गुस्सा जाहिर किया। कई यूजर्स ने सख्त कार्रवाई की मांग की। कुछ लोगों ने भीड़ द्वारा की गई पिटाई पर भी सवाल उठाए और कहा कि कानून अपने हाथ में लेना सही नहीं है।

Metroheadlines मार्च 2, 2026 0
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MP के विकास को मिली गति! गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी

MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है, जिससे बालाघाट, जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ेंगे.  Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया–जबलपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने इसे महाकौशल क्षेत्र सहित प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात करार दिया और इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्रिमंडल का हृदय से आभार माना उनका कहना है कि इस परियोजना से नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, व्यवसाय और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. सेवातीर्थ में केन्द्रीय सरकार की पहली केबिनेट बैठक में गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है.   रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे   इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गोंदिया–जबलपुर रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. इस कार्य के पूर्ण होने से मध्‍यप्रदेश के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे.   गोंदिया–जबलपुर लाइन में ब्रिज और वन्यजीव सुरक्षा   करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रूपए से 5 साल में पूरा होगा. जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा. इस दौरान इस लाईन में आने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रूपए अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे. साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे.  

UP News: होली से पहले सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है   होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है।   शिक्षा विभाग की भूमिका   स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए।   शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया।     वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया।   राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है।   प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन   राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।   वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर   इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है।   विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है।   आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है।   राजनीतिक और सामाजिक संदेश   Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है।   पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें   पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है।   संभावित चुनौतियां   हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।   कर्मचारियों की अपेक्षाएं   इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं।   UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026  

भोपाल में NSG कमांडो का पावर शो:VIP पर अटैक और ड्रोन हमले को किया निष्क्रिय; सीएम बोले- काउंटर टेररिज्म ग्रुप के लिए DPR तैयार

  भोपाल में सोमवार को लाल परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) कमांडो ने पावर शॉ दिखाया। कमांडो ने हेलीकॉप्टर से उतरकर इमारत में घुसने, आतंकियों से मुकाबला करने, बम खोजने और निष्क्रिय करने, डॉग स्क्वॉड के जरिए आईईडी पहचानने और लोगों को सुरक्षित निकालने जैसी कार्रवाई का लाइव प्रदर्शन किया।   कार्यक्रम में मोहन यादव, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, NSG के महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।   देखिए तस्वीरें…     NSG ने आतंकियों ने सरेंडर करवाया।     NSG के साथ डाॅग स्क्वार्ड का प्रदर्शन।     विपरीत परिस्थितियों में आम लोगों को आतंकियों से बचाते कमांडो।     सीएम बोले- 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार   इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने कहा- सीपीजी काउंटर टेररिज्म ग्रुप बनाने के लिए मप्र सरकार ने 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार कर ली है। भविष्य में सभी प्रकार के खतरों से निपटने के लिए भोपाल के ग्राम तूमड़ा में सेंटर बनाया जाएगा।   उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की दुनिया के सामने पहचान बन रही है। जब देश के प्रधानमंत्री भी सुरक्षित नहीं थे और राजीव गांधी की हत्या हुई थी, तब सशस्त्र बलों ने अपने पराक्रम से सुरक्षा मुहैया कराई। जब भी देश में किसी संकट से सामना होता है, तब एनएसजी कमांडो रक्षा करते हैं। मुझे एनएसजी पर गर्व है।     'कोई हमें छेड़ेगा तो करारा जवाब मिलेगा'   सीएम कहा कि हमारी सेना देश के दुश्मनों के घर में घुसकर मारने का काम करती है। हम किसी को छेड़ते नहीं हैं, लेकिन यदि कोई हमें छेड़ेगा तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। यह संयुक्त प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संकल्प से सिद्धि का अभियान है। हम सर्वजन सुखाय की बात करते हैं। जो जिस प्रकार का है, उसे उसी प्रकार की भाषा में जवाब देने की तैयारी होनी चाहिए।   डॉ. यादव ने कहा कि हमारे बलों को सभी प्रकार के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। भारत और प्रदेश को आगे बढ़ने में कई लोग बाधा डालते हैं। हमने नक्सलवाद पर काबू पा लिया है। मप्र पुलिस और भारत सरकार ने मिलकर ऐसी गतिविधियों को रोकने में सफलता पाई है।     'हवा में उड़ते बजरंगबली जा रहे हों'   सीएम ने कहा कि हमारे कमांडो ने क्या-क्या नहीं दिखाया। जैसे हवा में बजरंगबली जा रहे हों। हमारे जवानों ने भी शानदार करतब दिखाए। काल भैरव के गणों ने भी गजब प्रदर्शन किया। आपका प्रदर्शन अद्भुत रहा।   आकस्मिक आपदा के लिए हम अपनी सशक्त भूमिका निभाना चाहते हैं। हमारे जवान सभी प्रकार के संकटों से निपटने में सक्षम हैं। खाली हाथ होते हुए भी वे दो-दो, चार-चार लोगों को उठाकर पटक रहे थे। यह देखकर आनंद आया।     डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान   कमांडो ने Mi-17 helicopter से स्लिथरिंग कर इमारत में प्रवेश किया और हाउस इंटरवेंशन की कार्रवाई दिखाई। K-9 डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान की, वहीं बम निष्क्रियकरण और एंटी-ड्रोन तकनीक का भी प्रदर्शन किया गया।   कमांडो ने बहुमंजिला भवन पर हमले को निष्क्रिय करने, आतंकियों से हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट और आम लोगों को सुरक्षित निकालने की ड्रिल भी प्रदर्शित की। इसके साथ ही वीआईपी सुरक्षा, क्राव मागा तकनीक और अंडरवॉटर डाइविंग से जुड़ी कार्रवाई भी दिखाई गई।  

