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चंद्रिकाप्रसाद संतोक्खी का निधन: सुरिनाम और भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए अपूरणीय क्षति

Metroheadlines मार्च 31, 2026 0

 

Chandrikapersad Santokhi के आकस्मिक निधन से पूरे विश्व में शोक की लहर है। यह दुखद घटना न केवल Suriname के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि वैश्विक भारतीय समुदाय के लिए भी एक गहरी पीड़ा का क्षण है। संतोक्खी जी अपने समर्पित नेतृत्व, सरल स्वभाव और भारत के प्रति विशेष लगाव के लिए हमेशा याद किए जाएंगे।

 

उनके साथ हुई मुलाकातों की स्मृतियाँ आज भी मन में ताजा हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सुरिनाम के विकास और भारत-सुरिनाम संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी भारतीय संस्कृति के प्रति गहरी आस्था का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अपने राष्ट्रपति पद की शपथ संस्कृत में ली, जो दुनियाभर में चर्चा का विषय बनी और लोगों के दिलों को छू गई।

 

उनका जीवन सेवा, समर्पण और सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक था। उनके निधन से जो शून्य पैदा हुआ है, उसे भर पाना संभव नहीं है। इस कठिन समय में उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए, उनके परिवार और सुरिनाम की जनता के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की जाती हैं। ओम् शांति।

 

 

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MP के विकास को मिली गति! गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी

MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है, जिससे बालाघाट, जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ेंगे.  Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि केंद्रीय कैबिनेट ने गोंदिया–जबलपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने इसे महाकौशल क्षेत्र सहित प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात करार दिया और इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्रिमंडल का हृदय से आभार माना उनका कहना है कि इस परियोजना से नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, व्यवसाय और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. सेवातीर्थ में केन्द्रीय सरकार की पहली केबिनेट बैठक में गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है.   रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे   इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गोंदिया–जबलपुर रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. इस कार्य के पूर्ण होने से मध्‍यप्रदेश के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे.   गोंदिया–जबलपुर लाइन में ब्रिज और वन्यजीव सुरक्षा   करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रूपए से 5 साल में पूरा होगा. जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा. इस दौरान इस लाईन में आने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रूपए अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे. साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे.  

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से पाएं तप, ज्ञान और मनोवांछित फल! जानें विधि, मंत्र और आरती

  Navratri Second Day Brahmacharini: नवरात्र का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है, जो तप और संयम की देवी हैं. जानिए दूसरे दिन माता की पूजा विधि, मंत्र, भोग, आरती, और शुभ योग के बारे में?   Chaitra Navratri Second Day of Goddess Brahmacharini: चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2026) के दौरान माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. जहां पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होता है, वहीं दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. चैत्र नवरात्रि के मौके पर हम आपको मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से जुड़ी संपूर्ण जानकारी नीचे दे रहे हैं.    मां दुर्गा का दूसरा अवतार देवी ब्रह्मचारिणी तप, संयम, ज्ञान और वैराग्य की देवी हैं. माता को सफेद रंग के वस्त्र, चंदन, फूल और श्वेत मिठाई चढ़ाया जाता है. इस दिन का काफी खास महत्व है, क्योंकि पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बना हुआ है. आइए जानते हैं उनके मंत्र, पूजा विधि, कथा और आरती से जुड़ी सटीक जानकारी के बारे में.   मां ब्रह्मचारिणी के नाम का अर्थ?   मां ब्रह्मचारिणी तप शक्ति का प्रतीक हैं. ब्रह्मचारिणी माता की आराधना से भक्तों में तप की शक्ति बढ़ती है. इसके अलावा उन्हें मनोवांछित फल की भी प्राप्ति होती है. देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों में से दूसरे स्वरूप का नाम देवी ब्रह्मचारिणी है. नवरात्रि के दूसरे दिन के दौरान मां के इस अवतार की पूजा संपूर्ण विधि-विधान से करनी चाहिए.    'ब्रह्मचारिणी' नाम का मतलब ब्रह्म और चारिणी से मिलकर बना हुआ है. ब्रह्म का अर्थ है तप या तपस्या, वही चारिणी का अर्थ है आचरण करने वाली. ऐसे में ब्रह्मचारिणी का शाब्दिक अर्थ है, तप का आचरण करने वाली देवी.   पौराणिक कथाओं के मुताबिक, भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए मां ने इस रूप में कठोर तपस्या की थी.    नवरात्र के दूसरे दिन खास योग!   चैत्र नवरात्रि के दूसरे सर्वार्थ सिद्धि के साथ अमृत सिद्धि योग भी बन रहा है, जो शुक्रवार सुबह 6 बजकर 25 मिनट से लेकर देर रात 2 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. इसके साथ ही शनिवार दोपहर2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक विजय मुहूर्त का संयोग बन रहा है.   धार्मिक मान्यता है कि, सर्वार्थ सिद्धि योग में शुरू किए गए काम सफल होते हैं और राहुकाल में कोई नया काम या पूजा करने से वह निष्फल होता है.    मां ब्रह्माचारिणी की पूजा विधि (Maa Brahmacharini Puja Vidhi)   नवरात्र के दूसरे दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि कर साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद आसन पर बैठकर मां का ध्यान करते हुए पूजा करें. उन्हें फूल, चंदन, अक्षत, रोली, धूप, भोग आदि अर्पित करें.   मां ब्रह्मचारिणी को दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से स्नान कराएं. उसके बाद मां को उनका पसंदीदा भोग अर्पित करें. उन्हें पान, सुपारी, लौंग अर्पित करना शुभ माना जाता है.    मां ब्रह्मचारिणी से जुड़ा ध्यान मंत्र (Maa Brahmacharini Mantra)   या देवी सर्वभेतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। दधना करपद्याभ्यांक्षमालाकमण्डलू। देवीप्रसीदतु मयी ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥   इस मंत्र का अर्थ है कि, देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरूप दिव्यता से भरा है. माता के दाहिने हाथ में जप की माला तो बाएं हाथ में कमंडल है.  माता ब्रह्मचारिणी की आराधना करने के लिए ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नम: मंत्र का जाप करना चाहिए.    मां ब्रह्मचारिणी का प्रिय भोग (Maa Brahmacharini Bhog) नवरात्र के दूसरे मां ब्रह्मचारिणी को उनका प्रिय भोग शर्करा या गुड़ अर्पित करना शुभ माना जाता है. ऐसा करने से आयुष्मान का आशीर्वाद प्राप्त होता है.    ब्रह्मचारिणी माता जी की आरती (Maa Brahmacharini Aarti)   जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता। जय चतुरानन प्रिय सुख दाता। ब्रह्मा जी के मन भाती हो। ज्ञान सभी को सिखलाती हो। ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा। जिसको जपे सकल संसारा। जय गायत्री वेद की माता। जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता। कमी कोई रहने न पाए। कोई भी दुख सहने न पाए। उसकी विरति रहे ठिकाने। जो तेरी महिमा को जाने। रुद्राक्ष की माला ले कर। जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर। आलस छोड़ करे गुणगाना। मां तुम उसको सुख पहुंचाना। ब्रह्माचारिणी तेरो नाम। पूर्ण करो सब मेरे काम। भक्त तेरे चरणों का पुजारी।   रखना लाज मेरी महतारी।आरती करते समय खासतौर पर इस बात का ध्यान दें कि, देवी-देवताओं की 14 बार आरती उतारना है. 4 बार उनके चरणों पर से, 2 बार नाभि पर से, 1 बार मुख पर से और 7 बार पूरे शरीर पर से. आरती की बत्तियां 1, 5, 7 यानी विषम संख्या में ही बनाकर आरती करनी चाहिए.