हिंदी न्यूज़बिजनेसGold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव

Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव     सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है?     Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है?     सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट     वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है.   जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है.     चांदी के ताजा भाव     दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है.     आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)     दिल्ली में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     मुंबई में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए     कोलकाता में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     अहमदाबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     लखनऊ में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     पटना में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     हैदराबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए    

रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान

  रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान                                                                                                 Ramcharan: हैदराबाद में हुए ग्रैंड रिसेप्शन में रश्मिका और विजय ने खूब चर्चा बटोरी. हालांकि सबसे ज्यादा ध्यान राम चरण के अलग अंदाज ने खींचा, जहां वो काले कपड़ों और नंगे पैर में नजर आए.   साउथ फिल्म इंडस्ट्री के पॉपुलर कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों लगातार सुर्खियों में है. 4 मार्च को हैदराबाद में दोनों ने एक भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया गया, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े सितारे शामिल हुए. इस खास मौके पर जहां हर कोई कपल को बधाई देने पहुंचा, वहीं एक्टर राम चरण अपने अनोखे अंदाज की वजह से सबसे ज्यादा चर्चा में आ गए.   नंगे पैर रिसेप्शन में आए रामचरण रिसेप्शन में राम चरण अपनी पत्नी उपासना के साथ पहुंचे थे. उन्होंने सिर से पैर तक काले रंग के कपड़े पहने हुए थे. लेकिन लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा इस बात ने खींचा कि वो बिना जूते-चप्पल के, यानी नंगे पैर ही कार्यक्रम में आए थे. उन्हें इस तरह देखकर कई लोग हैरान रह गए और सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं.   लेकिन इसके पीछे एक खास धार्मिक वजह है. राम चरण इन दिनों 'अयप्पा दीक्षा' का पालन कर रहे हैं. ये भगवान अयप्पा के भक्तों द्वारा किया जाने वाला एक कठिन और पवित्र व्रत माना जाता है. इस व्रत के दौरान भक्तों को कुछ नियमों का सख्ती से पालन करना पड़ता है.   41 दिन की दीक्षा ले रहे रामचरण व्रत में काले या नीले रंग के कपड़े पहनना, सादगी से रहना और 41 दिनों तक नंगे पैर रहना शामिल होता है. इसी कारण राम चरण रिसेप्शन में भी बिना जूते के नजर आए. अयप्पा दीक्षा को अनुशासित और कठिन माना जाता है. इस बीच भक्तों को पूरी तरह ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है. साथ ही मांसाहारी भोजन, शराब से दूर रहना और बाल या दाढ़ी भी नहीं कटवाना होता है. ये व्रत सबरीमाला मंदिर की यात्रा से पहले किया जाता है. हालांकि ये पहली बार नहीं है जब राम चरण इस तरह नंगे पैर नजर आए हों. इससे पहले 2023 में ऑस्कर समारोह में शामिल होने से पहले भी वह अयप्पा दीक्षा का पालन करते हुए दिखाई दिए थे.

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भोपाल में NSG कमांडो का पावर शो:VIP पर अटैक और ड्रोन हमले को किया निष्क्रिय; सीएम बोले- काउंटर टेररिज्म ग्रुप के लिए DPR तैयार

Metroheadlines अप्रैल 6, 2026 0

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