UP News: होली से पहले सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

UP News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के शिक्षकों समेत लाखों को कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है. इसके लिए सरकार की तरफ से आदेश जारी किया गया है   होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह पर्व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को पड़ रही है। सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम या अगले महीने के प्रारंभिक दिनों में जारी होता है, लेकिन इस बार त्योहार और अवकाश के कारण वेतन भुगतान की तिथि प्रभावित हो रही थी। रविवार (1 मार्च) को साप्ताहिक अवकाश तथा 2 मार्च को होलिका दहन होने के कारण नियमित प्रक्रिया से वेतन जारी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार (28 फरवरी) को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय और संवेदनशीलता को दर्शाता है।   शिक्षा विभाग की भूमिका   स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से 2 मार्च से पहले वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। यह आदेश उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि सभी संबंधित अधिकारी और वित्तीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करें कि होलिका दहन से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाए।   शिक्षा विभाग राज्य का एक बड़ा विभाग है, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज, सहायता प्राप्त विद्यालय और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के लिए विभाग को वित्तीय और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी करनी पड़ी। ट्रेजरी, बैंकिंग प्रणाली और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया।     वित्त विभाग ने भी इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि अवकाश के कारण नियमित तिथि पर वेतन भुगतान संभव नहीं था, इसलिए विशेष अनुमति के तहत अग्रिम भुगतान का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को राज्यपाल Anandiben Patel की मंजूरी प्राप्त होने के बाद लागू किया गया।   राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख इस बात का संकेत है कि यह निर्णय केवल विभागीय स्तर का नहीं बल्कि उच्च प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इससे आदेश की वैधता और गंभीरता स्पष्ट होती है।   प्रशासनिक समन्वय और कार्यान्वयन   राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में तैनात कर्मचारियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में जारी करें। साथ ही आदेश के पालन को लेकर सख्त हिदायत दी गई। इसका अर्थ है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।   वेतन भुगतान की प्रक्रिया में निम्नलिखित स्तरों पर कार्य हुआ: वेतन बिलों की समयपूर्व तैयारी – संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को समय से पहले वेतन बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए। ट्रेजरी की सक्रियता – कोषागार कार्यालयों को अतिरिक्त समय तक कार्य कर बिल पास करने को कहा गया। बैंकिंग समन्वय – बैंकों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया गया कि भुगतान समय से कर्मचारियों के खातों में पहुंचे। डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग – ई-भुगतान प्रणाली के माध्यम से प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया कर्मचारियों में खुशी की लहर   इस निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों में व्यापक खुशी देखी गई। त्योहारों के समय परिवारों की जरूरतें बढ़ जाती हैं—नए कपड़े, मिठाइयां, रंग-गुलाल, बच्चों के लिए उपहार, रिश्तेदारों के यहां आने-जाने का खर्च आदि। ऐसे समय यदि वेतन में देरी हो जाए तो असुविधा होती है। सरकार द्वारा समय से पहले वेतन जारी करने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिली है।   विशेष रूप से शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके पास वेतन आने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ती है।   आर्थिक प्रभाव राज्य के लाखों कर्मचारियों को एक साथ वेतन जारी होने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। होली के अवसर पर खरीदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ होगा। वस्त्र, मिठाई, रंग-गुलाल, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में वृद्धि हो सकती है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाला भी माना जा सकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि में तेजी आती है।   राजनीतिक और सामाजिक संदेश   Yogi Adityanath की सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। त्योहारों के समय इस प्रकार के निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और सरकार के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करते हैं। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि वे संतुष्ट और प्रेरित हों तो सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से होता है। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान भी है।   पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सौगातें   पिछले वर्षों में भी त्योहारों से पहले बोनस या अग्रिम वेतन जैसी घोषणाएं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा की जाती रही हैं। हालांकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन इस बार अवकाश और त्योहार की तिथियों के कारण यह निर्णय आवश्यक हो गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि समय से पहले वेतन देने का निर्णय प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, क्योंकि इसमें बजटीय प्रबंधन और नकदी प्रवाह का संतुलन बनाए रखना होता है।   संभावित चुनौतियां   हालांकि आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि किसी विभाग में तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजी कमी या बैंकिंग समस्या उत्पन्न होती है तो कुछ कर्मचारियों को असुविधा हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।   कर्मचारियों की अपेक्षाएं   इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में यह अपेक्षा भी बढ़ी है कि भविष्य में भी त्योहारों के समय इसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई जाएगी। साथ ही वे नियमित वेतन भुगतान, महंगाई भत्ता, पेंशन और अन्य वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी सरकार से सकारात्मक रुख की आशा रखते हैं।   UP NEWSYogi AdityanathHoli 2026  

हिंदी न्यूज़बिजनेसGold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव

Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमत आज घटी या बढ़ी? जानें 28 फरवरी को दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं ताजा भाव     सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज का ताजा भाव क्या है?     Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका की टैरिफ नीति इत्यादि वजहों से बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है. आइए जानते हैं, आज शनिवार 28 फरवरी के कारोबारी दिन सोने-चांदी का ताजा भाव क्या है?     सोने के आउटलुक पर जेपी मॉर्गन का अपडेट     वैश्विक बाजार में सोने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना लॉन्ग-टर्म प्राइस टारगेट बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. जबकि 2026 के अंत के लिए 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान पहले की तरह कायम रखा है.   जेपी मॉर्गन के अनुसार निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रक्चरल डायवर्सिफिकेशन का रुझान अभी जारी है. जिससे आगे भी सोने में तेजी की संभावना बनी रह सकती है.     चांदी के ताजा भाव     दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है. दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है.     आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)     दिल्ली में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     मुंबई में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,65,820 रुपए 22 कैरेट - 1,52,000 रुपए 18 कैरेट - 1,30,100 रुपए     कोलकाता में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए     अहमदाबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     लखनऊ में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,880 रुपए 22 कैरेट - 1,51,150 रुपए 18 कैरेट - 1,23,700 रुपए     पटना में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,780 रुपए 22 कैरेट - 1,51,050 रुपए 18 कैरेट - 1,23,600 रुपए     हैदराबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)   24 कैरेट - 1,64,730 रुपए 22 कैरेट - 1,51,000 रुपए 18 कैरेट - 1,23,550 रुपए    

रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान

  रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान                                                                                                 Ramcharan: हैदराबाद में हुए ग्रैंड रिसेप्शन में रश्मिका और विजय ने खूब चर्चा बटोरी. हालांकि सबसे ज्यादा ध्यान राम चरण के अलग अंदाज ने खींचा, जहां वो काले कपड़ों और नंगे पैर में नजर आए.   साउथ फिल्म इंडस्ट्री के पॉपुलर कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों लगातार सुर्खियों में है. 4 मार्च को हैदराबाद में दोनों ने एक भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया गया, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े सितारे शामिल हुए. इस खास मौके पर जहां हर कोई कपल को बधाई देने पहुंचा, वहीं एक्टर राम चरण अपने अनोखे अंदाज की वजह से सबसे ज्यादा चर्चा में आ गए.   नंगे पैर रिसेप्शन में आए रामचरण रिसेप्शन में राम चरण अपनी पत्नी उपासना के साथ पहुंचे थे. उन्होंने सिर से पैर तक काले रंग के कपड़े पहने हुए थे. लेकिन लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा इस बात ने खींचा कि वो बिना जूते-चप्पल के, यानी नंगे पैर ही कार्यक्रम में आए थे. उन्हें इस तरह देखकर कई लोग हैरान रह गए और सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं.   लेकिन इसके पीछे एक खास धार्मिक वजह है. राम चरण इन दिनों 'अयप्पा दीक्षा' का पालन कर रहे हैं. ये भगवान अयप्पा के भक्तों द्वारा किया जाने वाला एक कठिन और पवित्र व्रत माना जाता है. इस व्रत के दौरान भक्तों को कुछ नियमों का सख्ती से पालन करना पड़ता है.   41 दिन की दीक्षा ले रहे रामचरण व्रत में काले या नीले रंग के कपड़े पहनना, सादगी से रहना और 41 दिनों तक नंगे पैर रहना शामिल होता है. इसी कारण राम चरण रिसेप्शन में भी बिना जूते के नजर आए. अयप्पा दीक्षा को अनुशासित और कठिन माना जाता है. इस बीच भक्तों को पूरी तरह ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है. साथ ही मांसाहारी भोजन, शराब से दूर रहना और बाल या दाढ़ी भी नहीं कटवाना होता है. ये व्रत सबरीमाला मंदिर की यात्रा से पहले किया जाता है. हालांकि ये पहली बार नहीं है जब राम चरण इस तरह नंगे पैर नजर आए हों. इससे पहले 2023 में ऑस्कर समारोह में शामिल होने से पहले भी वह अयप्पा दीक्षा का पालन करते हुए दिखाई दिए थे.

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राघव चड्ढा ने संसद में पितृत्व अवकाश को कानूनी अधिकार बनाने की मांग की। जानें क्या है पूरा मामला और इससे परिवार व समाज पर क्या असर पड़ेगा।
राघव चड्ढा ने संसद में उठाई पितृत्व अवकाश की मांग

  Raghav Chadha ने संसद में एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दा उठाते हुए भारत में पितृत्व अवकाश (Paternity Leave) को कानूनी अधिकार बनाने की मांग की है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि जब एक बच्चे का जन्म होता है, तो समाज दोनों माता-पिता को बधाई देता है, लेकिन देखभाल की जिम्मेदारी अक्सर केवल मां पर ही आ जाती है। यह असमानता न केवल महिलाओं के लिए चुनौतीपूर्ण है, बल्कि परिवार के संतुलन को भी प्रभावित करती है।   उन्होंने जोर देकर कहा कि एक पिता को अपने नवजात शिशु की देखभाल और अपनी नौकरी के बीच चुनाव करने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। वहीं, एक मां को प्रसव और उसके बाद के कठिन समय में अपने पति के सहयोग के बिना नहीं रहना चाहिए। चड्ढा के अनुसार, बच्चे के जन्म के बाद का समय ऐसा होता है जब महिला को शारीरिक और मानसिक रूप से सबसे ज्यादा सहारे की जरूरत होती है, और ऐसे में पिता की उपस्थिति बेहद महत्वपूर्ण होती है।   संसद में इस मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने यह भी कहा कि केयरगिविंग (देखभाल) केवल मां की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि दोनों माता-पिता की साझा जिम्मेदारी है। इसलिए देश के कानूनों में भी इस समानता को दर्शाया जाना चाहिए। उनका मानना है कि पितृत्व अवकाश को कानूनी रूप से लागू करने से न केवल महिलाओं को राहत मिलेगी, बल्कि परिवार में संतुलन और बच्चों के बेहतर पालन-पोषण में भी मदद मिलेगी।   यह मुद्दा भारत में वर्क-लाइफ बैलेंस, जेंडर इक्वालिटी और परिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर एक नई बहस को जन्म दे सकता है। यदि यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है, तो यह कामकाजी परिवारों के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।       I demanded in Parliament that PATERNITY LEAVE should be a legal right in India.When a child is born, both parents are congratulated. But caregiving responsibility falls on one. The mother.A father should not have to choose between caregiving for his newborn and keeping his… pic.twitter.com/sbvC0xfrGO— Raghav Chadha (@raghav_chadha) March 31, 2026

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भूकंप के तगड़े झटकों से कांपी धरती, रिक्टर स्केल पर 7.2 तीव्रता, जानें ताजा अपडेट

लक्ष्य तय करें, योजना बनाएं और पूरी मेहनत के साथ आगे बढ़ें, सफलता जरूर मिलेगी।

  मध्य प्रदेश में एक बार फिर मेहनत और संकल्प की प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां एक साधारण किसान परिवार की बेटी प्राची ने अपने कठिन परिश्रम और दृढ़ निश्चय के दम पर UPSC जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा को पास कर देशभर में अपनी पहचान बनाई है। इस उपलब्धि पर Shivraj Singh Chouhan ने प्राची को सम्मानित करते हुए उसकी सफलता को पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया।   शिवराज सिंह चौहान ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि उन्होंने प्राची और उसके परिवार से मुलाकात की, जो Vidisha जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों और सुविधाओं के बावजूद प्राची ने अपने लक्ष्य को हासिल किया, जो यह साबित करता है कि अगर मन में दृढ़ संकल्प हो तो कोई भी मुश्किल रास्ता रोड़ा नहीं बन सकता।   उन्होंने प्राची की सराहना करते हुए कहा कि उसने न सिर्फ अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है, बल्कि विदिशा जिले और पूरे मध्य प्रदेश का सम्मान भी बढ़ाया है। शिवराज सिंह चौहान ने भावुक शब्दों में कहा कि प्राची की सफलता उन्हें “मामा” के रूप में भी गर्व और खुशी देती है।   प्राची की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। किसान परिवार से आने वाली प्राची के पास आधुनिक सुविधाएं नहीं थीं, लेकिन उसके पास अपने माता-पिता का आशीर्वाद और खुद पर विश्वास था। यही उसकी सबसे बड़ी ताकत बनी।   शिवराज सिंह चौहान ने अपने संदेश में युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए सबसे पहले लक्ष्य तय करना जरूरी है। इसके बाद उस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप बनाना चाहिए और लगातार मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती” और हर व्यक्ति के भीतर अनंत शक्तियां छिपी होती हैं, जिन्हें पहचानने की जरूरत है।   उन्होंने प्राची को आशीर्वाद देते हुए कहा कि अब उसका कर्तव्य है कि वह देश की सेवा ईमानदारी और समर्पण के साथ करे। UPSC जैसी परीक्षा पास करना केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि यह एक बड़ी जिम्मेदारी भी है, जिसमें समाज और देश के लिए काम करने का अवसर मिलता है।   यह कहानी यह भी दर्शाती है कि आज के दौर में ग्रामीण क्षेत्रों के युवा भी अपनी मेहनत और लगन से बड़े से बड़े मुकाम हासिल कर सकते हैं। शिक्षा और सही मार्गदर्शन के जरिए वे अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।   प्राची की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि आर्थिक स्थिति या संसाधनों की कमी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बनती, बल्कि मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास ही असली कुंजी है।   आज जब प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है, ऐसे में प्राची जैसी कहानियां युवाओं को नई ऊर्जा और आत्मविश्वास देती हैं। यह उन्हें यह विश्वास दिलाती हैं कि अगर वे सही दिशा में मेहनत करें, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।   अंत में, Shivraj Singh Chouhan का यह संदेश केवल प्राची के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए है—लक्ष्य तय करें, योजना बनाएं और पूरी मेहनत के साथ आगे बढ़ें, सफलता जरूर मिलेगी।     अभी मैं प्राची के साथ हूँ और प्राची को मैंने सम्मानित किया है। एक साधारण किसान परिवार से आने वाली हमारी बेटी... बहुत सुविधाएँ नहीं थीं, लेकिन माता-पिता का आशीर्वाद था और मन में दृढ़ संकल्प। और उसी संकल्प के भरोसे यूपीएससी की परीक्षा में उत्तीर्ण हुई और अब पूरे देश की सेवा करेगी।… pic.twitter.com/I2YehRknyD — Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) March 30, 2026

Metroheadlines मार्च 30, 2026 0

'हर 2 मिनट में उड़ेगा एक जहाज' नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन पर बोले PM मोदी

राज्यसभा में ट्रैफिक जाम का मुद्दा गूंजा: राघव चड्ढा ने शहरी जाम पर राष्ट्रीय नीति की मांग उठाई !

29 मार्च को सुबह 11 बजे इस महीने के #MannKiBaat कार्यक्रम को सुनना न भूलें

भारत में लॉकडाउन लगेगा या नहीं? मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में PM मोदी ने कर दिया क्लीयर

  PM Modi Meeting: पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में विश्वास जताते हुए कहा कि टीम इंडिया के रूप में मिलकर काम करते हुए देश इस स्थिति का सफलतापूर्वक सामना करेगा.   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में लॉकडाउन को लेकर चल रही अफवाहों पर जवाब दिया है. उन्होंने क्लीयर कर दिया है कि देश में किसी तरह का लॉकडाउन नहीं लगेगा. इसके साथ ही पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों से कहा है कि हमें टीम इंडिया की तरह काम करना होगा. उन्होंने विश्वास जताया कि टीम इंडिया के रूप में मिलकर काम करते हुए देश इस स्थिति का सफलतापूर्वक सामना करेगा.   उन्होंने जोर दिया सरकार की प्राथमिकताएं आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता को बनाए रखना, ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करना, नागरिकों के हितों की रक्षा करना और उद्योग के साथ सप्लाई चेन को मजबूत करना है. उन्होंने राज्यों से अपील की कि वे सप्लाई चेन के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करें और जमाखोरी के साथ मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कदम उठाएं.    पीएम मोदी ने एडवांस प्लानिंग पर दिया जोर   पीएम मोदी ने कृषि क्षेत्र में एडवांस प्लानिंग की जरूरत पर जोर दिया. इसमें उन्होंने खासकर उर्वरकों के स्टोरेज और वितरण की निगरानी को लेकर बात कही है. उन्होंने तेजी से बदलती परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी स्तरों पर मजबूत समन्वय बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया. उन्होंने सीमावर्ती और तटीय राज्यों में विशेष ध्यान देने की बात कही, ताकि शिपिंग, जरूरी सप्लाई और समुद्री ऑपरेशन्स से जुड़ी किसी भी मुद्दे को तुरंत और आसानी से हल किया जा सके.   गलत सूचनाओं और अफवाहों को लेकर पीएम ने दी चेतावनी   इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी मुख्यमंत्रियों को गलत सूचनाओं और अफवाहों के फैलने की चेतावनी देते हुए सही, सटीक और भरोसेमंद जानकारियों के प्रसार पर जोर देने की बात कही. मुख्यमंत्रियों ने स्थिति से निपटने के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की सराहना की. इसके साथ ही वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी में कमी और राज्य को कमर्शियल LPG आवंटन बढ़ाने के फैसलों का भी स्वागत किया.    मुख्यमंत्रियों ने विश्वास जताया कि उनके राज्यों में पेट्रोल, डीजल और LPG गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और स्थिति स्थिर बनी हुई है. सभी ने केंद्र के साथ समन्वय में काम करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया, ताकि स्थिति को प्रभावी ढंग से मैनेज किया जा सके. 

Metroheadlines मार्च 27, 2026 0

देश में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कोई कमी? सरकार ने बताया कितने दिनों का बचा भंडार

मेरे पूरे देश में बसे परिवारजनों को राम नवमी की अनंत शुभकामनाएं।

दो तरह के मौसम कहीं बादल तो कहीं तपिश, 38 डिग्री के पार पारा,27-28 मार्च को फिर बदलेगा मिजाज

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